NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
युगांडाः राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार बॉबी वाइन का दावा उनके बॉडीगार्ड को देश की सेना ने मारा
देश में लंबे समय तक राष्ट्रपति पद पर काबिज़ योवेरी मुसेवेनी की सबसे बड़ी चुनौती देने वालों के ख़िलाफ़ पिछले कुछ महीनों में यह तीसरा हमला है। अगले साल 14 जनवरी को राष्ट्रपति चुनाव होने हैं।
पीपल्स डिस्पैच
28 Dec 2020
 बॉबी वाइन

रविवार 27 दिसंबर को सेंट्रल युगांडा में राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार बॉबी वाइन की रैली में सुरक्षा बलों द्वारा छोड़े गए आंसू गैस गोले के चलते बॉबी वाइन के निजी बॉडीगार्ड की मौत हो गई और दो पत्रकार घायल हो गए। बॉबी वाइन ने बाद में दावा किया कि उनके बॉडीगार्ड फ्रांसिस सेंटेज़ा पर जानबूझकर एक सैन्य वाहन उस समय चढ़ा दिया गया था जब वह सुरक्षा बलों के हमले में घायल हुए पत्रकारों में से एक पत्रकार की मदद करने की कोशिश कर रहा था।

अशरफ काशीरये नाम के पत्रकार के सिर पर उस समय आंसू गैस के गोले लगे जब सुरक्षा बलों ने वाइन की रैली पर हमला किया। उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है।

सुरक्षा बलों ने वाइन की रैलियों पर हमले के कारण के रुप में सार्वजनिक रैलियों और सभाओं को लेकर कोरोनावायरस से संबंधित प्रतिबंधों का हवाला दिया है। इस साल नवंबर में वाइन द्वारा अपना नामांकन दाखिल करने के बाद से रविवार का हमला तीसरा बड़ा हमला था। उनके नामांकन भरने के कुछ ही देर बाद वाइन ने शिकायत की थी कि उन्हें युगांडा पुलिस ने पीटा था। उन्हें 18 नवंबर को युगांडा पुलिस ने गिरफ्तार किया था, जिससे देश में बड़े पैमाने पर हिंसा हुई थी और समें कम से कम 37 लोग मारे गए थे। हालांकि उन्हें दो दिनों के बाद रिहा कर दिया गया था लेकिन वे पुलिस और अधिकारियों द्वारा उत्पीड़न के बारे में लगातार शिकायत करते रहे हैं। उन्होंने इस महीने की शुरुआत में सुरक्षा बलों द्वारा हमले के बाद जिंदगी को लेकर खतरे की शिकायत के बाद कुछ दिनों के लिए अपने प्रचार को रोक दिया था। सुरक्षा बलों के हमले में उनकी प्रचार टीम के कुछ लोग घायल हो गए थे।

सुरक्षा बलों और अधिकारियों का दावा है कि बॉबी वाइन देश में कोरोनावायरस के प्रसार को रोकने के लिए सरकार द्वारा जारी दिशानिर्देशों का उल्लंघन कर रहे थे। इन दिशानिर्देशों के अनुसार 200 से अधिक लोगों के इकट्ठा होने की अनुमति नहीं है। लेकिन वाइन की रैलियों में बड़ी भीड़ देखी जाती है।

26 दिसंबर को अधिकारियों ने कोरोनोवायरस के जोखिमों का हवाला देते हुए राजधानी कंपाला और देश के 10 सबसे अधिक आबादी वाले जिलों में सभी राजनीतिक रैलियों को रोकने का आदेश जारी किया। हालांकि, आलोचक इसे विपक्ष को चुनाव प्रचार से रोकने के प्रयास के रूप में देखते हैं।

पॉप स्टार से राजनेता बने वाइन का असली नाम कयागुल्यानी सेसेंटामु है। वह युगांडा में राष्ट्रपति पद के लिए लंबे समय से पदस्थ राष्ट्रपति योवेरी मुसेवेनी के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं और उन्हें लोगों के बीच लोकप्रिय माना जा रहा है। मुसेवेनी और उनकी नेशनल रेसिस्टेंस मूवमेंट पार्टी 1986 से सत्ता पर काबिज है।

Uganda
Bobi Wine
Presidential Election in Uganda

Related Stories

युगांडाः चुनाव परिणामों का विरोध करने पर विपक्ष हमले और उत्पीड़न का शिकार

युगांडा : राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार बॉबी वाइन ने चुनाव से पहले सुरक्षा ख़तरे का आरोप लगाया

यूएन ने युगांडा में विपक्षी दलों और पत्रकारों पर सरकारी हिंसा को लेकर चिंता जताई

राष्ट्रपति पद के दावेदार बोबी वाइन की गिरफ़्तारी से पूरे युगांडा में विरोध-प्रदर्शन

पूर्वी अफ़्रीका में फ़्रांसिसी तेल की विशाल परियोजनाएं मानव अधिकारों और पर्यावरण सुरक्षा उपायों का उल्लंघन कर रही हैं : रिपोर्ट


बाकी खबरें

  • bharat ek mauj
    न्यूज़क्लिक टीम
    भारत एक मौज: क्यों नहीं हैं भारत के लोग Happy?
    28 Mar 2022
    'भारत एक मौज' के आज के एपिसोड में संजय Happiness Report पर चर्चा करेंगे के आखिर क्यों भारत का नंबर खुश रहने वाले देशों में आखिरी 10 देशों में आता है। उसके साथ ही वह फिल्म 'The Kashmir Files ' पर भी…
  • विजय विनीत
    पूर्वांचल में ट्रेड यूनियनों की राष्ट्रव्यापी हड़ताल के बीच सड़कों पर उतरे मज़दूर
    28 Mar 2022
    मोदी सरकार लगातार मेहनतकश तबके पर हमला कर रही है। ईपीएफ की ब्याज दरों में कटौती इसका ताजा उदाहरण है। इस कटौती से असंगठित क्षेत्र के मजदूरों को सर्वाधिक नुकसान होगा। इससे पहले सरकार ने 44 श्रम कानूनों…
  • एपी
    रूस-यूक्रेन अपडेट:जेलेंस्की के तेवर नरम, बातचीत में ‘विलंब किए बिना’ शांति की बात
    28 Mar 2022
    रूस लंबे समय से मांग कर रहा है कि यूक्रेन पश्चिम के नाटो गठबंधन में शामिल होने की उम्मीद छोड़ दे क्योंकि मॉस्को इसे अपने लिए खतरा मानता है।
  • मुकुंद झा
    देशव्यापी हड़ताल के पहले दिन दिल्ली-एनसीआर में दिखा व्यापक असर
    28 Mar 2022
    सुबह से ही मज़दूर नेताओं और यूनियनों ने औद्योगिक क्षेत्र में जाकर मज़दूरों से काम का बहिष्कार करने की अपील की और उसके बाद मज़दूरों ने एकत्रित होकर औद्योगिक क्षेत्रों में रैली भी की। 
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    माले का 11वां राज्य सम्मेलन संपन्न, महिलाओं-नौजवानों और अल्पसंख्यकों को तरजीह
    28 Mar 2022
    "इस सम्मेलन में महिला प्रतिनिधियों ने जिस बेबाक तरीक़े से अपनी बातें रखीं, वह सम्मेलन के लिए अच्छा संकेत है।"
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License