NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
अफ़ग़ानिस्तान में अमेरिकी हवाई हमले में 2019 में 330 फ़ीसदी का इज़ाफ़ा: रिपोर्ट
2001 में अफ़ग़ानिस्तान में अमेरिकी हमले की शुरुआत के बाद से अन्य वर्ष की तुलना में 2019 में सबसे अधिक नागरिकों ने अपनी जान गंवाई।
पीपल्स डिस्पैच
09 Dec 2020
अफ़ग़ानिस्तान

तालिबान के ख़िलाफ़ आतंकवाद-रोधी अभियानों में तेज़ी के बाद अफगानिस्तान में अमेरिका के नेतृत्व वाले हवाई हमलों के दौरान मारे गए नागरिकों की संख्या में काफी वृद्धि हुई है। 7 दिसंबर को जारी एक रिपोर्ट के अनुसार अलायड फोर्सेस के हवाई हमलों में प्रतिवर्ष मारे गए अफगानों की कुल संख्या पिछले वर्ष कम से कम 700 नागरिकों की मौत के साथ 330 प्रतिशत तक पहुंच गई है।

ब्राउन यूनिवर्सिटी में कॉस्ट ऑफ वॉर प्रोजेक्ट के सह-निदेशक नेता सी क्रॉफोर्ड ने कहा, "2001 और 2002 में युद्ध की शुरुआत के बाद से अन्य वर्ष की तुलना में वर्ष 2019 में हुए हवाई हमले में अधिक नागरिकों की मौत हुई है।"

हालांकि फरवरी 2020 के अंत में अमेरिका और तालिबान के बीच हुए समझौते के बाद इन हमलों में कमी आई है, लेकिन रिपोर्ट बताती है कि अफगान वायु सेना (एएएफ) अफगान के इतिहास में अन्य काल की तुलना में नागरिकों को अधिक नुकसान पहुंचा रही है। अफगानिस्तान्स राइजिंग सिविलियन डेथ टोल ड्यू टू एयरस्ट्राइटक नामक रिपोर्ट में कहा गया है, "इस साल के पहले छह महीनों में एएएफ ने 86 अफगान नागरिकों को मार डाला और 103 लोगों को घायल कर दिया।"

लंबे गतिरोध के दौरान हुए युद्ध के साथ अमेरिका हवाई हमले को कम करने में सफल रहा। 2017 से 2019 के बीच कई नागरिक इन हवाई हमलों में मारे गए।

इस साल सितंबर महीने में कतर के दोहा में इंट्रा-अफगान वार्ता की शुरुआत के बाद से जुलाई से सितंबर के बीच हवाई हमले दोगुने हो गए है। रिपोर्ट में सामने आया है कि "एएएफ ने 70 नागरिकों को मार डाला और 90 अन्य को घायल कर दिया।"

26 अक्टूबर को तालिबान लड़ाकों के ख़िलाफ़ अलायड सैनिकों के नेतृत्व में एक हवाई हमले में तीन बच्चों की मौत हो गई। इसी तरह, 22 अक्टूबर को एक धार्मिक स्कूल पर अमेरिकी हवाई हमले में 12 बच्चों की मौत हो गई और 14 अन्य घायल हो गए।

रिपोर्ट बताती है कि 2001 में अमेरिका के हमले के दौरान विद्रोही तालिबान की जैसी स्थिति मजबूत स्थिति थी वह बनी हुई है। अशरफ गनी के नेतृत्व वाली अफगान सरकार "रक्षात्मक" बनी हुई है और तालिबान वार्ता पर सैन्य दबाव बढ़ाने की कोशिश कर रही है। आगे कहा गया कि "एएएफ एयरस्ट्राइक में संभवतः नागरिकों के लिए विनाशकारी परिणाम होंगे जिससे कि संभवतः अफगान सरकार में नागरिकों का विश्वास कम हो जाएगा।"

इस बीच अफगानिस्तान में ज़मीनी स्थिति अस्थिर बनी हुई है। अफगानिस्तान के गृह मंत्री तारिक अरियन ने कहा कि तालिबान द्वारा किए गए 168 आईईडी वाले विस्फोट और 16 आत्मघाती हमलों में पिछले एक महीने में कम से कम 134 नागरिक मारे गए और 340 से अधिक लोग घायल हुए।

Afghanistan
America
US airstrikes in Afghanistan
Terrorism

Related Stories

और फिर अचानक कोई साम्राज्य नहीं बचा था

भोजन की भारी क़िल्लत का सामना कर रहे दो करोड़ अफ़ग़ानी : आईपीसी

क्या दुनिया डॉलर की ग़ुलाम है?

तालिबान को सत्ता संभाले 200 से ज़्यादा दिन लेकिन लड़कियों को नहीं मिल पा रही शिक्षा

यूक्रेन में छिड़े युद्ध और रूस पर लगे प्रतिबंध का मूल्यांकन

रूस पर बाइडेन के युद्ध की एशियाई दोष रेखाएं

पड़ताल दुनिया भर कीः पाक में सत्ता पलट, श्रीलंका में भीषण संकट, अमेरिका और IMF का खेल?

काबुल में आगे बढ़ने को लेकर चीन की कूटनीति

लखनऊ में नागरिक प्रदर्शन: रूस युद्ध रोके और नेटो-अमेरिका अपनी दख़लअंदाज़ी बंद करें

यूक्रेन पर रूस के हमले से जुड़ा अहम घटनाक्रम


बाकी खबरें

  • itihas ke panne
    न्यूज़क्लिक टीम
    मलियाना नरसंहार के 35 साल, क्या मिल पाया पीड़ितों को इंसाफ?
    22 May 2022
    न्यूज़क्लिक की इस ख़ास पेशकश में वरिष्ठ पत्रकार नीलांजन मुखोपाध्याय ने पत्रकार और मेरठ दंगो को करीब से देख चुके कुर्बान अली से बात की | 35 साल पहले उत्तर प्रदेश में मेरठ के पास हुए बर्बर मलियाना-…
  • Modi
    अनिल जैन
    ख़बरों के आगे-पीछे: मोदी और शी जिनपिंग के “निज़ी” रिश्तों से लेकर विदेशी कंपनियों के भारत छोड़ने तक
    22 May 2022
    हर बार की तरह इस हफ़्ते भी, इस सप्ताह की ज़रूरी ख़बरों को लेकर आए हैं लेखक अनिल जैन..
  • न्यूज़क्लिक डेस्क
    इतवार की कविता : 'कल शब मौसम की पहली बारिश थी...'
    22 May 2022
    बदलते मौसम को उर्दू शायरी में कई तरीक़ों से ढाला गया है, ये मौसम कभी दोस्त है तो कभी दुश्मन। बदलते मौसम के बीच पढ़िये परवीन शाकिर की एक नज़्म और इदरीस बाबर की एक ग़ज़ल।
  • diwakar
    अनिल अंशुमन
    बिहार : जन संघर्षों से जुड़े कलाकार राकेश दिवाकर की आकस्मिक मौत से सांस्कृतिक धारा को बड़ा झटका
    22 May 2022
    बिहार के चर्चित क्रन्तिकारी किसान आन्दोलन की धरती कही जानेवाली भोजपुर की धरती से जुड़े आरा के युवा जन संस्कृतिकर्मी व आला दर्जे के प्रयोगधर्मी चित्रकार राकेश कुमार दिवाकर को एक जीवंत मिसाल माना जा…
  • उपेंद्र स्वामी
    ऑस्ट्रेलिया: नौ साल बाद लिबरल पार्टी सत्ता से बेदख़ल, लेबर नेता अल्बानीज होंगे नए प्रधानमंत्री
    22 May 2022
    ऑस्ट्रेलिया में नतीजों के गहरे निहितार्थ हैं। यह भी कि क्या अब पर्यावरण व जलवायु परिवर्तन बन गए हैं चुनावी मुद्दे!
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License