NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
उद्धव ठाकरे को विश्वासमत : 162 से भी ज़्यादा 169 विधायकों का समर्थन मिला
चार विधायकों ने मतदान में हिस्सा नहीं लिया। प्रस्ताव के खिलाफ किसी ने वोट नहीं किया क्योंकि 288 सदस्यीय विधानसभा में विधायकों की गिनती शुरू होने से पहले ही भाजपा के सभी 105 विधायक वाकआउट कर गये।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
30 Nov 2019
maharashtra assembly
फोटो साभार : एनडीटीवी 

महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे नीत ‘महाराष्ट्र विकास आघाडी’ गठबंधन सरकार ने राज्य विधानसभा में शनिवार को विश्वासमत हासिल कर लिया। इस दौरान उन्हें पहले के दावे 162 से भी ज़्यादा विधायकों का साथ मिला।

विधानसभा के अस्थायी अध्यक्ष (प्रोटेम स्पीकर) दिलीप वाल्से पाटिल ने सदन को बताया कि कुल 169 विधायकों ने विश्वासमत के समर्थन में वोट किया।

उन्होंने बताया कि चार विधायकों ने मतदान में हिस्सा नहीं लिया।

प्रस्ताव के खिलाफ किसी ने वोट नहीं किया क्योंकि 288 सदस्यीय विधानसभा में विधायकों की गिनती शुरू होने से पहले ही भाजपा के सभी 105 विधायक वाकआउट कर गये।

इस गठबंधन में शिवसेना,राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) और कांग्रेस शामिल हैं।

गौरतलब है कि 21 अक्टूबर को हुए महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में भाजपा 105 सीटों पर जीत के साथ सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी थी।

वहीं, शिवसेना को 56, राकांपा को 54 और कांग्रेस को 44 सीटों पर जीत मिली थी। इसके बाद बीजेपी के सरकार बनाने से इंकार करने और अन्य किसी भी पार्टी के समय से दावा न कर पाने के बाद राज्य में राष्ट्रपति शासन लगा दिया गया। लेकिन फिर एक नाटकीय घटनाक्रम में जब शिवसेनास राकांपा और कांग्रेस मिलकर सरकार बनाने को तैयार हुए अचानक रात के अंधेरे में राष्ट्रपति शासन हटाकर बीजेपी के देवेंद्र फड़णवीस को मुख्यमंत्री और राकांपा के अजित पवार को उप मुख्यमंत्री पद की शपथ दिला दी गई।

इसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट गया और सुप्रीम कोर्ट के बुधवार शाम पांच बजे तक बहुमत साबित करने के आदेश के बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया जिसके बाद शिवसेना, राकांपा और कांग्रेस के ‘महाराष्ट्र विकास आघाडी’ गठबंधन की सरकार का रास्ता साफ हुआ। इसके बाद गुरुवार, 28 नवंबर को इस गठबंधन के नेता के तौर पर शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली।

मुंबई के शिवाजी पार्क में गुरुवार को ठाकरे के शपथ ग्रहण समारोह में छह मंत्रियों एकनाथ शिंदे और सुभाष देसाई (शिवसेना), जयंत पाटिल और छगन भुजबल (राकांपा) तथा बालासाहेब थोराट और नितिन राउत (कांग्रेस) ने मंत्री पद की शपथ ली थी।

ठाकरे ने विश्वासमत से पहले 14वीं विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान मंत्रियों का परिचय कराया।

पूर्ववर्ती देवेंद्र फडणवीस की सरकार में शिंदे और देसाई क्रमश: स्वास्थ्य एवं उद्योग मंत्री थे।

2014 तक 15 साल चली कांग्रेस-राकांपा की सरकार में भुजबल उपमुख्यमंत्री रहे, जबकि पाटिल के पास वित्त एवं ग्रामीण विकास जैसे विभाग थे।

थोराट और राउत इसी दौरान कुछ समय के लिए क्रमश: राजस्व एवं पशुपालन मंत्री रहे।

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ)

Maharastra
Uddhav Thackeray
Shiv sena
Congress
NCP
SHARAD PAWAR
sonia gandhi
BJP
Devendra Fednavis

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !

गुजरात: भाजपा के हुए हार्दिक पटेल… पाटीदार किसके होंगे?


बाकी खबरें

  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    बिहार : गेहूं की धीमी सरकारी ख़रीद से किसान परेशान, कम क़ीमत में बिचौलियों को बेचने पर मजबूर
    30 Apr 2022
    मुज़फ़्फ़रपुर में सरकारी केंद्रों पर गेहूं ख़रीद शुरू हुए दस दिन होने को हैं लेकिन अब तक सिर्फ़ चार किसानों से ही उपज की ख़रीद हुई है। ऐसे में बिचौलिये किसानों की मजबूरी का फ़ायदा उठा रहे है।
  • श्रुति एमडी
    तमिलनाडु: ग्राम सभाओं को अब साल में 6 बार करनी होंगी बैठकें, कार्यकर्ताओं ने की जागरूकता की मांग 
    30 Apr 2022
    प्रदेश के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने 22 अप्रैल 2022 को विधानसभा में घोषणा की कि ग्रामसभाओं की बैठक गणतंत्र दिवस, श्रम दिवस, स्वतंत्रता दिवस और गांधी जयंती के अलावा, विश्व जल दिवस और स्थानीय शासन…
  • समीना खान
    लखनऊ: महंगाई और बेरोज़गारी से ईद का रंग फीका, बाज़ार में भीड़ लेकिन ख़रीदारी कम
    30 Apr 2022
    बेरोज़गारी से लोगों की आर्थिक स्थिति काफी कमज़ोर हुई है। ऐसे में ज़्यादातर लोग चाहते हैं कि ईद के मौक़े से कम से कम वे अपने बच्चों को कम कीमत का ही सही नया कपड़ा दिला सकें और खाने पीने की चीज़ ख़रीद…
  • अजय कुमार
    पाम ऑयल पर प्रतिबंध की वजह से महंगाई का बवंडर आने वाला है
    30 Apr 2022
    पाम ऑयल की क़ीमतें आसमान छू रही हैं। मार्च 2021 में ब्रांडेड पाम ऑयल की क़ीमत 14 हजार इंडोनेशियन रुपये प्रति लीटर पाम ऑयल से क़ीमतें बढ़कर मार्च 2022 में 22 हजार रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गईं।
  • रौनक छाबड़ा
    LIC के कर्मचारी 4 मई को एलआईसी-आईपीओ के ख़िलाफ़ करेंगे विरोध प्रदर्शन, बंद रखेंगे 2 घंटे काम
    30 Apr 2022
    कर्मचारियों के संगठन ने एलआईसी के मूल्य को कम करने पर भी चिंता ज़ाहिर की। उनके मुताबिक़ यह एलआईसी के पॉलिसी धारकों और देश के नागरिकों के भरोसे का गंभीर उल्लंघन है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License