NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
सवालों से घिरा उत्तर प्रदेश: प्रियंका और सुभाषिनी ने दी योगी सरकार को चुनौती
शुक्रवार को दो महिला नेता प्रदेश कि राजधानी लखनऊ पहुंची। एक कांग्रेस की प्रियंका गांधी और दूसरी सीपीएम की सुभाषनी अली। दोनों ने योगी सरकार पर हल्ला बोला। प्रियंका ने पंचायत चुनाव में हुई हिंसा को मुद्दा बनाया तो सुभाषनी अली ने जनसंख्या नियंत्रण विधेयक का मुद्दा उठाते हुए इसे ग़रीब व महिला विरोधी बताया।
असद रिज़वी
17 Jul 2021
सवालों से घिरा उत्तर प्रदेश: प्रियंका और सुभाषिनी ने दी योगी सरकार को चुनौती

कांग्रेस उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2022 राज्य में क़ानून और व्यवस्था के बिगड़ते हालत को मुद्दा बना कर लड़ने की योजना बना रही है। पार्टी की महासचिव प्रियंका गांधी ने शुक्रवार को लखनऊ में योगी आदित्यनाथ सरकार के विरुद्ध धरना दिया और कहा कि सूबे में लोकतंत्र का चीर-हरण हो रहा है।

शुक्रवार को दो महिला नेता प्रदेश कि राजधानी लखनऊ पहुँची। एक कांग्रेस की प्रियंका गांधी और दूसरी मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीएम) की सुभाषनी अली। दोनों ने योगी सरकार पर हल्ला बोला। प्रियंका ने पंचायत चुनाव में हुई हिंसा को मुद्दा बनाया तो सुभाषनी अली ने जनसंख्या नियंत्रण विधेयक का मुद्दा उठाते हुए इसे ग़रीब व महिला विरोधी बताया।

प्रियंका का दौरा

प्रियंका शुक्रवार को दिल्ली से लखनऊ पहुँची और यहाँ पहुँचते ही उन्होंने भारतीय जनता पार्टी की सरकार को चुनौती दी। तय कार्यक्रम के अनुसार कांग्रेस महासचिव को अमौसी हवाई-अड्डे से सीधे विधानसभा के समीप जीपीओ पार्क में स्थित राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित करना थी। जिसके बाद 2:30 बजे दिन में उनको माल एवेन्यू स्थित पार्टी कार्यालय पर एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस को संबोधित करना था।

कांग्रेस कार्यालय पर मीडियाकर्मियों के अलावा पार्टी के कार्यकर्ता उनकी प्रतीक्षा कर रहे थे। लेकिन क़रीब सवा चार बजे पार्टी कार्यालय एलान हुआ कि प्रियंका, राष्ट्रपिता को पुष्पांजलि देने के बाद, वही मौन धरने पर बैठ गई हैं। यह सुनते ही कांग्रेस कार्यालय में जमा कांग्रेसी-गांधी प्रतिमा की तरफ़ चल पड़े।

गांधी प्रतिमा (जीपीओ) पर कांग्रेस महासचिव द्वारा दिया गया धरना, इसलिए महत्वपूर्ण था, कि पिछले कुछ समय से गांधी प्रतिमा पर ज़िला प्रशासन, सरकार के विरुद्ध किसी कार्यक्रम का आयोजन नहीं होने दे रहा था। यहाँ तक कि राज्यपाल और मुख्यमंत्री के अलवा 2 अक्टूबर “गांधी जयंती” के मौक़े पर भी किसी विपक्षी पार्टी या आम नागरिक को वहाँ स्थित राष्ट्रपिता की प्रतिमा पर जाकर श्रद्धांजलि देने की अनुमति नहीं थी।

प्रशासन ने जीपीओ पार्क को पुलिस छावनी में बदल रखा है। लेकिन शुक्रवार को कांग्रेसी नेताओ को के साथ पहुँची प्रियंका को प्रशासन रोकने में असफ़ल रहा। हालाँकि वहाँ बढ़ती कांग्रेसियों की भीड़ को देखकर, वहाँ पहुँचे अधिकारियों ने कोरोना महामारी के नाम पर भीड़ को हटाने और धरने को ख़त्म कारने की कोशिश की।

लेकिन मौन धरने पर बैठी प्रियंका ने इसका जवाब लिखकर दिया “कोविड तो पंचायत चुनाव के समय भी था”।

वहाँ उनके साथ पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू और पार्टी की विधायक आराधना मिश्रा और प्रमोद तिवारी आदि भी मौजूद थे। गांधी प्रतिमा पर जमा कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री के ख़िलाफ़ नारे भी लगाये।

कांग्रेस की विधायक आराधना मिश्रा ने कहा कि यह धरना प्रदेश में बिगड़ते क़ानून व्यवस्था के ख़िलाफ़ है। यह धरना ऐसे समय में हुआ, जब जीपीओ पार्क के सामने भाजपा के प्रदेश कार्यालय में चुनावों को लेकर प्रदेश कार्यसमिति की बैठक चल रही थी। जहाँ प्रदेश भर से आये भाजपा नेता मौजूद थे।

धरने के बाद पार्टी कार्यालय पहुँची कांग्रेस महासचिव ने मीडिया से बात की और कहा कि प्रदेश में क़ानून व्यवस्था बिगड़ती चली जा रही है। प्रदेश में लोकतंत्र का चीर-हरण हो रहा है और प्रधानमंत्री मोदी-प्रदेश की योगी सरकार की प्रशंसा कर रहे हैं।

प्रधानमंत्री द्वारा गुरुवार को वाराणसी में एक कार्यक्रम के दौरान योगी सरकार की प्रशंसा किये जाने पर कांग्रेस महासचिव ने कहा की प्रदेश में महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार किया जा रहा है, और मोदी सरकार की प्रशंसा कर रहे हैं। उन्होंने कहा पंचायत चुनावों में हार के बाद, ब्लॉक प्रमुख के चुनावों को जीतने के लिए भाजपा कार्यकर्ताओं और प्रदेश पुलिस ने उम्मीदवारों से पर्चे छिने और उनका अपहरण किया।

प्रियंका ने कहा कि इस तरह से योगी के राज्य में लोकतंत्र की मर्यादा को तार-तार किया जा रहा है, और संविधान को मिटाया जा रहा है। उन्होंने कहा की इस सब के पीछे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी है। कांग्रेसी नेता ने कहा कि वह प्रदेश में लोकतंत्र और संविधान को बचाने के लिए उत्तर प्रदेश आई हैं।

यूपी और कांग्रेस

देश के राजनीतिक रूप से सबसे महत्वपूर्ण राज्य उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की कमज़ोर हालत है। कांग्रेस यहाँ 30 वर्ष से अधिक से सत्ता से दूर है। प्रदेश के 80 संसदों में केवल एक सांसद कांग्रेस की है। पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी रायबरेली से सांसद है। प्रदेश की 403 सीटों वाली विधानसभा में 2017 में कांग्रेस केवल 07 सीटें जीत सकी थी।

पार्टी की कमज़ोरी का अंदाज़ा इस बात से लगाया जा सकता है कि 2017 विधानसभा में पार्टी ने समाजवादी पार्टी से समझौता किया और 403 में से केवल 105 सीटों पर उम्मीदवार उतारे, फिर भी केवल सात सीटें जीत सकी थी।

लोकसभा चुनाव 2019 में प्रियंका गांधी को पार्टी को प्रदेश का महासचिव बनाया गया और प्रदेश की 40 सीटों का प्रभार दिया गया। लेकिन यह प्रयोग भी कांग्रेस के काम नहीं आया। यहाँ तक कि पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी भी पार्टी के गढ़ अमेठी से हार गये।

सत्ता से दूर रहने की वजह से पार्टी ज़मीन पर काफ़ी कमज़ोर हो गई है। पार्टी के कई क़द्दावर नेता जैसे पार्टी की पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. रीता बहुगुणा जोशी, उन्नाव की पूर्व सांसद अनु टंडन और पार्टी का चेहरा कहे जाने वाले जितिन प्रसाद आदि पार्टी छोड़कर दूसरे दलों में शामिल हो चुके हैं।

फ़िर भी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू अक्सर सीएए व कृषि बिल आदि के विरोध में सड़क पर उतरते रहे हैं लेकिन पार्टी कमज़ोर होने के कारण यह आंदोलन पार्टी के हक़ में कोई बड़ा राजनीतिक माहौल नहीं बना सके हैं।

इस बार कांग्रेस ने काफ़ी आक्रामक शुरुआत की है। कहा जा रहा है की दो घंटे प्रदर्शन करके प्रियंका ने अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं में चुनावों से पहले उत्साह भरने की कोशिश की है। वहीं पार्टी कार्यालय में बड़े होर्डिंग लगाये गये थे। जिन पर प्रियंका गांधी की एक बड़ी तस्वीर थी और उस से काफ़ी छोटी दो तस्वीरें एक सोनिया गांधी और दूसरी राहुल गांधी की थी। राजनीति के जानकर मानते हैं कि यह संदेश है कि, अगला चुनाव कांग्रेस प्रियंका के चेहरे पर लड़ेगी।

प्रियंका ने अपने लखनऊ दौरे में किसान नेताओ से भी मुलाक़ात की और कृषि कानूनों के विरुद्ध चल रहे आंदोलन पर चर्चा की।

आज शनिवार को भी बैठकों का दौर जारी है। प्रियंका, सोनिया गांधी के संसदीय क्षेत्र रायबरेली और अमेठी के ब्लॉक अध्यक्षों से मुलाक़ात करेगी।

इस बीच उन्होंने लखीमपुर में ब्लॉक प्रमुख चुनाव दौरान हिंसा और उत्पीड़न का शिकार हुईं महिलाओं रीतू सिंह और अनीता यादव से मुलाकात कर उनका दर्द जाना।

प्रदेश में बढ़ती बेरोज़गारी को राजनीति के केंद्र में लाने के लिए प्रियंका, रुकी हुई भर्तियों अभ्यर्थियों, प्रतियोगी छात्रों, बेरोजगारों मंच के प्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगी। वह पार्टी के पूर्व सांसद, पूर्व विधायक, पूर्व जिला एवं शहर अध्यक्षों के साथ पूर्व फ्रंटल और विभागों के अध्यक्षों के साथ बैठक करेंगी।

प्रियंका दौरे पर उनके पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि यह दौरा अगर केवल लखनऊ और रायबरेली, अमेठी तक ही सीमित रहा तो यह दौरा पूरे प्रदेश का नहीं माना जा सकता है क्यूँकि प्रदेश के अलग-अलग इलाक़ों की समस्याएं भी अलग अलग हैं। उन समस्याओं को समझने के लिए तीन जनपदों का दो दिवसीय दौरा काफ़ी नहीं है। बता दें कि प्रियंका के लिए राजनीतिक टिप्पणीकार एक व्यंग्य अक्सर करते हैं कि, वह उत्तर प्रदेश में एक “राजनीतिक पर्यटक” की तरह आती है और चली जाती हैं।

उन्होंने अपने उत्तर प्रदेश दौरे से पहले सोशल मीडिया पर लिखा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को वाराणसी में उत्तर प्रदेश सरकार की प्रशंसा है। लेकिन मोदी के प्रमाण-पत्र से यूपी में कोरोना की दूसरी लहर के दौरान योगी सरकार की आक्रामक क्रूरता, लापरवाही और अव्यवस्था की सच्चाई छिप नहीं सकती है। प्रदेश की जनता ने पीड़ा और बेबसी का सामना अकेले किया। इस सच्चाई को मोदी-योगी भूल सकते हैं, परंतु जिन्होंने कोरोना का दर्द बर्दाश्त किया है, वे कभी नहीं भूले सकते हैं।

सुभाषिनी ने जनसंख्या नियंत्रण पर योगी पर निशाना साधा

महिला अधिकारों के लिए संघर्ष करने वाली वरिष्ठ वाम नेता सीपीएम की सुभाषनी अली भी शुक्रवार की दोपहर लखनऊ पहुँची और योगी सरकार के जनसंख्या नियंत्रण विधेयक का विरोध किया।

सुभाषिनी अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति की उपाध्यक्ष भी हैं। उन्होंने कहा कि इस विधेयक में ऐसे कई प्रावधान हैं जो दो से ज़्यादा बच्चों वाले लोगों को सज़ा के तौर पर उनके हकूक से वंचित करते हैं। जैसे चुनाव लड़ने का अधिकार और राशन सब्सिडी सिर्फ दो बच्चों तक सीमित करना आदि।

उन्होंने कहा कि अगर जनसंख्या क़ानून बनता है तो इसका नकारात्मक असर समाज के आर्थिक कमज़ोर लोगों और महिलाओं पर पड़ेगा। सुभाषनी अली के अनुसार अगर जनसंख्या को नियंत्रित करना है तो सरकार महिलाओं की साक्षरता दर बढ़ाये और प्रदेश में शिशु मृत्यु दर कम करे। प्रदेश में इस समय 0 से 5 वर्ष के बीच प्रति 10 हज़ार जन्म पर 47 शिशु मृत्यु दर है, जबकि प्रदेश में महिला साक्षरता दर केवल केवल 61 प्रतिशत है। सुभाषनी के साथ समिति की स्थानीय अध्यक्ष सुमन सिंह भी मौजूद थीं।

इस मौक़े पर भारतीय महिला फ़ेडरेशन की प्रदेश अध्यक्ष आशा मिश्रा भी मौजूद थी। उन्होंने भी जनसंख्या विधेयक की निंदा की और कहा कि योगी सरकार के अब तक के कामों की ही तरह यह विधेयक भी ‘दो विवाह प्रथा’ और उन ‘समुदायों’ की बात करता है, जिनमें ज़्यादा बच्चे पैदा होते हैं। यह जानबूझकर किया गया है ताकि जनसंख्या के मुद्दे को साम्प्रदायिक रूप देकर कुछ वर्गों से अपने लिए समर्थन जुटाया जा सके।

UttarPradesh
UP ELections 2022
Congress
PRIYANKA GANDHI VADRA
CPM
Subhashni Ali
UP POLITICS
Yogi Adityanath
BJP

Related Stories

बदायूं : मुस्लिम युवक के टॉर्चर को लेकर यूपी पुलिस पर फिर उठे सवाल

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !


बाकी खबरें

  • PM Ujjwala Yojana in J&K
    राजा मुज़फ़्फ़र भट
    जम्मू-कश्मीर में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना में गड़बड़ियों की जांच क्यों नहीं कर रही सरकार ?
    21 Sep 2021
    नौकरशाह आम लोगों के मसलों का हल प्राथमिकता के साथ इसलिए नहीं कर पा रहे हैं, क्योंकि अनुच्छेद 370 को निरस्त किये जाने के बाद भी जम्मू-कश्मीर में भ्रष्टाचार और लूट जारी है।
  • French President Emmanuel Macron (L) and US President Joe Biden
    एम. के. भद्रकुमार
    AUKUS पर हंगामा कोई शिक्षाप्रद नज़ारा नहीं है
    21 Sep 2021
    ऑस्ट्रेलिया, यूनाइटेड किंगडम और संयुक्त राज्य अमेरिका [AUKUS] के बीच हुए नए सुरक्षा समझौते को लेकर राजनयिक टकराव अभी शुरू होने वाला है।
  • covid
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 26,115 नए मामले, 252 मरीज़ों की मौत
    21 Sep 2021
    देश में कोरोना संक्रमण के मामलों की संख्या बढ़कर 3 करोड़ 35 लाख 4 हज़ार 534 हो गयी है।
  • UP
    सबरंग इंडिया
    डेंगू, बारिश से हुई मौतों से बेहाल यूपी, सरकार पर तंज कसने तक सीमित विपक्ष?
    21 Sep 2021
    स्थानीय समाचारों में बताया गया है कि 100 से अधिक लोगों को डेंगू, वायरल बुखार ने काल का ग्रास बना लिया। बारिश से संबंधित घटनाओं में 24 लोगों की मौत का अनुमान है
  •  Collapses in Uttarakhand
    रश्मि सहगल
    उत्तराखंड में पुलों के ढहने के पीछे रेत माफ़िया ज़िम्मेदार
    21 Sep 2021
    जो अधिकारी ग़ैरक़ानूनी खनन के ख़िलाफ़ कार्रवाई करते हैं, उनके ख़िलाफ़ ताकतवर राजनेता मोर्चा खोल देते हैं। लेकिन स्थानीय लोग धड़ल्ले से चल रहे खनन में छुपे निजी हितों और नियमों के उल्लंघन को खुलकर सामने ला…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License