NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
अमेरिका ने ईरान के पेट्रोलियम क्षेत्र के ख़िलाफ़ नए प्रतिबंधों की घोषणा की
ईरान परमाणु समझौते से एकतरफा हटने के बाद ईरानी पेट्रोलियम क्षेत्र पहले से अमेरिकी प्रतिबंध के अधीन है जिसे मई 2018 में लगाया गया था।
पीपल्स डिस्पैच
27 Oct 2020
अमेरिका ने ईरान के पेट्रोलियम क्षेत्र के ख़िलाफ़ नए प्रतिबंधों की घोषणा की

अपने "ज़्यादा से ज़्यादा दबाव" अभियान के साथ आगे बढ़ते हुए अमेरिकी राजकोष विभाग ने सोमवार 26 अक्टूबर को ईरान के पेट्रोलियम क्षेत्र पर नए प्रतिबंधों की घोषणा की। ये नए प्रतिबंध ज़्यादातर ईरान के पेट्रोलियम क्षेत्र में संस्थाओं और व्यक्तियों को निशाना बनाते हैं जिसमें पेट्रोलियम मंत्री बीजन ज़ंगेनेह भी शामिल हैं।

इस प्रतिबंध सूची में शामिल संस्थाओं में ईरानी पेट्रोलियम मंत्रालय, राष्ट्रीय ईरानी टैंकर कंपनी, राष्ट्रीय ईरानी तेल कंपनी शामिल हैं। अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्टीवन म्नुचिन के अनुसार, इन कंपनियों द्वारा उत्पन्न राजस्व का उपयोग ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स कुद फोर्स को फंड देने के लिए किया जाता है।

माना जाता है कि पेट्रोलियम उद्योग कंपनियों पर ये प्रतिबंध टैंकर ट्रैकर द्वारा अनुमान के अनुसार कई अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद हाल के महीनों में ईरानी तेल निर्यात में वृद्धि का परिणाम है। साल 2015 में इनके पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा द्वारा हस्ताक्षरित ईरान परमाणु समझौते से एकतरफा वापसी की घोषणा के बाद मई 2018 में अमेरिका ने पहली बार ईरानी तेल निर्यात को प्रतिबंधित किया था।

ईरान के पेट्रोलियम मंत्रालय ने नए प्रतिबंधों के जवाब में कहा कि किसी भी प्रकार का दबाव अमेरिका की ओर ईरान को झुकने नहीं दे सकता है। अमेरिका ईरान समझौते या ज्वाइंट कम्प्रिहेंसिव प्लान ऑफ एक्शन (जेसीपीओए) को फिर से करना चाहता है। ईरान और अन्य हस्ताक्षरकर्ता जिनमें चीन, रूस, यूके, फ्रांस और जर्मनी शामिल हैं उन्होंने ऐसा करने से इनकार कर दिया।

ईरान के पेट्रोलियम मंत्री ने नए प्रतिबंधों को ईरान पर अमेरिका के तथाकथित अधिकतम दबाव अभियान की विफलता का संकेत बताया है। संयुक्त राष्ट्र के लिए ईरान के स्थायी मिशन के प्रवक्ता अलिरेजा मिरियुसेफी ने इस फैसले की आलोचना करते हुए कहा कि "ईरान के लोगों के प्रति अमेरिका की दुश्मनी की कोई सीमा नहीं है। अमेरिका उन संस्थाओं को प्रतिबंधित कर रहा है जिन्हें पहले से ही अन्य फ़र्ज़ी आरोपों के तहत प्रतिबंधित की जा चुकी है।

अमेरिका पर चुटकी लेते हुए ईरान के विदेश मंत्री जवाद ज़रीफ़ ने राष्ट्रीय सुरक्षा मामलों के लिए ट्रम्प के सहायक रॉबर्ट सी ओ'ब्रायन के हवाले से कहा कि "अमेरिका ने ईरान और वेनेजुएला के खिलाफ प्रतिबंध करने की अपनी क्षमता को गैर प्रतिबंधित कर दिया है।" ज़रीफ़ ने ताज़ा प्रतिबंधों को ईरान के ख़िलाफ़ आर्थिक युद्ध का अत्यधिक इस्तेमाल बताया।

अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने वेनेजुएला को ईरान का तेल पहुंचाने के लिए वेनेजुएला की सरकार के स्वामित्व वाले पीडीवीएसए के साथ समझौते में प्रवेश करने के लिए यूएई और ब्रिटेन स्थित कंपनियों महमूद मदनीपौर और मोबिन इंटरनेशनल को भी प्रतिबंधित कर दी।

America
IRAN
Iran Petroleum Sector
Barack Obama

Related Stories

और फिर अचानक कोई साम्राज्य नहीं बचा था

ईरानी नागरिक एक बार फिर सड़कों पर, आम ज़रूरत की वस्तुओं के दामों में अचानक 300% की वृद्धि

असद ने फिर सीरिया के ईरान से रिश्तों की नई शुरुआत की

क्या दुनिया डॉलर की ग़ुलाम है?

सऊदी अरब के साथ अमेरिका की ज़ोर-ज़बरदस्ती की कूटनीति

यूक्रेन में छिड़े युद्ध और रूस पर लगे प्रतिबंध का मूल्यांकन

पड़ताल दुनिया भर कीः पाक में सत्ता पलट, श्रीलंका में भीषण संकट, अमेरिका और IMF का खेल?

अमेरिका ने ईरान पर फिर लगाम लगाई

ईरान पर विएना वार्ता गंभीर मोड़ पर 

लखनऊ में नागरिक प्रदर्शन: रूस युद्ध रोके और नेटो-अमेरिका अपनी दख़लअंदाज़ी बंद करें


बाकी खबरें

  • अरुण कुमार त्रिपाठी
    विचार: योगी की बल्ले बल्ले, लेकिन लोकतंत्र की…
    27 Mar 2022
    अंतरराष्ट्रीय पूंजी ने आधुनिक किस्म के हिंदुत्व के साथ एक तालमेल बिठा लिया है। अब इसे मनुवादी कहना और ब्राह्मणवादी कहना एकदम से सटीक नहीं बैठता। इसमें सत्ता में भागीदारी का पूरा इंतजाम किया गया है।
  • international
    न्यूज़क्लिक टीम
    रूस-यूक्रेन युद्धः क्या चल रहा बाइडन व पुतिन के दिमाग़ में
    26 Mar 2022
    पड़ताल दुनिया भर की में वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह ने युक्रेन युद्ध के एक महीने होने के बाद चल रहे दांवों पर न्यूज़ क्लिक के एडिटर-इन-चीफ प्रबीर पुरकायस्थ से बातचीत की। इसमें रूस की रणनीति के साथ-साथ…
  • रवि शंकर दुबे
    IPL 2022:  नए नियमों और दो नई टीमों के साथ टूर्नामेंट का शानदार आगाज़
    26 Mar 2022
    आईपीएल 2022 का आगाज़ हो चुका है, इस बार कई नियमों में बदलाव किए गए हैं तो लखनऊ और गुजरात की टीमों ने भी एंट्री मार ली है। ऐसे में क्रिकेट फैंस के लिए टूर्नामेंट बेहद रोचक होने वाला है।
  • hafte ki baat
    न्यूज़क्लिक टीम
    क्या RSS योगी में देखता है मोदी का उत्तराधिकारी
    26 Mar 2022
    यूपी में दूसरी बार मुख्यमंत्री बनने के बाद योगी आदित्यनाथ का राजनीतिक कद अप्रत्याशित रूप से बढ़ा है. भारतीय जनता पार्टी-शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियो में अब उनकी बराबरी कराने वाला कोई नहीं!
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    रेलवे में 3 लाख हैं रिक्तियां और भर्तियों पर लगा है ब्रेक
    26 Mar 2022
    एक तरफ बेरोज़गार युवा दर-दर भटक रहे हैं वहीं दूसरी तरफ सरकारी विभागों में इतनी बड़ी संख्या में रिक्तियां, वह भी केवल एक विभाग में, चौंकाने वाली है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License