NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
स्वास्थ्य
भारत
राजनीति
यूपी: कोरोना जांच संबंधित सवाल पूछने पर पूर्व आईएएस पर महामारी एक्ट के तहत केस दर्ज
इस मामले के सामने आने के बाद विपक्ष भी योगी आदित्यनाथ सरकार पर हमलावर है। पूर्व आईएएस अफ़सर एसपी सिंह ने भी इसे लेकर एक के बाद एक कई ट्वीट किए। उन्होंने इसे सत्ता बनाम सत्य की लड़ाई बताया है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
13 Jun 2020
यूपी: कोरोना जांच संबंधित सवाल पूछने पर पूर्व आईएएस पर महामारी एक्ट के तहत केस दर्ज

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में राजधानी लखनऊ के हजरतगंज कोतवाली में रिटायर्ड आईएएस सूर्य प्रताप सिंह (एसपी सिंह) के खिलाफ महामारी एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव पर ज्यादा कोरोना जांच करने को लेकर डीएम को हड़काने का आरोप लगाया था। और कहा था कि यूपी की पॉलिसी ‘नो टेस्ट, नो कोरोना’।

सूर्य प्रताप सिंह ने ट्वीट करके चीफ सेकेट्री से पूछा था- "सीएम योगी की टीम-11 की मीटिंग के बाद क्या मुख्य सचिव ने ज्यादा कोरोना टेस्ट कराने वाले डीएम को हड़काया कि क्यों इतनी तेजी पकड़े हो, क्या ईनाम पाना है।" इसके बाद सोशल पर सरकार विरोधी भ्रामक पोस्ट करने के आरोप में उनके खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई की गई है।

पूर्व आईएएस सूर्य प्रताप सिंह पर हजरतगंज कोतवाली में सचिवालय चौकी प्रभारी सुभाष सिंह की तहरीर पर आईपीसी 188, 505 महामारी अधिनियम की धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है। अब पुलिस मामले की जांच पड़ताल कर रही है।

हालांकि इसके बाद पूर्व आईएएस ने फिर ट्वीट किया। उन्होंने लिखा कि मीडिया के सूत्रों से अपुष्ट खबर आ रही है कि टीम-11 पर किए मेरे के ट्वीट पर सरकार ने मेरे ऊपर मुक़दमा कर दिया है। सबसे पहले तो मैं ये साफ कर देना चाहता हूँ कि उत्तर प्रदेश सरकार की पॉलिसी पर दिए ‘No Test, No Corona’ वाले बयान पर मैं अडिग हूँ, और सरकार से निरंतर सवाल पूछता रहूँगा।

उन्होंने आगे लिखा कि, मैं सीएम योगी और यूपी पुलिस से कहना चाहता हूँ कि मुझ पर किए गए मुकदमे की कॉपी मुझ तक पहुंचाने का कष्ट करें। मैं इस पूरे प्रकरण पर प्रेस कांफ्रेंस कर सभी मुद्दों पर जवाब दूंगा और सरकार से मेरे कुछ सवाल हैं उन्हें जनता के समक्ष रखूंगा। सत्य पक्ष सत्ता पक्ष पर भारी पड़ेगा।

उन्होंने ट्वीट किया कि मुख्य सचिव की कही बात जो मैंने कोट की उस पर मैंने आईएएस एसोसिएशन और मुख्य सचिव का जवाब मांगा था। जब कोई जवाब नहीं आया तो मैंने उसे मौन सहमति मान लिया। अगर जवाब देने की जगह सरकार मुकदमा करने की प्रथा को आगे बढ़ाना चाहती है तो मैं तैयार हूं, आइए गिरफ़्तार करिए।

इस मामले के सामने आने के बाद विपक्ष भी योगी आदित्यनाथ सरकार पर हमलावर है। सपा प्रवक्ता आईपी सिंह ने कहा पूर्व आईएएस पर योगी सरकार ने कोरोना पर पूछे उनके सवाल पर मुकदमा कर दिया है। तानाशाही की सारी हदें पार करने वाली योगी सरकार से कोई डरने वाला नहीं है। सच हम बोलेंगे और आपको वो सच सुनना पड़ेगा।

सूर्य प्रताप सिंह को प्रदेश भर के सामाजिक कार्यकर्ताओं और छात्रों का भी समर्थन मिल रहा है।
शनिवार को उन्होंने ट्विटर पर लिखा,

“पूरे देश से मिले समर्थन से मैं अभिभूत हूँ, IAS अधिकारी रहते मैंने हमेशा कमजोर वर्ग को अपना साथी माना और सत्ता का दोहन करने वालों के खिलाफ जितना संभव हो सका आवाज उठायी। आज जब मेरी आवाज दबाने का प्रयास हुआ तो आप मेरी आवाज बने यह देख मैं भावुक हूँ, गरीबों के हक की लड़ाई जारी रहेगी।”

 

 IAS SURAYA.PNG

एक अन्य ट्वीट में उन्होंने कहा- 'छात्र बनाम सत्ता की लड़ाई जिसकी शुरुआत करने पर मेरे खिलाफ योगी जी ने मुक़दमा कर दिया वो अब एक आंदोलन का रूप लेता दिख रहा है। प्रदेश के हर ज़िले से मेरे पास फोन आ रहे हैं। आप ही मेरी ताक़त हैं, आप ही मेरा संबल। कल मुझे जेल भी भेज दिया जाए तो ये आवाज़ नहीं दबनी चाहिए। जय हिंद।'

इसके अलावा उन्होंने अपने एक और ट्वीट में सवाल उठाया कि क्यों नोएडा और ग़ाज़ियाबाद में कम टेस्ट हो रहे हैं। उन्होंने लिखा- “पिछले 25 दिनों में नोएडा में 4 हज़ार और गाजियाबाद में 7.5 हज़ार कोरोना की जाँचें हुई हैं। दोनों जिलों की संयुक्त आबादी 65 लाख से ऊपर है। दिल्ली या मुंबई से आप आबादी के सापेक्ष कुल जाँचों की संख्या मँगवा लीजिए, उत्तरप्रदेश सरकार का झूठ पकड़ा जाएगा। पॉलिसी एक ‘नो टेस्ट, नो कोरोना’।”

 

 IAS 2.PNG

इसी तरह वे लिखते हैं- “उत्तरप्रदेश सरकार कोरोना टेस्टों की संख्या कम दिखाने के लिए गरीबों की जाँच ना करे और हम चुप रहें? पूर्व IAS अधिकारी रहते ही क्यूँ, एक नागरिक होते हुए भी यह मुझे शोभा नहीं देता। क्यूँ मौत के बाद पता चलता है कि व्यक्ति कोरोना संक्रमित था? क्यूँ इलाज के लिए बेबस है गरीब? जवाब दीजिए।”

 IAS 3.PNG

UP
Case filed under epidemic act on former IAS
corona investigation
yogi government
Coronavirus
SURYA PRATAP SINGH

Related Stories

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में 2,745 नए मामले, 6 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में आज फिर कोरोना के मामलों में क़रीब 27 फीसदी की बढ़ोतरी

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना के घटते मामलों के बीच बढ़ रहा ओमिक्रॉन के सब स्ट्रेन BA.4, BA.5 का ख़तरा 

कोरोना अपडेट: देश में ओमिक्रॉन वैरिएंट के सब स्ट्रेन BA.4 और BA.5 का एक-एक मामला सामने आया

कोरोना अपडेट: देश में फिर से हो रही कोरोना के मामले बढ़ोतरी 

कोविड-19 महामारी स्वास्थ्य देखभाल के क्षेत्र में दुनिया का नज़रिया नहीं बदल पाई

कोरोना अपडेट: अभी नहीं चौथी लहर की संभावना, फिर भी सावधानी बरतने की ज़रूरत

कोरोना अपडेट: दुनियाभर के कई देशों में अब भी क़हर बरपा रहा कोरोना 

ग्राउंड रिपोर्ट: स्वास्थ्य व्यवस्था के प्रचार में मस्त यूपी सरकार, वेंटिलेटर पर लेटे सरकारी अस्पताल

कोरोना अपडेट: देश में एक्टिव मामलों की संख्या 20 हज़ार के क़रीब पहुंची 


बाकी खबरें

  • bihar
    अनिल अंशुमन
    बिहार शेल्टर होम कांड-2’: मामले को रफ़ा-दफ़ा करता प्रशासन, हाईकोर्ट ने लिया स्वतः संज्ञान
    05 Feb 2022
    गत 1 फ़रवरी को सोशल मीडिया में वायरल हुए एक वीडियो ने बिहार की राजनीति में खलबली मचाई हुई है, इस वीडियो पर हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान ले लिया है। इस वीडियो में एक पीड़िता शेल्टर होम में होने वाली…
  • up elections
    रवि शंकर दुबे
    सत्ता में आते ही पाक साफ हो गए सीएम और डिप्टी सीएम, राजनीतिक दलों में ‘धन कुबेरों’ का बोलबाला
    05 Feb 2022
    राजनीतिक दल और नेता अपने वादे के मुताबिक भले ही जनता की गरीबी खत्म न कर सके हों लेकिन अपनी जेबें खूब भरी हैं, इसके अलावा किसानों के मुकदमे हटे हो न हटे हों लेकिन अपना रिकॉर्ड पूरी तरह से साफ कर लिया…
  • beijing
    चार्ल्स जू
    2022 बीजिंग शीतकालीन ओलंपिक के ‘राजनयिक बहिष्कार’ के पीछे का पाखंड
    05 Feb 2022
    राजनीति को खेलों से ऊपर रखने के लिए वो कौन सा मानवाधिकार का मुद्दा है जो काफ़ी अहम है? दशकों से अमेरिका और उसके यूरोपीय सहयोगियों ने अपनी सुविधा के मुताबिक इसका उत्तर तय किया है।
  • karnataka
    सोनिया यादव
    कर्नाटक: हिजाब पहना तो नहीं मिलेगी शिक्षा, कितना सही कितना गलत?
    05 Feb 2022
    हमारे देश में शिक्षा एक मौलिक अधिकार है, फिर भी लड़कियां बड़ी मेहनत और मुश्किलों से शिक्षा की दहलीज़ तक पहुंचती हैं। ऐसे में पहनावे के चलते लड़कियों को शिक्षा से दूर रखना बिल्कुल भी जायज नहीं है।
  • Hindutva
    सुभाष गाताडे
    एक काल्पनिक अतीत के लिए हिंदुत्व की अंतहीन खोज
    05 Feb 2022
    केंद्र सरकार आरएसएस के संस्थापक केबी हेडगेवार को समर्पित करने के लिए  सत्याग्रह पर एक संग्रहालय की योजना बना रही है। इतिहास को तोड़-मरोड़ कर पेश करने के उसके ऐसे प्रयासों का देश के लोगों को विरोध…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License