NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
अमेरिका : कोविड-19 के बढ़ते मामलों के बावजूद राज्य दे रहे हैं लॉकडाउन में ढील
स्वास्थ्य एक्सपर्ट की सलाह को नज़रअंदाज़ करते हुए ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी के विभिन्न गवर्नर राज्यों में लगी पाबंदियों में ढील दे रहे हैं।
पीपल्स डिस्पैच
27 Apr 2020
USA
अमेरिका के दक्षिणपंथी संगठन कोविड-19 संक्रमण को रोकने के लिए लागू लॉकडाउन का लगातार विरोध कर रहे हैं।(फ़ोटो Reuters)

अमेरिका में सार्वजनिक स्वास्थ्य एक्सपर्ट की सलाह के बावजूद 5 और राज्य बिज़नेस और पब्लिक गतिविधियों पर लगी पाबंदियों में ढील देने की तैयारी में हैं। 27 अप्रैल को कोलोराडो, मिसिसिप्पी, मोंटाना, मिनेसोटा और टेनेसी ने विभिन्न क्षेत्रों को खोलने का निर्णय लिया है, जिन्हें लॉकडाउन के दौरान बंद किया गया था।

कोलोराडो के राज्य प्रशासन ने रविवार को ही धार्मिक गतिविधियों को चालू कर दिया था, जबकि आज से वहाँ रिटेल दुकानें और बिज़नेस खुल जाएंगे। प्रशासन ने 7 मई को पूरी तरह से लॉकडाउन ख़त्म करने का निर्णय लिया है।

मिसिसिपी ने स्टे एट होम के आदेशों को बढ़ाने के ख़िलाफ़ निर्णय लिया है। यह आदेश सोमवार को ख़त्म होने वाले हैं। मोंटाना और टेनेसी छोटे व्यवसायों को अनुमति देंगे, बशर्ते वह सामाजिक दूरी का पालन करें। जबकि मिनेसोटा औद्योगिक गतिविधियों को शूरू कर रहा है, और 100,000 कर्मचारियों को काम पर वापस भेज रहा है।

अमेरिका में कोविड 19 संक्रमण की बढ़त को देखते हुए कई लोगों ने इस तरह से लॉकडाउन हटाये जाने पर सवाल उठाए हैं।

अभी तक जिन राज्यों से लॉकडाउन नियमों में ढील दी गई है, वहाँ रिपब्लिकन पार्टी के गवर्नर हैं। अमेरिका के दक्षिणपंथी और कंज़र्वेटिव्स ने लगातार लॉकडाउन हटाने की मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन किए हैं और कहा है कि इससे बिज़नेस का नुकसान हो रहा है।

अमेरिका में बेरोज़गारी में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। 26 मिलियन कर्मचारियों ने लॉकडाउन के दौरान नौकरी जाने की अर्ज़ी दी है। इसकी वजह से बेरोज़गारी दर 16% हो गई है।

वहीं दूसरी तरफ़ पब्लिक हेल्थ एक्सपर्ट्स ने लगातार राज्य प्रशासन को बिना मास स्क्रीनिंग और टेस्ट के लॉकडाउन हटाने से मना किया है। अमेरिका कोरोना से सबसे ज़्यादा प्रभावित देश है। यहाँ 27 अप्रैल सुबह 8 बजे तक कोरोना के 987,000 से ज़्यादा मामले दर्ज हो चुके हैं और 55000 से ज़्यादा मौतें हो चुकी हैं।

साभार : पीपल्स डिस्पैच 

Coronavirus
USA
United States
Corona Crisis
Donand Trump

Related Stories

भारत में धार्मिक असहिष्णुता और पूजा-स्थलों पर हमले को लेकर अमेरिकी रिपोर्ट में फिर उठे सवाल

बाइडेन ने यूक्रेन पर अपने नैरेटिव में किया बदलाव

हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शक्ति संतुलन में हो रहा क्रांतिकारी बदलाव

अमेरिकी आधिपत्य का मुकाबला करने के लिए प्रगतिशील नज़रिया देता पीपल्स समिट फ़ॉर डेमोक्रेसी

छात्रों के ऋण को रद्द करना नस्लीय न्याय की दरकार है

प्रधानमंत्री जी... पक्का ये भाषण राजनीतिक नहीं था?

अमेरिका ने रूस के ख़िलाफ़ इज़राइल को किया तैनात

डोनबास में हार के बाद अमेरिकी कहानी ज़िंदा नहीं रहेगी 

यमन में ईरान समर्थित हूती विजेता

पश्चिम बनाम रूस मसले पर भारत की दुविधा


बाकी खबरें

  • punjab
    भाषा सिंह
    पंजाब चुनावः परदे के पीछे के खेल पर चर्चा
    19 Feb 2022
    पंजाब में जिस तरह से चुनावी लड़ाई फंसी है वह अपने-आप में कई ज़ाहिर और गुप्त समझौतों की आशंका को बलवती कर रही है। पंजाब विधानसभा चुनावों में इतने दांव चले जाएंगे, इसका अंदाजा—कॉरपोरेट मीडिया घरानों…
  • Biden and Boris
    जॉन पिलगर
    युद्ध के प्रचारक क्यों बनते रहे हैं पश्चिमी लोकतांत्रिक देश?
    19 Feb 2022
    हाल के हफ्तों और महीनों में युद्ध उन्माद का ज्वार जिस तरह से उठा है वह इसका सबसे ज्वलंत उदाहरण है
  • youth
    असद रिज़वी
    भाजपा से क्यों नाराज़ हैं छात्र-नौजवान? क्या चाहते हैं उत्तर प्रदेश के युवा
    19 Feb 2022
    उत्तर प्रदेश के नौजवान संगठनों का कहना है कि भाजपा ने उनसे नौकरियों के वादे पर वोट लिया और सरकार बनने के बाद, उनको रोज़गार का सवाल करने पर लाठियों से मारा गया। 
  • Bahubali in UP politics
    विजय विनीत
    यूपी चुनाव: सियासी दलों के लिए क्यों ज़रूरी हो गए हैं बाहुबली और माफ़िया?
    19 Feb 2022
    चुनाव में माफ़िया और बाहुबलियों की अहमियत इसलिए ज्यादा होती है कि वो वोट देने और वोट न देने,  दोनों चीज़ों के लिए पैसा बंटवाते हैं। इनका सीधा सा फंडा होता है कि आप घर पर ही उनसे पैसे ले लीजिए और…
  • Lingering Colonial Legacies
    क्लेयर रॉथ
    साम्राज्यवादी विरासत अब भी मौजूद: त्वचा के अध्ययन का श्वेतवादी चरित्र बरकरार
    19 Feb 2022
    त्वचा रोग विज्ञान की किताबों में नस्लीय प्रतिनिधित्व की ऐतिहासिक कमी ना केवल श्वेत बहुल देशों में है, बल्कि यह पूरी दुनिया में मौजूद है
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License