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भारत
राजनीति
उत्तर प्रदेश: ब्लॉक प्रमुख चुनाव के नामांकन के दौरान 14 जिलों में हिंसक घटनाएं, पुलिस और प्रशासन बने रहे मूक दर्शक
उत्तर प्रदेश के कई जिलों से प्रस्तावकों के अपहरण और प्रत्याशियों के बीच गोलियां चलने की खबर है। पूर्व मुख्यमंत्री और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इसे लोकतंत्र की हत्या बताया।
असद रिज़वी
09 Jul 2021
उत्तर प्रदेश: ब्लॉक प्रमुख चुनाव के नामांकन के दौरान 14 जिलों में हिंसक घटनाएं, पुलिस और प्रशासन बने रहे मूक दर्शक
फ़ोटो साभार: सोशल मीडिया

उत्तर प्रदेश में 825 ब्लॉक प्रमुखों के चुनाव के लिए 8 जुलाई को हुए नामांकन के दौरान प्रदेश में 14 ज़िलों में हिंसक घटनाएं हुईं। किसी जगह नामांकन से पहले प्रत्याशी के अपहरण को लेकर बवाल मचा, तो कहीं पर्चा छीनने की बात सामने आई है।

सत्तारूढ़ दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और प्रमुख विपक्षी दल समाजवादी पार्टी (सापा) के समर्थकों के बीच दिन भर झड़पे होती रहीं। सीतापुर में फायरिंग में तीन लोग घायल होने की खबर भी है।

नामांकन से एक दिन पहले ही पुलिस मुखिया मुकुल गोयल ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान सख़्ती बरतने के निर्देश दिए थे। लेकिन डीजीपी के निर्देशों का असर ज़मीन पर देखने को नहीं मिला।

प्रस्तावकों का अपहरण और गोलियां चलीं

सीतापुर कमलापुर में नामांकन के दौरान बीजेपी कार्यकर्ताओं की अराजकता सामने आई है। आरोप लगा है कि उन्होंने नामांकन करने पहुंचे एक निर्दलीय प्रत्याशी के दो प्रस्तावकों का अपहरण कर लिया। विरोध करने पर अज्ञात लोगों द्वारा जमकर हाथगोले दाग़े और गोलियां चलाई गईं। इस घटना में 3 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। हालांकि एसपी आरपी सिंह का कहना है कि किसी का अपहरण नहीं हुआ है।

नामांकन का पर्चा छीना

इसी तरह अम्बेडकरनगर में भी टांडा ब्लॉक प्रमुख नामांकन में भी भारी बवाल देखने को मिला जहां भाजपा प्रत्याशी तेजस्वी जायसवाल पर बसपा के पूर्व मंत्री लालजी वर्मा के हाथ से नामांकन का पर्चा छीनकर फाड़ने का आरोप लगा है।

आजमगढ़ में पवई ब्लॉक के गेट पर नामांकन के दौरान सपा-भाजपा प्रत्याशी में भिड़त हो गई। नामांकन के दौरान भाजपा प्रत्याशी वरुण यादव और सपा प्रत्याशी में जमकर नोकझोंक देखने को मिली।

प्रत्याशी लापता

कानपुर में आरोप लगा है कि नामांकन से पहले सपा के बिल्हौर और शिवराजपुर ब्लॉक से प्रत्याशी लापता हो गए। मामले में सपा कार्यकर्ताओं ने बीजेपी कार्यकर्ताओं पर प्रत्याशियों के अपहरण का आरोप लगाया। वहीं कानपुर देहात में राजपुर ब्लॉक पर सपा और बीजेपी कार्यकर्ता में जमकर हिंसा हुई। इस दौरान बीजेपी कार्यकर्ता ने ब्लाक गेट पर सपा प्रत्याशी का कुर्ता फाड़ भी दिया।

पुलिस तमाशबीन बनी

महाराजगंज में भाजपा प्रत्याशी ने सदर ब्लॉक परिसर में नामांकन दाखिल किया और इस दौरान दूसरे प्रत्याशी को नामांकन से रोकने की कोशिश की गई। जिसके के बाद वहां मारपीट और हंगामा हो गया। यहां एक प्रत्याशी के समर्थक द्वारा दूसरी महिला प्रत्याशी के साथ धक्का-मुक्की, छीना-झपटी देखने को भी मिली, लेकिन बताया जा रहा है की इस  दौरान पुलिस तमाशबीन बनी रही।

आरएलडी प्रत्याशी को नामांकन से रोका

उधर बागपत के छपरोली ब्लॉक में राष्ट्रीय लोक दल (आरएलडी) प्रत्याशी को नामांकन करने से रोकने पर हंगामा हो गया। आरोप है कि ज़िला प्रशासन द्वारा हलालपुर  गांव में आरएलडी प्रत्याशी अंशु चौधरी को नामांकन करने से रोका गया। जिसके बाद कार्येकर्ताओं और पुलिसकर्मियों के बीच हिंसक झड़प हो गई।

वहीं पीलीभीत के अमरिया ब्लॉक में निर्दलीय प्रत्याशी के नामांकन के दौरान भाजपा के प्रत्याशी पर अराजकता करने का आरोप लगा है। भाजपा प्रत्याशी और समर्थकों ने बीच सड़क पर गाड़ी लगाकर नामांकन करने से रोकने का प्रयास किया गया। भाजपा प्रत्याशी के संरक्षण में अज्ञात लोगों ने निर्दलीय प्रत्याशी की गाड़ी पर हमला किया, जबकि यहां पुलिस मूक दर्शक बनी रही।

पुलिस ने किया लाठीचार्ज

झांसी के बड़ागांव ब्लॉक प्रमुख के लिये हो रहे नामांकन में भी जमकर बवाल हुआ। हालत को क़ाबू में करने के लिए पुलिस का लाठीचार्ज करना पड़ा। यहां सपा समर्थकों ने भाजपा कार्यकर्ताओं पर नामांकन नहीं करने देने का आरोप लगाया है। इससे सपा-भाजपा समर्थकों के बीच हिंसक झड़प हो गई और जमकर पथराव भी हुआ।

वहीं रायबरेली के हरचंदपुर ब्लॉक प्रमुख नामंकन के दौरान बीजेपी प्रत्याशी पीयूष सिंह और निर्दलीय प्रत्याशी अशोक कुमारी के समर्थक आमने-सामने आ गए और दोनों ने पुलिस के सामने जम कर हंगामा किया।

रोड जाम कर प्रदर्शन

अयोध्या के मया ब्लॉक नामांकन स्थल पर सपा और भाजपा में जम कर मारपीट हुई। इसके विरोध में सपा समर्थकों ने मया बाजार तिराहे पर और अंबेडकरनगर रोड जाम कर दिया। मौके पर एएसपी पलाश बंसल व एसडीएम सदर ज्योति सिंह पहुंचे और आश्वासन दिया कि सपा समर्थित प्रत्याशी धर्मवीर वर्मा को सुरक्षा दी जाएगी। आश्वासन के बाद जाम को खोल दिया गया। इस बवाल में धर्मवीर वर्मा के प्रस्तावक राजेश कुमार को चोटें आई हैं।

पर्चा छीनने का प्रयास

उन्नाव में भगवा पार्टी के समर्थकों पर  निर्दलीय प्रत्याशी का पर्चा छीनने का प्रयास करने का आरोप लगा है। दरअसल नवाबगंज खंड विकास कार्यालय पर ब्लॉक प्रमुख पद का नामांकन कराने 2 निर्दलीय प्रत्याशी पहुंचे थे।आरोप है कि खंड विकास कार्यालय गेट पर पहुंचते ही भगवा पार्टी के समर्थकों ने प्रत्याशियों को घेरा और मार-पीट कर पर्चा छीनने का प्रयास किया।

कन्नौज के ब्लॉक तालग्राम में भी सपा और भाजपा प्रत्याशियों के समर्थकों में नामांकन करने को लेकर हुए विवाद के बाद पथराव हो गया।

प्रत्याशी पति ने की फायरिंग

वही दूसरी तरफ़ इटावा के चकरनगर में ब्लॉक प्रमुख के नामांकन के दौरान सपा प्रत्याशी सुनीता देवी के पति शिव किशोर यादव ने फायरिंग कर दी। जिससे भाजपा प्रत्याशी राधा देवी के पति राकेश यादव घायल हो गए। इस दौरान पुलिस से धक्का-मुक्की हुई।

नामांकन से रोका

चित्रकूट जिले मानिकपुर में सपा ने  भाजपा पर आरोप लगाया कि उनके प्रत्याशी और समर्थकों को नामांकन करने से रोका गया। भाजपा समर्थकों ने पहले सड़क पर जाम लगाया और फिर नामांकन कक्ष के अंदर भी लोगों को नहीं घुसने दिया गया। बांदा के नरैनी ब्लॉक कार्यालय में नामांकन को आए सपा प्रत्याशी के समर्थकों को पुलिस-प्रशासन ने रोक दिया, जिसके बाद विवाद शुरू हो गया।

पुलिस पर पथराव

जालौन के माधोगढ़ ब्लॉक में पुलिस से भाजपा समर्थकों  की पुलिस से झड़प हुई। ज़िला एटा के मारहरा ब्लॉक में भी मांकन के दौरान दोपहर को बवाल हो गया। नामांकन पत्र जमा करने आई समाजवादी पार्टी (सपा) से प्रत्याशी गुड्डी देवी के हाथों से नामांकन पत्र छीन लिया गया। 

पुलिस ने अराजक तत्वों को रोकने की कोशिश की तो उन्होंने पुलिस पर भी पथराव कर दिया। पथराव में कई पुलिसकर्मी घायल होने की खबर है। अपनी जान बचाने के लिए अफसर और कर्मचारी सुरक्षित स्थानों पर छिप गए।

भाजपा और सपा समर्थकों में मारपीट

मैनपुरी जिले के विकास खंड जागीर में नामांकन के दौरान भाजपा और सपा समर्थकों के बीच जमकर मारपीट हुई। भाजपा समर्थकों ने सपा विधायक बृजेश कठेरिया की गाड़ी को घेर लिया और गाड़ी का शीशा तोड़ दिया।

बैंक में घुसकर बचाई जान

बिजनौर के धामपुर में निर्दलीय प्रत्याशी डॉ. कुसुम रघुवंशी और उनके समर्थकों को सत्ता पक्ष के समर्थकों ने ब्लॉक परिसर के बाहर रोक लिया और उनके समर्थकों के साथ मारपीट की गई। डॉ. कुसुम ने महिला समर्थकों के साथ बैंक में घुसकर अपनी जान बचाई। 

विधायक की मौजूदगी में लाठियां चलीं

आजमगढ़ जिले के पवई ब्लॉक पर भाजपा ने जमकर बवाल मचाया। दोपहर 2 बजे तक सपा प्रत्याशी को नामांकन नहीं दाखिल करने दिया। इतना ही नहीं, आरोप है कि भाजपा विधायक अरूणकांत यादव ने स्वयं लाठी से सपा प्रत्याशी पर हमला कर दिया जिससे उनका सिर फट गया। 

पूर्व मंत्री घायल

बेलहर ब्लॉक संतकबीरनगर में सपा के पूर्व मंत्री लक्ष्मी कांत उर्फ पप्पू निषाद के साथ प्रमुख प्रत्याशी रिकेश्वर राय जैसे ही गेट पर पहुंचे, वैसे ही भाजपा के डॉक्टर भूपेंद्र सिंह के समर्थकों से भिड़ंत हो गई। इसी बीच पुलिस ने भी लाठीचार्ज किया। जिसमें पूर्व मंत्री और प्रत्याशी रिकेश्वर राय को चोटें आईं। दोनों पक्ष ने एक दूसरे के खिलाफ नारेबाज़ी भी की।

इस के अलावा बहराइच, फतेहपुर, बस्ती, यूपी के कन्नौज, इटावा, बांदा, फर्रुखाबाद, जालौन, हमीरपुर, उन्नाव आदि जगहों से हंगामे की ख़बरें प्राप्त हुई हैं।

लोकतंत्र की हत्या

पूर्व मुख्यमंत्री और सपा के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि ब्लॉक प्रमुख के चुनावों में भाजपा ने लोकतंत्र कि हत्या की है। उन्होंने दावा किया कि उनकी प्रत्याशी माता प्रसाद पाण्डे पर सिद्धार्थनगर में हमला हुआ और उनकी गाड़ी तोड़ दी गई।

लोकतंत्र का चीरहरण 

वही कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी ने ट्विटर पर इन हिंसक घटनाओं  की निंदा की। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को देखना चाहिए कि उनके कार्यकर्ताओं ने  कितनी जगह बमबाजी, गोलीबारी, पत्थरबाजी की, कितने लोगों का पर्चा लूटा, कितने पत्रकारों को पीटा, कितनी जगह महिलाओं से बदतमीजी की। क़ानून-व्यवस्था के सवाल और ब्लॉक चुनाव नामांकन में हुई हिंसा पर प्रियंका गांधी ने कहा कि भाजपा सरकार ने आंख पर पट्टी बांध ली है और लोकतंत्र का चीरहरण चल रहा है।

वहीं पुलिस निदेशक (क़ानून व व्यवस्था) प्रशांत कुमार ने कहा है कि 14 ज़िलों से हिंसा की ख़बरें प्राप्त हुई हैं। उन्होंने कहा है कि नामांकन में हिंसा करने वालों के ख़िलाफ़ सख़्त करवाई की जाएगी।

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