NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
यूपीः शिक्षक भर्ती को लेकर 157 दिनों से अभ्यार्थियों का आंदोलन, संगठनों का समर्थन का ऐलान
इन मांगों को नज़रअंदाज़ करना यह साबित करता है कि योगी सरकार सिर्फ़ दिखावा व खोखले दावे करती है। वह वास्तव में जनता के प्रति पूरी तरह से संवेदनहीन है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
25 Nov 2021
up

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार महिला हितैषी होने का दावा करती रही है लेकिन समय-समय पर महिला से जुड़े अपराध समेत अन्य मामलों को लेकर इस सरकार की पोल खुलती रही है। प्रदेश में शिक्षक भर्ती को लेकर महिला शिक्षक अभ्यार्थी पिछले 157 दिनों से आंदोलनरत हैं लेकिन सरकार उनकी सुन नहीं रही है।

सोशलिस्ट पार्टी (इंडिया), युवा शक्ति संगठन, सोशलिस्ट युवजन सभा व रिहाई मंच ने संयुक्त रूप से प्रेस विज्ञप्ति जारी कर यूपी की योगी सरकार पर हमला बोला है और कहा है कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार नारी के सम्मान और नए भारत की बात करती है, वह साढ़े चार लाख लोगों में डेढ़ लाख महिलाओं को रोजगार देने का दावा तो करती है लेकिन 26,000 शिक्षकों के रिक्त पदों पर भर्ती के लिए अपने साथियों के साथ 157 दिनों से आंदोलनरत शिखा पाल की सरकार बात सुन नहीं रही है। भर्ती की मांग को लेकर शिखा पाल खुद 106 दिनों से लखनऊ के निशातगंज स्थित शिक्षा निदेशालय की 100 फीट ऊंची पानी की टंकी पर इस सर्दी के मौसम में बैठी हुई हैं जिस पर योगी सरकार कोई ध्यान नहीं दे रही। इस विज्ञप्ति में कहा गया है कि इन मांगों को नजरअंदाज करना यह साबित करता है कि योगी सरकार सिर्फ दिखावा व खोखले दावे करती है। वह वास्तव में जनता के प्रति पूरी तरह से संवेदनहीन है।

इसमें आगे सवाल उठाया कि यह समझ से परे है कि जब सरकारी विद्यालयों में शिक्षकों की कमी है और हाल के वर्षों में बेरोजगारी से नवजवान/नवयुवतियां और परेशान हुए हैं तो सरकार इन रिक्त पदों को भरने में देरी क्यों कर रही है? उसने कहा कि शहर के पास वाले विद्यालयों को छोड़ दें तो शायद ही कोई प्राथमिक विद्यालय ऐसा मिलेगा जिसमें पांच शिक्षक पूरे मिलेंगे। ऐसे में इस संवेदनहीन सरकार से तो हमें कोई उम्मीद है ही नहीं। उसने कहा कि किसान आंदोलन से साबित हो गया है कि भाजपा का चरित्र है कि जब तक उसे चुनाव हारने का डर नहीं दिखाई पड़ेगा तब तक वह अपनी मनमानी करती रहेगी। भाजपा सरकार की नीतियां जन विरोधी होती हैं और सरकारें क्रूर व निर्दयी जो लोगों में डर पैदा करके सत्ता पर अपनी पकड़ बनाए रखना चाहती हैं। उन्हें किसी भी विरोध की आवाज को सिर्फ दबाना आता है। जब तक उनकी मजबूरी न हो जाए तब तक वे संवाद नहीं करतीं। भाजपा का चरित्र लोकतंत्र विरोधी है।

इस विज्ञप्ति में उन तमाम मुद्दों का जिक्र करते हुए कहा गया है कि सिर्फ शिक्षकों की ही बात नहीं है बल्कि आंगनबाड़ी, आशा कार्यकर्ताओं, रोजगार सेवकों, स्वच्छताग्रही की सेवा शर्तों को लेकर या पुलिस आदि की भर्ती हो या फिर मंहगाई इन सभी को लेकर सरकारी दावों के विपरीत लोगों में जबरदस्त नाराजगी है। यदि सरकार ने लोगों की बात नहीं सुनी तो आने वाले चुनाव में जनता जरूर सबक सिखाएगी।

सोशलिस्ट पार्टी (इंडिया), युवा शक्ति संगठन, सोशलिस्ट युवजन सभा व रिहाई मंच शिक्षक पदों के लिए अभ्यर्थियों के आंदोलन का समर्थन करते हैं और मानते हैं कि उनकी मांग पूरी तरह जायज है। यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो इन संगठनों ने सीधे तौर पर उनके साथ आंदोलन में भी शामिल होने की बात कही है।

UttarPradesh
Teacher Recruitment
UP Teacher recruitment
yogi government
Yogi Adityanath
Socialist Party India
Yuva Shakti Sangathan
Socialist Youth

Related Stories

बदायूं : मुस्लिम युवक के टॉर्चर को लेकर यूपी पुलिस पर फिर उठे सवाल

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

उत्तर प्रदेश: "सरकार हमें नियुक्ति दे या मुक्ति दे"  इच्छामृत्यु की माँग करते हजारों बेरोजगार युवा

यूपी में  पुरानी पेंशन बहाली व अन्य मांगों को लेकर राज्य कर्मचारियों का प्रदर्शन

UPSI भर्ती: 15-15 लाख में दरोगा बनने की स्कीम का ऐसे हो गया पर्दाफ़ाश

क्या वाकई 'यूपी पुलिस दबिश देने नहीं, बल्कि दबंगई दिखाने जाती है'?

मलियाना नरसंहार के 35 साल, क्या मिल पाया पीड़ितों को इंसाफ?

यूपी: बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था के बीच करोड़ों की दवाएं बेकार, कौन है ज़िम्मेदार?

उत्तर प्रदेश राज्यसभा चुनाव का समीकरण

ख़ान और ज़फ़र के रौशन चेहरे, कालिख़ तो ख़ुद पे पुती है


बाकी खबरें

  • up elections
    अब्दुल अलीम जाफ़री
    यूपी चुनाव: सपा द्वारा पुरानी पेंशन योजना को बहाल करने का वादा मतदाताओं के बीच में असर कर रहा है
    02 Mar 2022
    2004 में, केंद्र की भाजपा सरकार ने सुनिश्चित पेंशन स्कीम को बंद कर दिया था और इसकी जगह पर अंशदायी पेंशन प्रणाली को लागू कर दिया था। यूपी ने 2005 में इस नई प्रणाली को अपनाया। इस नई पेंशन स्कीम (एनपीएस…
  • फिल्म लेखक और समीक्षक जयप्रकाश चौकसे का निधन
    भाषा
    फिल्म लेखक और समीक्षक जयप्रकाश चौकसे का निधन
    02 Mar 2022
    जयप्रकाश चौकसे ने ‘‘शायद’’ (1979), ‘‘कत्ल’’ (1986) और ‘‘बॉडीगार्ड’’ (2011) सरीखी हिन्दी फिल्मों की पटकथा तथा संवाद लिखे थे। चौकसे ने हिन्दी अखबार ‘‘दैनिक भास्कर’’ में लगातार 26 साल ‘‘परदे के पीछे’’ …
  • MAIN
    रवि शंकर दुबे
    यूपी की सियासत: मतदान से ठीक पहले पोस्टरों से गायब हुए योगी!, अकेले मुस्कुरा रहे हैं मोदी!!
    02 Mar 2022
    छठे चरण के मतदान से पहले भाजपा ने कई नये सवालों को जन्म दे दिया है, योगी का गढ़ माने जाने वाले गोरखपुर में लगे पोस्टरों से ही उनकी तस्वीर गायब कर दी गई, बल्कि प्रधानमंत्री मोदी अकेले उन पोस्टरों में…
  • JSW protest
    दित्सा भट्टाचार्य
    ओडिशा: पुलिस की ‘बर्बरता’ के बावजूद जिंदल स्टील प्लांट के ख़िलाफ़ ग्रामीणों का प्रदर्शन जारी
    02 Mar 2022
    कार्यकर्ताओं के अनुसार यह संयंत्र वन अधिकार अधिनियम का उल्लंघन करता है और जगतसिंहपुर के ढिंकिया गांव के आदिवासियों को विस्थापित कर देगा।
  • CONGRESS
    अनिल जैन
    चुनाव नतीजों के बाद भाजपा के 'मास्टर स्ट्रोक’ से बचने की तैयारी में जुटी कांग्रेस
    02 Mar 2022
    पांच साल पहले मणिपुर और गोवा विधानसभा चुनाव में कांग्रेस बहुमत के नजदीक पहुंच कर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी थी, दोनों राज्यों में भाजपा को कांग्रेस के मुकाबले कम सीटें मिली थीं, लेकिन उसने अपने…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License