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भारत
राजनीति
उत्तर प्रदेश सरकार 15 अप्रैल से खरीदेगी गेहूं
एक सरकारी बयान में बताया गया है कि कि क्रय केन्द्रों पर अनावश्यक भीड़ न हो इसके लिए ऑनलाइन टोकन की व्यवस्था की गयी है। किसानों को केन्द्र प्रभारी से सम्पर्क कर अपना कृषक पंजीकरण नंबर बताना होगा जिसपर केन्द्र प्रभारी द्वारा एक सप्ताह के अन्दर टोकन जारी होने की सूचना किसान के मोबाइल नंबर पर भेजी जायेगी।
भाषा
13 Apr 2020
उत्तर प्रदेश सरकार

लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने सोमवार को कहा कि देशव्यापी लॉकडाउन में किसानों को कोई असुविधा न हो, इसके लिये प्रदेश सरकार निरन्तर ध्यान दे रही है और 15 अप्रैल से 5500 खरीद केंद्रों के माध्यम से गेहूं खरीद का काम शुरू करेगी।

एक सरकारी बयान में कहा गया कि प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने बताया कि गेहूं की कटाई तेजी से हो रही है। कटाई के बाद गेहूं की खरीद के लिए प्रदेश सरकार ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। किसानों को गेहूं खरीद के सम्बन्ध में बिल्कुल भी चिंता करने की आवश्यकता नहीं है।

प्रमुख सचिव, खाद्य एवं रसद तथा कृषि, कृषि विपणन एवं विदेश व्यापार, देवेश चतुर्वेदी ने विस्तृत जानकारी देते हुये बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा आगामी 15 अप्रैल से 5500 खरीद केंद्रों के माध्यम से न्यूनतम समर्थन मूल्य 1925 रुपए प्रति कुंतल पर गेहूं की खरीद की जायेगी।

उन्होंने बताया कि प्रदेश में गेहूं खरीद का लक्ष्य 55 लाख टन रखा गया है। क्रय केन्द्रों पर अनावश्यक भीड़ न हो इसके लिए ऑनलाइन टोकन की व्यवस्था की गयी है। गेहूं बिक्री के लिये इच्छुक किसानों को केन्द्र प्रभारी से सम्पर्क कर अपना कृषक पंजीकरण नंबर बताकर अनुरोध करना होगा। इस पर केन्द्र प्रभारी द्वारा एक सप्ताह के अन्दर टोकन जारी होने की सूचना सम्बन्धित किसान के मोबाइल नंबर पर भेजी जायेगी।

चतुर्वेदी ने बताया कि किसानों की सुविधा के दृष्टिगत उन्हें अपना आधार कार्ड ले जाने पर पूर्व से पंजीकृत न होने की दशा में क्रय केन्द्र प्रभारी द्वारा मौके पर ही उसके फोटो पहचान पत्र, बैंक पासबुक तथा खतौनी की प्रति के आधार पर उसका पंजीकरण किया जायेगा।

Coronavirus
Lockdown
Yogi Adityanath
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