NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
अपराध
भारत
राजनीति
यूपी: एक ही दिन में तीन नाबालिगों के साथ गैंगरेप, कहां है कानून? कहां है व्यवस्था?
लॉकडाउन के बीच पूर्वांचल के दो जिलों में एक ही दिन में घटी तीन गैंगरेप की घटनाओं ने प्रदेश में ‘बेहतर कानून व्यवस्था’ की एक बार फिर पोल खोल दी है। महिला सुरक्षा के तमाम दावे करने वाली बीजेपी की योगी आदित्यनाथ सरकार के वायदे हर स्तर पर खोखले साबित हो रहे हैं।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
15 May 2020
 गैंगरेप
'प्रतीकात्मक तस्वीर' फोटो साभार: न्यू इंडियन एक्सप्रेस

देश-दुनिया में जहां कोरोना का कहर जारी है तो वहीं उत्तर प्रदेश में महिलाओं और बच्चियों की स्थिति बद से बदतर होती जा रही है। ताजा मामला पूर्वांचल से सामने आया है, जहां एक ही दिन में दो जिलों में घटी तीन गैंगरेप की घटनाओं ने प्रदेश में लाचर कानून व्यवस्था की एक बार फिर पोल खोल दी है। कई मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक तीनों पीड़िता नाबालिग हैं और उनके साथ सामूहिक दुष्कर्म के अलावा मारपीट भी की गई है।

क्या है पूरा मामला?

‘द टाइम्स इंडिया’ में छपी रिपोर्ट के मुताबिक लॉकडाउन के बीच तीनों दुष्कर्म की ये घटनाएं मंगलवार, 12 मई की है। पहली दो वारदातों को गाज़ीपुर जिले के दो अलग-अलग गांवों में अंजाम दिया गया तो वहीं तीसरी घटना आज़मगढ़ के सिधारी से सामने आई है।

गहमर: घर से अगवा कर दलित बच्ची का गैंगरेप

एशिया के सबसे बड़ा गांव कहे जाने वाले गहमर के थाना क्षेत्र इलाके में पड़ने वाले बारा गांव में एक किशोरी के साथ गैंगरेप का मामला सामने आया है। कई  मीडिया रिपोर्ट्स और कुछ स्थानीय लोगों द्वारा पीड़िता को दलित भी बताया जा रहा है। पीड़िता का एक वीडियो क्लिप भी सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ है, जिसमें वो खुद अपनी आपबीती बता रही है कि उसे कैसे घर से अगवा कर पांच युवकों ने उसके साथ दुष्कर्म किया।

(न्यूज़क्लिक के पास ये वीडियो है लेकिन हम इसकी सत्यता की पुष्टि नहीं कर सकते, साथ ही सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार पीड़िता की पहचान उजागर न करने के नियम का पालन करते हुए हम इस क्लिप को यहां ख़बर में नहीं लगा रहे हैं।)

स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के मुताबिक मंगलवार की देर रात पीड़िता जब अपने घर में सो रही थी, तभी कुछ युवकों ने उसे अगवा कर लिया। इसके बाद वे पीड़िता को बगल के खाली पड़े एक मकान में ले गए और उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। पीड़िता के शोर मचाने पर आस-पास के लोगों की नींद खुल गई और कई लोगों ने मकान को घेराव कर लिया। जिसके बाद तीन आरोपी छत के रास्ते कूद कर फरार हो गए। जबकि दो आरोपियों को ग्रामीणों ने वहीं पकड़ लिया।

क्या कहना है पुलिस का?

पुलिस अधीक्षक गाजीपुर डॉ. ओमप्रकाश सिंह ने बुधवार को घटना स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस को 112 के माध्यम से सूचना मिली थी, पीड़ित पक्ष की तहरीर पर आरोपियों की शिनाख्त कर गिरफ्तारी कर ली गई है और कानूनी करवाई की जा रही है।

इस मामले के संबंध में गहमर थाना के एसएचओ विमल मिश्रा ने न्यूज़क्लिक को बताया, “सभी आरोपियों को पकड़ लिया गया है, छानबीन जारी है। पीड़िता का मेडिकल भी करवाया गया है। इसके अलावा सभी पक्षों का बयान ले लिया गया। उसी आधार पर कार्रवाई जारी है।”

मामले का राजनीति कनेक्शन

पीड़िता ने वायरल वीडियो में कुछ लोगों का नाम लिया है और पुलिस ने इस मामले में जिन आरोपियों को गिरफ्तार किया है उनमें शिवांश पांडेय, प्रकाश पांडेय, सोनू यादव, सत्येंद्र चौहान, सोनू राय के नाम शामिल हैं।

पत्रकार उत्कर्ष कुमार सिंह के अनुसार मीडिया इस बात को जानबूझ कर छिपा रही है कि आरोपी शिवांश पांडेय के पिता मुन्ना पांडेय स्थानीय बीजेपी नेता हैं। कुछ महीने पहले तक वो संघ के पदाधिकारी भी थे, विभाग सेवा प्रमुख के पद पर तैनात थे। विश्व हिंदू महासंघ जिसके राष्ट्रीय अध्यक्ष मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हैं, उससे भी जुड़े हुए हैं। साथ ही इस परिवार का एक व्यक्ति जज भी है।

एक अन्य पत्रकार के मुताबिक आरोपी सोनू यादव इससे पहले भी ट्रक लूट कांड में जेल जा चुका है। उसकी भी स्थानीय नेताओं के साथ अच्छी सांठगांठ है।

इस बाबत जब हमने एसएचओ से जानकारी मांगी तो उनका कहना था कि फिलहाल वो इस मामले में ज्यादा जानकारी नहीं दे सकते क्योंकि उनके पास समय का आभाव है।

इस मामले पर भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर आजाद रावण ने भी ट्वीट कर इसे प्रदेश सरकार की नाकामी बताया है। साथ ही गाज़ीपुर पुलिस से क्या कार्रवाई हुई है, इसका जवाब मांगा है।

Capture_18.JPG

दूसरा मामला

जमानिया : घर में घुसकर किया दुष्कर्म

प्राप्त जानकारी के मुताबिक गाज़ीपुर के जमानिया कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में मंगलवार, दोपहर 15 साल की नाबालिग बच्ची के साथ उसके घर में घुसकर गांव के ही तीन युवकों ने बलात्कार किया। देर रात पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस को दी जानकारी के अनुसार पीड़िता अपने घर में मां और बड़ी बहन के साथ रहती है। मंगलवार दोपहर जब मां और बड़ी बहन सामान खरीदने गांव में गई थीं। इस दौरान वह घर में अकेली थी। इसी बीच गांव के तीन युवक घर में घुस आए और पीड़िता के मुंह में कपड़ा ठूंसकर तीनों ने उसके साथ दुष्कर्म किया। जब मां-बहन वापस आईं तब पीड़िता ने उन्हें अपनी आपबीती सुनाई।

इसे भी पढ़े: यूपी: दलित महिला से सामूहिक बलात्कार, महिला सुरक्षा पर विफल योगी सरकार

क्या कार्रवाई हुई?

थाना प्रभारी निरीक्षक राजीव कुमार सिंह ने बताया कि पीड़िता की तहरीर पर तीन युवकों पर मुकदमा दर्ज किया गया है। एक आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है, वहीं दो अन्य की तलाश की जा रही है।

इस मामले के संज्ञान में आने के बाद बुधवार, 13 मई को पुलिस अधीक्षक ओमप्रकाश सिंह ने भी घटना स्थल का दौरा कर आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने का निर्देश दिया।

सिधारी: नाबालिग से निर्माणाधिन मकान में बलात्कार

मीडिया में आई खबर के अनुसार आज़मगढ़ के सिधारी थाना क्षेत्र में मंगलवार को ही एक निर्माणाधिन मकान में दो युवको ने एक नाबालिग का रेप किया। इसके बाद युवक पीड़िता को खुन से लथपत वहीं छोड़कर लापता हो गए। इसके बाद परिजनों ने किशोरी को गंभीर हालत में महिला अस्पताल में भर्ती करवाया।

सीओ सीटी इलामारन ने बताया कि पीड़िता के तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। दोनों फरार आरोपियों की तलाश जारी है।

इसे भी पढ़ें: लॉकडाउन के बीच भी नहीं थम रही यौन हिंसा, ललितपुर में नाबालिग़ से दुष्कर्म की कोशिश

महिला आयोग ने दिया कार्रवाई का भरोसा

उत्तर प्रदेश महिला आयोग ने तीनों घटनाओं पर संज्ञान लेते हुए संबंधित जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधिक्षक से इन मामलों की विस्तृत जांच रिपोर्ट मांगी है साथ ही सभी आरोपियों के जल्द गिरफ्तारी की मांग भी की है।

प्रदेश महिला आयोग की उपाध्यक्ष सुषमा सिंह ने न्यूज़क्लिक से बातचीत में कहा, “जिस दिन मामला समाचार पत्रों के माध्यम से हमारे सामने आया, हमने त्वरित कार्रवाई करते हुए जिलाधिकारी और पुलिस अधिक्षक से फोन और पत्र के माध्यम से संपर्क कर आरोपियों के तुरंत गिरफ्तारी की मांग की है। इस मामले में आयोग द्वारा डिटेल एक्शन रिपोर्ट भी मांगी गई है। साथ ही जिला प्रोबेशन अधिकारी भी वहां जाकर जांच से जुड़ी बातों की जानकारी देंगे। इसके अलावा हमारी नज़र इन सभी मामलों पर लगातार बनी हुई है। ऐसी घटनाएं भविष्य में न हो और सभी महिलाओं- बच्चियों को न्याय मिले, हम इसके लिए प्रतिबद्ध हैं। सोमवार, 18 मई को जब आयोग का दफ्तर ऑफिशियली खुल जाएगा, तब हम इस पर और सख्ती से काम करने में जुट जाएंगे।”

ये कैसा रामराज्य है, कहां है बेहतर कानून व्यवस्था?

बता दें कि इस वक्त पूरे देश में लॉकडाउन लागू है, चप्पे-चप्पे पर पुलिस और प्रशासन निगरानी कर रही है, इसके बावजूद प्रदेश में महिलाओं और बच्चों के साथ एक के बाद एक हो रहे अपराधों ने लोगों का सरकार और प्रशासन से विश्वास उठा दिया है। बेहतर क़ानून व्यवस्था और महिला सुरक्षा के तमाम दावे करने वाली बीजेपी की योगी आदित्यनाथ सरकार के “रामराज्य” के वायदे खोखले साबित हो रहे हैं।

समाजिक कार्यकर्ता प्रत्याक्षा सिन्हा बताती हैं, “सरकारें चाहें जितना कानून व्यवस्था का दावा कर लें हकीकत यही है कि सरकारों के अंदर ही खोखला प्रशासन है। ये लोग खुद अपराधियों को बचाने वाले हैं कुलदीप सिंह सेंगर और स्वामी चिंमयानंद का मामला हमारे सामने हैं। घिनौने अपराधों में भी पक्ष-विपक्ष, हिंदू-मुस्लिम की राजनीति करने लगते हैं। उनके मंत्री नारी विरोधी भाषण देते हैं और उनका कोई कुछ नहीं करता'। हाल ही में अभी हम सभी के सामने ललितपुर की घटना है, जहां एक नाबालिग का गांव के प्रधान ने रेप कर दिया। राष्ट्रीय महिला आयोग की रिपोर्ट कहती है कि लॉकडाउन के समय में सबसे अधिक महिलाओं के खिलाफ हिंसा की शिकायतें उत्तर प्रदेश से ही सामने आ रही हैं। यहां महिलाओँ की सुरक्षा का आलम ये है कि एनसीआरबी के आंकड़ें भी कहते हैं कि यहां औरतों के साथ अपराध सबसे ज्यादा होते हैं। फिर कैसा रामराज्य, कहां है बेहतर कानून व्यवस्था?”

इसे भी पढ़ें: तेलंगाना से यूपी तक : कहां है बेहतर कानून व्यवस्था, कहां है महिला सुरक्षा?

ग़ौरतलब है कि प्रदेश में बीजेपी की योगी सरकार 2017 से सत्ता में है लेकिन क़ानून-व्यवस्था के अन्य मोर्चों के साथ ही सरकार महिला सुरक्षा के मुद्दे पर भी नाकाम ही रही है। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार उत्तर प्रदेश में महिलाओं के प्रति अपराध पूरे देश में सबसे ज़्यादा हैं। पुलिस हर दो घंटे में बलात्कार का एक मामला दर्ज करती है, जबकि राज्य में हर 90 मिनट में एक बच्चे के ख़िलाफ़ अपराध की सूचना दी जाती है। 2018 में बलात्कार के 4,322 मामले दर्ज किए गए थे। जबकि नाबालिगों के मामलों में, 2017 में 139 के मुकाबले 2018 में 144 लड़कियों के बलात्कार के मामले सामने आए थे।

इसे भी पढ़ें: लॉकडाउन के चलते घरेलू हिंसा के मामले बढ़े, महिला उत्पीड़न में यूपी सबसे आगे

UttarPradesh
rape case
crimes against women
Women Rights
violence against women
women safety
UP police
Yogi Adityanath
BJP

Related Stories

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

मूसेवाला की हत्या को लेकर ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन, कांग्रेस ने इसे ‘राजनीतिक हत्या’ बताया

तेलंगाना एनकाउंटर की गुत्थी तो सुलझ गई लेकिन अब दोषियों पर कार्रवाई कब होगी?

चंदौली पहुंचे अखिलेश, बोले- निशा यादव का क़त्ल करने वाले ख़ाकी वालों पर कब चलेगा बुलडोज़र?

यूपी : महिलाओं के ख़िलाफ़ बढ़ती हिंसा के विरोध में एकजुट हुए महिला संगठन

2023 विधानसभा चुनावों के मद्देनज़र तेज़ हुए सांप्रदायिक हमले, लाउडस्पीकर विवाद पर दिल्ली सरकार ने किए हाथ खड़े

चंदौली: कोतवाल पर युवती का क़त्ल कर सुसाइड केस बनाने का आरोप

प्रयागराज में फिर एक ही परिवार के पांच लोगों की नृशंस हत्या, दो साल की बच्ची को भी मौत के घाट उतारा

रुड़की से ग्राउंड रिपोर्ट : डाडा जलालपुर में अभी भी तनाव, कई मुस्लिम परिवारों ने किया पलायन

हिमाचल प्रदेश के ऊना में 'धर्म संसद', यति नरसिंहानंद सहित हरिद्वार धर्म संसद के मुख्य आरोपी शामिल 


बाकी खबरें

  • Red Volunteers
    संदीप चक्रवर्ती
    बंगाल ट्रेन दुर्घटना के पीड़ितों की मदद करने के लिए आगे आये ‘रेड वालंटियर्स’
    15 Jan 2022
    जलपाईगुड़ी जिला अस्पताल में दुर्घटना में घायल यात्रियों को यथासंभव मदद पहुंचाने के लिए आपातकालीन स्थिति में रक्तदान करने के लिए करीब चालीस रेड वालंटियर्स फौरन पहुंचे।  
  • yogi
    एम.ओबैद
    दलितों के ख़िलाफ़ हमले रोकने में नाकाम रही योगी सरकार
    15 Jan 2022
    पिछले साल जारी एनसीआरबी के आंकड़ों के मुताबिक देश भर में उत्तर प्रदेश में साल 2020 में दलितों के खिलाफ सबसे अधिक आपराधिक मामले दर्ज किए गए। यहां 12,714 मामले (25.2 प्रतिशत) दर्ज किए गए थे।
  • tubnisia
    काथरिन स्काएर, तारक गुईज़ानी
    ट्यूनीशिया: पहली डिजिटल राजनीतिक सुझाव प्रक्रिया पर लोगों में मत-विभाजन
    15 Jan 2022
    नए संविधान पर लोगों से डिजिटल तरीके से राजनीतिक सुझाव बुलवाए गए हैं। यह ट्यूनीशिया के राष्ट्रपति काएस सईद का राजनीतिक संकट से निकलने का रास्ता हो सकता है। लेकिन सईद की मंशा की तरह, इस ऑनलाइन सुझाव…
  • Turkey
    एम. के. भद्रकुमार
    क्या अमेरिका और यूरोप के करीब आ रहा है तुर्की?
    15 Jan 2022
    लेकिन, हक़ीक़त यह है कि पश्चिम तुर्की को तो स्वीकार कर सकता है, लेकिन क्या वे एर्दोगन को स्वीकार करेगा?
  • covid
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 2,68,833 नए मामले, 402 मरीज़ों की मौत
    15 Jan 2022
    देश में एक्टिव मामलों की संख्या बढ़कर 3.85 फ़ीसदी यानी 14 लाख 17 हज़ार 820 हो गयी है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License