NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
अमेरिकी नागरिक समाज समूह ने "प्रोटेक्ट द रिज़ल्ट" के लिए देशव्यापी प्रदर्शन की योजना बनाई
विभिन्न सिविल सोसायटी समूहों ने पूरे अमेरिका में 170 से अधिक स्थानों पर "प्रत्येक वोट की गिनती सुनिश्चित करने के लिए" प्रदर्शन करने की योजना बनाई है।
पीपल्स डिस्पैच
02 Nov 2020
प्रोटेक्ट द रिज़ल्ट

सिविल सोसायटी समूहों ने पूरे यूएसए में 170 से अधिक स्थानों पर चुनाव की रात को प्रदर्शन करने की योजना बनाई है। दर्जनों संगठन इस चुनाव के दिन 3 नवंबर की रात और 4 नवंबर को "प्रोटेक्ट द रिज़ल्ट" नामक एक अभियान में एक साथ आए हैं। ये अभियान चुनावों की संभावना को लेकर शुरू है क्योंकि सत्तासीन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बार-बार कहा था कि अगर वह राष्ट्रपति चुनाव हार जाते हैं तो परिणामों को स्वीकार नहीं करेंगे।

ट्रम्प-विरोधी समूहों स्टैंड अप अमेरिका, मार्च फॉर ट्रुथ और इंडिविजुअल के अलावा जिन संगठनों से इस अभियान में भाग लेने की उम्मीद की जाती है उनमें ट्रेड यूनियन, राजनीतिक दल और अन्य सामाजिक आंदोलन संगठन जैसे कई अन्य समूह शामिल हैं। ब्लैक लाइव्स मैटर, वीमेन्स मार्च, सर्विस एम्प्लाइज इंटरनेशनल यूनियन, डेमोक्रेटिक सोशलिस्ट ऑफ अमेरिका, और वर्किंग फैमिलीज पार्टी को भागीदार के रूप में सूची में शामिल किया गया है।

चुनाव को सिर्फ एक दिन और बचे हैं और देश भर में शुरुआती वोटों के रूप में 94 मिलियन से अधिक वोट पहले ही डाले जा चुके हैं। शुरुआती मतगणना साल 2016 के आम चुनाव के कुल मतदान के दो-तिहाई को पार कर चुकी है। इनमें से अधिकांश शुरुआती वोट जो कि अब तक लगभग 60 मिलियन है वे डाक या मेल-इन बैलट के रूप में जमा किए गए थे।

रिपब्लिकन पार्टी और राष्ट्रपति ट्रम्प ने अक्सर मतदाता धोखाधड़ी के लिए अतिसंवेदनशील होने को लेकर पोस्टल बैलट के निराधार दावे किए हैं। राजनीतिक पर्यवेक्षकों द्वारा इसकी बहुत उम्मीद की जाती है कि हार की स्थिति में ट्रम्प परिणामों को चुनौती देने के लिए इस तरह के दावे का इस्तेमाल कर सकते हैं और संवैधानिक संकट को प्रभावित कर सकते हैं।

अपने मिशन के बयान में इस अभियान ने कहा है कि वह संवैधानिक संकट को वास्तव में होने से रोकना चाहता है। “हम उस ख़तरे को नज़रअंदाज़ नहीं कर सकते हैं जो ट्रम्प हमारे लोकतंत्र और एक शांतिपूर्ण ट्रांजिशन के लिए करते हैं। हम यह सुनिश्चित करने के लिए एक साथ खड़े होंगे कि अगर ट्रम्प 2020 के राष्ट्रपति चुनाव हार जाते हैं तो वे हमारे देश को संवैधानिक संकट में नहीं डालेंगे। हम 2020 के चुनाव के वैध परिणामों का सम्मान करेंगे, यह सुनिश्चित करेंगे कि हर वोट की गिनती हो और यह मांग करेंगे कि हारने वाले उम्मीदवार अपने अहंकार को एक तरफ रख दें और हमारे देश की भलाई के लिए स्वीकार करें।

USA
America
Donand Trump
US civil society nationwide protest
Protect the Result

Related Stories

युवा श्रमिक स्टारबक्स को कैसे लामबंद कर रहे हैं

लखनऊ में नागरिक प्रदर्शन: रूस युद्ध रोके और नेटो-अमेरिका अपनी दख़लअंदाज़ी बंद करें

अमेरिका में पुलिस द्वारा एक किशोर की हत्या के बाद ताज़ा विरोध प्रदर्शन

अमेरिका में नस्लवाद-विरोध तेज़ होने के साथ प्रदर्शनकारियों पर हिंसा बढ़ी

नस्लवादियों के खिलाफ उठ खड़े होइए : स्कॉटलैंड यार्ड के भारतीय मूल के आतंक रोधी प्रमुख ने कहा

अमेरिकी बहुत ही चालाक हैं, हमें ट्विटर पर आंदोलन करना सिखा दिया और खुद सड़क पर निकले हैं

अमेरिका को जो चिंगारी जला रही है उसका बारूद सदियों से तैयार होते आ रहा है

Black Lives Matter और अन्य अधिकार  संगठनों ने प्रदर्शनकारियों पर हमले के लिए ट्रंप पर मुक़दमा दायर किया

जॉर्ज फ़्लॉयड हत्या मामला : चारों आरोपी पुलिस अधिकारियों पर हत्या का मामला दर्ज

अमेरिका में क्यों टूट जाती है इंसाफ़ की उम्मीद !


बाकी खबरें

  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    केरल: RSS और PFI की दुश्मनी के चलते पिछले 6 महीने में 5 लोगों ने गंवाई जान
    23 Apr 2022
    केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने हत्याओं और राज्य में सामाजिक सौहार्द्र को खराब करने की कोशिशों की निंदा की है। उन्होंने जनता से उन ताकतों को "अलग-थलग करने की अपील की है, जिन्होंने सांप्रदायिक…
  • राजेंद्र शर्मा
    फ़ैज़, कबीर, मीरा, मुक्तिबोध, फ़िराक़ को कोर्स-निकाला!
    23 Apr 2022
    कटाक्ष: इन विरोधियों को तो मोदी राज बुलडोज़र चलाए, तो आपत्ति है। कोर्स से कवियों को हटाए तब भी आपत्ति। तेल का दाम बढ़ाए, तब भी आपत्ति। पुराने भारत के उद्योगों को बेच-बेचकर खाए तो भी आपत्ति है…
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    लापरवाही की खुराकः बिहार में अलग-अलग जगह पर सैकड़ों बच्चे हुए बीमार
    23 Apr 2022
    बच्चों को दवा की खुराक देने में लापरवाही के चलते बीमार होने की खबरें बिहार के भागलपुर समेत अन्य जगहों से आई हैं जिसमें मुंगेर, बेगूसराय और सीवन शामिल हैं।
  • डेविड वोरहोल्ट
    विंबलडन: रूसी खिलाड़ियों पर प्रतिबंध ग़लत व्यक्तियों को युद्ध की सज़ा देने जैसा है! 
    23 Apr 2022
    विंबलडन ने घोषणा की है कि रूस और बेलारूस के खिलाड़ियों को इस साल खेल से बाहर रखा जाएगा। 
  • डॉ. राजू पाण्डेय
    प्रशांत किशोर को लेकर मच रहा शोर और उसकी हक़ीक़त
    23 Apr 2022
    एक ऐसे वक्त जबकि देश संवैधानिक मूल्यों, बहुलवाद और अपने सेकुलर चरित्र की रक्षा के लिए जूझ रहा है तब कांग्रेस पार्टी को अपनी विरासत का स्मरण करते हुए देश की मूल तासीर को अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License