NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
यूके और यूएस सबसे सुरक्षित टैक्स हैवन देश
ग़रीब देशों के कॉरपोरेट घराने और बड़े लोग अपने देशों में कर देने से बचने के लिए इन देशों में अपना पैसा जमा करते हैं।
पीपल्स डिस्पैच
19 Feb 2020
us

टैक्स जस्टिस नेटवर्क (टीजेएन) द्वारा प्रकाशित फाइनेंशियल सिक्रेसी इंडेक्स 2020 के अनुसार केमैन आइलैंड दुनिया में "सबसे सुरक्षित टैक्स हैवन" देश है। कैरेबियन सागर में स्थित केमैन आइलैंड ब्रिटेन के नियंत्रण वाला क्षेत्र है। इस इंडेक्स के अनुसार फाइनांशियल सिक्रेसी के मामले में तीसरे स्थान पर स्थित स्विट्जरलैंड को पीछे छोड़ते हुए अमेरिका दूसरे स्थान पर है।

2020 के लिए जारी ये सूचकांक 18 फरवरी को ऑनलाइन प्रकाशित किया गया था। फाइनेंशियल सिक्रेसी इंडेक्स देशों को उनके कर कानूनों या 0 (शून्य) से 10 (दस) के स्केल पर फाइनेंशियल सिक्रेसी के आधार पर रैंक देता है। इसमें शून्य सबसे पारदर्शी कर कानून प्रणाली वाला राष्ट्र है। फाइनेंशियल सिक्रेसी कर धोखाधड़ी के लिए अवसर पैदा करता है जो वित्तीय नियमों से बचती है, भ्रष्टाचार से सार्वजनिक राजस्व को नुकसान होता है जो अंततः सामाजिक क्षेत्रों में राज्य की व्यय क्षमता को प्रभावित करता है।

इस रिपोर्ट के अनुसार 21 से 31 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर की निजी वित्तीय संपत्ति दुनिया भर के टैक्स हैवन स्थानों में बहुत कम या बिना टैक्स के जमा की जाती है। ये पैसा अमेरिका की वार्षिक जीडीपी से अधिक है। रिपोर्ट में कहा गया है कि वार्षिक अवैध सीमा पार वित्तीय प्रवाह 1 से 1.6 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर होने का अनुमान है, जो गरीब देशों को विदेशी सहायता के वार्षिक प्रवाह से कई गुना अधिक है जिसका लगभग 135 बिलियन अमेरिकी डॉलर होने का अनुमान है।

केवल ग़रीब अफ्रीकी देशों को अनुमानित 1 ट्रिलियन डॉलर के नुकसान का सामना करना पड़ता है। अगर हम इन देशों के कुल विदेशी क़र्ज़ के नुकसान की तुलना करें तो यह 200 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंच जाता है ऐसे में हम पाते हैं कि यह राशि पांच गुना अधिक है। उदाहरण के लिए हाल ही में अंगोला के "लुआंडा लीक्स" में अंगोला की पूर्व राष्ट्रपति और अफ्रीका की सबसे अमीर महिला की बेटी इसाबेल डॉस सैंटोस पर सरकारी खजाने से लाखों डॉलर लूटने और इसे अमेरिका में जमा करने का आरोप लगाया गया है।

हाल के दिनों में कई ऐसे लीक (पनामा, मॉरीशस आदि) में आने वाले बड़े लोगों के नामों के साथ भारत इस तरह की कर चोरी का सबसे बड़ा शिकार देश रहा है।

इस रिपोर्ट के अनुसार, हांगकांग, सिंगापुर, ताइवान, लक्जमबर्ग और जर्मनी दुनिया के शीर्ष 15 टैक्स हैवन देशों में शामिल है।

 

 

 

United kingdom
Tax Justice Network
The Financial Secrecy Index ranks
US

Related Stories

90 दिनों के युद्ध के बाद का क्या हैं यूक्रेन के हालात

हिंद-प्रशांत क्षेत्र में आईपीईएफ़ पर दूसरे देशों को साथ लाना कठिन कार्य होगा

यूक्रेन युद्ध से पैदा हुई खाद्य असुरक्षा से बढ़ रही वार्ता की ज़रूरत

यूक्रेन में संघर्ष के चलते यूरोप में राजनीतिक अर्थव्यवस्था पर प्रभाव 

छात्रों के ऋण को रद्द करना नस्लीय न्याय की दरकार है

ब्रिटेन की कोर्ट ने जूलियन असांज के अमेरिका प्रत्यर्पण की अनुमति दी

बाइडेन ने फैलाए यूक्रेन की सीमा की ओर अपने पंख

यमन के लिए यूएन का सहायता सम्मेलन अकाल और मौतों की चेतावनियों के बीच अपर्याप्त साबित हुआ

नेपाल ने अमेरिका के MCC अनुदान समझौते को विरोध प्रदर्शनों के बीच दी मान्यता, अब आगे क्या?

हम यूक्रेन की निष्पक्षता पर बातचीत करने के लिए प्रतिनिधि मंडल भेजने को तैयार- रूस


बाकी खबरें

  • ukraine russia
    न्यूज़क्लिक टीम
    यूक्रेन पर रूसी हमला जारी, क्या निकलेगी शांति की राह, चिली-कोलंबिया ने ली लाल करवट
    15 Mar 2022
    'पड़ताल दुनिया भर की' में, वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह ने यूक्रेन पर रूसी हमले के 20वें दिन शांति के आसार को टटोला न्यूज़क्लिक के प्रधान संपादक प्रबीर पुरकायस्थ के साथ। इसके अलावा, चर्चा की दो लातिन…
  • citu
    न्यूज़क्लिक टीम
    स्कीम वर्कर्स संसद मार्च: लड़ाई मूलभूत अधिकारों के लिए है
    15 Mar 2022
    CITU के आह्वान पर आज सैकड़ों की संख्या में स्कीम वर्कर्स ने संसद मार्च किया और स्मृति ईरानी से मुलाकात की. आखिर क्या है उनकी मांग? क्यों आंदोलनरत हैं स्कीम वर्कर्स ? पेश है न्यूज़क्लिक की ग्राउंड…
  • yogi
    रवि शंकर दुबे
    चुनाव तो जीत गई, मगर क्या पिछले वादे निभाएगी भाजपा?
    15 Mar 2022
    उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव भले ही भाजपा ने जीत लिया हो लेकिन मुद्दे जस के तस खड़े हैं। ऐसे में भाजपा की नई सरकार के सामने लोकसभा 2024 के लिए तमाम चुनौतियां होने वाली हैं।
  • मुकुल सरल
    कश्मीर फाइल्स: आपके आंसू सेलेक्टिव हैं संघी महाराज, कभी बहते हैं, और अक्सर नहीं बहते
    15 Mar 2022
    क्या आप कश्मीर में पंडितों के नरसंहार के लिए, उनके पलायन के लिए मुसलमानों को ज़िम्मेदार नहीं मानते—पड़ोसी ने गोली की तरह सवाल दागा।
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    बिहारः खेग्रामस व मनरेगा मज़दूर सभा का मांगों को लेकर पटना में प्रदर्शन
    15 Mar 2022
    "बिहार में मनरेगा मजदूरी मार्केट दर से काफी कम है। मनरेगा में सौ दिनों के काम की बात है और सम्मानजनक पैसा भी नहीं मिलता है।"
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License