NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
मज़दूर-किसान
भारत
राजनीति
यूपीः बीजेपी नेताओं का विरोध जारी, गांव से बैरंग लौटा रहे हैं किसान
चुनावी राज्य उत्तर प्रदेश में कई मौकों पर विभिन्न मुद्दों के लेकर लोगों ने बीजेपी नेताओं का विरोध किया है। चाहे कृषि कानून का मामला या कोई दूसरा क्षेत्रीय या राष्ट्रीय मामला इन सबको लेकर इन नेताओं को विरोध का सामना करना पड़ा है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
22 Jan 2022
vikram

चुनावी राज्य उत्तर प्रदेश में कई मौकों पर विभिन्न मुद्दों के लेकर लोगों ने बीजेपी नेताओं का विरोध किया है। चाहे कृषि कानून का मामला या कोई दूसरा क्षेत्रीय या राष्ट्रीय मामला, इन सबको लेकर इन नेताओं को विरोध का सामना करना पड़ा है। बीते कुछ वर्षों में प्रदेश के कई गांवों में तो नाराज लोगों ने बीजेपी नेताओं के प्रवेश के विरोध में पोस्टर ही लगा दिए। कहीं कहीं तो लोगों ने इन नेताओं को खदेड़ा भी है।

विक्रम सैनी को खदेड़ा

दो दिन पहले मुजफ्फरनगर में बीजेपी विधायाक और मुजफ्फरनगर के खतौली विधानसभा सीट के प्रत्याशी विक्रम सैनी को लोगों के विरोध का सामना करना पड़ा। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक प्रचार के लिए गए सैनी अपने क्षेत्र के गांव मनव्वर पुर में एक मीटिंग के लिए पहुंचे थे। ग्रामीणों ने उनका इतना विरोध किया कि आखिर में उन्हें वहां से जाना पड़ गया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ जिसमें विधायक विक्रम सैनी गाड़ी में बैठकर हाथ जोड़ते हुए जाते हुए दिखाई पड़ रहे हैं।

#Watch: Villagers chase #BJPMLA Vikram Saini from his constituency.

Reportedly, #VikramSaini had reached for a meeting in his village Manavvarpur.#UPElections2022 #UttarPradesh #News #KhatauliAssembly pic.twitter.com/hXOn2hvdli

— Free Press Journal (@fpjindia) January 20, 2022

संजीव बालियान का विरोध

पिछले साल पश्चिमी यूपी के तमाम गांवों में कृषि बिल से नाराज किसान बीजेपी नेताओं का विरोध किया था। फरवरी महीने में मुजफ्फरनगर के सोरम गांव में मंत्री संजीव बालियान पर लोगों ने हमला कर दिया था। संजीव बालियान मुजफ्फरनगर से ही सांसद हैं। शामली के भैंसवाल गांव में भी संजीव बालियान के पहुंचने पर किसानों ने उनके खिलाफ नारेबाजी की थी। किसानों का कहना था कि जब तक तीनों काले कृषि कानून वापस नहीं होंगे, एमएसपी की गारंटी नहीं मिलेगी, गन्ने की कीमत नहीं मिलेगी, समय पर भुगतान नहीं होगा और किसानों के खिलाफ दर्ज किए गए मुकदमे वापस नहीं होंगे तब तक इन लोगों का गांव में घुसना कठिन होगा।

इतना ही नहीं बीते साल जब संजीव बालियान शामली में लिसद गांव में गठवाला खाप के चौधरी बाबा हरिकिशन से मिलने गए थे तो वहां भी उन्हें विरोध का सामना करना पड़ा था।

बीजेपी नेताओं के ख़िलाफ़ नारेबाज़ी

पिछले साल मार्च महीने में ग्रेटर नोएडा के बिसाहड़ा गांव में भी बीजेपी नेताओं का जमकर लोगों ने विरोध किया था। योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में बीजेपी सरकार के चार साल पूरा होने पर बीजेपी नेता यहां सरकार की उपलब्धियों को गिनाने के लिए जनसभा करने पहुंचे थे तभी गामीणों ने बीजेपी नेताओं के खिलाफ नारेबाजी की थी। इस जनसभा में भारतीय जनता पार्टी के स्थानीय विधायक, नेता और पश्चिम उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष मोहित बेनीवाल भी इस कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। इस दौरान स्थानीय लोगों ने बीजेपी नेताओं का जमकर विरोध किया था। गामीणों ने कृषि कानून और दनकौर ब्लॉक को खत्म करने को लेकर विरोध किया था।

अमरोहा में प्रवेश पर रोक

वर्ष 2020 के सितंबर महीने में अमरोहा के गांव रसूलपुर माफी में कृषि बिल के विरोध में नाराज लोगों ने बीजेपी नेताओं की नो एंट्री का बोर्ड लगा दिया था। पुलिस ने इस बोर्ड को पुतवा दिया था जिसके बाद लोग बेहद नाराज हो गए थे।

बिजनौर में चेतावनी बोर्ड

यूपी के बिजनौर जिले में भी अक्टूबर 2018 में किसानों ने बास्टा क्षेत्र के गांवों में बीजेपी के नेताओं के खिलाफ चेतावनी का बोर्ड लगा दिया था जिसमें लिखा था भाजपा वालों का किसान गांव में आना सख्त मना है। यूपी बॉर्डर पर किसान क्रांति यात्रा के दौरान किसानों पर हुए लाठीचार्ज से किसान बेहद नाराज थे। भाकियू की किसान क्रांति यात्रा के दौरान यूपी बॉर्डर पर पहुंचने पर प्रशासन ने किसानों को दिल्ली में घुसने नहीं दिया था और निहत्थे किसानों पर पानी की बौछार की थी और आंसू गैस के गोले छोड़े थे साथ ही उन पर लाठीचार्ज भी किया था। इससे किसानों का गुस्सा फूट पड़ा था। बास्टा क्षेत्र के गांव संसारपुर में गांव वालों ने गांव में बीजेपी के खिलाफ वॉल पेंटिग भी करा दी थी।

मुजफ्फरनगर के बवाना गांव में जलनिकासी समेत अन्य मुद्दों को लेकर नाराज ग्रामीणों ने बवाना गांव में बीजेपी नेताओं के प्रवेश पर भी रोक लगा दी थी।

बागपत में आने पर रोक

अक्टूबर 2018 में बागपत के धनौरा गांव के किसानों ने गांव के बाहर बोर्ड लगा दिया था कि बीजेपी वालों का इस गांव में आना सख्त मना है। इतना ही नहीं इस बोर्ड पर लिख दिया था कि गांव में अगर घुसे तो जान-माल एवं वाहन की स्वयं रक्षा करें। ग्रामीणों ने घोषणा की थी कि भाजपा का विरोध करेंगे क्योंकि भाजपा ने किसानों को दिल्ली में नहीं घुसने दिया था, इसलिए वह भाजपा नेताओं को गांव में नहीं घुसने देंगे।

image

बीजेपी वालों का आना सख़्त मना

उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा के गांव कचैड़ा वसाराबाद में अक्टूबर 2018 में किसानों ने बीजेपी नेताओं के गांव में आने पर रोक लगा दी थी। किसानों ने गांव के बाहर एक बैनर लगा दिया था जिस पर लिखा है कि ‘बीजेपी वालों का आना इस गांव में सख्त मना है। साथ ही बैनर पर ये भी लिखा था कि इस गांव को सांसद महेश शर्मा द्वारा गोद लिया गया था।

गांव के लोग बीजेपी नेताओं से इसलिए नाराज थे कि इस गांव के किसानों की फसलों को मशीनों द्वारा कुचल कर बर्बाद कर दिया गया था। उनका कहना था कि कुछ दिन पहले 25-30 मशीनों से इन लोगों ने हमारी फसलों को कुचल कर बर्बाद कर दिया। हमने फसल छह महीने पहले बोई थी। गांव को सौ से अधिक पुलिस वालों ने घेर लिया था इससे कोई कुछ नहीं कर सका। विरोध करने पर लाठीचार्ज किया गया था और लाखों रुपए की फसल को बर्बाद कर दिया गया था।

BJP
kisan
Farmes vs BJP
Vikram Saini
Sanjeev Balyan

Related Stories

किसानों और सत्ता-प्रतिष्ठान के बीच जंग जारी है

तमिलनाडु: छोटे बागानों के श्रमिकों को न्यूनतम मज़दूरी और कल्याणकारी योजनाओं से वंचित रखा जा रहा है

आख़िर किसानों की जायज़ मांगों के आगे झुकी शिवराज सरकार

किसान-आंदोलन के पुनर्जीवन की तैयारियां तेज़

MSP पर लड़ने के सिवा किसानों के पास रास्ता ही क्या है?

सार्वजनिक संपदा को बचाने के लिए पूर्वांचल में दूसरे दिन भी सड़क पर उतरे श्रमिक और बैंक-बीमा कर्मचारी

झारखंड: केंद्र सरकार की मज़दूर-विरोधी नीतियों और निजीकरण के ख़िलाफ़ मज़दूर-कर्मचारी सड़कों पर उतरे!

दो दिवसीय देशव्यापी हड़ताल को मिला व्यापक जनसमर्थन, मज़दूरों के साथ किसान-छात्र-महिलाओं ने भी किया प्रदर्शन

देशव्यापी हड़ताल का दूसरा दिन, जगह-जगह धरना-प्रदर्शन

ग़ौरतलब: किसानों को आंदोलन और परिवर्तनकामी राजनीति दोनों को ही साधना होगा


बाकी खबरें

  • covid
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 11,499 नए मामले, 255 मरीज़ों की मौत
    26 Feb 2022
    देश में एक्टिव मामलों की संख्या घटकर 0.28 फ़ीसदी यानी 1 लाख 21 हज़ार 881 हो गयी है।
  • up elections
    रवि शंकर दुबे
    यूपी चुनाव, पांचवां चरण: अयोध्या से लेकर अमेठी तक, राम मंदिर पर हावी होगा बेरोज़गारी का मुद्दा?
    26 Feb 2022
    पांचवें चरण के चुनावों में अयोध्या, प्रयागराज और चित्रकूट.... तीन-तीन धर्म नगरी शामिल हैं, जो हमेशा से चुनावों में भाजपा का बड़ा हथियार रही हैं, इसके बावजूद इस बार बेरोज़गारी और महंगाई भाजपा के लिए…
  • pak
    श्रिया सिंह
    पाकिस्तानी छात्रों का छात्र संगठन पर प्रतिबंध के ख़िलाफ़ जारी संघर्ष को सिंह प्रांत में मिली बड़ी जीत
    26 Feb 2022
    क़रीब 38 साल पहले जनरल ज़िया उल हक़ की सैन्य तानाशाही सरकार के दौरान छात्र संगठनों पर प्रतिबंध लगाया गया था। अब अगर सिंध के गवर्नर इमरान इस्माइल सिंध स्टूडेंट यूनियंस बिल 2019 पर हस्ताक्षर कर देते हैं…
  • human
    संदीपन तालुकदार
    सबसे बड़ा फ़ैमिली ट्री बनने से आसान हुई पलायन और वंशावली की खोज
    26 Feb 2022
    शोधकर्ताओं ने जेनेटिक्स का इस्तेमाल कर अब तक का सबसे बड़ा फ़ैमिली ट्री तैयार किया है। इसके बनने से पूर्वजों की जानकारी और अभी जो ज़िंदा हैं उनसे उनके संबंधों के बारे में जानकारी मिलना आसान हो गया है।
  • chunav chakra
    न्यूज़क्लिक टीम
    चुनाव चक्र: उत्तर प्रदेश का आधे से ज़्यादा रास्ता तय, मणिपुर में भी वोट की जंग
    25 Feb 2022
    इस बार उत्तर ही नहीं पूर्वोत्तर में भी वोट की जंग है। उत्तर प्रदेश अपने चार चरण पूरे कर चुका है और 27 फरवरी को पांचवें चरण का वोट करेगा, जबकि पूर्वोत्तर का अहम राज्य मणिपुर पहले चरण के मतदान के लिए…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License