NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
उत्पीड़न
कोविड-19
स्वास्थ्य
विज्ञान
भारत
राजनीति
यूपी: योगी के दावे के उलट राज्य के कई अस्पतालों में ऑक्सीजन की किल्लत
एएमयू के मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन की किल्लत जबकि आगरा के अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी से 8 लोगों की मौत की खबर है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
28 Apr 2021
Yogi

कोरोना की इस दूसरी लहर की भयावह तस्वीरें देश के हर राज्य से आ रही हैं। उत्तर प्रदेश भी इस महामारी की चपेट में है। यूं तो सूबे के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने दावा करते हुए कहा था कि उत्तर प्रदेश में न तो ऑक्सीजन की किल्लत है न दवाइयों की कमी है और न ही अस्पतालों में बेड की दिक्कत है। लेकिन इन दावों की जमीनी पड़ताल कुछ और ही कहानी कहती है। आजतक के एक रिपोर्ट के मुताबिक़ आगरा के पारस अस्पताल में तो 8 मरीजों की ऑक्सीजन की किल्लत के चलते मौत हो गई है। जबकि अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) स्थित जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में मरीजों को दी जाने वाली ऑक्सीजन की किल्लत पैदा हो रही है।

मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य प्रोफेसर शाहिद अली सिद्दीकी ने बुधवार को 'पीटीआई-भाषा' को बताया "अस्पताल को पिछले चार दिनों से एक भी ऑक्सीजन सिलिंडर नहीं मिला है और अब हम अपने लिक्विड ऑक्सीजन उत्पादन के तीन संयंत्रों पर पूरी तरह निर्भर हैं। उनमें से दो में ऑक्सीजन बनाने के लिए कच्चे माल की आपूर्ति का इंतजार है।" सिद्दीकी ने बताया कि जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में 273 मरीज भर्ती हैं। उनमें से 63 कोविड-19 संक्रमित हैं और 140 में इस संक्रमण के लक्षण मौजूद हैं। बाकी बचे 70 मरीज नॉन कोविड मरीज भी गंभीर हालत में भर्ती हैं और उन्हें भी आवश्यकतानुसार ऑक्सीजन दी जा रही है।

उन्होंने बताया "ट्रॉमा सेंटर में स्थित हमारे दो लिक्विड ऑक्सीजन प्लांट में बस कुछ घंटों की आपूर्ति लायक ऑक्सीजन है। हम उम्मीद करते हैं आज हमें कच्चे माल की आपूर्ति हो जाएगी, जिसके बाद दो प्लांट में ऑक्सीजन का उत्पादन शुरू हो जाएगा।" सिद्दीकी ने बताया कि तीसरा ऑक्सीजन प्लांट विश्वविद्यालय के पुराने भवन में स्थित है जहां चौबीसों घंटे ऑक्सीजन का उत्पादन किया जा रहा है।

इस बीच, एएमयू के कुलपति प्रोफेसर तारिक मंसूर ने बुधवार को कहा कि विश्वविद्यालय अगले 30 दिन में एक नया ऑक्सीजन उत्पादन संयंत्र स्थापित करेगा। यह नया प्लांट ऑक्सीजन सिलिंडर को रिफिल करने का काम भी करेगा।

इधर, अलीगढ़ के सांसद सतीश गौतम ने संवाददाताओं को बताया कि उनकी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से टेलीफोन पर बात हुई है और उन्होंने आश्वासन दिया है कि बोकारो से ऑक्सीजन लदे ट्रक रवाना हो चुके हैं जिनसे अलीगढ़, मथुरा तथा आगरा में ऑक्सीजन की जरूरतों को पूरा किया जाएगा।

सांसद ने कहा कि मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया है कि ऑक्सीजन की किल्लत को जल्द खत्म कर दिया जाएगा।

ऑक्सीजन संकट का सामना कर रहे अस्पतालों और मरीजों की खबरों के बीच, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों से सोशल मीडिया पर फेक न्यूज और “अफवाहें” फैलाने वाले व ‘माहौल खराब’ करने वाले लोगों की संपत्ति को जब्त करने और राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के तहत कार्रवाई करने का आदेश दिया है। अपनी छवि सुधारने की कोशिश में लगे योगी आदित्यनाथ ने दवा व ऑक्सीजन की कमी नहीं होने की बात कही, लेकिन सीएम के दावे के की ज़मीनी हक़ीक़त उनकी पोल खोल रहा है।

(समाचार एजेंसी भाषा इनपुट के साथ )

Yogi Adityanath
yogi government
COVID-19
Coronavirus
Lack of oxygen
Oxygen Supply

Related Stories

UPSI भर्ती: 15-15 लाख में दरोगा बनने की स्कीम का ऐसे हो गया पर्दाफ़ाश

योगी सरकार द्वारा ‘अपात्र लोगों’ को राशन कार्ड वापस करने के आदेश के बाद यूपी के ग्रामीण हिस्से में बढ़ी नाराज़गी

चंदौली पहुंचे अखिलेश, बोले- निशा यादव का क़त्ल करने वाले ख़ाकी वालों पर कब चलेगा बुलडोज़र?

चंदौली: कोतवाल पर युवती का क़त्ल कर सुसाइड केस बनाने का आरोप

प्रयागराज में फिर एक ही परिवार के पांच लोगों की नृशंस हत्या, दो साल की बच्ची को भी मौत के घाट उतारा

उत्तर प्रदेश: योगी के "रामराज्य" में पुलिस पर थाने में दलित औरतों और बच्चियों को निर्वस्त्र कर पीटेने का आरोप

यूपी से लेकर बिहार तक महिलाओं के शोषण-उत्पीड़न की एक सी कहानी

यूपी चुनाव: छुट्टा पशुओं की बड़ी समस्या, किसानों के साथ-साथ अब भाजपा भी हैरान-परेशान

यूपी: बुलंदशहर मामले में फिर पुलिस पर उठे सवाल, मामला दबाने का लगा आरोप!

भारत में हर दिन क्यों बढ़ रही हैं ‘मॉब लिंचिंग’ की घटनाएं, इसके पीछे क्या है कारण?


बाकी खबरें

  • modi
    अरुण कुमार त्रिपाठी
    और कितना विष पीएंगे बाबा विश्वनाथ!
    17 Dec 2021
    हमारी राजनीति शिव मंदिर में पूजा अर्चना और उसका दिखावा करना तो जानती है लेकिन वह अपने धर्म और संस्कृति के महान आदर्शों से अनभिज्ञ है। इस बात को इस देश की भोली भाली और धर्मभीरु जनता जितनी जल्दी समझ…
  • Lakhimpur Kheri
    रवि शंकर दुबे
    लखीमपुर कांड की पूरी कहानी: नहीं छुप सका किसानों को रौंदने का सच- ''ये हत्या की साज़िश थी'’
    17 Dec 2021
    3 अक्टूबर 2021 को लखीमपुर खीरी के तिकुनिया में हुए हत्याकांड ने पूरे देश को दहला कर रख दिया था। तब से अब तक क्या कुछ घटा या जुड़ा इस कहानी में...आइए जानते हैं
  • covid
    रिचा चिंतन
    अमेरिका और ब्रिटेन के पास उपलब्ध अतिरिक्त वैक्सीन खुराकों से पूरे अफ़्रीका का टीकाकरण किया जा सकता है
    17 Dec 2021
    मौजूदा वैक्सीन असमानता ओमिक्रॉन के फैलने के साथ भयावह होती जा रही है। फ़िलहाल अमेरिका, ब्रिटेन और कनाडा के पास उपलब्ध अतिरिक्त खुराकों से अफ़्रीका की टीकारहित आआबड़ी का टीकाकरण किया जा सकता है।
  • Uttarakhand Wildlife
    रश्मि सहगल
    उत्तराखंड के नेताओं ने कैसे अपने राज्य की नाज़ुक पारिस्थितिकी को चोट पहुंचाई
    17 Dec 2021
    पिछले पांच वर्षों में राज्य की सरकार ने वन-विरोधी, नदी-विरोधी और वन्यजीव-विरोधी फैसले लिए हैं और हैरत की बात तो यह कि प्रदेश के किसी भी नेता ने इसे रोकने के लिए अपनी तरफ से कोई हस्तक्षेप नहीं किया।
  • kisan samman
    काशिफ़ काकवी
    मोदी सरकार ने मध्यप्रदेश के आदिवासी कोष में की 22% की कटौती, पीएम किसान सम्मान निधि योजना में कर दिया डाइवर्ट
    17 Dec 2021
    यह मामला तब सामने में आया जब एमपी के बालाघाट से भाजपा के एक सांसद, ढाल सिंह बिशेन ने पिछले पांच वर्षों में आदिवासियों के कल्याण हेतु मध्य प्रदेश को आवंटित की गई राशि पर एक सवाल दायर किया।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License