NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
अमेरिका
अमेरिकाः कांग्रेस से पारित 'ईरान वार पावर रिजॉल्यूशन' पर ट्रम्प ने वीटो शक्ति का इस्तेमाल किया
राष्ट्रपति के वीटो को अमेरिकी कांग्रेस में चुनौती दी जाएगी जहां इस विधेयक को रद्द करने के लिए दोनों सदनों से दो-तिहाई बहुमत की आवश्यकता होगी।
पीपल्स डिस्पैच
07 May 2020
trump

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बुधवार 6 मई को कांग्रेस के दोनों सदनों द्वारा पारित 'ईरान वार पावर रिजॉल्यूशन' पर वीटो शक्ति का इस्तेमाल किया। ट्रम्प ने इस प्रस्ताव को "अपमानजनक" कहा और 3 नवंबर के चुनाव के लिए रिपब्लिकन पार्टी को बांटने की विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी की राजनीतिक चाल बताया। अमेरिकी सीनेट जहां ट्रम्प की रिपब्लिकन पार्टी के पास बहुमत है वहां वीटो को रद्द करने के लिए एक वोट रखने की उम्मीद है।

कांग्रेस की अनुमति के बिना सैनिकों की तैनाती को लेकर राष्ट्रपति की शक्तियों को नियंत्रित करने वार पावर्स रिजॉल्यूशन (युद्ध शक्तियों का प्रस्ताव) पारित किया जाता है। संविधान के अनुसार, केवल कांग्रेस को दूसरे देश पर युद्ध की घोषणा करने का अधिकार है, लेकिन राष्ट्रपति के पास आवश्यकता के अनुसार सैनिकों को तैनात करने की विवेकाधीन शक्तियां होती हैं।

राष्ट्रपति के पास विभिन्न विधानों के तहत ग़ैर सरकारी व्यक्ति के ख़िलाफ़ बल का इस्तेमाल करने का सीमित अधिकार भी है। इसमें अत्यधिक विवादास्पद जॉर्ज डब्ल्यू बुश के समय का क़ानून अथॉराइजेशन फॉर यूज ऑफ मिलट्री फोर्सेस (एयूएमएफ) शामिल है। फिर भी, सैन्य बल के इस्तेमाल में राष्ट्रपति की शक्तियों की सीमा अक्सर ऐतिहासिक रूप से विवादास्पद मामला रहा है, खासकर तब जब यह अमेरिका को युद्ध जैसी स्थिति में धकेल सकता है।

ट्रम्प प्रशासन द्वार बगदाद हवाई अड्डे पर बम विस्फोटों की प्रतिक्रिया में इस साल जनवरी में ईरान वार पावर्स रिजॉल्यूशन पेश किया गया था। इस विस्फोट में ईरान और इराक के सैन्य अधिकारियों की हत्या हुई थी। मारे गए लोगों में कासिम सुलेमानी थे जिन्होंने ईरान के कुद्स बल का नेतृत्व किया और इराक के पॉपुलर मोबलाइजेशन फोर्स के उपाध्यक्ष अबू महदी अल-मुहंदिस थे।

बिना किसी उकसावे के युद्ध के कृत्य के रुप में इस हमले की अमेरिका के भीतर और बाहर व्यापक रुप से आलोचना हुई। इस हमले के कुछ ही दिनों में अमेरिकी कांग्रेस के दोनों सदनों में इस प्रस्ताव को पेश किया गया था और सीनेटर बर्नी सैंडर्स और प्रतिनिधि रो खन्ना और इल्हान उमर जैसे डेमोक्रेटिक पार्टी के प्रगतिशील वर्गों द्वारा समर्थन किया गया था।

राष्ट्रपति के वीटो को रद्द करने के लिए सीनेट को इस प्रस्ताव के पक्ष में 67 वोट या दो-तिहाई बहुमत की आवश्यकता होगी जो मुश्किल हो सकता है क्योंकि कांग्रेस में कई रिपब्लिकन राष्ट्रपति के इस क़दम का विरोध करने पक्ष में नहीं हैं। एक बार सीनेट में रद्द होने के बाद सदन को इसे पारित करने के लिए प्रस्ताव के पक्ष में दो-तिहाई बहुमत की भी आवश्यकता होगी।

साभार : पीपल्स डिस्पैच 

USA
Donand Trump
Iran War Power Resolution
US Congress
Democratic Party

Related Stories

भारत में धार्मिक असहिष्णुता और पूजा-स्थलों पर हमले को लेकर अमेरिकी रिपोर्ट में फिर उठे सवाल

हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शक्ति संतुलन में हो रहा क्रांतिकारी बदलाव

अमेरिकी आधिपत्य का मुकाबला करने के लिए प्रगतिशील नज़रिया देता पीपल्स समिट फ़ॉर डेमोक्रेसी

छात्रों के ऋण को रद्द करना नस्लीय न्याय की दरकार है

गर्भपात प्रतिबंध पर सुप्रीम कोर्ट के लीक हुए ड्राफ़्ट से अमेरिका में आया भूचाल

अमेरिका ने रूस के ख़िलाफ़ इज़राइल को किया तैनात

पश्चिम बनाम रूस मसले पर भारत की दुविधा

पड़ताल दुनिया भर कीः पाक में सत्ता पलट, श्रीलंका में भीषण संकट, अमेरिका और IMF का खेल?

क्यों बाइडेन पश्चिम एशिया को अपनी तरफ़ नहीं कर पा रहे हैं?

अमेरिका ने ईरान पर फिर लगाम लगाई


बाकी खबरें

  • पीपल्स डिस्पैच
    नेपाल ने अमेरिका के MCC अनुदान समझौते को विरोध प्रदर्शनों के बीच दी मान्यता, अब आगे क्या?
    04 Mar 2022
    नेपाली संसद में कई हफ़्तों तक चली उठापटक नतीजा आख़िरकार अमेरिका की एमसीसी के साथ 500 मिलियन डॉलर का समझौता रहा। इस समझौते के पहले सरकार के समझौते का विरोध कर रही राजनीतिक पार्टियों ने बड़े विरोध…
  • mamta banerjee
    विजय विनीत
    यूपी चुनावः बनारस के सियासी अखाड़े में दिग्गजों पर भारी पड़ीं ममता, भाजपा को दे गईं गहरी चोट
    04 Mar 2022
    बंगाली समाज के लोग बनारस में पीढ़ियों से बंग संस्कृति को जीवंत बनाए हुए हैं। पिछले कई चुनावों से वह बीजेपी को वोट देते आए हैं। इस बार ममता बनर्जी का अपमान और उनको यह कहना कि वो हिन्दू नहीं हैं, अंदर…
  • पीपल्स डिस्पैच
    यूक्रेन में चल रहे संघर्ष और युद्ध-विरोधी आंदोलन के परिपेक्ष्य
    04 Mar 2022
    शांति के लिए काम करने वाले एबी मार्टिन और ब्रायन बेकर रूस-यूक्रेन संघर्ष के सिलसिले में युद्ध विरोधी आंदोलन की दिशा में चर्चा करने के लिए आपस में मिले
  • covid
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 6,396 नए मामले, 201 मरीज़ों की मौत
    04 Mar 2022
    देश में एक्टिव मामलों की संख्या घटकर 0.16 फ़ीसदी यानी 69 हज़ार 897 हो गयी है।
  • mbbs
    रवि कौशल
    सरकार ने मेडिकल कॉलेजों की बजाय मंदिरों को प्राथमिकता दी,  इसी का ख़ामियाज़ा यूक्रेन में भुगत रहे हैं छात्र : मेडिकल विशेषज्ञ
    04 Mar 2022
    विशेषज्ञों का कहना है कि रूस, चीन और पूर्वी यूरोपीय देशों में मेडिकल की डिग्री हासिल करने के लिए जाने वाले भारतीय छात्रों की बड़ी तादाद की मुख्य वजह देश के निजी चिकित्सा संस्थानों की मोटी फीस है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License