NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
यूएन ने वेस्ट बैंक में अवैध इजरायल की बस्तियों से जुड़े कंपनियों की सूची प्रकाशित की
ये सूची साल 2016 से लंबित है जिसमें 112 कंपनियां शामिल हैं, जिनमें से 94 इज़राइल में और 18 अन्य देशों में स्थित हैं।
पीपल्स डिस्पैच
13 Feb 2020
Israel

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (यूएनएचसीआर) ने बुधवार 12 फरवरी को 112 कंपनियों की एक सूची प्रकाशित किया है जिसका कब्जे वाले वेस्ट बैंक के अवैध इजरायल यहूदी बस्तियों के साथ संबंध है। 112 कंपनियों में से 94 इज़राइल में हैं और 18 अन्य देशों में स्थित हैं।

कंपनियों की पुरानी ये विलंबित सूची जो अंतरराष्ट्रीय कानून की कीमत पर अवैध बस्तियों में व्यापार करता है और फिलिस्तीनी मानवाधिकार इन कंपनियों को उनके कार्यों के लिए जिम्मेदार ठहराता है और साथ ही बहिष्कार के लिए फिलिस्तीन के आह्वान को बढ़ावा देगा और कंपनियों का पर्दाफाश करेगा जो इजरायल के आपराधिक गतिविधियों से लाभ हासिल करता है।

इस सूची में अमेरिका की दूरसंचार कंपनी मोटोरोला, ट्रैवल एंड अकोमोडेशन वेबसाइट्स एयरबीएनबी, ट्रिप एडवाइजर, एक्सपीडिया, बुकिंग डॉट कॉम, फूड तैयार करने वाली दिग्गज जनरल मिल्स, इजरायली दूरसंचार दिग्गज, बेजेक टेलीकम्युनिकेशंस और फ्रेंच रेल कंपनी, ईजीस रेल जैसी हाई प्रोफाइल अंतरराष्ट्रीय कंपनियां शामिल हैं।

"फिलिस्तीनी क्षेत्र में इजरायल की बस्तियों से संबंधित विशिष्ट गतिविधियों में लगे सभी व्यवसायों के लिए एक डेटाबेस तैयार करने के लिए" व्यापार और मानव अधिकारों के कार्यकारी समूह के साथ परामर्श के बाद मानवाधिकारों के संयुक्त राष्ट्र के उच्चायुक्त के कार्यालय को आदेश देते हुए यूएनएचसीआर ने 2016 में 31/36 से ये प्रस्ताव पारित किया था।

ऐसा कहा जाता है कि इस सूची के प्रकाशन में अमेरिकी और इजरायल के दबाव के कारण देरी हुई है। इसके अलावा, कई हाई प्रोफाइल कंपनियां जैसे डीएक्ससी टेक्नोलॉजी, नेटाफिम, कोका कोला, इजरायल की निजी हथियार निर्माता जैसे एलबिट सिस्टम, कैटरपिलर को सूची से हटा दिया गया है, भले ही इस बस्ती में मौजूद उद्यम से उनके लाभ अर्जित करने के सबूत हैं और कई को इस अवैध बस्तियों में उनकी व्यावसायिक गतिविधियों को लेकर मानवाधिकार परिषद के कार्यालय से चेतावनी के पत्र मिले थे। संयुक्त राष्ट्र ने यह भी सुझाव दिया कि इस सूची को नियमित रूप से अपडेट किया जाए।

चौथा जेनेवा सम्मेलन के अनुच्छेद 49 के अनुसार कब्जे वाले वेस्ट बैंक में इजरायल की इन बस्तियों को अंतर्राष्ट्रीय कानून के तहत वार क्राइम और अवैध माना जाता है।

साभार : पीपल्स डिस्पैच

UN
West Bank
Israel
United Nations Human Rights Council
UNHCR
Palestine
Israel Palestine
international law

Related Stories

यूक्रेन युद्ध से पैदा हुई खाद्य असुरक्षा से बढ़ रही वार्ता की ज़रूरत

फ़िनलैंड-स्वीडन का नेटो भर्ती का सपना हुआ फेल, फ़िलिस्तीनी पत्रकार शीरीन की शहादत के मायने

न नकबा कभी ख़त्म हुआ, न फ़िलिस्तीनी प्रतिरोध

अल-जज़ीरा की वरिष्ठ पत्रकार शिरीन अबु अकलेह की क़ब्ज़े वाले फ़िलिस्तीन में इज़रायली सुरक्षाबलों ने हत्या की

अमेरिका ने रूस के ख़िलाफ़ इज़राइल को किया तैनात

इज़रायली सुरक्षाबलों ने अल-अक़्सा परिसर में प्रार्थना कर रहे लोगों पर किया हमला, 150 से ज़्यादा घायल

संयुक्त राष्ट्र महासभा ने रूस को शीर्ष मानवाधिकार संस्था से निलंबित किया

लैंड डे पर फ़िलिस्तीनियों ने रिफ़्यूजियों के वापसी के अधिकार के संघर्ष को तेज़ किया

अमेरिका ने ईरान पर फिर लगाम लगाई

बाइडेन ने फैलाए यूक्रेन की सीमा की ओर अपने पंख


बाकी खबरें

  • Economic Survey
    वी श्रीधर
    आर्थिक सर्वेक्षण 2021-22: क्या महामारी से प्रभावित अर्थव्यवस्था के संकटों पर नज़र डालता है  
    01 Feb 2022
    हाल के वर्षों में यदि आर्थिक सर्वेक्षण की प्रवृत्ति को ध्यान में रखा जाए तो यह अर्थव्यवस्था की एक उज्ज्वल तस्वीर पेश करता है, जबकि उन अधिकांश भारतीयों की चिंता को दरकिनार कर देता है जो अभी भी महामारी…
  • muslim
    रवि शंकर दुबे
    यूपी चुनाव: मुसलमानों के नाम पर राजनीति फुल, टिकट और प्रतिनिधित्व- नाममात्र का
    01 Feb 2022
    देश की आज़ादी के लिए जितना योगदान हिंदुओं ने दिया उतना ही मुसलमानों ने भी, इसके बावजूद आज राजनीति में मुसलमान प्रतिनिधियों की संख्या न के बराबर है।
  • farmers
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    केंद्र सरकार को अपना वायदा याद दिलाने के लिए देशभर में सड़कों पर उतरे किसान
    31 Jan 2022
    एक साल से अधिक तक 3 विवादित कृषि कानूनों की वापसी के लिए आंदोलन करने के बाद, किसान एक बार फिर सड़को पर उतरे और 'विश्वासघात दिवस' मनाया। 
  • Qurban Ali
    भाषा सिंह
    प्रयागराज सम्मेलन: ये लोग देश के ख़िलाफ़ हैं और संविधान के ख़ात्मे के लिए काम कर रहे हैं
    31 Jan 2022
    जिस तरह से ये तमाम लोग खुलेआम देश के संविधान के खिलाफ जंग छेड़ रहे हैं और कहीं से भी कोई कार्ऱवाई इनके खिलाफ नहीं हो रही, उससे इस बात की आशंका बलवती होती है कि देश को मुसलमानों के कत्लेआम, गृह युद्ध…
  • Rakesh Tikait
    न्यूज़क्लिक टीम
    ख़ास इंटरव्यू : लोगों में बहुत गुस्सा है, नहीं फंसेंगे हिंदू-मुसलमान के नफ़रती एजेंडे में
    31 Jan 2022
    ख़ास इंटरव्यू में वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह ने भाजपा के सांप्रदायिक एजेंडे को ज़मीनी चुनौती देने वाले बेबाक किसान नेता राकेश टिकैत से लंबी बातचीत की, जिसमें उन्होंने बताया कि इन चुनावों में किसान…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License