NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
अपराध
भारत
राजनीति
यूपी: गोरखपुर में लूट-पाट की बड़ी वारदात, ‘बेहतर कानून व्यवस्था’ का दावा फुस्स!
लूट-पाट की वारदात के अलावा डकैतों पर महिलाओं और बच्चियों से अश्लील हरकत के साथ ही दुष्कर्म की कोशिश करने का आरोप भी लगा है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
12 Nov 2020
यूपी

उत्तर प्रदेश सरकार और प्रशासन द्वारा ‘बेहतर कानून व्यवस्था’ के दावे की लगातार फजीहत हो रही है। अपराधी बेखौफ एक के बाद एक वारदात को अंजाम देकर आसानी से फरार हो जा रहे हैं। ताजा मामला मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गृह जनपद गोरखपुर का है। यहां ईंट भट्ठे पर मजदूरों को बंधक बनाकर लूट-पाट का मामला सामने आया है। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में बताया जा रहा है कि घटना के दौरान बदमाशों ने मजदूर परिवारों की महिलाओं से छेड़छाड़ और दुष्कर्म की कोशिश भी की।

क्या है पूरा मामला?

घटना गोरखपुर के गगहा इलाके के एक गांव की है। यहां मंगलवार, 10 नवंबर की रात लगभग 12- 1 बजे हथियारों से लैस करीब दर्जन भर डकैतों ने रामकृपाल ईंट-भट्ठे पर हमला बोल दिया। डकैतों ने वहां काम करने वाले मज़दूरों को एक झोपड़ी में बंधक बना दिया और फिर बाद लूट-पाट की वारदात को अंजाम दिया। डकैतों पर महिलाओं और अन्य किशोरियों से अश्लील हरकत के साथ ही दुष्कर्म की कोशिश करने का आरोप भी लगा है।

प्राप्त जानकारी के मुताबिक भट्ठे पर झारखंड से मजदूर आकर अपने परिवार के साथ रहते हैं और यहां ईंट बनाने का काम करते हैं। रामकृपाल के विजय ब्रिक्स फिल्ड नाम के भट्ठे पर भी करीब 31 लोग झोपड़ी डालकर रहते है और वहीं पर काम करते हैं। इस घटना में डकैतों ने मज़दूरों के 76 हजार तीन सौ रुपये, 9 मोबाइल व गहने लूटकर बदमाश फरार हो गए।

पुलिस क्या कह रही है?

इस मामले में एसपी साऊथ विपुल श्रीवास्तव का कहना है कि पुलिस ने ईंट भट्ठा मालिक की तहरीर पर डकैती, दुष्कर्म, छेड़खानी और पॉक्सो एक्ट की धाराओं में केस दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। बदमाशों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की तीन टीमें लगाई हैं।

एसपी साऊथ ने मीडिया को बताया कि मेडिकल में महिलाओं या बच्चियों से रेप की पुष्टि नहीं हुई है। बल्कि छेड़खानी की बात सामने आई है। केस दर्ज कर बदमाशों की गिरफ्तारी की कोशिश की जा रही है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा कर दिया जायेगा।

हालांकि कुछ लोगों का कहना है कि पुलिस ने मेडिकल रिपोर्ट के हवाले से दुष्कर्म (बलात्कार) के आरोप को जिस तरह खारिज किया, यह मामले को हलका करने की कोशिश है।

गौरतलब है कि गोरखपुर शहर आए दिन लूट-पाट और दुष्कर्म की घटनाओं से दो-चार होता रहता है। कभी अपराधी घर में घुस कर लूट-पाट की वारदात को अंजाम देते हैं तो कभी सरेआम हाईवे पर ट्रक डाइवरों और सामान को निशाना बनाया जाता है।

हालांकि ये सिर्फ गोरखपुर का हाल नहीं है पूरे सूबे की तस्वीर भी कुछ ऐसी ही दिखाई पड़ती है। पिछले कुछ महीनों से ताबड़तोड़ आपराधिक घटनाओं के चलते राज्य की योगी सरकार पर कानून व्यवस्था को लेकर चौतरफा सवाल भी उठ रहे हैं।

सरकार का क्या दावा है?

पिछले दिनों राज्य सरकार की ओर से जारी आँकड़ों की बात करें तो साल 2013 के मुक़ाबले साल 2020 में बलात्कार के मामलों में 25.94 फ़ीसदी और साल 2016 के मुकाबले 38.74 फ़ीसदी की कमी आई है।

दावे के मुताबिक़, अन्य प्रकार के अपराधों में भी काफ़ी कमी आई है। सरकार के मुताबिक, पॉक्सो एक्ट के मामलों में प्रभावी पैरवी की वजह से एक जनवरी 2019 से इस साल 30 जून तक 922 मुक़दमों में अभियुक्तों को सज़ा हुई है जिनमें से पांच को मृत्युदंड की सज़ा दी गई है।

दावों और वादों के बीच सच्चाई क्या है?

सरकार का दावा है कि विभिन्न अपराध में काफी कमी आई है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या जिस तरह आपराधिक घटनाओं में तेज़ी दिख रही है, उनके आधार पर क्या इन आँकड़ों को तर्कसंगत ठहराया जा सकता है?

जानकारों का कहना है कि क़ानून-व्यवस्था बेहतर होने का मतलब अपराध पर लगाम लगनी चाहिए। सिर्फ आँकड़ों में ही नहीं, सामने जो घटित हो रहा है उसमें भी कमी आनी चाहिए। अपराध की तस्वीर जो आंकड़ों में दिख रही है वो ज़मीनी हक़ीक़त से बिल्कुल अलग नज़र आती है। बड़ी लूट-पाट, किडनैपिंग और फ़िरौती मांगने की घटनाएं अब आम हो चुकी हैं। ऐसे में अपराध कम हुए हैं, ये कैसे माना जा सकता है।

एनसीआरबी के आंकड़ें क्या कहते हैं?

राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) 2018 के आंकड़े देखें तो साल 2018 में देशभर में 50 लाख 74 हजार 634 अपराध दर्ज किए गए थे। ये आंकड़ा 2017 की तुलना में 1.3% ज्यादा था। इसमें भी अकेले उत्तर प्रदेश में इस साल 5 लाख 85 हजार 157 क्राइम रिकॉर्ड हुए थे। इस हिसाब से 2018 में देशभर में जितने भी क्राइम रिकॉर्ड हुए, उसमें से सबसे ज्यादा 11.5% मामले अकेले यूपी में दर्ज हुए थे।

वॉयलेंट क्राइम यानी ऐसे अपराध, जिसमें हिंसा हुई है। जैसे- बलात्कार, बलात्कार की कोशिश, हत्या, हत्या की कोशिश, चोरी-डकैती, दंगा या हिंसा भड़काना और वगैरह-वगैरह। ऐसे वॉयलेंट क्राइम में भी यूपी देश में टॉप पर है।

2018 में देशभर में 4 लाख 28 हजार 134 वॉयलेंट क्राइम दर्ज हुए थे। इसमें से 65 हजार 155 मामले अकेले यूपी में दर्ज हुए थे। यानी देश में जितने वॉयलेंट क्राइम रिकॉर्ड हुए, उसमें से 15% यूपी में दर्ज हुए थे।

इतना ही नहीं, 2018 में देश में 29 हजार 17 मर्डर हुए थे, इसमें से सबसे ज्यादा 4 हजार 18 हत्याएं यूपी में हुईं। 1 लाख से ज्यादा किडनैपिंग हुई थीं, उसमें से 21 हजार से ज्यादा किडनैपिंग यूपी में हुईं। बलात्कार के मामले में भी मध्य प्रदेश और राजस्थान के बाद यूपी तीसरे नंबर पर था।

अनुसूचित जाति और जनजाति के खिलाफ अपराध के मामले में भी उत्तर प्रदेश टॉप पर है। 2018 में देशभर में दलितों के खिलाफ अपराध के 42 हजार 793 मामले दर्ज किए गए थे। इसमें से तकरीबन 28% मामले उत्तर प्रदेश में दर्ज हुए थे। इस साल यूपी में दलितों के खिलाफ अपराध के 11 हजार 924 मामले रिकॉर्ड हुए थे। 

UttarPradesh
UP police
CRIMES IN UP
women safety
Yogi Adityanath
UP Law And Order

Related Stories

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

तेलंगाना एनकाउंटर की गुत्थी तो सुलझ गई लेकिन अब दोषियों पर कार्रवाई कब होगी?

चंदौली पहुंचे अखिलेश, बोले- निशा यादव का क़त्ल करने वाले ख़ाकी वालों पर कब चलेगा बुलडोज़र?

यूपी : महिलाओं के ख़िलाफ़ बढ़ती हिंसा के विरोध में एकजुट हुए महिला संगठन

2023 विधानसभा चुनावों के मद्देनज़र तेज़ हुए सांप्रदायिक हमले, लाउडस्पीकर विवाद पर दिल्ली सरकार ने किए हाथ खड़े

चंदौली: कोतवाल पर युवती का क़त्ल कर सुसाइड केस बनाने का आरोप

प्रयागराज में फिर एक ही परिवार के पांच लोगों की नृशंस हत्या, दो साल की बच्ची को भी मौत के घाट उतारा

प्रयागराज: घर में सोते समय माता-पिता के साथ तीन बेटियों की निर्मम हत्या!

उत्तर प्रदेश: योगी के "रामराज्य" में पुलिस पर थाने में दलित औरतों और बच्चियों को निर्वस्त्र कर पीटेने का आरोप

कौन हैं ओवैसी पर गोली चलाने वाले दोनों युवक?, भाजपा के कई नेताओं संग तस्वीर वायरल


बाकी खबरें

  • musahar
    तारिक़ अनवर
    यूपी चुनाव: पूर्वी क्षेत्र में विकल्पों की तलाश में दलित
    02 Mar 2022
    दलित आम तौर पर ऐसे मूक मतदाता माने जाते हैं, जो अपनी राजनीतिक प्राथमिकताओं का आसानी से इज़हार नहीं करते। हालांकि, इस चुनाव को नज़दीक से देखने पर इस बात के साफ़ संकेत मिल जाते हैं कि उनका झुकाव बसपा…
  • कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 7,554 नए मामले, 223 मरीज़ों की मौत
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 7,554 नए मामले, 223 मरीज़ों की मौत
    02 Mar 2022
    देश में एक्टिव मामलों की संख्या घटकर 0.20 फ़ीसदी यानी 85 हज़ार 680 हो गयी है।
  • एम. के. भद्रकुमार
    यूक्रेन युद्ध ने यूरोपियन यूनियन और अमेरिका को ईरान सौदे पर सोचने को मजबूर किया
    02 Mar 2022
    क्या नाटो (उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन) के विस्तार पर अमेरिका-रूस टकराव और यूक्रेन के आसपास बने हालात वियना में चल रही ईरान परमाणु वार्ता को पटरी से उतार देगी?
  • ukraine
    एपी/भाषा
    रूस-यूक्रेन युद्ध अपडेट: कीव के मुख्य टीवी टावर पर बमबारी; सोवियत संघ का हिस्सा रहे राष्ट्रों से दूर रहे पश्चिम, रूस की चेतावनी
    02 Mar 2022
    रूसी बलों ने मंगलवार को यूक्रेन के घनी आबादी वाले शहरी इलाकों पर हमले तेज करते हुए यूक्रेन के दूसरे सबसे बड़े शहर के मध्य स्थित एक मुख्य चौराहे और कीव के मुख्य टीवी टावर पर बमबारी की। वहीं भारत ने…
  • बिहार : सीटेट-बीटेट पास अभ्यर्थी सातवें चरण की बहाली को लेकर करेंगे आंदोलन
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    बिहार : सीटेट-बीटेट पास अभ्यर्थी सातवें चरण की बहाली को लेकर करेंगे आंदोलन
    02 Mar 2022
    पालीगंज विधानसभा क्षेत्र से सीपीआई माले विधायक संदीप सौरभ ने कहा कि वह सीटेट और बीटेटट उत्तीर्ण सभी अभ्यर्तियों के लिए सातवें चरण की बहाली के लिए 2014-21 तक सभी रिक्तियों को जोड़कर मार्च महीने में…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License