NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
उत्तर प्रदेश : जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव के बाद ब्लॉक प्रमुख चुनाव में भी धांधली के लग रहे आरोप, नामांकन के दौरान कई जिलों में झड़प
‘‘उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था को भाजपा ने बंधक बना लिया है। ब्लॉक प्रमुख (क्षेत्र पंचायत अध्यक्ष) चुनाव में नामांकन दाखिल करने के दौरान भाजपा नेताओं-कार्यकर्ताओं द्वारा अराजकता और हिंसा किया जाना लोकतंत्र का उपहास है। सत्ताधारी भाजपा के लोग सरेआम लोकतंत्र का गला घोंट रहे हैं और पुलिस प्रशासन मूकदर्शक बन तमाशा देखता रहा।’’
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
09 Jul 2021
उत्तर प्रदेश : जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव के बाद ब्लॉक प्रमुख चुनाव में भी धांधली के लग रहे आरोप, नामांकन के दौरान कई जिलों में झड़प
फ़ोटो साभार: सोशल मीडिया

उत्तर प्रदेश के 75 जिलों के 825 विकास खंडों (ब्लॉकों) में बृहस्पतिवार को क्षेत्र पंचायत प्रमुखों के चुनाव के लिए नामांकन भरने की प्रक्रिया के दौरान कई जिलों में झड़पें होने के मामले सामने आए। उम्मीदवारों के नामांकन पत्र छीने जाने और झड़पों के आरोपों के बीच दावेदारों ने पर्चे दाखिल किए। ये थी वैसी ही तस्वीरें थी जैसा की जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनावों  देखने को मिली थी। जहाँ विपक्ष के कई नेताओं ने दावा किया  सत्तधारी दल के समर्थकों ने प्रशासन की मदद से उन्हें  नामांकन ही दाख़िल नहीं करने दिया गया और साथ ही उनके लोगो को वोट डालने से भी रोका गया।  

अभी ब्लॉक प्रमुख चुनाव में  सीतापुर जिले में झड़प में एक व्यक्ति के घायल होने की खबर मिली है। इसके अलावा बहराइच, कन्नौज, एटा, गोरखपुर एवं बदायूं सहित कई जिलों में राजनीतिक दलों द्वारा समर्थित उम्मीदवारों के समर्थकों के बीच झड़प की खबरें आई हैं। ऐसे आरोप लगाए गए हैं कि पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में प्रतिद्वंद्वी उम्मीदवारों के नामांकन पत्र फाड़े गए।

अपर पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) प्रशांत कुमार ने बृहस्पतिवार को पत्रकारों को बताया कि 14 स्थानों से नामांकन पत्र दाखिल करने में गड़बड़ी की रिपोर्ट प्राप्त हुई हैं और इन मामलों में शामिल पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के आदेश दिए गए हैं।

सीतापुर से मिली खबर के अनुसार, जिले के कसमंडा में प्रखंड (ब्लाॉक) प्रमुख चुनाव के नामांकन के समय बृहस्पतिवार को दो दलों के समर्थकों के बीच हुई झड़प में गोली चलने से एक व्यक्ति घायल हो गया। जिलाधिकारी विशाल भारद्वाज ने बताया कि नामांकन के दौरान दो दलों के समर्थकों के बीच झड़प के दौरान किसी ने गोली चला दी जिससे एक व्यक्ति घायल हो गया। उसे इलाज के लिए लखनऊ भेजा गया है। उन्होंने बताया कि इस मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है और पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है।

इस बीच, कन्नौज से मिली खबर के मुताबिक, ब्लॉक प्रमुख चुनाव के लिए नामांकन की प्रक्रिया बृहस्पतिवार को शुरू हुई और जिले के सभी आठ ब्लॉक में सुरक्षा के कड़े प्रबंध किये गये थे, लेकिन इसके बावजूद कन्नौज, तालग्राम और गुगरापुर में हंगामे की स्थिति बन गयी।

बहराइच से मिली खबर के अनुसार, जिले के नानपारा क्षेत्र में ब्लॉक प्रमुख के नामांकन के दौरान हुए टकराव के बाद पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। भीड़ द्वारा किए गए पथराव के कारण एक पुलिसकर्मी घायल हो गया। कथित रूप से पुलिस के लाठीचार्ज में समाजवादी पार्टी (सपा) जिलाध्यक्ष एवं एक पूर्व विधायक सहित आधा दर्जन से अधिक सपा समर्थक घायल हुए हैं।

उप जिलाधिकारी (एसडीएम) नानपारा राम आसरे वर्मा ने बताया कि बलहा के ब्लॉक प्रमुख पद के चुनाव के लिए प्रत्याशी विनय कुमार वर्मा अपना नामांकन दाखिल कर रहे थे। इसी बीच दूसरे प्रत्याशी देवेन्द्र कुमार सिंह के समर्थक नियम विरुद्ध जबरदस्ती नामांकन कक्ष में जाने की जिद करने लगे। उन्होंने बताया कि जब उन्हें मना किया गया तो देवेन्द्र के समर्थकों ने हंगामा शुरू कर दिया और पुलिस बल पर पथराव कर एक पुलिसकर्मी को घायल कर दिया।

एसडीएम ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच की जा रही है। दूसरी ओर सपा जिलाध्यक्ष राम हर्ष यादव ने कहा, "भाजपा प्रत्याशी एसडीएम के सजातीय हैं, इसलिए एसडीएम राम आसरे वर्मा साजिश के तहत भाजपा प्रत्याशी की मदद कर रहे हैं। आज नामांकन के समय अधिकारी जानबूझकर टाल मटोल करके सपा उम्मीदवार का नामांकन रोकना चाहते थे। सपा कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी की, तो पुलिस ने निहत्थे कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज कर दिया, जिसमें मैं (सपा जिलाध्यक्ष), पूर्व सपा विधायक शब्बीर वाल्मीकि, सपा प्रत्याशी के भाई जयंकर सिंह सहित आधा दर्जन सपा समर्थक घायल हो गए।"

समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बृहस्पतिवार को क्षेत्र पंचायत प्रमुखों के चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया के दौरान सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर अराजकता और हिंसा फैलाने का आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा के लोग सरेआम ‘लोकतंत्र का गला घोंट रहे हैं।’

यादव ने एक बयान में कहा, ‘‘उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था को भाजपा ने बंधक बना लिया है। ब्लॉक प्रमुख (क्षेत्र पंचायत अध्यक्ष) चुनाव में नामांकन दाखिल करने के दौरान भाजपा नेताओं-कार्यकर्ताओं द्वारा अराजकता और हिंसा किया जाना लोकतंत्र का उपहास है। सत्ताधारी भाजपा के लोग सरेआम लोकतंत्र का गला घोंट रहे हैं और पुलिस प्रशासन मूकदर्शक बन तमाशा देखता रहा।’’

उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार में प्रशासनिक अधिकारी भाजपा के एजेंट की भूमिका में है। राज्‍य निर्वाचन आयोग के अनुसार उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों के 825 क्षेत्र पंचायतों में ब्लॉक प्रमुख के चुनाव के लिए बृहस्पतिवार को पूर्वाह्न 11 बजे से अपराह्न तीन बजे तक नामांकन पत्र दाखिल करने का समय निर्धारित था और इसके बाद नामांकन पत्रों की जांच शुरू हुई। शुक्रवार को नामांकन पत्रों की वापसी और शनिवार 10 जुलाई को मतदान होना है।

इस बीच, सपा अध्‍यक्ष ने भाजपा पर आरोप लगाया कि सिद्धार्थनगर के इटवा ब्लॉक में पूर्व विधानसभा अध्यक्ष माता प्रसाद पाण्डेय के साथ दुर्व्‍यवहार किया गया और उनकी गाड़ी तोड़ दी गयी। उन्‍होंने हरदोई, सम्भल, बस्ती के गौर, झांसी के बड़ागांव, सीतापुर में कसमण्डा, कानपुर के बिल्हौर और शिवराजपुर सहित कई स्थानों पर सपा समर्थित प्रत्याशियों के नामांकन में भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा अवरोध पैदा करने का आरोप लगाया। यादव ने यह भी आरोप लगाया कि बहराइच में नामांकन के दौरान पुलिस ने सपा नेताओं पर लाठीचार्ज किया, जिससे पूर्व विधायक शब्बीर बाल्मीकि और जिलाध्यक्ष राम हर्ष यादव सहित कई कार्यकर्ता घायल हो गए। उन्होंने आरोप लगाया कि महाराजगंज के घुघली ब्लॉक के सपा समर्थित प्रत्याशी का पर्चा भाजपा नेताओं ने छीन लिया और घटना का विरोध करने पर सपा कार्यकर्ताओं को पीटा गया।

पूर्व मुख्यमंत्री ने मांग की कि उत्तर प्रदेश में जिन प्रत्याशियों का नामांकन नहीं हुआ है, उन्हें अवसर देकर नामांकन कराने की व्यवस्था की जाए अथवा पूरी प्रक्रिया फिर से की जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में संवैधानिक अधिकारों का हनन किया जा रहा है।

मायावती ने भाजपा पर जिला पंचायत अध्यक्ष, ब्लॉक प्रमुख के चुनाव में सत्ता के दुरूपयोग का आरोप लगाया

बहुजन समाज पार्टी (बसपा) सुप्रीमो मायावती ने शुक्रवार को कहा कि उत्तर प्रदेश पंचायत चुनाव में पहले जिला पंचायत अध्यक्ष और अब ब्लॉक प्रमुख के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा कथित तौर पर सत्ता और धनबल का घोर दुरुपयोग तथा हिंसा की घटनाएं राज्य में समाजवादी पार्टी (सपा) के शासन की अनेक यादें ताजा कराती हैं।

मायावती ने ट्वीट कर आरोप लगाया, 'उत्तर प्रदेश पंचायत चुनाव में भाजपा द्वारा पहले जिला पंचायत अध्यक्ष व अब ब्लॉक प्रमुख के चुनाव के दौरान भी सत्ता एवं धनबल का घोर दुरुपयोग तथा हिंसा की घटनाएं सपा शासन की अनेक यादें ताजा कराती हैं। इसीलिए बसपा ने इन दोनों चुनावों को नहीं लड़ने का फैसला किया है।'

मायावती ने कहा, 'अब जब उत्तर प्रदेश विधानसभा का चुनाव निकट है तो सपा प्रदेश की भाजपा सरकार के विरूद्ध जुबानी विरोध व आक्रामकता दिखा रही है जो घोर छलावा और अविश्वसनीय हैं, क्योंकि सत्ता के दुरुपयोग व हर कीमत पर चुनाव जीतने के इन्हीं हथकंडों के कारण सपा का पूरा शासनकाल चर्चाओं में रहा। जनता कुछ भी नहीं भूली।'

बसपा नेता ने कहा, 'साथ ही, बात-बात पर ‘हल्लाबोल’ के तेवर वाली सपा यहां के गरीबों, किसानों व बेरोजगारों के अधिकारों तथा दलितों, पिछड़ों व मुस्लिम समाज पर लगातार हो रहे अन्याय-अत्याचार व हिंसा आदि पर अब तक निष्क्रिय क्यों रही है? यह भी सोचने की बात है।'
 

(समाचार एजेंसी भाषा इनपुट के साथ )

UttarPradesh
Block chief elections
UP police
SP
BSP

Related Stories

बदायूं : मुस्लिम युवक के टॉर्चर को लेकर यूपी पुलिस पर फिर उठे सवाल

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

यूपी : आज़मगढ़ और रामपुर लोकसभा उपचुनाव में सपा की साख़ बचेगी या बीजेपी सेंध मारेगी?

ग्राउंड रिपोर्ट: चंदौली पुलिस की बर्बरता की शिकार निशा यादव की मौत का हिसाब मांग रहे जनवादी संगठन

यूपी में  पुरानी पेंशन बहाली व अन्य मांगों को लेकर राज्य कर्मचारियों का प्रदर्शन

क्या वाकई 'यूपी पुलिस दबिश देने नहीं, बल्कि दबंगई दिखाने जाती है'?

‘साइकिल’ पर सवार होकर राज्यसभा जाएंगे कपिल सिब्बल

मलियाना नरसंहार के 35 साल, क्या मिल पाया पीड़ितों को इंसाफ?

ख़ान और ज़फ़र के रौशन चेहरे, कालिख़ तो ख़ुद पे पुती है

मनरेगा मज़दूरों के मेहनताने पर आख़िर कौन डाल रहा है डाका?


बाकी खबरें

  • gautam navlakha
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    एल्गार परिषद: नवलखा को तलोजा जेल के 'अंडा सेल' में भेजा गया, सहबा हुसैन बोलीं- बिगड़ गई है तबीयत
    25 Oct 2021
    हुसैन ने पूछा- “नवलखा को उनके विचारों के लिए कब तक सताया जाएगा और अधिकारी उनकी विचारधारा को तोड़ने के लिए किस हद तक जाएंगे।''
  • skm
    लाल बहादुर सिंह
    किसान आंदोलन को उसके उन "शुभचिंतकों" से बचाना होगा जो संघ-भाजपा की भाषा बोल रहे हैं 
    25 Oct 2021
    जाहिर है मुद्दा  आधारित आंदोलन में सबका विचार हर प्रश्न पर एक हो, इसके लिए बाध्य नहीं किया जा सकता। लेकिन आंदोलन की unity in action हर हाल में बनी रहे, इसे बेशक सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
  • Sardar Udham
    हर्षवर्धन, अंकुर गोस्वामी
    सरदार उधम: एक अंतरराष्ट्रीय क्रांतिकारी की महागाथा
    25 Oct 2021
    निर्देशक ने निश्चित ही एक ऐतिहासिक किरदार के जीवन के अनछुए पहलुओं को दर्शाने  के लिए गहरा शोध किया है। फिल्म यह भली प्रकार से दिखाती है कि उधम सिंह, सिर्फ बदले की भावना से प्रेरित एक जोशीले नौजवान…
  • congress
    शुभम शर्मा, अजय सहारन
    क्रांतिकारी और कांग्रेस
    25 Oct 2021
    क्रांतिकारियों, कम्युनिस्टों और समाजवादियों ने कांग्रेस पार्टी को अलग दिशा के बजाय संपूर्ण बदलाव और प्रगतिशील दिशाओं के रास्ते पर आगे चलने के लिए हमेशा मजबूर किया है।
  • RASHEED KIDWAI
    शिरीष खरे
    चर्चा में नई किताब 'भारत के प्रधानमंत्री'
    25 Oct 2021
    कश्मीर पर नेहरू की नीति कितनी उचित है या अनुचित, यह समझने के लिए हमें वर्ष 1947 के अगस्त से अक्टूबर के महीनों में जाना होगा। और इसमें हमारी मदद कर सकती है, पत्रकार रशीद किदवई की नई पुस्तक 'भारत के…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License