NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
उद्धव ठाकरे को थप्पड़ मारने वाली टिप्पणी पर केंद्रीय मंत्री नारायण राणे गिरफ्तार
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि राणे को रत्नागिरी जिले में पुलिस ने हिरासत में लिया, जहां वह ‘जन आशीर्वाद यात्रा’ के तहत दौरे पर थे। अधिकारी ने बताया कि हिरासत में लेने के बाद राणे को संगमेश्वर थाना ले जाया गया।
भाषा
24 Aug 2021
उद्धव ठाकरे को थप्पड़ मारने वाली टिप्पणी पर केंद्रीय मंत्री नारायण राणे गिरफ्तार

मुंबई: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को थप्पड़ मारने संबंधी कथित टिप्पणी पर विवाद के बाद केंद्रीय मंत्री नारायण राणे को मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया गया।

एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि राणे को रत्नागिरी जिले में पुलिस ने हिरासत में लिया, जहां वह ‘जन आशीर्वाद यात्रा’ के तहत दौरे पर थे। अधिकारी ने बताया कि हिरासत में लेने के बाद राणे को संगमेश्वर थाना ले जाया गया। ऐसी खबरें आयी हैं कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता राणे ने उच्च रक्तचाप और शर्करा का स्तर बढ़ने शिकायत की तथा उनकी जांच के लिए एक डॉक्टर को बुलाया गया।

राणे ने दावा किया था कि स्वतंत्रता दिवस के मौके पर अपने संबोधन में ठाकरे यह भूल गए कि देश की आजादी को कितने साल हुए हैं। राणे ने रायगढ़ जिले में सोमवार को ‘जन आशीर्वाद यात्रा’ के दौरान कथित तौर पर कहा, ‘‘यह शर्मनाक है कि मुख्यमंत्री को यह नहीं पता कि आजादी को कितने साल हो गए हैं। भाषण के दौरान वह पीछे मुड़कर इस बारे में पूछते नजर आए थे। अगर मैं वहां होता तो उन्हें एक जोरदार थप्पड़ मारता।’’ राणे अपनी इस टिप्पणी के बाद विवादों में घिर गए और शिवसेना के कार्यकर्ताओं ने उनके खिलाफ राज्य के कई शहरों में विरोध प्रदर्शन किया है।

इससे पहले, राणे ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के खिलाफ दिए गए अपने कथित बयान का मंगलवार को बचाव करते हुए कहा कि उन्होंने ऐसी टिप्पणी कर कोई अपराध नहीं किया है। गिरफ्तारी से पहले- मामले में उनकी गिरफ्तारी की खबरों पर राणे ने कहा कि वह कोई ‘‘आम’’ आदमी नहीं हैं और इस तरह की खबरों के खिलाफ उन्होंने मीडिया को आगाह भी किया।

राणे ने कहा, ‘‘मैंने कोई अपराध नहीं किया है। आप खबरों का सत्यापन कर उन्हें टीवी पर दिखाएं नहीं तो मैं आपके (मीडिया के) खिलाफ मामला दर्ज कराऊंगा। कोई अपराध ना करने के बावजूद मीडिया में मेरी ‘‘आसन्न’’ गिरफ्तारी की अटकलें लगाई जा रही हैं। आपको क्या लगता है कि मैं कोई आम आदमी हूं?’’

ठाकरे के खिलाफ राणे की टिप्पणी की शिवसेना ने कड़ी निंदा की है। पार्टी कार्यकर्ताओं ने मुंबई और कई अन्य स्थानों पर पोस्टर लगाए हैं, जिसमें राणे को ‘कोम्बडी चोर’ (मुर्गी चोर) बताया गया है। गौरतलब है कि करीब पांच दशक पहले चेंबूर में राणे ‘पॉल्ट्री’ की दुकान चलाते थे।

शिवसेना और उसकी युवा शाखा के कार्यकर्ताओं ने राणे के खिलाफ महाराष्ट्र के विभिन्न शहरों में विरोध प्रदर्शन किया। पुणे के डेक्कन जिमखाना इलाके में शिवसेना कार्यकर्ताओं ने राणे के पोस्टर पर जूते बरसाए और थप्पड़ मारे। हडपसर में युवा सेना के कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि पुणे में जेएम रोड स्थित एक मॉल में पत्थर फेंका गया।

पूर्वी महाराष्ट्र के अमरावती शहर में शिवसेना कार्यकर्ताओं ने राणे की टिप्पणी के विरोध में राजापेठ इलाके में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) कार्यालय में तोड़फोड़ की और कार्यालय के सामने लगे विभिन्न पोस्टरों में आग लगा दी। घटना के समय कार्यालय में भाजपा का कोई भी पदाधिकारी या कार्यकर्ता मौजूद नहीं था। शिवसेना कार्यकर्ताओं ने कार्यालय के बाहर लगे पोस्टरों पर पेट्रोल उड़ेल दिया और उनमें आग लगा दी। उन्होंने कार्यालय पर पथराव भी किया।

मुंबई में राणे के आवास के बाहर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। भाजपा कार्यकर्ता सुबह से ही मंत्री के समर्थन में उनके सांताक्रूज (पश्चिम) में जुहू तारा रोड स्थित आवास के बाहर एकत्र हो गए। वहीं, महिलाओं सहित शिवसेना के कार्यकर्ता राणे के खिलाफ तख्तियां लिए और नारेबाजी करते हुए, जुहू स्थित युवा सेना (पार्टी की युवा शाखा) के एक कार्यालय के बाहर जमा हो गए।

एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए महिला पुलिस कर्मियों सहित भारी पुलिस बल राणे के आवास के बाहर तैनात किया गया है।

भाजपा की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल ने राणे की ठाकरे को थप्पड़ मारने संबंधी कथित टिप्पणी से खुद को अलग कर लिया, लेकिन साथ ही कहा कि वह मंत्री के बयान पर खेद प्रकट नहीं करेंगे। पाटिल ने एक क्षेत्रीय समाचार चैनल से कहा, ‘‘मैं राणे के बयान का बचाव नहीं कर रहा, लेकिन उसको लेकर खेद भी व्यक्त नहीं करूंगा।’’

विपक्ष के नेता देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि भाजपा राणे की टिप्पणी का समर्थन नहीं करती है, लेकिन ‘‘पार्टी पूरी एकजुटता से उनके साथ खड़ी है।’’ यह आरोप लगाते हुए कि राज्य पुलिस बल का ‘‘प्रतिशोध की राजनीति’’ के लिए एक औजार के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है, पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि कानून और व्यवस्था सुनिश्चित होनी चाहिए न कि ‘‘तालिबान जैसा शासन।’’

केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने राणे का बचाव करते हुए कहा कि मंत्री का इरादा मुख्यमंत्री का अपमान करने का नहीं था और वह अपने बयान पर स्पष्टीकरण देंगे। केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री आठवले ने पत्रकारों से कहा, ‘‘राणे के कहने का मतलब केवल इतना था कि ठाकरे महाराष्ट्र के विकास के लिए कुछ नहीं कर रहे हैं और लोगों की समस्याओं को समझने के लिए वह मुंबई में अपने आवास ‘मातोश्री’ से कभी-कभार ही बाहर निकलते हैं। राणे का मतलब था कि ऐसे मुख्यमंत्री को पद पर बने रहने का अधिकार नहीं है। वह यही कहना चाहते थे।’’

शिवसेना के सांसद विनायक राउत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर केन्द्रीय मंत्री नारायण राणे को केन्द्रीय मंत्रिमंडल से बर्खास्त करने की मांग की है।

राणे ने ठाकरे के खिलाफ अपनी टिप्पणी को लेकर दर्ज प्राथमिकियों को चुनौती देते हुए बंबई उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर गिरफ्तारी से संरक्षण का अनुरोध किया। अधिवक्ता अनिकेत निकम के माध्यम से दाखिल राणे की याचिका में प्राथमिकी रद्द करने के लिए निर्देश देने का आग्रह किया गया। राणे ने गिरफ्तारी या किसी दंडात्मक कार्रवाई से सुरक्षा प्रदान करने के लिए अंतरिम आदेश का भी अनुरोध किया।

न्यायमूर्ति एस एस शिंदे और न्यायमूर्ति एन जे जमादार की पीठ के समक्ष दाखिल याचिका में मंगलवार को ही तत्काल सुनवाई की मांग की गई। हालांकि, पीठ ने इस पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया और कहा कि (याचिका का) उल्लेख करने की अनुमति नहीं है। पीठ ने कहा कि वकील को प्रक्रिया का पालन करना होगा।

अदालत ने कहा, ‘‘रजिस्ट्री विभाग के समक्ष तत्काल सुनवाई के लिए एक अर्जी दाखिल करें और फिर हम विचार करेंगे।’’ याचिका में राणे के खिलाफ पुणे, नासिक और रायगढ़ के महाड में दर्ज प्राथमिकियों को चुनौती दी गई है। अदालत ने कहा, ‘‘सभी को प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। हमसे रजिस्ट्री का काम न कराएं।’’ रत्नागिरी की एक अदालत ने भी राणे की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी।

Maharastra
Uddhav Thackeray
Narayan Rane
BJP

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !

गुजरात: भाजपा के हुए हार्दिक पटेल… पाटीदार किसके होंगे?


बाकी खबरें

  • Lakhimpur
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    वाम दलों ने की लखीमपुर घटना की कड़ी निंदा, सीपीआई-एम के राज्य सम्मेलन में शहीद किसानों को श्रद्धांजलि
    04 Oct 2021
    सीपीआई-एम महासचिव सीताराम येचुरी ने कहा कि हमारे वीर और दृढ़निश्चयी किसानों के बलिदान को व्यर्थ नहीं जाने दिया जाएगा।
  • afghanistan taliban
    विजय प्रसाद
    बेहिसाब दौलत के बीच जीते अफ़ग़ानिस्तान के ग़रीब लोग
    04 Oct 2021
    ख़ासकर महिलाओं के ख़िलाफ़ तालिबान की सख़्त सामाजिक नीति से कई सहायता समूह इस देश  में वापस आने से हिचकेगी।
  • Launch of NMP
    सुबोध वर्मा
    भारत के इतिहास की सबसे बड़ी 'सेल' की तैयारी
    04 Oct 2021
    मोदी सरकार की राष्ट्रीय मुद्रीकरण पाइपलाइन की नीति एक झटके में भारत के प्रमुख बुनियादी ढांचे को निजी संस्थाओं को सौंप देगी।
  • Lakhimpur Kheri Update
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    लखीमपुर खीरी अपडेट: किसानों के साथ विपक्षी दलों ने खोला मोर्चा, हड़बड़ी में सरकार 
    04 Oct 2021
    लखीमपुर खीरी की ओर जाने वाले विपक्षी नेताओं को ज़िले में पहुंचने से पहले ही हिरासत में लिया जा रहा है, भाजपा सरकार ने न केवल ज़िले का इंटरनेट बंद कर दिया है बल्कि पूरे ज़िले में धारा 144 भी लगा दी है।
  • no hate
    राम पुनियानी
    असम: नफ़रत की इंतिहा
    04 Oct 2021
    साम्प्रदायिक सोच वाली भाजपा, बांग्लाभाषी प्रवासी मुसलमानों को 'विदेशी' मानती है जबकि तथ्य यह है कि असम में बंगाली मुसलमानों के बसने का बहुत पुराना इतिहास है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License