NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री इस महीने के अंत में भारत आ सकते हैं
जॉनसन की भारत यात्रा 22 अप्रैल के आसपास हो सकती है। पिछले साल कोविड-19 महामारी के कारण दो बार ब्रिटेन के प्रधानमंत्री को भारत का दौरा रद्द करना पड़ा था। 
भाषा
05 Apr 2022
Boris Johnson

लंदन: ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन इस महीन के अंत में भारत का दौरा करने की योजना बना रहे हैं। आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि इस दौरान वह भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौते पर बातचीत की पृष्ठभूमि में द्विपक्षीय गठजोड़ को और मजबूत करने का प्रयास करेंगे। 

जॉनसन की भारत यात्रा 22 अप्रैल के आसपास हो सकती है। पिछले साल कोविड-19 महामारी के कारण दो बार ब्रिटेन के प्रधानमंत्री को भारत का दौरा रद्द करना पड़ा था। 

हालांकि, डाउनिंग स्ट्रीट से अभी तक इस यात्रा के संबंध में कोई पुष्टि नहीं की गई है। गत माह जॉनसन और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच फोन पर हुई बातचीत के दौरान मुलाकात को लेकर चर्चा की गई थी। 

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री के एक प्रवक्ता ने 22 मार्च को कहा था, “दोनों नेताओं ने भारत और ब्रिटेन के मजबूत तथा समृद्ध संबंधों का स्वागत किया तथा आगामी महीनों में व्यापार, सुरक्षा और व्यावसायिक गठजोड़ को मजबूत करने पर सहमति जताई। दोनों नेताओं ने यथाशीघ्र मुलाकात करने की इच्छा भी जाहिर की।” 

गत सप्ताह डाउनिंग स्ट्रीट के सूत्रों ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया था कि जॉनसन अपने भारतीय समकक्ष के साथ वार्ता करने के लिए भारत दौरे को लेकर “बेहद उत्साहित” हैं, लेकिन उनकी यात्रा का कार्यक्रम अभी निर्धारित नहीं हुआ है। 

britain
Boris Johnson

Related Stories

कटाक्ष : बुलडोज़र के डंके में बज रहा है भारत का डंका

डोनबास में हार के बाद अमेरिकी कहानी ज़िंदा नहीं रहेगी 

बुलडोजर पर जनाब बोरिस जॉनसन

युद्ध के प्रचारक क्यों बनते रहे हैं पश्चिमी लोकतांत्रिक देश?

सरकार ने विदेश से आने वाले लोगों के लिए नए दिशानिर्देश जारी किए 

बोरिस जॉनसन ने मोदी पर एक एहसान किया है

भारत को फ़ाइव आइज़ देशों के साथ नहीं होना चाहिए

कोरोना अपडेट : ओडिशा में पहली मौत, भारत में अब तक 114 लोगों की जान गईं

पैसे और 'पहचान' का जोर ब्रिटिश चुनाव में भी चलता है !


बाकी खबरें

  • moderna
    ऋचा चिंतन
    पेटेंट्स, मुनाफे और हिस्सेदारी की लड़ाई – मोडेरना की महामारी की कहानी
    09 Mar 2022
    दक्षिण अफ्रीका में पेटेंट्स के लिए मोडेरना की अर्जी लगाने की पहल उसके इस प्रतिज्ञा का सम्मान करने के इरादे पर सवालिया निशान खड़े कर देती है कि महामारी के दौरान उसके द्वारा पेटेंट्स को लागू नहीं किया…
  • nirbhaya fund
    भारत डोगरा
    निर्भया फंड: प्राथमिकता में चूक या स्मृति में विचलन?
    09 Mar 2022
    महिलाओं की सुरक्षा के लिए संसाधनों की तत्काल आवश्यकता है, लेकिन धूमधाम से लॉंच किए गए निर्भया फंड का उपयोग कम ही किया गया है। क्या सरकार महिलाओं की फिक्र करना भूल गई या बस उनकी उपेक्षा कर दी?
  • डेविड हट
    यूक्रेन विवाद : आख़िर दक्षिणपूर्व एशिया की ख़ामोश प्रतिक्रिया की वजह क्या है?
    09 Mar 2022
    रूस की संयुक्त राष्ट्र में निंदा करने के अलावा, दक्षिणपूर्वी एशियाई देशों में से ज़्यादातर ने यूक्रेन पर रूस के हमले पर बहुत ही कमज़ोर और सतही प्रतिक्रिया दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसा दूसरों…
  • evm
    विजय विनीत
    यूपी चुनाव: नतीजों के पहले EVM को लेकर बनारस में बवाल, लोगों को 'लोकतंत्र के अपहरण' का डर
    09 Mar 2022
    उत्तर प्रदेश में ईवीएम के रख-रखाव, प्रबंधन और चुनाव आयोग के अफसरों को लेकर कई गंभीर सवाल उठे हैं। उंगली गोदी मीडिया पर भी उठी है। बनारस में मोदी के रोड शो में जमकर भीड़ दिखाई गई, जबकि ज्यादा भीड़ सपा…
  • यूपी चुनाव: नतीजे जो भी आयें, चुनाव के दौरान उभरे मुद्दे अपने समाधान के लिए दस्तक देते रहेंगे
    लाल बहादुर सिंह
    यूपी चुनाव: नतीजे जो भी आयें, चुनाव के दौरान उभरे मुद्दे अपने समाधान के लिए दस्तक देते रहेंगे
    09 Mar 2022
    जो चैनल भाजपा गठबंधन को बहुमत से 20-25 सीट अधिक दे रहे हैं, उनके निष्कर्ष को भी स्वयं उनके द्वारा दिये गए 3 से 5 % error margin के साथ एडजस्ट करके देखा जाए तो मामला बेहद नज़दीकी हो सकता है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License