NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
यूपी: चुनावी समर में प्रधानमंत्री-मुख्यमंत्री का महिला सुरक्षा का दावा कितना सही?
सीएम योगी के साथ-साथ पीएम नरेंद्र मोदी भी आए दिन अपनी रैलियों में महिला सुरक्षा के कसीदे पढ़ते नज़र आ रहे हैं। हालांकि ज़मीनी हक़ीक़त की बात करें तो आज भी महिलाओं के ख़िलाफ़ अपराध के मामले में उत्तर प्रदेश टॉप पर है।
सोनिया यादव
05 Jan 2022
poster

"साल 2017 से पहले प्रदेश की बहन बेटियां असुरक्षित थीं। अब अपराधियों में कानून का खौफ है"

उत्तर प्रदेश में महिला सुरक्षा के बेहतर दावे करता ये विज्ञापन बीजेपी की योगी आदित्यनाथ सरकार का है। सीएम योगी सत्ता में आने के बाद से ही ज़ीरो टॉलरेंस, न्यूनतम अपराध और बेहतर कानून व्यवस्था का दावा करते रहे हैं। ऐसे में अब जब कुछ ही महीनों बाद प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने हैं, तो सीएम योगी के साथ-साथ पीएम नरेंद्र मोदी भी आए दिन अपनी रैलियों में महिला सुरक्षा के कसीदे पढ़ते नज़र आ रहे हैं। हालांकि जमीनी हकीकत की बात करें तो आज भी महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामले में उत्तर प्रदेश टॉप पर है।

राष्ट्रीय महिला आयोग के मुताबिक साल 2021 में महिलाओं के खिलाफ अपराध के सबसे ज्यादा मामले उत्तर प्रदेश से रिपोर्ट हुए, जो कुल शिकायतों का आधा से ज्यादा का आंकड़ा है। आयोग की हालिया जारी रिपोर्ट के अनुसार साल 2021 में महिलाओं के खिलाफ अपराध के 30 हजार से ज्यादा मामले सामने आए। जिसमें सबसे अधिक 15,828 शिकायत यूपी से थीं।

बता दें कि कुछ दिनों पहले ही मेरठ में चुनावी रैली को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि पांच साल पहले इसी मेरठ की बेटियां शाम होने के बाद अपने घर से निकलने में डरती थीं। आज मेरठ की बेटियां पूरे देश का नाम रोशन कर रही हैं। अब योगी आदित्यनाथ की सरकार अपराधियों के साथ जेल-जेल खेल रही है।

इसे भी पढ़ें: हाथरस मामले में सरकार और प्रशासन का दोहरा रवैया क्यों दिखाई पड़ता है?

प्रधानमंत्री-मुख्यमंत्री के दावे और ज़मीनी हक़ीक़त

इससे पहले इलाहाबाद, जिसे मोदी-योगी सरकार ने अब प्रयागराज बना दिया है, वहां आधी आबादी को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने दावा किया था, “5 साल पहले यूपी की सड़कों पर माफियाराज था! यूपी की सत्ता में गुंडों की हनक हुआ करती थी! इसका सबसे बड़ा भुक्तभोगी कौन था? मेरे यूपी की बहन बेटियां थीं। योगी जी ने इन गुंडों को उनकी सही जगह पहुंचाया है, आज यूपी में सुरक्षा भी है और अधिकार भी।

पीएम मोदी की तरह ही सीएम योगी भी महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण के तमाम दावे कर रहे हैं। लेकिन इन दावों की हकीकत क्या है? आइए आंकड़ों से समझने की कोशिश करते हैं…

नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो के मुताबिक, महिलाओं के खिलाफ सबसे ज्यादा क्राइम के आंकड़ें देखें तो यहां भी उत्तर प्रदेश टॉप पर है। यहां साल 2020 में महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराध के 49,385 मामले दर्ज कराये गये थे।

बलात्कार के मामले में भी उत्तर प्रदेश पूरे देश में दूसरे स्थान पर है। यानी राजस्थान के बाद उत्तर प्रदेश ही वो राज्य है जहां महिलाएं सबसे अधिक बलात्कार का शिकार हो रही हैं। साल 2020 में देश भर में बलात्कार के कुल 28046 मामले दर्ज किए गए, जिसमें से अकेले उत्तर प्रदेश में कुल 2,769 मामले दर्ज हुए।

ताजा आंकड़ों की बात करें तो यूपी के 16 जिलों में पिछले एक माह में 41 लड़कियों से रेप और छेड़छाड़ के संगीन मामले सामने आए। इनमें 33 नाबालिग हैं। सिर्फ एक माह में साढ़े 3 साल की बच्ची से लेकर 30 साल की महिला तक से रेप की खबरें सुर्खियां बटोर चुकी हैं।

और तो और जहां तक गुंडों को सही जगह पहुंचाने का दावा है तो उसकी भी सच्चाई जान ही लीजिए। एनसीआरबी 2020 के आंकड़ों के मुताबिक उत्तर प्रदेश हत्या के मामले में भी नंबर एक पर है। रिपोर्ट की माने तो साल 2020 में देश में कुल 29,193 हत्याएं हुईँ, जिसमें से अकेले उत्तर प्रदेश में 3,779 मामले दर्ज हुए। 2019 की तुलना में ये आंकड़ा ज्यादा है। ऐसे में प्रधानमंत्री का दावा कहां टिकता है? ये तो पीएम मोदी और उनकी टीम ही बता सकती है।

इसे भी पढ़ें: यूपी: प्रयागराज हत्या और बलात्कार कांड ने प्रदेश में दलितों-महिलाओं की सुरक्षा पर फिर उठाए सवाल!

दुष्कर्म और हत्या का बढ़ता ग्राफ, कहां है न्यूनतम अपराध!

अखबार के पन्ने पलटें तो पिछले एक हफ़्ते में ही महिलाओं के साथ रेप और हत्या जैसी क़रीब एक दर्जन घटनाएं सामने आ चुकी हैं। यह स्थिति तब है जबकि उत्तर प्रदेश में महिलाओं के साथ होने वाले अपराध पर लगाम लगाने की यूपी सरकार तमाम कोशिशें कर रही है और अपराध कम होने का दावा भी कर रही है।

यूपी में पिछले साल 17 अक्तूबर को राज्य सरकार ने महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के मक़सद से मिशन शक्ति अभियान की शुरुआत की थी। शारदीय नवरात्रि से लेकर बासंतिक नवरात्रि तक महिला सुरक्षा को लेकर जागरूकता के साथ-साथ महिलाओं के ख़िलाफ़ होने वाले अपराध को रोकने के लिए भी तमाम क़दम उठाने का लक्ष्य रखा गया था। अब इस अभियान के साल भर से ज्यादा समय होने के बाद भले ही सरकार इसकी सफलता का दावा कर रही हो लेकिन ज़मीनी सच्चाई इससे अलग है।

प्रदेश में आज भी महिलाओं के साथ न सिर्फ़ रेप और हत्या की घटनाएं लगातार हो रही हैं बल्कि ज़्यादातर मामलों में यह बात भी सामने आई है कि शुरुआती दौर में पुलिस ने एफ़आईआर दर्ज करने में हीला-हवाली की। अपराध भी जघन्य तरीक़े से हो रहे हैं। यानी अपराधियों में कोई ख़ौफ़ हो, यह भी नहीं दिख रहा है।

अभियान कई, लेकिन सफल एक भी नहीं

महिलाओं के साथ छेड़छाड़ की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए यूपी सरकार और पुलिस इससे पहले भी कई अभियान चला चुकी है लेकिन महिला सुरक्षा को लेकर सरकार अक्सर विपक्ष के निशाने पर रहती है। पिछले दिनों सरकार ने 'ऑपरेशन दुराचारी' नामक अभियान चलाने की भी बात कही थी जिसके तहत महिलाओं और बच्चियों के साथ दुष्कर्म या अन्य अपराध करने वालों के पोस्टर चौराहों पर लगाने की बात कही गई थी।

यही नहीं, यूपी में बीजेपी सरकार ने सत्ता में आते ही महिला सुरक्षा को लेकर एंटी रोमियो स्क्वाड्स का गठन किया था लेकिन न तो अपराधों में कमी आई और न ही एंटी रोमियो स्क्वाड्स की सक्रियता कभी ज़मीन पर दिखीष बल्कि यह एंटी रोमियो स्क्वाड अपनी विवादास्पद कार्रवाइयों को लेकर ही ज़्यादा चर्चा में रहा। पिछले साल हाथरस, बलरामपुर, आज़मगढ़ जैसी कई जगहों पर लगातार बलात्कार और हत्या की कई घटनाएं सामने आई थीं। जाहिर है यूपी सरकार ने तमाम अभियान तो चलाए, लेकिन यह अपराधियों में भय पैदा करने में बहुत सफल नहीं हुए।

इसे भी पढ़ें: यूपी : ‘न्यूनतम अपराध’ का दावा और आए दिन मासूमों साथ होती दरिंदगी!

महिलाओं की तरफ़ मुड़ रहा चुनावी समर

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश के चुनावी समर में हवा का रुख़ इस बार महिलाओं की तरफ़ मुड़ रहा है। शुरुआत कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने की और औरतों के लिए घोषणा पत्र जारी किया। 'लड़की हूं, लड़ सकती हूं' का नारा दिया और औरतों के लिए सुरक्षा, शिक्षा, रोज़गार समेत कई योजनाएं लाने का वादा किया। फिर अख़बारों में प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री आदित्यनाथ की तस्वीरों वाले विज्ञापन छपे और प्रयागराज में 'कन्या सुमंगला योजना' की शुरुआत की गई। समाजवादी पार्टी भी महिलाओं को लगातार केंद्र में रखकर योगी सरकार को घेर रही है। ऐसे में बहुत संभव है कि इस बार महिलाओं का मुद्दा चुनावी सियासत में हावी रहने वाला है।

इसे भी देखें:  चुनाव चक्र: आधी आबादी के सवाल; उज्ज्वला से आगे जहां और भी हैं...

Uttar pradesh
Yogi Adityanath
PM Narendra Modi
woman safety
UP Assembly Elections 2022
national commission for women
NCRB

Related Stories

आजमगढ़ उप-चुनाव: भाजपा के निरहुआ के सामने होंगे धर्मेंद्र यादव

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

उत्तर प्रदेश: "सरकार हमें नियुक्ति दे या मुक्ति दे"  इच्छामृत्यु की माँग करते हजारों बेरोजगार युवा

यूपी : आज़मगढ़ और रामपुर लोकसभा उपचुनाव में सपा की साख़ बचेगी या बीजेपी सेंध मारेगी?

श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही मस्जिद ईदगाह प्रकरण में दो अलग-अलग याचिकाएं दाखिल

ग्राउंड रिपोर्ट: चंदौली पुलिस की बर्बरता की शिकार निशा यादव की मौत का हिसाब मांग रहे जनवादी संगठन

जौनपुर: कालेज प्रबंधक पर प्रोफ़ेसर को जूते से पीटने का आरोप, लीपापोती में जुटी पुलिस

यूपी में  पुरानी पेंशन बहाली व अन्य मांगों को लेकर राज्य कर्मचारियों का प्रदर्शन

उपचुनाव:  6 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश में 23 जून को मतदान

UPSI भर्ती: 15-15 लाख में दरोगा बनने की स्कीम का ऐसे हो गया पर्दाफ़ाश


बाकी खबरें

  • putin
    एपी
    रूस-यूक्रेन युद्ध; अहम घटनाक्रम: रूसी परमाणु बलों को ‘हाई अलर्ट’ पर रहने का आदेश 
    28 Feb 2022
    एक तरफ पुतिन ने रूसी परमाणु बलों को ‘हाई अलर्ट’ पर रहने का आदेश दिया है, तो वहीं यूक्रेन में युद्ध से अभी तक 352 लोगों की मौत हो चुकी है।
  • mayawati
    सुबोध वर्मा
    यूपी चुनाव: दलितों पर बढ़ते अत्याचार और आर्थिक संकट ने सामान्य दलित समीकरणों को फिर से बदल दिया है
    28 Feb 2022
    एसपी-आरएलडी-एसबीएसपी गठबंधन के प्रति बढ़ते दलितों के समर्थन के कारण भाजपा और बसपा दोनों के लिए समुदाय का समर्थन कम हो सकता है।
  • covid
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 8,013 नए मामले, 119 मरीज़ों की मौत
    28 Feb 2022
    देश में एक्टिव मामलों की संख्या घटकर 1 लाख 2 हज़ार 601 हो गयी है।
  • Itihas Ke Panne
    न्यूज़क्लिक टीम
    रॉयल इंडियन नेवल म्युटिनी: आज़ादी की आखिरी जंग
    28 Feb 2022
    19 फरवरी 1946 में हुई रॉयल इंडियन नेवल म्युटिनी को ज़्यादातर लोग भूल ही चुके हैं. 'इतिहास के पन्ने मेरी नज़र से' के इस अंग में इसी खास म्युटिनी को ले कर नीलांजन चर्चा करते हैं प्रमोद कपूर से.
  • bhasha singh
    न्यूज़क्लिक टीम
    मणिपुर में भाजपा AFSPA हटाने से मुकरी, धनबल-प्रचार पर भरोसा
    27 Feb 2022
    मणिपुर की राजधानी इंफाल में ग्राउंड रिपोर्ट करने पहुंचीं वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह। ज़मीनी मुद्दों पर संघर्षशील एक्टीविस्ट और मतदाताओं से बात करके जाना चुनावी समर में परदे के पीछे चल रहे सियासी खेल…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License