NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
त्रिमंडल जल्दी ही ‘बैड बैंक’ के लिये सरकारी गारंटी के प्रस्ताव को दे सकता है मंज़ूरी
प्रस्तावित बैड बैंक के साथ कर्ज के जिस मूल्य पर सहमति बनेगी, उसका 15 प्रतिशत नकद देगा जबकि शेष 85 प्रतिशत हिस्सा सरकारी गारंटी वाली प्रतिभूति रसीद के रूप में होगा। निर्धारित मूल्य सीमा पर अगर नुकसान होता है तो सरकारी गारंटी को भुना लिया जाएगा।
भाषा
29 Jun 2021
त्रिमंडल जल्दी ही ‘बैड बैंक’ के लिये सरकारी गारंटी के प्रस्ताव को दे सकता है मंज़ूरी

नयी दिल्ली: केंद्रीय मंत्रिमंडल फंसे कर्ज के समाधान के उद्देश्य से गठित की जाने वाली राष्ट्रीय संपत्ति पुनर्निर्माण कंपनी (एनएआरसीएल) की प्राप्ति रसीदों को सरकारी गारंटी उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को जल्द मंजूरी दे सकता है।

भारतीय बैंक संघ (आईबीए) ने इस संदर्भ में सरकारी गारंटी लगभग 31,000 करोड़ रुपये होने का अनुमान लगाया है। एनएआरसीएल यानी बैड बैंक के गठन की जिम्मेदारी आईबीए को सौंपी गयी है।

प्रस्तावित बैड बैंक के साथ कर्ज के जिस मूल्य पर सहमति बनेगी, उसका 15 प्रतिशत नकद देगा जबकि शेष 85 प्रतिशत हिस्सा सरकारी गारंटी वाली प्रतिभूति रसीद के रूप में होगा। निर्धारित मूल्य सीमा पर अगर नुकसान होता है तो सरकारी गारंटी को भुना लिया जाएगा।

सूत्रों के अनुसार प्रस्ताव मंत्रिमंडल के समक्ष भेजा गया है और एनएआरसीएल द्वारा जारी की जाने वाली प्रतिभूति रसीदों को लेकर सरकारी गारंटी की जरूरत होगी।

उसने कहा कि मंत्रिमंडल से प्रस्ताव को जल्द मंजूरी मिलने की उम्मीद है। इससे बैड बैंक के परिचालन में आने का रास्ता साफ हो जाएगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2021-22 के बजट में बैड बैंक के गठन की घोषणा की थी।

पिछले साल, आईबीए ने गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों (एनपीए) के त्वरित समाधान के लिए एक बैड बैंक के गठन का प्रस्ताव रखा था। सरकार ने प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया और इस संबंध में परिसंपत्ति पुनर्निर्माण कंपनी तथा परिसंपत्ति प्रबंधन कंपनी मॉडल को अपनाने का फैसला किया।

इस बीच, सार्वजनिक क्षेत्र के केनरा बैंक ने 12 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ एनएआरसीएल की मुख्य प्रायोजक बनने का इरादा जताया है।

प्रस्तावित एनएआरसीएल में 51 प्रतिशत हिस्सेदारी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के पास जबकि शेष निजी क्षेत्र के बैंकों के पास होगी।

Bad Bank
Union Cabinet

Related Stories

कैसे मोदी का माइक्रो-मैनेजमेंट मॉडल अराजकता में बदल गया

अमीरों का, पैसे से पैसा बनाने के कुचक्र का हथियार है बैड बैंक!


बाकी खबरें

  • सबरंग इंडिया
    उत्तर प्रदेश: पेपर लीक की रिपोर्ट करने वाले पत्रकार गिरफ्तार
    02 Apr 2022
    अमर उजाला के बलिया संस्करण ने जिस दिन दोपहर 2 बजे से परीक्षा होनी थी उस दिन सुबह लीक पेपर प्रकाशित किया था।
  • इलियट नेगिन
    समय है कि चार्ल्स कोच अपने जलवायु दुष्प्रचार अभियान के बारे में साक्ष्य प्रस्तुत करें
    02 Apr 2022
    दो दशकों से भी अधिक समय से कोच नियंत्रित फ़ाउंडेशनों ने जलवायु परिवर्तन पर सरकारी कार्यवाई को विफल बनाने के लिए 16 करोड़ डॉलर से भी अधिक की रकम ख़र्च की है।
  • DU
    न्यूज़क्लिक टीम
    यूजीसी का फ़रमान, हमें मंज़ूर नहीं, बोले DU के छात्र, शिक्षक
    01 Apr 2022
    नई शिक्षा नीति के तहत UGC ने केंद्रीय विश्वविद्यालयों को कई कदम लागू करने के लिए कहा है. इनमें चार साल का स्नातक कोर्स, एक प्रवेश परीक्षा और संस्थान चलाने के लिए क़र्ज़ लेना शामिल है. इन नीतियों का…
  • रवि शंकर दुबे
    इस साल यूपी को ज़्यादा बिजली की ज़रूरत
    01 Apr 2022
    उत्तर प्रदेश की गर्मी ने जहां बिजली की खपत में इज़ाफ़ा कर दिया है तो दूसरी ओर बिजली कर्मचारी निजीकरण के खिलाफ आंदोलन छेड़े हुए हैं। देखना होगा कि सरकार और कर्मचारी के बीच कैसे समन्वय होता है।
  • सोनिया यादव
    राजस्थान: महिला डॉक्टर की आत्महत्या के पीछे पुलिस-प्रशासन और बीजेपी नेताओं की मिलीभगत!
    01 Apr 2022
    डॉक्टर अर्चना शर्मा आत्महत्या मामले में उनके पति डॉक्टर सुनीत उपाध्याय ने आरोप लगाया है कि कुछ बीजेपी नेताओं के दबाव में पुलिस ने उनकी पत्नी के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया, जिसके चलते उनकी पत्नी…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License