NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
भारत
राजनीति
CAA-NRC विरोध: यूपी पुलिस ने शायर मुनव्वर राना की बेटियों समेत 160 महिलाओं पर दर्ज किया मुकदमा
सीएए और एनआरसी के खिलाफ पुराने लखनऊ के घंटाघर इलाके में महिलाओं का गत शुक्रवार को शुरू हुआ प्रदर्शन मंगलवार को भी जारी है। शहर में धारा 144 लागू है और इसके उल्लंघन के आरोप में प्रदर्शन कर रही करीब 160 महिलाओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
21 Jan 2020
शायर मुनव्वर राना की बेटियों समेत 160 महिलाओं पर दर्ज
Image courtesy: Navodaya Times

लखनऊ : संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिकता पंजी (एनआरसी) के खिलाफ पुराने लखनऊ के घंटाघर इलाके में प्रदर्शन कर रही मशहूर शायर मुनव्वर राना की दो बेटियों समेत करीब 160 महिलाओं के खिलाफ निषेधाज्ञा के उल्लंघन के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है।

सीएए और एनआरसी के खिलाफ पुराने लखनऊ के घंटाघर इलाके में महिलाओं का गत शुक्रवार को शुरू हुआ प्रदर्शन मंगलवार को भी जारी है। शहर में धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लागू है और इसके उल्लंघन के आरोप में प्रदर्शन कर रही करीब 160 महिलाओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।

अपर पुलिस उपायुक्त—पश्चिमी विकास चंद्र त्रिपाठी ने मंगलवार को बताया कि शहर में धारा 144 लागू है, मगर इसके बावजूद महिलाएं प्रदर्शन कर रही हैं। यह निषेधाज्ञा का उल्लंघन है। इस मामले में ठाकुरगंज थाने में अब तक तीन मुकदमे दर्ज किये गये हैं। इनमें एक मुकदमे में शायर मुनव्वर राना की बेटियां फौजिया और सुमैया के नाम भी शामिल हैं।

दिल्ली के शाहीन बाग की तर्ज पर घंटाघर परिसर में सैकड़ों महिलाएं पिछले पांच दिन से कड़ाके की ठंड के बीच प्रदर्शन कर रही हैं। उनका कहना है कि सरकार जब तक सीएए को वापस नहीं लेती और एनआरसी का इरादा खत्म नहीं करती, तब तक उनका प्रदर्शन जारी रहेगा।
मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है।

हालाँकि प्रशासन के ज़बर्दस्त दबाव के बावजूद शुक्रवार की दोपहर लखनऊ के घंटाघर पर नागरिकता संशोधन क़ानून (सीएए) के विरोध में शुरू हुआ महिलाओं का धरना अभी भी जारी है। धरने पर मौजूद प्रदर्शनकारी महिलाओं का कहना है की धरना शाहीनबाग़ (दिल्ली) की तरह उस समय तक जारी रहेगा जब तक केंद्र सरकार सीएए को वापस नहीं ले लेती है।

लेकिन देखते ही देखते देर तक प्रदर्शन स्थल पर बड़ी संख्या में महिलाएँ जमा होने लगी।जिसको देख प्रशासन द्वारा इलाक़े की विद्युत आपूर्ति बंद करा दी गई।लेकिन महिलाओं धरना स्थल से वापस नहीं गई है। अंधेरे में मोमबत्ती और मोबाइल की टॉर्च की रोशनी में रात भर धरना चलता रहा।

राजधानी लखनऊ के पुराने इलाक़े हुसैनाबाद में स्थित घंटाघर पर शुक्रवार की दोपहर क़रीब दो बजे 25-30 महिलाओं ने सीएए के विरोध में प्रदर्शन शुरू कर दिया।अचानक शुरू हुए प्रदर्शन को रुकवाने के लिए स्थानीय प्रशासन ने महिलाओं पर दबाव बनाने की कोशिश शुरू कर दी।
उधर, लखनऊ के ही गोमतीनगर स्थित उजरियांव में भी सोमवार शाम बड़ी संख्या में महिलाओं और लड़कियों ने सीएए और एनआरसी के खिलाफ प्रदर्शन शुरू कर दिया।

पुलिस ने उनसे धारा 144 लागू होने का हवाला देते हुए प्रदर्शन खत्म करने को कहा। पुलिस ने प्रदर्शन में शामिल पुरुषों को हल्का बल प्रयोग कर खदेड़ दिया, मगर महिलाएं डटी रहीं।

(समाचार एजेंसी भाषा इनपुट के साथ )

Uttar pradesh
CAA
NRC
Munawwar Rana
UP police
Section 144
yogi sarkar
Yogi Adityanath
BJP
Protest against CAA
Protest against NRC
Narendra modi
Amit Shah

Related Stories

गैर-लोकतांत्रिक शिक्षानीति का बढ़ता विरोध: कर्नाटक के बुद्धिजीवियों ने रास्ता दिखाया

उत्तर प्रदेश: "सरकार हमें नियुक्ति दे या मुक्ति दे"  इच्छामृत्यु की माँग करते हजारों बेरोजगार युवा

छात्र संसद: "नई शिक्षा नीति आधुनिक युग में एकलव्य बनाने वाला दस्तावेज़"

मूसेवाला की हत्या को लेकर ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन, कांग्रेस ने इसे ‘राजनीतिक हत्या’ बताया

ग्राउंड रिपोर्ट: चंदौली पुलिस की बर्बरता की शिकार निशा यादव की मौत का हिसाब मांग रहे जनवादी संगठन

यूपी में  पुरानी पेंशन बहाली व अन्य मांगों को लेकर राज्य कर्मचारियों का प्रदर्शन

दलितों पर बढ़ते अत्याचार, मोदी सरकार का न्यू नॉर्मल!

बिहार : नीतीश सरकार के ‘बुलडोज़र राज’ के खिलाफ गरीबों ने खोला मोर्चा!   

UPSI भर्ती: 15-15 लाख में दरोगा बनने की स्कीम का ऐसे हो गया पर्दाफ़ाश

आशा कार्यकर्ताओं को मिला 'ग्लोबल हेल्थ लीडर्स अवार्ड’  लेकिन उचित वेतन कब मिलेगा?


बाकी खबरें

  • veto
    एपी/भाषा
    रूस ने हमले रोकने की मांग करने वाले संरा के प्रस्ताव पर वीटो किया
    26 Feb 2022
    संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में शुक्रवार को इस प्रस्ताव के पक्ष में 11 और विपक्ष में एक मत पड़ा। चीन, भारत और संयुक्त अरब अमीरात मतदान से दूर रहे।
  • Gujarat
    राजेंद्र शर्मा
    बैठे-ठाले: गोबर-धन को आने दो!
    26 Feb 2022
    छुट्टा जानवरों की आपदा का शोर मचाने वाले यह नहीं भूलें कि इसी आपदा में से गोबर-धन का अवसर निकला है।
  • Leander Paes and Rhea Pillai
    सोनिया यादव
    लिएंडर पेस और रिया पिल्लई मामले में अदालत का फ़ैसला ज़रूरी क्यों है?
    26 Feb 2022
    लिव-इन रिलेशनशिप में घरेलू हिंसा को मान्यता देने वाला ये फ़ैसला अपने आप में उन तमाम पीड़ित महिलाओं के लिए एक उम्मीद है, जो समाज में अपने रिश्ते के अस्तित्व तो लेकर अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करती…
  • up elections
    न्यूज़क्लिक टीम
    यूपी चुनाव 2022: किस तरफ होगा पूर्वांचल में जनादेश ?
    26 Feb 2022
    इस ख़ास बातचीत में परंजॉय गुहा ठाकुरता और शिव कुमार बात कर रहे हैं यूपी चुनाव में पूर्वांचाल की. आखिर किस तरफ है जनता का रुख? किसको मिलेगी बहुमत? क्या भाजपा अपना गढ़ बचा पायेगी? जवाब ढूंढ रहे हैं…
  • manipur
    शशि शेखर
    मणिपुर चुनाव: भाजपा के 5 साल और पानी को तरसती जनता
    26 Feb 2022
    ड्रग्स, अफस्पा, पहचान और पानी का संकट। नतीजतन, 5 साल की डबल इंजन सरकार को अब फिर से ‘फ्री स्कूटी’ का ही भरोसा रह गया है। अब जनता को तय करना है कि उसे ‘फ्री स्कूटी’ चाहिए या पीने का पानी?    
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License