NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
स्वास्थ्य
भारत
राजनीति
यूपी: बुखार से लगातार जाती बच्चों की जान, पश्चिम में डेंगू-मलेरिया तो पूर्वांचल में इंसेफ़ेलाइटिस का क़हर!
प्रदेश में कई बार बुखार के कारण बड़ी संख्या में बच्चों के मौत का मामला सामने आया है। इसमें ज्यादातर ग्रामीण क्षेत्र के ग़रीब श्रमिक परिवारों के बच्चे प्रभावित होते हैं, जिनकी सुरक्षित पेयजल, स्वच्छता, आवास और अन्य बुनियादी सुविधाओं पर ख़र्च करने की स्थिति नहीं है।
सोनिया यादव
30 Aug 2021
यूपी: बुखार से लगातार जाती बच्चों की जान, पश्चिम में डेंगू-मलेरिया तो पूर्वांचल में इंसेफ़ेलाइटिस का क़हर!
Image courtesy : TOI

उत्तर प्रदेश का फिरोजाबाद जिला एक बार फिर सुर्खियों में है। इस बार वजह नाम नहीं बल्कि बीते चार दिनों में 40 से अधिक बच्चों की मौत है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक डेंगू और वायरल बुखार से यहां बीते 15 दिनों में मौत का आंकड़ा 50 से अधिक है। यहां के सदर विधायक मनीष असीजा का दावा है कि पिछले करीब एक सप्ताह के दौरान अब तक बुखार से 41 लोगों की मौत की सूचना उनके पास है, जबकि कई लोग गंभीर स्थिति में हैं।

बता दें कि फिरोजाबाद में रविवार, 29 अगस्त को डेंगू और बुखार से पीड़ित आठ बच्चों की मौत हो गई। जिसके बाद मामले के तूल पकड़ते ही सोमवार, 30 अगस्त को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मेडिकल कॉलेज में भर्ती बच्चों के परिजनों से मुलाकात की और उन्हें उचित इलाज का आश्वासन दिया।

सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्रभावित जिलों और बीमार लोगों की स्थिति का संज्ञान लेते हुए निर्देश जारी किया कि सभी अस्पतालों और क्लिनिकों पर वायरल बुखार और अन्य फैलने वाली बीमारियों की दवा उपलब्ध होनी चाहिए। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में सफाई, सेनिटाइजेशन और फॉगिंग का काम सक्रियता से किया जाए और जलभराव को रोकने के लिए व्यापक व्यवस्था की जाए।

क्या है पूरा मामला?

प्राप्त जानकारी के मुताबिक फिरोजाबाद में डेंगू बुखार की शुरुआत मक्खनपुर क्षेत्र से हुई थी। लेकिन महज कुछ ही दिनों में ये महामारी बनकर पूरे जिले में फैल गया। इस बीमारी में तेज बुखार, प्लेटलेट काउंट में गिरावट और डिहाइड्रेशन सहित कई अन्य लक्षणों को देखा गया है। अब तक कई गांवों और मुहल्लों में बच्चे इसकी चपेट में आकर काल का ग्रास बन चुके हैं। सैकड़ों की संख्या में बच्चे अभी भी अस्पतालों में भर्ती हैं। बच्चों का वार्ड फुल होने के बाद अब उन्हें कोविड-19 के लिए बनाए गए आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया जा रहा है।

कोरोना काल में पहले से ही खस्ता हाल स्वास्थ्य विभाग के इंतजाम इस मामले में भी नाकाफी साबित हो रहे हैं। अधिकारियों के दौरे से भी स्वास्थ्य सुविधाओं और कर्मचारियों की लापरवाही पर कोई खास असर नहीं पड़ रहा है। एक ओर बुखार के बढ़ते मरीजों को लेकर जिले में सीएमओ डॉ. नीता कुलश्रेष्ठ ने सभी स्वास्थ्य कर्मचारियों के अवकाश निरस्त कर दिए हैं, तो वहीं दूसरी ओर जब डीएम चन्द्र विजय सिंह ने निरीक्षण किया तो कई कर्मचारी अनुपस्थित मिले। जिसके बाद डीएम ने उन्हें हटाने के निर्देश दे दिए।

प्रशासन का क्या कहना है?

रविवार को मीडिया से बातचीत में जिलाधिकारी चंद्र विजय सिंह ने कहा, “लोग यह अफवाह उड़ा रहे हैं कि बच्चों की मौतों की वजह कोरोना की तीसरी लहर है। ये सरासर गलत है। ये कोरोना की तीसरी लहर नहीं है। बारिश के बाद जलभराव होने से डेंगू और तरह-तरह के मच्छर पनप गए हैं।

यही वजह है कि अधिकांश बच्चे इसकी चपेट में हैं। लेकिन लोग इस अफवाह पर ध्यान नहीं दें कि ये कोरोना की तीसरी लहर है।

बुनियादी सुविधाओं की खस्ता हालत

गौरतलब है कि इससे पहले भी प्रदेश में कई बार बुखार के कारण बड़ी संख्या में बच्चों के मौत का मामला सामने आया है। इसमें ज्यादातर ग्रामीण क्षेत्र के ग़रीब श्रमिक परिवारों के बच्चे प्रभावित होते हैं, जिनकी सुरक्षित पेयजल, स्वच्छता, आवास और अन्य बुनियादी सुविधाओं पर ख़र्च करने की स्थिति नहीं है। अक्सर ये परिवार सरकार की कल्याणकारी योजनाओं से भी वंचित रह जाते हैं। जिसके कारण मानसून शुरू होने के साथ ही डेंगू, मलेरिया, वॉयरल और चमकी बुखार जैसी बीमारियों का प्रकोप बढ़ने लगता है।

पश्चिमी उत्तर प्रदेश डेंगू, मलेरिया से त्रस्त है तो वहीं गोरखपुर और उससे लगे पूर्वांचल के कई ज़िलों में जापानी बुखार का कहर जारी है। राज्य सरकार का दावा है कि पिछले चार साल में इस बीमारी पर लगभग नियंत्रण पाया जा चुका है लेकिन अस्पतालों के भर्ती बच्चों की स्थिति कुछ और ही हक़ीकत बयां करती है। हर साल जुलाई से लेकर अक्टूबर तक यानी मानसून के मौसम में जापानी इंसेफ़ेलाइटिस का प्रकोप दशकों से यहां के बच्चों की जान ले रहा है। साल दर साल सैकड़ों की संख्या में बच्चे इस बीमारी से पीड़ित होते हैं और बड़ी संख्या में बच्चों की मौत भी होती है।

लेकिन सरकार हर बार सब ठीक है का सपना दिखाकर आगे बढ़ जाती है।

बीबीसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज अस्पताल के 100 नंबर वॉर्ड के बाहर दर्जनों की संख्या में लोग अपने बच्चों को भर्ती कराने की कोशिश में हैं। कुछ लोगों के बच्चे कई दिनों से भर्ती भी हैं। ज़्यादातर बच्चों को तेज़ बुख़ार के साथ झटके भी आते हैं जो कि जापानी इंसेफ़ेलाइटिस का प्रमुख लक्षण है।

पिछले हफ़्ते अख़बारों में यह ख़बर भी छपी थी कि कुशीनगर ज़िले के एक ही गांव में बड़ी संख्या में बच्चे इंसेफ़ेलाइटिस से पीड़ित हैं जिनमें तीन बच्चों की मौत भी हो चुकी है। अख़बारों में यह ख़बर भी छपी थी कि इंसेफ़ेलाइटिस के टीके भी ख़त्म हो गए हैं और टीकाकरण का काम रुका हुआ है। हालांकि बाद में प्रशासन द्वारा इस पूरे मामले पर सफाई सामने आई और टीके की कमी पूरी होने की बात कही गई। बहरहाल, सरकार के दावे और ज़मीनी हक़ीकत में अक्सर फासला होता है लेकिन मौत का आंकड़ा सारी पोल खोल ही देता है।

UttarPradesh
Firozabad
Mystery fever
dengue
malaria
Yogi Adityanath
UP Health Care Facilities

Related Stories

यूपी: बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था के बीच करोड़ों की दवाएं बेकार, कौन है ज़िम्मेदार?

ग्राउंड रिपोर्ट: स्वास्थ्य व्यवस्था के प्रचार में मस्त यूपी सरकार, वेंटिलेटर पर लेटे सरकारी अस्पताल

कोरोना अपडेट: उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर जिले में 1 मई से 31 मई तक धारा 144 लागू

यूपी: बीएचयू अस्पताल में फिर महंगा हुआ इलाज, स्वास्थ्य सुविधाओं से और दूर हुए ग्रामीण मरीज़

यूपी चुनाव : योगी काल में नहीं थमा 'इलाज के अभाव में मौत' का सिलसिला

यूपी चुनाव: बीमार पड़ा है जालौन ज़िले का स्वास्थ्य विभाग

यूपीः एनिमिया से ग्रसित बच्चों की संख्या में वृद्धि, बाल मृत्यु दर चिंताजनक

अब यूपी सरकार ने कहा,''ऑक्सीजन की कमी से नहीं हुई कोई मौत'’, लोगों ने कहा- ज़ख़्मों पर नमक छिड़कने जैसा!

EXCLUSIVE: सोनभद्र के सिंदूर मकरा में क़हर ढा रहा बुखार, मलेरिया से अब तक 40 आदिवासियों की मौत

कानपुर में ज़ीका की दहशत, अलर्ट मोड पर हेल्थ महकमा


बाकी खबरें

  • सबरंग इंडिया
    सद्भाव बनाए रखना मुसलमानों की जिम्मेदारी: असम CM
    17 Mar 2022
    हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि एक करोड़ से अधिक आबादी वाले राज्य में मुस्लिम आबादी का 35 प्रतिशत हैं, वे अब अल्पसंख्यक नहीं, बल्कि बहुसंख्यक हैं।
  • सौरव कुमार
    कर्नाटक : देवदासियों ने सामाजिक सुरक्षा और आजीविका की मांगों को लेकर दिया धरना
    17 Mar 2022
    कलबुर्गी, विजयपुरा, विजयनगर, रायचूर, दवेंगेरे, बागलकोट, बल्लारी, यादगीर और कोप्पल ज़िलों की लगभग 1500 देवदासियों ने पुनर्वास की मांग को लेकर बेंगलुरु शहर में धरना दिया।
  • UKRAIN
    क्लाउस उलरिच
    गेहूं के निर्यात से कहीं बड़ी है यूक्रेन की अर्थव्यवस्था 
    17 Mar 2022
    1991 में सोवियत संघ से स्वतंत्रता मिलने के बाद, यूक्रेन का आर्थिक विकास भ्रष्टाचार, कैपिटल फ्लाइट और सुधारों की कमी से बाधित हुआ। हाल ही में हुए सुधारों से अब देश में रूस के युद्ध की धमकी दी जा रही…
  • भाषा
    दिल्ली हिंसा में पुलिस की भूमिका निराशाजनक, पुलिस सुधार लागू हों : पूर्व आईपीएस प्रकाश सिंह
    17 Mar 2022
    ‘पुलिस के लिये सबसे सशक्त हथियार नागरिकों का भरोसा एवं विश्वास होता है । नागरिक आपके ऊपर भरोसा तभी करेंगे जब आप उचित तरीके से काम करेंगे । ऐसे में लोगों को साथ लें । सामान्य जनता के प्रति संवेदनशील…
  • तान्या वाधवा
    कोलंबिया में राष्ट्रपति पद के दौड़ में गुस्तावो पेट्रो
    17 Mar 2022
    अलग-अलग जनमत सर्वेक्षणों के मुताबिक़ कोलंबिया में आगामी राष्ट्रपति चुनावों के लिए प्रगतिशील नेता गुस्तावो पेट्रो पसंदीदा उम्मीदवार हैं।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License