NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
ईरान-इराक पर ट्रम्प की युद्ध शक्तियों को घटाने वाले दो प्रस्ताव अमेरिकी संसद से मंजूर  
ये चुनाव से पहले ट्रम्प को ईरान के खिलाफ कोई एकतरफा कार्रवाई करने से रोकने के लिए हैं।
पीपुल्स डिस्पैच
31 Jan 2020
Trump

अमेरिकी प्रतिनिधि सभा ने गुरुवार यानी 30 जनवरी को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की युद्ध शक्तियों को प्रतिबंधित करते हुए दो अलग-अलग प्रस्तावों को पारित किया। इन प्रस्तावों में से पहला इराक के खिलाफ सैन्य बल के उपयोग के लिए उनको दिए युद्ध अधिकारों को रद्द करता है। इसके समर्थन में सदन में 236 पक्ष में और 166 के खिलाफ वोट पड़े।  

दूसरा प्रस्ताव ईरान के खिलाफ युद्ध के लिए संघीय धन को सरकार के उपयोग के लिए  प्रतिबंधित करता है। इस प्रस्ताव के समर्थन में 228 मत और विरोध में 175 मत पड़े। 9 जनवरी को सदन ने एक प्रस्ताव पारित कर ईरान के खिलाफ कोई भी कार्रवाई करने से पहले डोनाल्ड ट्रम्प को कांग्रेस की अनुमति लेने के लिए कहा गया था।

हालांकि सभी तीन प्रस्तावों को प्रभावी होने के लिए सीनेट में बहुमत की मंजूरी की आवश्यकता होगी। फिलहाल रिपब्लिकन बहुमत को देखते हुए यह असंभव लगता है। ट्रम्प पहले ही घोषणा कर चुके हैं कि वह इस तरह के विधेयक को वीटो करेंगे।

बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति को 2002 में ये अधिकार मिला था जिसने इराक के 2003 के आक्रमण को वैध बनाया था। 2001 में 11 सितंबर के हमलों के तत्काल बाद यह अधिकार दिया गया था। 2001 का यह अधिकार सरकार को उन सभी लोगों के खिलाफ सैन्य बल का उपयोग करने का अधिकार देता है, जो हमले के लिए जिम्मेदार थे। 50 से अधिक देशों के खिलाफ सैन्य कार्रवाई करने के लिए सफल अमेरिकी प्रशासन ने इसका इस्तेमाल किया है।

इस बीच, पेंटागन ने इराकी सरकार से उन सभी ठिकानों पर पैट्रियट मिसाइल डिफेंस सिस्टम तैनात करने की अनुमति मांगी है जहां अमेरिकी सैनिक तैनात हैं। यह इस तथ्य के बावजूद है कि इराकी संसद ने 5 जनवरी को एक प्रस्ताव पारित किया है जिसमें सरकार से देश से सभी विदेशी सैनिकों की वापसी की प्रक्रिया शुरू करने के लिए कहा गया है।
 
गौरतलब है कि 3 जनवरी को बगदाद में ईरानी जनरल कासिम सोलीमणि की एक अमेरिकी हमले हत्या कर दी गई थी, जिसके बाद ईरान ने 8 जनवरी को मिसाइल हमले कर ईरानियों ने जवाबी कार्रवाई की थी। जिसमे लगभग 50 अमेरिकी सैनिकों घायल हुए थे। जिसके बाद अमेरिकी सेना क्षेत्र छोड़ने के लिए मज़बूर हुई थी ।  

साभार : पीपुल्स डिस्पैच

IRAN
Iraq
US Iran Tensions
America
Donand Trump
Congress
republican party

Related Stories

हार्दिक पटेल भाजपा में शामिल, कहा प्रधानमंत्री का छोटा सिपाही बनकर काम करूंगा

राज्यसभा सांसद बनने के लिए मीडिया टाइकून बन रहे हैं मोहरा!

ED के निशाने पर सोनिया-राहुल, राज्यसभा चुनावों से ऐन पहले क्यों!

ईडी ने कांग्रेस नेता सोनिया गांधी, राहुल गांधी को धन शोधन के मामले में तलब किया

राज्यसभा चुनाव: टिकट बंटवारे में दिग्गजों की ‘तपस्या’ ज़ाया, क़रीबियों पर विश्वास

और फिर अचानक कोई साम्राज्य नहीं बचा था

मूसेवाला की हत्या को लेकर ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन, कांग्रेस ने इसे ‘राजनीतिक हत्या’ बताया

केरल उप-चुनाव: एलडीएफ़ की नज़र 100वीं सीट पर, यूडीएफ़ के लिए चुनौती 

ईरानी नागरिक एक बार फिर सड़कों पर, आम ज़रूरत की वस्तुओं के दामों में अचानक 300% की वृद्धि

कांग्रेस के चिंतन शिविर का क्या असर रहा? 3 मुख्य नेताओं ने छोड़ा पार्टी का साथ


बाकी खबरें

  • Kusmunda coal mine
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    भू-विस्थापितों के आंदोलन से कुसमुंडा खदान बंद : लिखित आश्वासन, पर आंदोलन जारी
    01 Nov 2021
    कुसमुंडा में कोयला खनन के लिए 1978 से 2004 तक कई गांवों के हजारों किसानों की भूमि का अधिग्रहण किया गया था। लेकिन अधिग्रहण के 40 वर्ष बाद भी भू-विस्थापित रोजगार के लिए भटक रहे हैं और एसईसीएल दफ्तरों…
  • Puducherry
    हर्षवर्धन
    विशेष : पांडिचेरी के आज़ादी आंदोलन में कम्युनिस्ट पार्टी की भूमिका
    01 Nov 2021
    आज एक नवंबर के दिन ही 1954 में पांडिचेरी फ्रांस से आज़ाद हुआ था। पांडिचेरी फ्रांस की गुलामी से आज़ाद कैसे हुआ और उसका भारत में विलय कैसे हुआ यह कहानी आम भारतीय जनमानस से कोसो-कोस दूर है। आइए जानते…
  • education
    प्रभात पटनायक
    विचार: एक समरूप शिक्षा प्रणाली हिंदुत्व के साथ अच्छी तरह मेल खाती है
    01 Nov 2021
    वैश्वीकृत पूंजी के लिए, अपने कर्मचारी भर्ती करने के लिए, ऐसे शिक्षित मध्यवर्ग की उपस्थिति आदर्श होगी, जो हर जगह जितना ज्यादा से ज्यादा हो सके, एक जैसा हो। शिक्षा का ऐसा एकरूपीकरण हिंदुत्व के जोर से…
  • Newsletter
    ट्राईकोंटिनेंटल : सामाजिक शोध संस्थान
    यमन में एक बच्चा होना बुरे सपने जैसा है
    01 Nov 2021
    3 करोड़ की आबादी वाले यमन ने इस युद्ध में 2,50,000 से अधिक लोगों को खो दिया है, इनमें से आधे लोग युद्ध की हिंसा में मारे गए और बाक़ी आधे लोग भुखमरी और हैज़ा जैसी बीमारियों की वजह से।
  • Amit Shah
    सुबोध वर्मा
    लखनऊ में अमित शाह:  फिर किया पुराने जुमलों का रुख
    01 Nov 2021
    एक अहम स्वीकारोक्ति में शाह ने 2022 के विधानसभा चुनावों में भाजपा की संभावनाओं को 2024 में मोदी के प्रधानमंत्री बनने के साथ जोड़ दिया है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License