NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
यूएन ने इज़रायली सैनिकों द्वारा बर्बर पिटाई के बाद फ़िलिस्तीनी युवक की मौत की स्वतंत्र जांच की मांग की
मृतक आमेर अब्दुल-रहीम स्नोबार के परिवार ने आरोप लगाया कि वह जब पीड़ा से कराह रहा था तो उसकी ज़िंदगी बचाने के लिए घटना स्थल पर इज़रायली सैनिकों ने मेडिकल सुविधा देने से इनकार कर दिया।
पीपल्स डिस्पैच
27 Oct 2020
आमेर अब्दुल-रहीम स्नोबार

संयुक्त राष्ट्र ने सोमवार 26 अक्टूबर को एक फिलीस्तीनी युवक की मौत की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच की मांग की जिसकी रविवार को इज़रायली सैनिकों द्वारा पीटकर हत्या कर दी गई थी।

मिड्ल ईस्ट में संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत निकोले म्लाडेनोव ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में बोलते हुए कहा कि चूंकि "परिस्थितियों और मृत्यु के कारणों के बारे में परस्पर विरोधी दावे थे ऐसे में मैं उन घटनाओं की त्वरित और स्वतंत्र जांच का आग्रह करता हूं जिसके कारण लड़के की मौत हुई।" क़ब्ज़े वाले येरुशेलम में ब्रिटिश कॉन्सूलेट ने भी इज़रायल को उसके सैनिकों के हाथों फिलीस्तीनी युवक की मौत की पूरी जांच करने का आह्वान किया।

कई प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार 18 वर्षीय आमेर अब्दुल-रहीम स्नोबर को इज़रायली सैनिकों के साथ झड़पों में पकड़ा गया था जब वे रामल्ला के उत्तर में फिलिस्तीन के गांव तुरमुस अय्या में छापा मार रहे थे और हमला कर रहे थे। इसके बाद उन्हें 5-10 मिनट तक कई इजरायली सैनिकों द्वारा बेरहमी से पीटा गया। स्नोबार को बाद में रामल्ला के एक अस्पताल में मृत घोषित कर दिया गया।

युवक की मौत के बाद जारी किए गए एक इज़रायली सैन्य बयान में कहा गया कि स्नोबार सैनिकों द्वारा पकड़े जाने से बचने के लिए भागने की कोशिश कर रहा था, इस दौरान वह गिर गया और उसके सिर पर चोट लगी जिससे उसकी मौत हो गई। हालांकि, इज़रायली सैनिक का दावा स्नोबार की गर्दन, छाती और ऊपरी शरीर पर कई चोट के निशान की बातों से मेल नहीं खाता है। डॉक्टरों ने भी जान-बूझकर निशाना बनाने की बात कही है जो मारने के इरादे को उजागर करता है।

विदेशी मामलों और प्रवासियों के फिलिस्तीनी मंत्रालय ने इस घटना की जांच करने के लिए एक अंतर्राष्ट्रीय जांच आयोग के गठन की मांग की। रविवार को जारी एक बयान में मंत्रालय ने यह स्पष्ट किया कि, "यह अपराध क्रूरता और फासीवाद को दर्शाता है जो क़ब्ज़े वाले राज्य में राजनीतिक प्रतिष्ठान की राजनीतिक, सुरक्षा और सैन्य मानसिकता को नियंत्रित करता है, जो फिलिस्तीनियों की हत्या की अनुमति देता है और मानवाधिकारों के मूल सिद्धांतों सहित सभी अंतरराष्ट्रीय कानूनों, संधियों और समझौतों की घोर अवहेलना करते हुए उनकी भूमि और संपत्ति का अधिग्रहण करता है।”

United nations
Israel
Israel Army
Palestine

Related Stories

फ़िनलैंड-स्वीडन का नेटो भर्ती का सपना हुआ फेल, फ़िलिस्तीनी पत्रकार शीरीन की शहादत के मायने

न नकबा कभी ख़त्म हुआ, न फ़िलिस्तीनी प्रतिरोध

जलवायु परिवर्तन : हम मुनाफ़े के लिए ज़िंदगी कुर्बान कर रहे हैं

अल-जज़ीरा की वरिष्ठ पत्रकार शिरीन अबु अकलेह की क़ब्ज़े वाले फ़िलिस्तीन में इज़रायली सुरक्षाबलों ने हत्या की

अमेरिका ने रूस के ख़िलाफ़ इज़राइल को किया तैनात

इज़रायली सुरक्षाबलों ने अल-अक़्सा परिसर में प्रार्थना कर रहे लोगों पर किया हमला, 150 से ज़्यादा घायल

लैंड डे पर फ़िलिस्तीनियों ने रिफ़्यूजियों के वापसी के अधिकार के संघर्ष को तेज़ किया

अमेरिका ने ईरान पर फिर लगाम लगाई

क्या यूक्रेन मामले में CSTO की एंट्री कराएगा रूस? क्या हैं संभावनाएँ?

पुतिन को ‘दुष्ट' ठहराने के पश्चिमी दुराग्रह से किसी का भला नहीं होगा


बाकी खबरें

  • राजेंद्र शर्मा
    मुस्कुराहट वाला नफ़रती बोल, नफ़रती नहीं होता
    28 Mar 2022
    कटाक्ष: जरा सोचिए, नये इंडिया को ऐेसे किसी भी कदम की कितनी ज़रूरत थी, जो देश में खुशी बढ़ाए, देश के खुशी सूचकांक को ऊपर उठाए। जब से विश्व खुशी सूचकांक में भारत खिसक कर 136वें नंबर पर पहुंचा है।
  • लाल बहादुर सिंह
    "जनता और देश को बचाने" के संकल्प के साथ मज़दूर-वर्ग का यह लड़ाकू तेवर हमारे लोकतंत्र के लिए शुभ है
    28 Mar 2022
    इस ऐतिहासिक हड़ताल से यह भरोसा पैदा होता है कि लड़ाकू मज़दूर, किसानों तथा छात्र-नौजवानों के साथ मिलकर जनता के सच्चे प्रतिपक्ष का निर्माण करेंगे तथा कारपोरेट हिंदुत्व के राष्ट्रीय विनाश के अभियान पर…
  • शोला लवाल
    अफ़्रीकी देश अपनी मुद्रायें यूरोप से क्यों छपवाते हैं
    28 Mar 2022
    आज़ादी के दशकों बाद भी कम से कम 40 अफ़्रीकी देश यूके, फ़्रांस और जर्मनी में अपनी मुद्रा छपवाते हैं,यह स्थिति दरअस्ल उनकी आत्मनिर्भरता पर सवाल उठाती है। इस लेख में डीडब्ल्यू ने इसी बात की पड़ताल किया…
  • न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 1,270 नए मामले, 31 मरीज़ों की मौत
    28 Mar 2022
    देश में एक्टिव मामलों की संख्या घटकर 0.04 फ़ीसदी यानी 15 हज़ार 859 हो गयी है।
  • भाषा
    ऑस्कर में ‘ड्राइव माय कार’ को मिला सर्वश्रेष्ठ अंतरराष्ट्रीय फिल्म का पुरस्कार
    28 Mar 2022
    फिल्म को इससे पहले ‘गोल्डन ग्लोब’ और ‘बाफ्टा’ पुरस्कार में भी सम्मानित किया गया था।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License