NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
उन्नाव दुष्कर्म मामला : सीबीआई ने की चार अधिकारियों पर कार्रवाई की सिफ़ारिश, लगाया लापरवाही बरतने का आरोप
सीबीआई ने 2017 में बीजेपी के पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के खिलाफ बलात्कार के आरोप में एफआईआर दर्ज न करने के लिए उन्नाव की पूर्व जिलाधिकारी और तीन पुलिस अधिकारियों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने को कहा है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
10 Sep 2020
उन्नाव दुष्कर्म मामला

उत्तर प्रदेश का उन्नाव एक बार फिर माखी बलात्कार मामले को लेकर सुर्खियों में है। मामले की जांच कर रही केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने बीजेपी के पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में उत्तर प्रदेश सरकार को पत्र लिखकर चार अधिकारियों पर उचित कार्रवाई करने की सिफारिश की है।

बता दें कि बलात्कार की यह घटना जून 2017 में हुई थी, तब पीड़िता नाबालिग थी। पुलिस ने इस मामले में एफआईआर लगभग 9 महीने बाद दर्ज की, जब पीड़िता द्वारा लखनऊ में मुख्यमंत्री आवास के पास आत्महत्या करने के प्रयास किया गया।

क्या हैं अधिकारियों पर आरोप?

सीबीआई ने अपनी जांच में तत्कालीन जिलाधिकारी अदिति सिंह, पुलिस अधीक्षक (एसपी) पुष्पांजलि और नेहा पांडेय को लापरवाही बरतने का दोषी माना है। सीबीआई की जांच में पता चला है कि दुष्कर्म पीड़िता की शिकायत और बयान के बाद भी इन महिला अधिकारियों ने कोई कार्रवाई नहीं की।

इन तीनों महिला अधिकारियों के अलावा सीबीआई ने उन्नाव के तत्कालीन अपर पुलिस अधीक्षक अष्टभुजा प्रसाद सिंह को भी मामले में लापरवाही का दोषी पाया है और उनके खिलाफ भी कार्रवाई के लिए सरकार को पत्र लिखा है।

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, सीबीआई के एक अधिकारी ने कहा कि इस पत्र को अगस्त के दूसरे हफ्ते में यूपी सरकार के पास भेजा गया था लेकिन अभी तक इस पर कोई जवाब नहीं मिला है।

अधिकारियों का क्या है उन्नाव कनेक्शन?

2009 बैच की आईएएस अधिकारी अदिति सिंह 24 जनवरी 2017 से 26 अक्टूबर 2017 तक उन्नाव की डीएम थीं। सीबीआई  के अनुसार बलात्कार पीड़िता ने अदिति सिंह से कई बार शिकायत की। पीड़िता ने कई बार उन्हें पत्र लिखे लेकिन डीएम ने उसके पत्र पर कोई कार्रवाई नहीं की।

2006 बैच की आईपीएस अधिकारी पुष्पांजलि सिंह उन्नाव में 27 अक्तूबर 2017 से 30 अप्रैल 2018 तक तत्कालीन एसपी थीं। इन पर भी पीड़िता की शिकायत पर कोई कार्रवाई न करने और मामले को दबाने का आरोप है।

2009 बैच की आईपीएस अधिकारी नेहा पांडेय उन्नाव में दो फरवरी 2016 से 26 अक्तूबर 2017 तक एसपी थीं। सीबीआई ने जांच में पाया कि नेहा पांडेय ने भी अपने पद पर रहते हुए पीड़िता की कोई मदद नहीं की। वह बार-बार उन्हें पत्र लिखती रही और वह उसके पत्रों को नजरअंदाज करती रहीं।

क्या है पूरा मामला?

उन्नाव के बांगरमऊ से विधायक कुलदीप सेंगर का नाम अप्रैल 2018 में चर्चा में आया था। अप्रैल माह की 8 तारीख को एक लड़की ने मुख्यमंत्री आवास के सामने आत्महत्या की कोशिश की और आरोप लगाया कि बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर और उसके साथियों ने उस लड़की के साथ गैंगरेप किया है। फिर 9 तारीख की सुबह होते-होते खबर आई कि आरोप लगाने वाली लड़की के पिता की जेल में ही मौत हो गई है। परिस्थितियां संदिग्ध थी, जिस पर सवाल उठना लाज़मी था। जिसके बाद मामले ने सियासी तूल पकड़ा और मामले की जांच सीबीआई की जांच सीबीआई को सौंप दी गई।

इस केस में 11 जुलाई 2018 को सीबीआई ने पहली चार्जशीट दायर की जिसमें विधायक कुलदीप सिंह सेंगर का नाम रखा गया। इसके दो दिन बाद 13 जुलाई को इस मामले में दूसरी चार्जशीट दायर की गई और पीड़िता के पिता को कथित तौर पर फंसाने के मामले में कुलदीप सेंगर, भाई अतुल सेंगर और कुछ पुलिस वालों को अभियुक्त बनाया गया।

इसे भी पढ़ें : उन्नाव कांड : विधायक कुलदीप सिंह सेंगर दोषी करार, सज़ा का ऐलान जल्द

16 दिसंबर 2019 को सेंगर दोषी करार दिया गया

करीब ढाई साल के घटनाक्रम के बाद 16 दिसंबर 2019 को दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट ने उन्नाव दुष्कर्म मामले में आरोपी बीजेपी से निष्कासित विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को दोषी करार दे दिया। सेंगर को आजीवन कारावास की सज़ा सुनाई गई। हालांकि इस पूरी लड़ाई के दौरान लड़की ने अपने पिता, चाची और मौसी को खो दिया।

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में कुलदीप सिंह सेंगर की छवि बाहुबली नेता की है। सेंगर ने अपनी राजनीतिक पारी उत्तर प्रदेश की सभी अहम पार्टियों में खेली है। कांगेस पार्टी से अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत करने वाले कुलदीप सिंद सेंगर ने साल 2002 के चुनावों से पहले बहुजन समाज पार्टी का दामन थाम लिया। इसके बाद 2007 में सेंगर समाजवादी पार्टी में शामिल हो गया और फिर 2017 में बीजेपी के टिकट पर वह विधायक बन गया। कभी बसपा, सपा तो कभी बीजेपी का दामन थाम सेंगर 2002 से लगातार विधायक है। इस मामले में सेंगर पर साल 2017 जून में नाबालिग लड़की के अपहरण और दुष्कर्म के आरोप लगे थे लेकिन बीजेपी ने काफी होहल्ला होने के बाद अगस्त 2019 में कुलदीप सिंह सेंगर को पार्टी से बर्खास्त किया।

इसे भी पढ़ें: उन्नाव रेप केस: विधायक कुलदीप सेंगर को उम्रकैद, 25 लाख रुपये का जुर्माना भी

Unnao Rape Case
Unnao Rape case Update
Kuldeep Singh Sengar
CBI
UttarPradesh
BJP

Related Stories

बदायूं : मुस्लिम युवक के टॉर्चर को लेकर यूपी पुलिस पर फिर उठे सवाल

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !


बाकी खबरें

  • सबरंग इंडिया
    उत्तर प्रदेश: पेपर लीक की रिपोर्ट करने वाले पत्रकार गिरफ्तार
    02 Apr 2022
    अमर उजाला के बलिया संस्करण ने जिस दिन दोपहर 2 बजे से परीक्षा होनी थी उस दिन सुबह लीक पेपर प्रकाशित किया था।
  • इलियट नेगिन
    समय है कि चार्ल्स कोच अपने जलवायु दुष्प्रचार अभियान के बारे में साक्ष्य प्रस्तुत करें
    02 Apr 2022
    दो दशकों से भी अधिक समय से कोच नियंत्रित फ़ाउंडेशनों ने जलवायु परिवर्तन पर सरकारी कार्यवाई को विफल बनाने के लिए 16 करोड़ डॉलर से भी अधिक की रकम ख़र्च की है।
  • DU
    न्यूज़क्लिक टीम
    यूजीसी का फ़रमान, हमें मंज़ूर नहीं, बोले DU के छात्र, शिक्षक
    01 Apr 2022
    नई शिक्षा नीति के तहत UGC ने केंद्रीय विश्वविद्यालयों को कई कदम लागू करने के लिए कहा है. इनमें चार साल का स्नातक कोर्स, एक प्रवेश परीक्षा और संस्थान चलाने के लिए क़र्ज़ लेना शामिल है. इन नीतियों का…
  • रवि शंकर दुबे
    इस साल यूपी को ज़्यादा बिजली की ज़रूरत
    01 Apr 2022
    उत्तर प्रदेश की गर्मी ने जहां बिजली की खपत में इज़ाफ़ा कर दिया है तो दूसरी ओर बिजली कर्मचारी निजीकरण के खिलाफ आंदोलन छेड़े हुए हैं। देखना होगा कि सरकार और कर्मचारी के बीच कैसे समन्वय होता है।
  • सोनिया यादव
    राजस्थान: महिला डॉक्टर की आत्महत्या के पीछे पुलिस-प्रशासन और बीजेपी नेताओं की मिलीभगत!
    01 Apr 2022
    डॉक्टर अर्चना शर्मा आत्महत्या मामले में उनके पति डॉक्टर सुनीत उपाध्याय ने आरोप लगाया है कि कुछ बीजेपी नेताओं के दबाव में पुलिस ने उनकी पत्नी के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया, जिसके चलते उनकी पत्नी…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License