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भारत
राजनीति
उद्धव ठाकरे को विश्वासमत : 162 से भी ज़्यादा 169 विधायकों का समर्थन मिला
चार विधायकों ने मतदान में हिस्सा नहीं लिया। प्रस्ताव के खिलाफ किसी ने वोट नहीं किया क्योंकि 288 सदस्यीय विधानसभा में विधायकों की गिनती शुरू होने से पहले ही भाजपा के सभी 105 विधायक वाकआउट कर गये।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
30 Nov 2019
maharashtra assembly
फोटो साभार : एनडीटीवी 

महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे नीत ‘महाराष्ट्र विकास आघाडी’ गठबंधन सरकार ने राज्य विधानसभा में शनिवार को विश्वासमत हासिल कर लिया। इस दौरान उन्हें पहले के दावे 162 से भी ज़्यादा विधायकों का साथ मिला।

विधानसभा के अस्थायी अध्यक्ष (प्रोटेम स्पीकर) दिलीप वाल्से पाटिल ने सदन को बताया कि कुल 169 विधायकों ने विश्वासमत के समर्थन में वोट किया।

उन्होंने बताया कि चार विधायकों ने मतदान में हिस्सा नहीं लिया।

प्रस्ताव के खिलाफ किसी ने वोट नहीं किया क्योंकि 288 सदस्यीय विधानसभा में विधायकों की गिनती शुरू होने से पहले ही भाजपा के सभी 105 विधायक वाकआउट कर गये।

इस गठबंधन में शिवसेना,राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) और कांग्रेस शामिल हैं।

गौरतलब है कि 21 अक्टूबर को हुए महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में भाजपा 105 सीटों पर जीत के साथ सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी थी।

वहीं, शिवसेना को 56, राकांपा को 54 और कांग्रेस को 44 सीटों पर जीत मिली थी। इसके बाद बीजेपी के सरकार बनाने से इंकार करने और अन्य किसी भी पार्टी के समय से दावा न कर पाने के बाद राज्य में राष्ट्रपति शासन लगा दिया गया। लेकिन फिर एक नाटकीय घटनाक्रम में जब शिवसेनास राकांपा और कांग्रेस मिलकर सरकार बनाने को तैयार हुए अचानक रात के अंधेरे में राष्ट्रपति शासन हटाकर बीजेपी के देवेंद्र फड़णवीस को मुख्यमंत्री और राकांपा के अजित पवार को उप मुख्यमंत्री पद की शपथ दिला दी गई।

इसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट गया और सुप्रीम कोर्ट के बुधवार शाम पांच बजे तक बहुमत साबित करने के आदेश के बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया जिसके बाद शिवसेना, राकांपा और कांग्रेस के ‘महाराष्ट्र विकास आघाडी’ गठबंधन की सरकार का रास्ता साफ हुआ। इसके बाद गुरुवार, 28 नवंबर को इस गठबंधन के नेता के तौर पर शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली।

मुंबई के शिवाजी पार्क में गुरुवार को ठाकरे के शपथ ग्रहण समारोह में छह मंत्रियों एकनाथ शिंदे और सुभाष देसाई (शिवसेना), जयंत पाटिल और छगन भुजबल (राकांपा) तथा बालासाहेब थोराट और नितिन राउत (कांग्रेस) ने मंत्री पद की शपथ ली थी।

ठाकरे ने विश्वासमत से पहले 14वीं विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान मंत्रियों का परिचय कराया।

पूर्ववर्ती देवेंद्र फडणवीस की सरकार में शिंदे और देसाई क्रमश: स्वास्थ्य एवं उद्योग मंत्री थे।

2014 तक 15 साल चली कांग्रेस-राकांपा की सरकार में भुजबल उपमुख्यमंत्री रहे, जबकि पाटिल के पास वित्त एवं ग्रामीण विकास जैसे विभाग थे।

थोराट और राउत इसी दौरान कुछ समय के लिए क्रमश: राजस्व एवं पशुपालन मंत्री रहे।

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ)

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Devendra Fednavis

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