NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
कोविड-19
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
कोविड-19 वैक्सीन के लिए सीमित टीआरआईपीएस त्याग का समर्थन करेगा यूएस
सभी प्रकार चिकित्सीय दख़ल के लिए मूल भारत-दक्षिण अफ्रीका प्रस्ताव को टालते हुए अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि ने घोषणा की कि बाइडन-हैरिस प्रशासन कोविड-19 वैक्सीन के लिए सीमित टीआरआईपीएस त्याग का समर्थन करेगा।
पीपल्स डिस्पैच
06 May 2021
कोविड-19 वैक्सीन के लिए सीमित टीआरआईपीएस त्याग का समर्थन करेगा यूएस

पब्लिक हेल्थ एक्टिविस्ट, नागरिक समाज संगठनों और ग्लोबल साउथ नेशन्स के नेतृत्व में अंतरराष्ट्रीय गठबंधन के बढ़ते दबाव के बाद संयुक्त राज्य अमेरिका ने अंततः COVID-19 वैक्सीन को लेकर इंटेलेक्चुअल प्रोपर्टी राइट्स वेवर को लेकर झुक गया है। बुधवार 5 मई को अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कैथरीन ताई ने घोषणा की कि अमेरिका का जो बाइडन प्रशासन COVID-19 वैक्सीन के लिए सीमित टीआरआईपीएस त्याग का समर्थन करेगा।

एक बयान में इस निर्णय की घोषणा करते हुए ताई ने कहा कि "असाधारण परिस्थितियां ... असाधारण उपायों की मांग करता है।" आगे उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति जो बाइडन और उप राष्ट्रपति कमला हैरिस बौद्धिक संपदा सुरक्षा में दृढ़ता से विश्वास करते हैं, लेकिन इस महामारी को समाप्त करने की सेवा में, COVID-19 टीकों के लिए उन सुरक्षा की त्याग का समर्थन करते हैं।"

ताई ने यह भी कहा कि टीके के लिए भारत और दक्षिण अफ्रीका टीआरआईपीएस (ट्रेड रिलेटेड अस्पेक्ट्स ऑफ इंटेलेक्चुअल प्रोपर्टी राइट्स) द्वारा प्रस्ताव का समर्थन करने के लिए अमेरिका विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) में वार्ता में भाग लेगा। हालांकि अधिकांश ग्लोबल साउथ नेशन्स ने इस प्रस्ताव का समर्थन किया है लेकिन अमीर देशों अभी भी अलग थलग हैं।

यहां तक कि अमेरिका डोनाल्ड ट्रम्प प्रशासन के दौरान किसी भी COVID-19 हस्तक्षेप के लिए टीआरआईपीएस त्याग का कड़ा विरोध किया था। यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि इस सीमित टीआरआईपीएस त्याग का समर्थन करने के लिए बाइडन प्रशासन का निर्णय भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका जैसे देशों के साथ साथ साथ ही विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) और अमेरिका के भीतर नागरिक समाज आंदोलनों के दबाव के बाद आया था।

इस निर्णय की महत्ता के बावजूद अमेरिका अभी भी जांच और उपचार सहित सभी COVID-19 हस्तक्षेपों के लिए टीआरआईपीएस त्याग का समर्थन नहीं करता है। इसे मूल रूप से भारत और दक्षिण अफ्रीका द्वारा प्रस्तावित किया गया है।

यूएस आधारित समूह नॉलेज इकोलॉजी इंटरनेशनल के निदेशक जेम्स लव महामारी के दौरान इंटेलेक्चुअल प्रोपर्टी राइट्स त्याग की मांग करते हुए अमेरिका के फैसले की सराहना करते हुए एक बयान जारी किया। लव ने यह भी बताया कि क्यों "यूएस टीकों के अधित्याग पर वापस होगा लेकिन चिकित्सीय विधान या जांच पर नहीं, विदेशी बाजारों में टीके हमारी रक्षा करते हैं। विदेशी बाजारों में चिकित्सीय विधान, जांच नहीं करते हैं।"

आगे कहा कि भले ही यूएस समर्थन टीके के प्रसार के लिए एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में हो पर डब्ल्यूटीओ के लिए टीआरआईपीएस त्याग पर सहमति होने में अभी भी अधिक समय लगेगा। पिछले सात महीनों में विश्व व्यापार संगठन के सदस्यों की दस बैठकें आयोजित की गईं लेकिन टीआरआईपीएस त्याग के विरोधियों को अभी राय बदलना बाकी है।

यूरोपीय संघ, ऑस्ट्रेलिया, यूनाइटेड किंगडम, जापान और ब्राजील वर्तमान में इस प्रस्ताव का विरोध कर रहे हैं, जबकि कनाडा और मैक्सिको जैसी प्रमुख अर्थव्यवस्था वाले देश ने अभी भी इस मामले में कोई संकेत नहीं दिया है। अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि की घोषणा पर प्रतिक्रिया देते हुए "लोगों के टीके" के लिए एक अंतरराष्ट्रीय अभियान का नेतृत्व करने वाले पीपुल्स हेल्थ मूवमेंट ने कहा कि "इस त्याग का विरोध करने वाले देशों को तुरंत ऐसा करना बंद कर देना चाहिए।-"

COVID-19
Covid Vaccine
TRIPS
US

Related Stories

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना ने फिर पकड़ी रफ़्तार, 24 घंटों में 4,518 दर्ज़ किए गए 

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 3,962 नए मामले, 26 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 84 दिन बाद 4 हज़ार से ज़्यादा नए मामले दर्ज 

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना के मामलों में 35 फ़ीसदी की बढ़ोतरी, 24 घंटों में दर्ज हुए 3,712 मामले 

कोरोना अपडेट: देश में नए मामलों में करीब 16 फ़ीसदी की गिरावट

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 2,706 नए मामले, 25 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 2,685 नए मामले दर्ज

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 2,710 नए मामले, 14 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली में फिर से बढ़ रहा कोरोना का ख़तरा

महामारी में लोग झेल रहे थे दर्द, बंपर कमाई करती रहीं- फार्मा, ऑयल और टेक्नोलोजी की कंपनियां


बाकी खबरें

  • Women Hold Up More Than Half the Sky
    ट्राईकोंटिनेंटल : सामाजिक शोध संस्थान
    महिलाएँ आधे से ज़्यादा आसमान की मालिक हैं
    19 Oct 2021
    हाल ही में जारी हुए श्रम बल सर्वेक्षण पर एक नज़र डालने से पता चलता है कि ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाली 73.2% महिला श्रमिक कृषि क्षेत्र में काम करती हैं; वे किसान हैं, खेत मज़दूर हैं और कारीगर हैं।
  • Vinayak Damodar Savarkar
    डॉ. राजू पाण्डेय
    बहस: क्या स्वाधीनता संग्राम को गति देने के लिए सावरकर जेल से बाहर आना चाहते थे?
    19 Oct 2021
    बार-बार यह संकेत मिलता है कि क्षमादान हेतु लिखी गई याचिकाओं में जो कुछ सावरकर ने लिखा था वह शायद किसी रणनीति का हिस्सा नहीं था अपितु इन माफ़ीनामों में लिखी बातों पर उन्होंने लगभग अक्षरशः अमल भी किया।
  • Pulses
    शंभूनाथ शुक्ल
    ‘अच्छे दिन’ की तलाश में, थाली से लापता हुई ‘दाल’
    19 Oct 2021
    बारिश के चलते अचानक सब्ज़ियों के दाम बढ़ गए हैं। हर वर्ष जाड़ा शुरू होते ही सब्ज़ियों के दाम गिरने लगते थे किंतु इस वर्ष प्याज़ और टमाटर अस्सी रुपए पार कर गए हैं। खाने के तेल और दालें पहले से ही…
  • migrant worker
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कश्मीर में प्रवासी मज़दूरों की हत्या के ख़िलाफ़ 20 अक्टूबर को बिहार में विरोध प्रदर्शन
    19 Oct 2021
    "अनुच्छेद 370 को खत्म करने के बाद घाटी की स्थिति और खराब हुई है। इससे अविश्वास का माहौल कायम हुआ है, इसलिए इन हत्याओं की जिम्मेवारी सीधे केंद्र सरकार की बनती है।”
  • Non local laborers waiting for train inside railwaysation Nowgam
    अनीस ज़रगर
    कश्मीर में हुई हत्याओं की वजह से दहशत का माहौल, प्रवासी श्रमिक कर रहे हैं पलायन
    19 Oct 2021
    30 से अधिक हत्याओं की रिपोर्ट के चलते अक्टूबर का महीना सबसे ख़राब गुज़रा है, जिसमें 12 नागरिकों की हत्या शामिल हैं, जिनमें से कम से कम 11 को आतंकवादियों ने क़रीबी टारगेट के तौर पर मारा है। 
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License