NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
सीआरपीएफ जवानों के बीच गोलीबारी में दो की मौत, दो घायल
सीआरपीएफ की यह इकाई झारखंड में चुनावी ड्यूटी पर तैनात थी। यहां दो चरण के चुनाव हो चुके हैं और तीन चरण के चुनाव अभी होने हैं।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
10 Dec 2019
CRPF
प्रतीकात्मक फोटो। साभार : Odishatv

छत्तीसगढ़ में आईटीबीपी के जवान द्वारा अंजाम दिए गए हत्याकांड के बाद अब झारखंड में सीआरपीएफ के जवानों के बीच गोलीबारी में दो अधिकारियों की मौत हो गई और दो अन्य घायल हो गए। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि यह घटना बोकारो में सुरक्षा बल की 226वीं बटालियन की ‘चार्ली’ कंपनी में सोमवार रात साढ़े नौ बजे की है। इसमें सहायक कमांडेंट रैंक के एक अधिकारी और एक सहायक उप निरीक्षक की मौत हो गई और दो जवान घायल हो गए।

अधिकारियों ने बताया कि घायलों में से एक जवान ने ही इस घटना को अंजाम दिया।

सीआरपीएफ की यह इकाई राज्य में चुनावी ड्यूटी पर तैनात थी। यहां दो चरण के चुनाव हो चुके हैं और तीन चरण के चुनाव अभी होने हैं।
घायल जवानों को राज्य की राजधानी लाया गया है। सीआरपीएफ के वरिष्ठ अधिकारी और राज्य पुलिस के अधिकारी घटनास्थल पर पहुंच गए हैं।
सीआरपीएफ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ‘‘ इस घटना के पीछे क्या वजह रही यह अभी पता नहीं चल पाया है। इस संबंध में जांच के आदेश दिए गए हैं।’’

आपको बता दें कि अभी छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित नारायणपुर जिले में भारत तिब्बत सीमा पुलिस बल (ITBP) के एक जवान ने गोलीबारी की थी जिसमें कुल छह जवानों की मौत हो गई तथा दो अन्य घायल हो गए थे। मरने वालों में हमला करने वाला जवान भी शामिल था। बताया जाता था कि हमला करने वाले जवान का कुछ अन्य जवानों से विवाद था जिस वजह से उसने इस हत्याकांड को अंजाम दिया।

इसे पढ़ें :आईटीबीपी के जवान ने गोलीबारी की, छह जवानों की मौत

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ)

crpf jawan
CRPF
Jharkhand
jharkhand elections
Chattisgarh
ITBP

Related Stories

झारखंड: बोर्ड एग्जाम की 70 कॉपी प्रतिदिन चेक करने का आदेश, अध्यापकों ने किया विरोध

झारखंड : नफ़रत और कॉर्पोरेट संस्कृति के विरुद्ध लेखक-कलाकारों का सम्मलेन! 

झारखंड की खान सचिव पूजा सिंघल जेल भेजी गयीं

झारखंडः आईएएस पूजा सिंघल के ठिकानों पर छापेमारी दूसरे दिन भी जारी, क़रीबी सीए के घर से 19.31 करोड़ कैश बरामद

खबरों के आगे-पीछे: अंदरुनी कलह तो भाजपा में भी कम नहीं

आदिवासियों के विकास के लिए अलग धर्म संहिता की ज़रूरत- जनगणना के पहले जनजातीय नेता

‘मैं कोई मूक दर्शक नहीं हूँ’, फ़ादर स्टैन स्वामी लिखित पुस्तक का हुआ लोकार्पण

जन आंदोलनों के आयोजन पर प्रतिबंध अलोकतांत्रिक, आदेश वापस लें सरकार : माकपा

झारखंड: पंचायत चुनावों को लेकर आदिवासी संगठनों का विरोध, जानिए क्या है पूरा मामला

झारखंड : हेमंत सोरेन शासन में भी पुलिस अत्याचार बदस्तूर जारी, डोमचांच में ढिबरा व्यवसायी की पीट-पीटकर हत्या 


बाकी खबरें

  • up
    राज कुमार
    फ़ैक्ट चेकः पुरानी तस्वीरों को यूपी के विकास के प्रमाण के तौर पर पेश कर रही भाजपा
    27 Dec 2021
    भाजपा उत्तर प्रदेश के वीडियो में काफ़ी ऐसी तस्वीरें इस्तेमाल की गई हैं जो या तो अन्य राज्यों की हैं या फिर भाजपा के शासनकाल से पहले की हैं।
  • Mirza Ghalib
    सत्यम् तिवारी
    आह ग़ालिब, वाह ग़ालिब: हम ने ये माना कि दिल्ली में रहें, खावेंगे क्या?
    27 Dec 2021
    ग़ालिब के ख़ुतूत को देखें तो 1857 के ग़दर के बाद 1859 से जो भी लिखा गया, उसके इख्तिताम पर लिखा होता, 'नजात का तालिब, ग़ालिब…’
  • Periyar
    बी. सिवरामन
    समकालीन दौर में पेरियार की प्रासंगिकता
    27 Dec 2021
    पेरियार ईवी रामासामी सिर्फ एक तमिल नेता नहीं थे और उन्हें ब्राह्मण-विरोधी जाति की राजनीति के नेता नहीं माना जा सकता है। बल्कि, वर्ण-जाति व्यवस्था के हिंदू जाति-सामंतवाद के ख़िलाफ़ एक अग्रणी सेनानी के…
  • River
    भारत डोगरा
    केन-बेतवा लिंकिंग परियोजना केवल प्रतिष्ठा से है जुड़ी, इसमें जल संकट का समाधान नहीं
    27 Dec 2021
    केन-बेतवा नदी जोड़ परियोजना की भारी आर्थिक लागत और पारिस्थितिक नुकसान को देखते हुए इससे मिलने वाले लाभ संदिग्ध हैं। इसलिए यह परियोजना उचित नहीं है।
  • bihar
    राहुल कुमार गौरव
    पीएम के 'मन की बात' में शामिल जैविक ग्राम में खाद की कमी से गेहूं की बुआई न के बराबर
    27 Dec 2021
    बिहार के जिस जैविक ग्राम को पीएम मोदी के 'मन की बात' कार्यक्रम में 29 अगस्त को शामिल किया गया था वहां जैविक खाद तो दूर डीएपी की भी भारी किल्लत है जिसके चलते अब तक यहां 80% क्षेत्रों में गेहूं की बुआई…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License