NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
यूपी: डिप्टी सीएम केशव मौर्य पर फ़र्ज़ी डिग्री का आरोप कितना चिंताजनक है?
भाजपा के वरिष्ठ नेता और आरटीआई एक्टिविस्ट दिवाकर त्रिपाठी ने एक याचिका दाखिल कर डिप्टी सीएम केशव मौर्य के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने पांच अलग-अलग चुनावों में फर्जी डिग्री के इस्तेमाल के आरोप के अलावा कथित फर्जी डिग्री के आधार पर एक पेट्रोल पंप हासिल करने का भी आरोप लगाया।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
12 Aug 2021
केशव मौर्य

बीजेपी नेताओं और फर्जी डिग्रियों का कुछ अलग ही कनेक्शन है। पहले स्मृति ईरानी, फिर रमेश पोखरियाल निशंक और अब यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य इसके चलते सुर्खियों में आ गए हैं। केशव प्रसाद मौर्य की डिग्री पर किसी और ने नहीं बल्कि उन्हीं की पार्टी बीजेपी के वरिष्ठ नेता और आरटीआई एक्टिविस्ट दिवाकर नाथ त्रिपाठी ने सवालिया निशान लगाए हैं।

आपको बता दें कि दिवाकर ने बकायदा एफआईआर का आदेश देने के लिए अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट नम्रता सिंह की अदालत में अर्जी दी थी। अर्जी दंड प्रक्रिया संहिता यानी सीआरपीसी की धारा 156 (3) के अंतर्गत दायर की गई थी। जिस पर कोर्ट ने दिवाकर के वकील उमाशंकर चतुर्वेदी की दलीलों को सुनकर पुलिस को जांच का आदेश दिया है।

क्या है पूरा मामला?

ये तो सब जानते हैं कि उत्तर प्रदेश बीजेपी का सबसे बड़ा ओबीसी चेहरा केशव प्रसाद मौर्य 2012 में सिराथू सीट से विधायक चुने गए थे। 2014 में उन्होंने लोकसभा का चुनाव प्रयागराज की फूलपुर सीट से लड़ा, और 3 लाख वोटों से जीतकर संसद पहुंचे। लेकिन 2017 में उन्हें यूपी की विधान परिषद में मनोनीत कर के डिप्टी सीएम बनाया गया।

लेकिन शायद ये कम ही लोग जानते होंगे कि 2007 में प्रयागराज पश्चिम विधानसभा क्षेत्र से केशव प्रसाद मौर्य ने चुनाव लड़ा था। इसके अलावा भी उन्होंने कई चुनाव लड़े हैं। दिवाकर के मुताबिक इन चुनावों में शैक्षिक प्रमाण पत्रों के तौर पर उन्होंने हिंदू साहित्य सम्मेलन की ओर से जारी प्रथमा, द्वितीया आदि की डिग्री लगाई गई है। दिवाकर का दावा है कि ये डिग्री मान्य नहीं हैं और पूरी तरह से फर्जी हैं। डिप्टी सीएम पर ये भी आरोप लगाया गया है कि उन्‍होंने इंडियन ऑयल का एक पेट्रोल पंप कथित रूप से फर्जी सर्टिफिकेट के आधार पर हासिल किया है।

प्रार्थना पत्र में यह भी आरोप लगाया गया है कि शैक्षणिक प्रमाण पत्र में अलग-अलग वर्ष अंकित हैं तथा इनकी मान्यता नहीं है। स्थानीय थाना, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से लेकर उत्तर प्रदेश सरकार तथा केंद्र सरकार के विभिन्न अधिकारियों, मंत्रालयों को प्रार्थना पत्र दिए गए हैं परंतु मुकदमा दर्ज नहीं होने के कारण अदालत में प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया है।

कोर्ट ने प्रारंभिक जांच को ज़रूरी माना

इस पूरे मामले पर बुधवार, 11 जुलाई को प्रयागराज की सीजेएम कोर्ट ने जांच के आदेश जारी कर दिए। कोर्ट ने प्रयागराज की कैंट थाना पुलिस को आदेश दिए हैं कि वो केशव मौर्य के शैक्षिक प्रमाण पत्रों की प्रारंभिक जांच करें और कोर्ट में रिपोर्ट पेश करें। इसके साथ ही प्रयागराज की अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट नम्रता सिंह ने पुलिस की रिपोर्ट पर अगली सुनवाई के लिए 25 अगस्त की तारीख दे दी है।

अदालत ने कहा कि इस प्रकरण में फर्जी मार्कशीट के उपयोग करने का आरोप लगाया गया है। जिसे लेकर उच्चतम न्यायालय द्वारा यह व्यवस्था दी गई है कि प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराने का आदेश रूटीन तौर पर नहीं पारित करना चाहिए, आदेश पारित करने के पूर्व प्रारंभिक जांच कराई जा सकती है। इसलिए इस प्रकरण में प्रारंभिक जांच जरूरी है।

मालूम हो कि एसीजेएम कोर्ट ने यह आदेश सुप्रीम कोर्ट द्वारा प्रियंका श्रीवास्तव बनाम स्टेट ऑफ यूपी मामले में दिए गए फैसले के आधार पर दिया है। 19 मार्च 2015 को सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस दीपक मिश्रा ने इस मामले में फैसला सुनाया था।

बिंदुवार जांच रिपोर्ट दाखिल करेगी पुलिस

लाइव हिंदुस्तान की खबर के मुताबिक पुलिस को जिन बिंदुओं पर तहकीकात करनी है उनमें पहला है कि क्या हिंदी साहित्य सम्मेलन द्वारा डिप्टी सीएम को जारी मध्यमा द्वितीय वर्ष की डिग्री प्रमाणित है?

जांच का दूसरा बिंदु यह है कि क्या आरोपों के मुताबिक कथित फर्जी प्रमाण पत्रों का चुनावी शपथ पत्रों में इस्तेमाल किया गया है या नहीं? 

इसके साथ ही कोर्ट ने डिप्‍टी सीएम पर पेट्रोल पंप हासिल करने के लिए हाईस्कूल के फर्जी प्रमाण पत्र के इस्तेमाल के आरोप की भी जांच का निर्देश दिया है।

अक्सर ही सुर्खियों में रहते हैं केशव प्रसाद मौर्य

गौरतलब है कि ये पहली बार नहीं है जब केशव प्रसाद मौर्य सुर्खियों में हैं। खबर लिखते वक्त भी बाढ़ प्रभावित इलाकों के हवाई सर्वेक्षण को लेकर खबरों में छाए हुए हैं। वो अक्सर विपक्ष पर निशाना साधते-साधते खुद ही ट्रोल हो जाते हैं। कभी स्वतंत्रता सेनानी बाल गंगाधर तिलक की बरसी लाला लाजपत राय की फोटो लगाकर उन्हें श्रद्धांजलि दे देते हैं, तो कभी उत्तर प्रदेश की राजनीति को द्रौपदी चीरहरण से जोड़ देते हैं।

वैसे राजनीति के जानकारों के अनुसार डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और सीएम योगी आदित्यनाथ के रिश्ते, शुरुआत से ही काफी असहज बताए जाते रहे हैं। बीजेपी नेतृत्व इसे भले ही मीडिया जनित भ्रम बताता रहा हो, लेकिन दोनों के बीच की तल्खी वक्त-वक्त पर दिखती रही है। केशव मौर्य 2017 में सीएम पद की रेस में सबसे आगे बताए जा रहे थे, लेकिन तभी योगी आदित्यनाथ के नाम का ऐलान हो गया। अब एक बार फिर विधानसभा चुनाव सिर पर है, ऐसे में केशव प्रसाद मौर्य के लिए एक नई परेशानी जरूर खड़ी होती दिख रही है।

UttarPradesh
Keshav Maurya
Deputy-chief-ministers
Fake Degree
BJP

Related Stories

बदायूं : मुस्लिम युवक के टॉर्चर को लेकर यूपी पुलिस पर फिर उठे सवाल

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !


बाकी खबरें

  • न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 975 नए मामले, 4 मरीज़ों की मौत  
    16 Apr 2022
    देश की राजधानी दिल्ली में कोरोना के बढ़ते मामलो ने चिंता बढ़ा दी है | दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि सरकार कोरोना पर अपनी नजर बनाए रखे हुए हैं, घबराने की जरूरत नहीं। 
  • सतीश भारतीय
    मध्यप्रदेश: सागर से रोज हजारों मरीज इलाज के लिए दूसरे शहर जाने को है मजबूर! 
    16 Apr 2022
    सागर के बुन्देलखण्ड मेडिकल कॉलेज में सुपर स्पेशियलिटी की सुविधा नहीं है। जिससे जिले की आवाम बीमारियों के इलाज के लिए नागपुर, भोपाल और जबलपुर जैसे शहरों को जाने के लिए बेबस है। 
  • शारिब अहमद खान
    क्या यमन में युद्ध खत्म होने वाला है?
    16 Apr 2022
    यमन में अप्रैल माह में दो अहम राजनीतिक उथल-पुथल देखने को मिला, पहला युद्धविराम की घोषणा और दूसरा राष्ट्रपति आबेद रब्बू मंसूर हादी का सत्ता से हटना। यह राजनीतिक बदलाव क्या यमन के लिए शांति लेकर आएगा ?
  • ओमैर अहमद
    मंडल राजनीति को मृत घोषित करने से पहले, सीएए विरोध प्रदर्शनों के दौरान अंबेडकर की तस्वीरों को याद करें 
    15 Apr 2022
    ‘मंदिर’ की राजनीति ‘जाति’ की राजनीति का ही एक दूसरा स्वरूप है, इसलिए उत्तर प्रदेश के चुनाव ने मंडल की राजनीति को समाप्त नहीं कर दिया है, बल्कि ईमानदारी से इसके पुनर्मूल्यांकन की ज़रूरत को एक बार फिर…
  • सोनिया यादव
    बीएचयू: लाइब्रेरी के लिए छात्राओं का संघर्ष तेज़, ‘कर्फ्यू टाइमिंग’ हटाने की मांग
    15 Apr 2022
    बीएचयू में एक बार फिर छात्राओं ने अपने हक़ के लिए की आवाज़ बुलंद की है। लाइब्रेरी इस्तेमाल के लिए छात्राएं हस्ताक्षर अभियान के साथ ही प्रदर्शन कर प्रशासन पर लड़कियों को शिक्षा से वंचित रखने का आरोप…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License