NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
स्वास्थ्य
भारत
राजनीति
उत्तराखंड : देवों के भरोसे मत छोड़िए देवभूमि!
कोरोना को भगवान भरोसे छोड़ दें और कुंभ का पुण्य कमा लें, ये कैसे संभव हो सकता है। लॉकडाउन के दूसरे चरण से कुंभ की तैयारियों से जुड़े कार्य शुरू कर दिये गए हैं। पर्वतीय जिलों में कोरोना टेस्टिंग की रफ्तार बेहद धीमी है। पिछले 8 हफ्तों में सिर्फ 667 सैंपल्स राज्य के 9 पर्वतीय जिलों से जांच के लिए भेजे गए।
वर्षा सिंह
14 May 2020
उत्तराखंड

उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों में शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार ही भगवान भरोसे नहीं रहा, कोरोना का भी यही हाल है। भगवान के इस भरोसे को मज़बूत करने के लिए अगले वर्ष यहां होने वाले महाकुंभ की तैयारियां जोरों पर हैं। कुंभ में जुटने वाली भीड़ सरकार के ख़ज़ाने का घड़ा भरेगी। लेकिन मौजूदा स्थिति को देखते हुए क्या कुंभ जैसी भीड़ का खतरा मोल लेना चाहिए? ये ठीक है कि इस समय सभी सरकारों की चिंता अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने की है। इसके लिए किए जाने वाले प्रयास कोरोना के लिहाज से भी सुरक्षित होने चाहिए। उत्तराखंड की इस समय की बड़ी चिंताओं में से एक, घर लौट रहे प्रवासियों की जांच और उन्हें सुरक्षित क्वारंटीन फैसेलिटी देने की होनी चाहिए। जिस पर अभी सरकार का बहुत ध्यान नहीं है।

मुख्यमंत्री को आशंका 25 हजार प्रवासी हो सकते हैं संक्रमित

कोरोना ने जीवन और अर्थव्यवस्था को आमने-सामने कर दिया है। सरकार का अनुमान लगाया है कि कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़नी तय है। सोमवार को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि राज्य में लौट रहे दो-सवा दो लाख प्रवासियों में से 25 हजार लोग कोरोना संक्रमित हो सकते हैं। उनमें से 500 को वेंटिलेटर की जरूरत पड़ सकती है। उधर, कोरोना की स्थिति पर लगातार नज़र रख रहे लोग इस समय राज्य में लगातार कम हो रहे कोरोना टेस्ट पर सवाल खड़े कर रहे हैं। जब करीब दो-सवा दो लाख प्रवासियों के राज्य में लौटने की संभावना है। ऐसे समय में ज्यादा कोरोना टेस्ट कराने और एहतियात बरतने की जरूरत है।

प्रवासियों की कोरोना जांच है ज़रूरी

घर वापसी अभियान में 51,394 हज़ार प्रवासी 12 मई तक उत्तराखंड पहुंच चुके हैं। हर रोज बड़ी संख्या में प्रवासी वापस लौट रहे हैं। 60 हजार लोग मार्च में ही बाहरी राज्यों से आए गए थे। इनमें से बहुत से लोग पर्वतीय जिलों में जा रहे हैं, जो अभी तक ग्रीन कैटेग्री में शामिल रहे। यानी जहां कोरोना संक्रमण का केस नहीं था। रविवार को सूरत से उत्तरकाशी लौटा व्यक्ति कोरोना पॉजीटिव पाया गया। उससे पहले शनिवार 9 मई को उधमसिंहनगर पहुंचे चार प्रवासी कोरोना पॉजीटिव पाए गए। ये चारों बाहरी राज्यों से लौटे थे। 12 मई को गुरुग्राम से लौटी युवती कोरोना संक्रमित पायी गई। पौड़ी और अल्मोड़ा के एक-एक पॉजीटिव केस भी बाहर से आए लोगों के थे।

9 पर्वतीय ज़िलों में 8 हफ्तों में मात्र 667 कोरोना टेस्ट

सवाल ये है कि जब दो लाख से अधिक लोगों की वापसी होनी है, ऐसे समय में कोरोना टेस्ट अधिक से अधिक कराए जाऩे की जरूरत है। इसके उलट, राज्य सरकार ने कोरोना टेस्ट की संख्या बहुत कम कर दी है। 12 मई को 365 सैंपल्स कोरोना टेस्ट के लिए भेजे गए। 11 मई 154 और 10 मई को 187 कोरोना सैंपल्सस भेजे गए। 15 मार्च को राज्य में कोरोना का पहला केस आया था। तब से अब तक राज्य में मात्र 9,668 कोरोना सैंपल्स की जांच के लिए भेजे गए। अभी तक 9,390 कोरोना टेस्ट नेगेटिव आए हैं और 436 सैंपल्स के नतीजों का इंतजार है। 12 मई तक 68 पॉजीटिव केस हैं।

सोशल डेवलपमेंट फॉर कम्यूनिटीज फाउंडेशन के संस्थापक अनूप नौटियाल आंकड़ों का विश्लेषण करते हुए बताते हैं कि 10 मई तक राज्य में कराए गए 90 प्रतिशत कोरोना टेस्ट देहरादून, उधमसिंहनगर, हरिद्वार और नैनीताल जिले से हैं।

यानी 8 हफ्तों में सिर्फ 667 सैंपल्स राज्य के 9 पर्वतीय जिलों से जांच के लिए भेजे गए। इसका मतलब ये हुआ कि 9 पर्वतीय जिलों में मात्र 1.30 नमूने हर रोज जांच के लिए भेजे जा सके। पर्वतीय जिलों में कोरोना के इतने कम टेस्ट सवाल खड़े करते हैं। इन आठ हफ्तों में सिर्फ उत्तरकाशी ही ऐसा पर्वतीय जिला है जहां अब तक 256 नमूने जांच को भेजे गए। अल्मोड़ा और पौड़ी में इस दौरान करीब 100 कोरोना टेस्ट किए गए।

जबकि 6 जिलों में पिछले आठ हफ्तों में 60 से कम नमूने कोविड-19 जांच के लिए भेजे गए। इसमें चंपावत (80), रुद्रप्रयाग (41), टिहरी गढ़वाल (41), चमोली (34), पिथौरागढ़ (28), बागेश्वर (35) के आंकड़ों के साथ ये वो जिले हैं जहां प्रति दिन एक से कम कोडिव-19 सैंपल जांच के लिए भेजे गए। जबकि अल्मोडा (112) और पौड़ी (103) के साथ प्रति दिन औसतन दो से कम जांच नमूने भेजने वाले जिले हैं।

8 मई को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन ने बताया था कि देश में हर रोज करीब 95 हज़ार कोरोना टेस्ट हो रहे हैं। इस आंकड़ो को ही देखें तो आबादी के लिहाज से उत्तराखंड में करीब 950 टेस्ट रोज होने चाहिए थे। 15 मई को उत्तराखंड में कोरोना संक्रमित पहले केस के 60 दिन पूरे हो जाएंगे। अगर हर रोज 950 टेस्ट भी हुए होते तो राज्य में 57 हजार टेस्ट हो जाने थे। हालांकि देश में भी टेस्ट की संख्या बाद में बढ़ायी गई।

अनूप नौटियाल कहते हैं कि राज्य सरकार यदि 600 कोरोना टेस्ट रोज करने का लक्ष्य रखे या 500 कोरोना टेस्ट भी रोजाना कर सके तो ठीक होता। उनका स्पष्ट मानना है कि पर्वतीय जिलों में सैंपल टेस्टिंग की रफ्तार बढ़ानी होगी। ज्यादा टेस्ट होने से मरीजों का आंकड़ा बेशक बढ़े, लेकिन ऐसा करना बड़ी आबादी को प्रभावित होने से बचाने के लिए बेहद जरूरी है। राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों में हर रोज हजारों की संख्या में लोग लौट रहे हैं, लेकिन अभी तक उससे मेल खाती सैंपलिंग नहीं की जा रही है।

ग्राम प्रधानों को क्वारंटीन सेंटर का ज़िम्मा, बजट नहीं

सिर्फ कोरोना टेस्टिंग पर ही सवाल नहीं हैं। अपने गांव-घर पहुंच रहे हजारों प्रवासियों को क्वारंटीन करने का ज़िम्मा ग्राम प्रधानों को सौंप दिया गया है। लेकिन उन्हें कोई बजट नहीं दिया गया है। कोई गाइडलाइन्स नहीं है। मास्क-सेनेटाइज़र तक नहीं दिए गए। इसलिए ग्राम प्रधान भी इस स्थिति से परेशान हैं। पंचायत भवनों, सरकारी स्कूलों में क्वारंटीन सेंटर बनाए गए हैं। कुछ जगहों पर टेंट लगाकर प्रवासियों के रुकने की व्यवस्था की गई है। कुछ क्वारंटीन सेंटर नाम मात्र के क्वारंटीन सेंटर हैं।

पौड़ी क्वारनटीन सेंटर.jpg

कोरोना की ये तस्वीरें देखकर वापस कुंभ पर लौटते हैं

कुंभ 2021 उत्तराखंड सरकार का मेगा इवेंट होना था। सत्ता में आने के साथ ही त्रिवेंद्र सरकार इसकी तैयारियों में लगी हुई है। 2022 के विधानसभा चुनाव के लिहाज से भी कुंभ का गणित ठीक बैठता था और राज्य की अर्थव्यवस्था के लिए भी। कोरोना की पृष्ठभूमि में कुंभ के आयोजन को लेकर कुछ जल्दबाज़ी होगी। लेकिन कोरोना को भगवान भरोसे छोड़ दें और कुंभ का पुण्य कमा लें, ये कैसे संभव हो सकता है। लॉकडाउन के दूसरे चरण से ही कुंभ की तैयारियों से जुड़े कार्य शुरू कर दिये गए हैं। हरिद्वार में इसके लिए सड़क-पुल समेत कई निर्माण कार्य होने हैं। सोमवार को केंद्रीय जलशक्ति मंत्रालय से भी मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से कुंभ की तैयारियों को लेकर चर्चा की।

इसके साथ ही राज्य सरकार ग्रीन केटेग्री वाले जिलों में सीमित पर्यटन भी शुरू करना चाहती है। केंद्र से इसके लिए अनुमति भी मांगी गई है। मई-जून में चारधाम यात्रा के लिए हर साल लाखों संख्या में श्रद्धालु आते हैं। पूरे यात्रा मार्ग पर होटल-रेस्टोरेंट समेत पर्यटन आधारित उद्योग के लिए ये समय बहुत अहम होता है।

गढ़वाल विश्वविद्यालय के अर्थशास्त्र विभाग के प्रोफेसर एमसी सती कहते हैं कि कुंभ का आयोजन तो सरकार करेगी ही, इसकी तैयारियां भी की जाएंगी, ये लोगों पर निर्भर करता है कि वे कुंभ में आएं या नहीं। वह कहते हैं कि सरकार को इस समय देहरादून, कोटद्वार, हरिद्वार, उधमसिंहनगर में बने सिडकुल पर ध्यान देना चाहिए। वहां उद्योगों को बेहतर बनाने पर ध्यान देना चाहिए।

नोट : सभी तस्वीरें सोशल मीडिया से साभार ली गई हैं।

(वर्षा सिंह स्वतंत्र पत्रकार हैं। विचार व्यक्तिगत हैं)

Uttrakhand
Coronavirus
Lockdown
Trivendra Singh Rawat
Covid Testing
Migrant workers
uttrakhand government

Related Stories

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में 2,745 नए मामले, 6 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में आज फिर कोरोना के मामलों में क़रीब 27 फीसदी की बढ़ोतरी

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना के घटते मामलों के बीच बढ़ रहा ओमिक्रॉन के सब स्ट्रेन BA.4, BA.5 का ख़तरा 

कोरोना अपडेट: देश में ओमिक्रॉन वैरिएंट के सब स्ट्रेन BA.4 और BA.5 का एक-एक मामला सामने आया

कोरोना अपडेट: देश में फिर से हो रही कोरोना के मामले बढ़ोतरी 

कोविड-19 महामारी स्वास्थ्य देखभाल के क्षेत्र में दुनिया का नज़रिया नहीं बदल पाई

कोरोना अपडेट: अभी नहीं चौथी लहर की संभावना, फिर भी सावधानी बरतने की ज़रूरत

कोरोना अपडेट: दुनियाभर के कई देशों में अब भी क़हर बरपा रहा कोरोना 

कोरोना अपडेट: देश में एक्टिव मामलों की संख्या 20 हज़ार के क़रीब पहुंची 

देश में कोरोना ने फिर पकड़ी रफ़्तार, PM मोदी आज मुख्यमंत्रियों संग लेंगे बैठक


बाकी खबरें

  • protest
    सोनिया यादव
    यूपी: एसआरएन अस्पताल में कथित गैंगरेप पीड़िता की मौत के बाद पुलिस-प्रशासन कठघरे में क्यों है?
    09 Jun 2021
    इस पूरे घटनाक्रम को लेकर अस्पताल प्रशासन के साथ पुलिस खुद भी सवालों के घेरे में है। अव्वल सवाल तो ये कि पीड़िता के लिखित बयान के बाद भी एफआईआर दर्ज करने में पुलिस को छह दिन क्यों लग गए? आखिर किस आधार…
  • पीपल्स डिस्पैच
    कोलंबिया की नेशनल स्ट्राइक कमेटी ने प्रदर्शन का आह्वान किया
    09 Jun 2021
    इस विरोध प्रदर्शन का आह्वान यह मांग करने के लिए किया गया है कि राष्ट्रीय सरकार आंदोलनकारी क्षेत्रों की मांगों पर बातचीत करने के लिए आगे बढ़ने और प्रदर्शन के अधिकार का प्रयोग करने के लिए गारंटी प्रदान…
  • पीपल्स डिस्पैच
    इज़रायल की संसद में रविवार को नई सरकार को मंज़ूरी देने के लिए मतदान
    09 Jun 2021
    अगर गठबंधन की नई सरकार को बहुमत मिलता है तो यह बेंजामिन नेतन्याहू के इज़रायल के प्रधानमंत्री के रूप में 12 साल के लंबे शासन को समाप्त कर देगा जो विवाद, भ्रष्टाचार और हिंसा के लिए जाना जाता है।
  • Wheat Produce
    मो. इमरान खान
    बिहार: बंपर फसल के बावजूद गेहूं की कम ख़रीद से किसान मायूस
    09 Jun 2021
    इस वर्ष सरकार ने अब तक अपने कुल गेहूं की खरीद के लक्ष्य से 40% से भी कम की खरीद की है।
  • दिल्ली : राशन को लेकर सरकारों के आपसी झगड़े में ग़रीबों के लिए क्या है?
    मुकुंद झा
    दिल्ली : राशन को लेकर सरकारों के आपसी झगड़े में ग़रीबों के लिए क्या है?
    09 Jun 2021
    दिल्ली की ग़रीब वर्ग के घर तक राशन पहुंचाने को लेकर केजरीवाल और केंद्र सरकार के बीच तकरार जारी है, मगर सवाल यह है कि काफ़ी देर से लागू हो रही इस योजना का जनता को कितना फ़ायदा मिल पाएगा?
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License