NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
उरुग्वे के विपक्ष और ट्रेड यूनियनों ने सरकार के 'अकाउंटेबिलिटी एंड बजट बिल' को ख़ारिज किया
अकाउंटेबिलिटी एंड बजट बिल को राष्ट्रपति लुइस लैकले पोउ की दक्षिणपंथी सरकार द्वारा पेश किया गया जो सरकार की बचत के नाम पर विभिन्न सार्वजनिक क्षेत्रों के बजट में और कटौती करना चाहता है।
पीपल्स डिस्पैच
18 Aug 2021
उरुग्वे के विपक्ष और ट्रेड यूनियनों

16 अगस्त को उरुग्वे की विपक्षी पार्टी फ़्रेन्टे एम्प्लियो या ब्रॉड फ्रंट के सदस्य और सांसद राष्ट्रपति लुइस लैकले पोउ की दक्षिणपंथी सरकार द्वारा प्रस्तुत अकाउंटेबिलिटी एंड बजट बिल को खारिज करने के लिए राजधानी मॉन्ट्रेवीडियो की सड़कों पर उतरे।

प्रतिनिधि सभा में इस बिल पर पूर्ण बहस के विराम के दौरान लगभग 12 बजे प्रगतिशील दल के सांसद विधायी भवन के बाहर चले गए और कांग्रेस के सामने स्थित प्लाजा प्रिमेरो डी मेयो के पास इस बिल की निंदा करने के लिए विरोध प्रदर्शन किया जो विभिन्न सार्वजनिक क्षेत्रों में बजट में और कटौती को बढ़ावा देता है।

प्लाजा के पास एक संवाददाता सम्मेलन में ब्रॉड फ्रंट बेंच के समन्वयक कार्लोस वरेला ने कहा कि "हम इस अकाउंटेबिलिटी बिल पर मतदान नहीं करने जा रहे हैं क्योंकि यह श्रमिकों के लिए प्रतिगामी और नकारात्मक है।" वरेला ने मोंटेवीडियो बंदरगाह के निजीकरण की सरकार की योजनाओं को भी खारिज कर दिया और इसे देश की संप्रभुता पर हमला माना।

डिप्टी एना ओलिवेरा ने बताया कि वे क्यों कहते हैं कि ये बिल बचत को लेकर नहीं बल्कि कटौती को लेकर है। ओलिवेरा ने कहा, "स्वास्थ्य, शिक्षा और पुलिस विभागों सहित सार्वजनिक कर्मचारियों के वेतन और पेंशन में कटौती के आधार पर बचत कुछ ऐसी है जिसे हमारे द्वारा मान्यता नहीं दिया जा सकता क्योंकि यह सीधे हमारे लोगों को प्रभावित करता है।"

इस बीच, डिप्टी गुस्तावो ओल्मोस ने भविष्य के लिए योजना की कमी की आलोचना की। उन्होंने कहा कि बढ़ती बेरोजगारी के बीच रोजगार के अवसर पैदा करने और नौकरियों की रक्षा करने के साथ-साथ उन बच्चों को वापस लाने के लिए राष्ट्रीय सरकार की कोई योजना नहीं है जो आर्थिक कठिनाइयों के कारण शिक्षा छोड़ने के लिए मजबूर हो गए हैं।

गत 17 अगस्त को प्रतिनिधि सभा में इस बिल पर मतदान हुआ और इसे उन दलों के मतों से अनुमोदित किया गया जो सरकार बनाने वाले दल के गठबंधन में शामिल हैं।

इसकी अस्वीकृत्ति के क्रम में विभिन्न क्षेत्रों के कर्मचारी 24 घंटे की हड़ताल करेंगे और पूरे राष्ट्रीय क्षेत्र में लामबंदी करेंगे।

Uruguay
uruguay trade unions
accountability and budget uruguay

Related Stories

उरुग्वे : नवउदारवादी क़ानूनों के ख़िलाफ़ मज़दूरों ने की हड़ताल

उरुग्वे में दक्षिणपंथी राष्ट्रपति के साथ नवउदारवाद की वापसी

विरोध के बीच उरुग्वे के दक्षिणपंथी राष्ट्रपति ने पदभार संभाला


बाकी खबरें

  • modi
    अनिल जैन
    खरी-खरी: मोदी बोलते वक्त भूल जाते हैं कि वे प्रधानमंत्री भी हैं!
    22 Feb 2022
    दरअसल प्रधानमंत्री के ये निम्न स्तरीय बयान एक तरह से उनकी बौखलाहट की झलक दिखा रहे हैं। उन्हें एहसास हो गया है कि पांचों राज्यों में जनता उनकी पार्टी को बुरी तरह नकार रही है।
  • Rajasthan
    सोनिया यादव
    राजस्थान: अलग कृषि बजट किसानों के संघर्ष की जीत है या फिर चुनावी हथियार?
    22 Feb 2022
    किसानों पर कर्ज़ का बढ़ता बोझ और उसकी वसूली के लिए बैंकों का नोटिस, जमीनों की नीलामी इस वक्त राज्य में एक बड़ा मुद्दा बना हुआ है। ऐसे में गहलोत सरकार 2023 केे विधानसभा चुनावों को देखते हुए कोई जोखिम…
  • up elections
    रवि शंकर दुबे
    यूपी चुनाव, चौथा चरण: केंद्रीय मंत्री समेत दांव पर कई नेताओं की प्रतिष्ठा
    22 Feb 2022
    उत्तर प्रदेश चुनाव के चौथे चरण में 624 प्रत्याशियों का भाग्य तय होगा, साथ ही भारतीय जनता पार्टी समेत समाजवादी पार्टी की प्रतिष्ठा भी दांव पर है। एक ओर जहां भाजपा अपना पुराना प्रदर्शन दोहराना चाहेगी,…
  • uttar pradesh
    एम.ओबैद
    यूपी चुनाव : योगी काल में नहीं थमा 'इलाज के अभाव में मौत' का सिलसिला
    22 Feb 2022
    पिछले साल इलाहाबाद हाईकोर्ट ने योगी सरकार को फटकार लगाते हुए कहा था कि "वर्तमान में प्रदेश में चिकित्सा सुविधा बेहद नाज़ुक और कमज़ोर है। यह आम दिनों में भी जनता की ज़रूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त…
  • covid
    टी ललिता
    महामारी के मद्देनजर कामगार वर्ग की ज़रूरतों के अनुरूप शहरों की योजना में बदलाव की आवश्यकता  
    22 Feb 2022
    दूसरे कोविड-19 लहर के दौरान सरकार के कुप्रबंधन ने शहरी नियोजन की खामियों को उजागर करके रख दिया है, जिसने हमेशा ही श्रमिकों की जरूरतों की अनदेखी की है। 
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License