NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
शरणार्थियों और शरण चाहने वालों के लिए असंवेदनशील नीतियों को लेकर यूके के गृह विभाग की आलोचना
यूके की गृह सचिव प्रीति पटेल और उनके कार्यालय की अन्य मुद्दों के अलावा अफ़ग़ानिस्तान से शरण चाहने वालों के प्रति असंवेदनशील नीतियों के लिए व्यापक आलोचना हो रही है।
पीपल्स डिस्पैच
17 Aug 2021
शरणार्थियों और शरण चाहने वालों के लिए असंवेदनशील नीतियों को लेकर यूके के गृह विभाग की आलोचना

शरणार्थी अधिकार समूहों और अन्य प्रगतिशील वर्गों ने शरणार्थियों और शरण चाहने वालों के मामले में असंवेदनशील नीतियों का अनुसरण करने के लिए ब्रिटेन की गृह सचिव प्रीति पटेल और उनके कार्यालय की आलोचना की है। तालिबान द्वारा देश पर नियंत्रण करने के बाद अफगानिस्तान से ब्रिटेन जाने वाले लोगों के सुरक्षित मार्ग में बाधा डालने का आरोप उनके विभाग पर लगाया गया है।

शरणार्थी अधिकार समूहों ने फ्रांस से ब्रिटेन में शरण चाहने वालों शरणार्थियों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले इंग्लिश चैनल में सुरक्षित मार्गों को बंद करने के लिए गृह कार्यालय की भी आलोचना की है। इसके परिणामस्वरूप समुद्र में कई शरणार्थियों की दुखद मौत हुई है। वहीं, कार्यकर्ता समूह वीमेन फॉर रिफ्यूजी वूमेन ने अक्टूबर तक 'अवैध' महिला अप्रवासियों के लिए एक नया डिटेंशन सेंटर खोलने की गृह कार्यालय की योजना के खिलाफ विरोध तेज कर दिया है।

मॉर्निंगस्टार की एक रिपोर्ट के अनुसार, गृह कार्यालय अफगानिस्तान से लोगों को निकालने और उन्हें शरण देने के लिए अनिच्छुक रहा है, जिसमें वे लोग भी शामिल हैं जो अफगानिस्तान में यूके के मिशन का हिस्सा थे। जैसी ही तालिबान सैनिकों ने देश पर नियंत्रण कर लिया, वैसे ही अफगानिस्तान में यूके मिशन की सहायता करने वाली महिलाओं सहित कई अफगान और गैर-अफगान लोगों का जीवन खतरे में पड़ गया। भले ही गृह कार्यालय ने इस तरह के आरोपों का खंडन किया है और कहा है कि निकालने का कार्य चल रहा है, उधर एमनेस्टी इंटरनेशनल यूके और लेबर पार्टी की सांसद जराह सुल्ताना सहित कई लोगों ने लोगों की सुरक्षा और गृह कार्यालय के इरादों को लेकर चिंता जताई है।

रविवार 15 अगस्त को अफगान शरणार्थियों को आश्रय देने के लिए ब्रिटेन की अनिच्छा का उल्लेख करते हुए सुल्ताना ने ट्वीट किया था, जिसमें लिखा "विशेष रूप से इस संकट को पैदा करने में ब्रिटेन की भूमिका को देखते हुए सरकार की स्पष्ट क्रूरता और अमानवीयता आश्चर्यजनक है।

डनकिर्क के तट के पास लगभग 40 लोगों को ले जा रही एक नाव के पलट जाने के बाद पिछले हफ्ते इंग्लिश चैनल में एक शरणार्थी की मौत के बाद कार्यकर्ता समूहों ने ब्रिटेन के अधिकारियों से शरणार्थियों और शरण चाहने वालों के लिए सुरक्षित मार्ग सुनिश्चित करने की मांग की है जो देश में प्रवेश करने की कोशिश करना चाहते हैं। अप्रवासी-विरोधी और दक्षिणपंथी समूहों के आह्वान के बाद, यूके सरकार ने पहले शरणार्थियों के लिए इंग्लिश चैनल के मार्ग को 'अव्यवहार्य' बनाने का संकल्प लिया था और शरणार्थी के नौकाओं को रोकने के लिए गश्त बढ़ा दी थी।

यूके सरकार भी वर्तमान में देश में शरण चाहने वालों और शरणार्थियों के अवैध प्रवेश को रोकने के लिए नेशनलिटी एंड बॉर्डर्स बिल को लागू करने की कोशिश कर रही है।

UK
Afghanistan
Preeti Patel

Related Stories

भोजन की भारी क़िल्लत का सामना कर रहे दो करोड़ अफ़ग़ानी : आईपीसी

तालिबान को सत्ता संभाले 200 से ज़्यादा दिन लेकिन लड़कियों को नहीं मिल पा रही शिक्षा

रूस पर बाइडेन के युद्ध की एशियाई दोष रेखाएं

काबुल में आगे बढ़ने को लेकर चीन की कूटनीति

तालिबान के आने के बाद अफ़ग़ान सिनेमा का भविष्य क्या है?

युद्ध के प्रचारक क्यों बनते रहे हैं पश्चिमी लोकतांत्रिक देश?

अफ़ग़ानिस्तान हो या यूक्रेन, युद्ध से क्या हासिल है अमेरिका को

बाइडेन का पहला साल : क्या कुछ बुनियादी अंतर आया?

सीमांत गांधी की पुण्यतिथि पर विशेष: सभी रूढ़िवादिता को तोड़ती उनकी दिलेरी की याद में 

अफ़ग़ानिस्तान में सिविल सोसाइटी और अधिकार समूहों ने प्रोफ़ेसर फ़ैज़ुल्ला जलाल की रिहाई की मांग की


बाकी खबरें

  • केंद्र किसानों के आंदोलन को बदनाम कर रही है, मांगें पूरी करे सरकार : एसकेएम
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    केंद्र किसानों के आंदोलन को बदनाम कर रहा है, मांगें पूरी करे सरकार : एसकेएम
    19 Jun 2021
    एसकेएम ने कहा कि प्रदर्शनकारियों को बदनाम करने के लिए हर अवसर का जमकर फायदा उठाया जा रहा है। हालांकि, उनकी विफल रणनीति को फिर से विफल होना तय है। कई राज्य सरकारें आंदोलन के साथ मजबूती से खड़ी हैं तथा…
  • बाइडेन - पुतिन शिखर सम्मेलन से क्या कुछ हासिल?
    एम. के. भद्रकुमार
    बाइडेन - पुतिन शिखर सम्मेलन से क्या कुछ हासिल?
    19 Jun 2021
    बाइडेन-पुतिन शिखर सम्मेलन का मुख्य परिणाम रणनीतिक संवाद को फिर से शुरू करना और और साइबर मुद्दों का समाधान करना था।
  • कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 60,753 नए मामले, 1,647 मरीज़ों की मौत
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 60,753 नए मामले, 1,647 मरीज़ों की मौत
    19 Jun 2021
    देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 60,753 नए मामले दर्ज किए गए हैं। देश में कोरोना के मामलों की संख्या बढ़कर 2 करोड़ 98 लाख 23 हज़ार 546 हो गयी है।
  • पश्चिम बंगाल: मूल्य वृद्धि, कालाबाज़ारी के ख़िलाफ़ वाम मोर्चे का महंगाई विरोधी पखवाड़ा का आह्वान
    संदीप चक्रवर्ती
    पश्चिम बंगाल: मूल्य वृद्धि, कालाबाज़ारी के ख़िलाफ़ वाम मोर्चे का महंगाई विरोधी पखवाड़ा का आह्वान
    19 Jun 2021
    16 जून को मीडिया को संबोधित करते हुए वाम मोर्चा के अध्यक्ष बसु ने कहा था कि पिछले डेढ़ महीने में पेट्रोलियम उत्पादों की क़ीमतों में रिकॉर्ड 21 गुना की वृद्धि हुई है, जिससे वस्तुओं की क़ीमतों में…
  • olive ridle
    शिरीष खरे
    कोकण के वेलास तट पर दुर्लभ ऑलिव रिडले समुद्री कछुओं को मिला जीवनदान, संवर्धन का सामुदायिक मॉडल तैयार
    19 Jun 2021
    वर्ष 2020-21 के मार्च तक इस कछुआ प्रजाति की मादाओं ने अपने अंडे देने के लिए 451 गड्ढे बनाए हैं। इनमें रत्नागिरी, सिंधुदुर्ग और रायगड जिलों के समुद्री तटों पर अब तक क्रमश: 277, 146 और 28 गड्ढे मिल…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License