NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
बांदा में आर्थिक तंगी से परेशान दो प्रवासी मज़दूरों ने की आत्महत्या
22 साल के सुरेश लॉकडाउन में दिल्ली में फंसे थे और पांच दिन पूर्व ही अपने गांव लौटे थे। इसी तरह मुंबई से लौटे 20 साल के मनोज ने अपने घर के कमरे में फांसी लगा ली।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट/भाषा
28 May 2020
suicide case
प्रतीकात्मक तस्वीर फोटो साभार: तेलंगाना टुडे

बांदा (उत्तर प्रदेश) : इस कोरोना और लॉकडाउन संकट ने सबसे ज़्यादा मज़दूर तबके को ही प्रभावित कर रहा है। वह बिना रोज़गार भूख से मर रहा है। वह पैदल चल रहा है तो कुचलकर मारा जा रहा है। ट्रेनों में किसी तरह एंट्री मिलती है तो भूख-प्यास से मर रहा है। और कोरोना तो है ही। इस सबसे बचता है तो इतना टूट चुका होता है, इतना हैरान-परेशान हो चुका होता है कि अब आत्महत्या को भी आमादा हो रहा है।

ऐसा ही हुआ उत्तर प्रदेश के बांदा में जहां आर्थिक तंगी से परेशान दो प्रवासी मज़दूरों ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।

मटौंध थाने के प्रभारी निरीक्षक (एसएचओ) रामेंद्र तिवारी ने बृहस्पतिवार को बताया कि थाना क्षेत्र के लोहरा गांव के रहने वाले मज़दूर सुरेश (22) ने बुधवार को खेत में लगे एक पेड़ से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। वह लॉकडाउन में दिल्ली में फंसे थे और पांच दिन पूर्व ही अपने गांव लौटे थे।

मृत युवक के परिजनों के हवाले से उन्होंने बताया कि दिल्ली से लौटने के बाद उनके पास खर्च के लिए पैसे नहीं थे, जिसके चलते उन्होंने फांसी लगा ली। शव का पोस्टमॉर्टम करवाया गया है और घटना की विस्तृत जांच की जा रही है।

ऐसी ही एक अन्य घटना पैलानी थाना क्षेत्र के सिंधन कलां गांव की है। यहां दस दिन पूर्व मुंबई से लौटे प्रवासी मज़दूर मनोज (20) ने बुधवार को अपने घर के कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।

उनके पड़ोसी अभिलाष ने बताया कि मनोज मुंबई में एक निजी कंपनी में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करते थे, लेकिन लॉकडाउन की वजह से कंपनी बंद हो गयी, जिससे वह गांव लौट आए थे। उनके माता-पिता की पहले ही मौत हो चुकी थी और वह अकेले थे। मुंबई से लौटने के बाद उनके पास राशन आदि भी खरीदने के लिए धन नहीं था।

पैलानी के थाना प्रभारी निरीक्षक बलजीत सिंह ने बताया कि पोस्टमॉर्टम कराने के बाद ग्रामीणों ने मृत प्रवासी मज़दूर मनोज के शव का अंतिम संस्कार कर दिया है। उन्होंने बताया कि मृतक के गांव के लोग उसकी आत्महत्या की वजह आर्थिक संकट बता रहे हैं, मामले की जांच शुरू कर दी गयी है।

बिहार के पटना में कंक्रीट स्लैब के नीचे दबकर तीन बच्चों की मौत

पटना: पटना शहर के जवाहर लाल नेहरु मार्ग पर स्थित ललित भवन के निकट बुधवार की देर शाम खेलने के दौरान सड़क किनारे पड़े एक कंक्रीट स्लैब के नीचे दबकर तीन बच्चों की मौत हो गयी ।

इस हादसे पर शोक प्रकट करते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मृत तीनों बच्चों के परिजनों को चार-चार लाख रूपए अनुग्रह राशि देने का निर्देश दिया ।

हादसे का अभी पूरा ब्योरा नहीं मिला है। पुलिस हादसा स्थल पहुंचकर तीनों बच्चों के शवों को निकालकर आगे की कार्रवाई में जुट गयी है।

Lockdown
unemployment
UttarPradesh
suicide
poverty

Related Stories

बदायूं : मुस्लिम युवक के टॉर्चर को लेकर यूपी पुलिस पर फिर उठे सवाल

बिहार: पांच लोगों की हत्या या आत्महत्या? क़र्ज़ में डूबा था परिवार

डरावना आर्थिक संकट: न तो ख़रीदने की ताक़त, न कोई नौकरी, और उस पर बढ़ती कीमतें

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

उत्तर प्रदेश: "सरकार हमें नियुक्ति दे या मुक्ति दे"  इच्छामृत्यु की माँग करते हजारों बेरोजगार युवा

मोदी@8: भाजपा की 'कल्याण' और 'सेवा' की बात

यूपी में  पुरानी पेंशन बहाली व अन्य मांगों को लेकर राज्य कर्मचारियों का प्रदर्शन

UPSI भर्ती: 15-15 लाख में दरोगा बनने की स्कीम का ऐसे हो गया पर्दाफ़ाश

मोदी के आठ साल: सांप्रदायिक नफ़रत और हिंसा पर क्यों नहीं टूटती चुप्पी?

जन-संगठनों और नागरिक समाज का उभरता प्रतिरोध लोकतन्त्र के लिये शुभ है


बाकी खबरें

  • Antony Blinken
    एम. के. भद्रकुमार
    रूस को अमेरिकी जवाब देने में ब्लिंकन देरी कर रहे हैं
    21 Jan 2022
    रूस की सुरक्षा गारंटी देने की मांगों पर औपचारिक प्रतिक्रिया देने की समय सीमा नजदीक आने के साथ ही अमेरिकी कूटनीति तेज हो गई है।
  • covid
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के क़रीब साढ़े तीन लाख नए मामले सामने आए
    21 Jan 2022
    देश में 24 घंटों में कोरोना के साढ़े तीन लाख के क़रीब यानी 3,47,254 नए मामले सामने आए हैं। देश में एक्टिव मामलों की संख्या बढ़कर 5.23 फ़ीसदी यानी 20 लाख 18 हज़ार 825 हो गयी है।
  • jute mill
    रबीन्द्र नाथ सिन्हा
    बंगाल : जूट मिल बंद होने से क़रीब एक लाख मज़दूर होंगे प्रभावित
    21 Jan 2022
    नौ प्रमुख ट्रेड यूनियनों ने केंद्रीय कपड़ा मंत्री पीयूष गोयल और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से हस्तक्षेप की मांग की है।
  • online education
    सतीश भारतीय
    ऑनलाइन शिक्षा में विभिन्न समस्याओं से जूझते विद्यार्थियों का बयान
    21 Jan 2022
    मध्यप्रदेश के विद्यार्थियों और शिक्षकों की प्रतिक्रियाओं से स्पष्ट ज्ञात हो रहा है कि इस वक्त ऑनलाइन शिक्षा एक औपचारिकता के रूप में विद्यमान है। सरकार ने धरातलीय हकीकत जाने बगैर ऑनलाइन शिक्षा कोरोना…
  • Ukraine
    न्यूज़क्लिक टीम
    पड़ताल दुनिया भर कीः यमन का ड्रोन हमला हो या यूक्रेन पर तनाव, कब्ज़ा और लालच है असल मकसद
    20 Jan 2022
    'पड़ताल दुनिया भर की' में वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह ने यमन के हूती विद्रोहियों द्वारा संयुक्त अरब अमीरात की राजधानी अबु धाबी पर किये ड्रोन हमले की असल कहानी पर प्रकाश डाला न्यूज़क्लिक के प्रधान संपादक…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License