NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
विहिप और बजरंग दल नेताओं से भरवाया गया निजी मुचलका, संगठनों ने चुपके से बाहर किया
गंगा घाट पर 'गैर-हिंदुओं का प्रवेश प्रतिबंध' के पोस्टर लगाने के मामले में पुलिस ने आरोपियों को हिरासत में लेकर निजी मुचलके पर छोड़ा। ख़ूब छीछालेदर के बाद आरएसएस-भाजपा से जुड़े इन संगठनों से बाहर किए गए दोनों नेता।
विजय विनीत
10 Jan 2022
VHP and Bajrang Dal

बनारस में गंगा घाटों पर 'गैर-हिंदुओं का प्रवेश प्रतिबंध' के पोस्टर लागने के मामले में पुलिस ने विहिप और बजरंग दल के बेलगाम नेताओं को हिरासत में लिया। इस मुद्दे को लेकर दोनों संगठनों के नेताओं व कार्यकर्ताओं से तीखी झड़प हुई और बाद में दो पदाधिकारियों को पांच-पांच लाख के निजी मुचलके पर रिहा कर दिया गया। वाराणसी कमिश्नरेट पुलिस के विशेष कार्यपालक मजिस्ट्रेट ने बजरंग दल काशी के संयोजक निखिल त्रिपाठी रुद्र और विश्व हिंदू परिषद के महानगर मंत्री राजन गुप्ता को तब नोटिस जारी किया जब कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने दोनों के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई।

इस मामले में शहर भर में विरोध और भाजपा की जमकर छीछालेदर होने के बाद आनन-फानन में विहिप और बजरंग दल के पदाधिकारियों ने विवादित पोस्टर चस्पा करने वाले दोनों पदाधिकारियों को बाहर का रास्ता दिखा दिया। यह कार्रवाई नौ जनवरी की शाम की गई। इस मामले में दोनों संगठनों के पदाधिकारी कोई भी बयान देने से बच रहे हैं।

विवादित पोस्टर चिपकाए जाने के खिलाफ प्रदर्शन करते कांग्रेस कार्यकर्ता

कार्यपालक मजिस्ट्रेट ने बजरंग दल काशी के संयोजक निखिल त्रिपाठी रुद्र और विश्व हिंदू परिषद के महानगर मंत्री राजन गुप्ता को नोटिस जारी करते हुए कोर्ट में तलब किया। पूछा कि आप दोनों से एक साल तक शांति बनाए रखने के लिए पांच लाख का व्यक्तिगत बंधपत्र और इतनी ही धनराशि की दो प्रतिभूतियां क्यों न ली जाएं? निखिल त्रिपाठी रुद्र और राजन गुप्ता से पांच-पांच लाख का निजी मुचलका भरवाया गया। चेतावनी दी गई कि यदि इस तरह की गलती दोबारा हुई तो विधिक कार्रवाई में देरी नहीं की जाएगी।

इसे पढ़ें : बनारस में विहिप और बजरंग दल बेलगाम, गंगा घाटों के किनारे लगाए 'ग़ैर-हिंदुओं के प्रवेश प्रतिबंध' के पोस्टर

पुलिस से हुई तीखी झड़प

 मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस लाइन में विहिप और बजरंग दल के नेताओं से जिस समय मुचलका भरवाया जा रहा था उस समय दोनों संगठनों के नेताओं व कार्यकर्ताओं से पुलिस की झड़प और कहासुनी भी हुई। कार्यकर्ताओं ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की और एक्शन लेने वाले पुलिस अफसरों को धमकाया भी गया।  

गंगा घाटों पर धार्मिक भेदभाव आधारित पोस्टर चिपकाए जाने की शिकायत कांग्रेस और साझा संस्कृति मंच कई संगठनों ने 8 जनवरी को अपर पुलिस आयुक्त (मुख्यालय एवं अपराध) सुभाष चंद्र दुबे से की थी। इसके अलावा सोशल मीडिया यूजर्स ने भी इसकी जमकर आलोचना की थी। शिकायत के आधार पर अपर पुलिस आयुक्त (मुख्यालय एवं अपराध) ने भरोसा दिया था कि वह प्रकरण की जांच कराकर नियमानुसार उचित कार्रवाई करेंगे।

बनारस के पुलिस अफसर से शिकाय करते कांग्रेस नेता 

वाराणसी के गंगा घाटों पर बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के कार्यकर्ताओं की ओर से चिपकाए गए विवादित पोस्टर के खिलाफ कांग्रेस ने मोर्चा खोला दिया था। शुक्रवार को कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने अपर पुलिस आयुक्त (मुख्यालय एवं अपराध) सुभाष चंद्र दुबे से मुलाकात की और उन्हें शिकायती पत्र देकर कहा कि धार्मिक भेदभाव फैलाने वाले विवादित पोस्टर शहर में चिपकाने वालों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई क्यों नहीं कर रही है? चुनावी माहौल में शहर में ऐसी गलत हरकतें क्यों करने दी जा रही हैं?

कांग्रेस ने पुलिस को सौंपा शिकायती पत्र

अपर पुलिस आयुक्त ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को आश्वासन दिया कि पुलिस प्रकरण की जांच कर उचित कार्रवाई करेगी। प्रतिनिधिमंडल में शैलेन्द्र सिंह, ओमप्रकाश ओझा, फसाहत हुसैन बाबू, अशोक सिंह, डॉ. राजेश गुप्ता, हसन मेंहदी कब्बन, ब्रह्मदत्त त्रिपाठी, आशीष सिंह विक्की, रंजीत तिवारी, आशीष गुप्ता, रोहित दुबे, विनीत चौबे, रामजी गुप्ता, रितेश वर्मा, राज जायसवाल, इम्तियाज अली सहित कांग्रेस के अन्य लोग शामिल थे।

ऐसे पोस्टरों से बिगड़ सकता है सौहार्द

भेलूपुर थाने के दरोगा वीरेंद्र यादव ने भी भेलूपुर के इंस्पेक्टर भेलूपुर को अपनी रिपोर्ट दी थी, जिसमें उन्होंने कहा था कि अस्सी घाट, उसके आसपास के अन्य घाटों और रास्तों पर धार्मिक भेदभाव आधारित पोस्टर चस्पा किए गए थे। उन पोस्टर से सामाजिक सौहार्द पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है और कभी भी लोकशांति भंग हो सकती है।

दरोगा वीरेंद्र यादव की इस रिपोर्ट को भी विशेष कार्यपालक मजिस्ट्रेट/सहायक पुलिस आयुक्त गंभीरता से लिया। निखिल त्रिपाठी रुद्र और राजन गुप्ता के खिलाफ दंड प्रक्रिया संहिता के तहत नोटिस जारी कर उन्हें आठ जनवरी को अपने कार्यालय में तलब किया था।

पुलिस ने की लीपापोती

बनारस में हिन्दू युवा वाहिनी (हियुवा) के जुलूस में तलवार चमकाने और उन्मादी नारेबाजी का के बाद गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर प्रतिबंध वाले पोस्टर लगाए जाने का मामला न्यूज़क्लिक ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। दोनों मुद्दों पर बनारस पुलिस तमाशबीन बनी रही और कुछ भी बोलने से बचती रही।

इसे पढ़ें : बनारस में हिन्दू युवा वाहिनी के जुलूस में लहराई गईं नंगी तलवारें, लगाए गए उन्मादी नारे

सियासी दल और सामाजिक संगठनों ने इस मद्दे पर पुलिस को कठघरे में खड़ा करना शुरू किया तो अपनी नाक बचाने के लिए उसे आरएसएस-भाजपा से जुड़े इन संगठनों के दोनों नेताओं के खिलाफ एक्शन लेना पड़ा। हालांकि पुलिस को उन्माद भड़काने के मामले में जिस तरह की कार्रवाई करनी चाहिए थी वैसी नहीं की गई। संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज दर्ज करने के बाजाय सिर्फ शांति भंग के मामले में नोटिस जारी करके इस मामले को पुलिस ने रफा-दफा कर दिया।

कांग्रेस के महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे ने न्यूज़क्लिक से कहा, "जब भी कोई चुनाव नजदीक आता है, भाजपा और उसके सहयोगी संगठनों के नेता योजनाबद्ध ढंग से सांप्रदायिकता का जहर उगलने लगते हैं। उनके दुष्प्रचार का मुद्दा होता है-हिंदू-मुसलमान, भारत-पाकिस्तान और सांप्रदायिक दुष्प्रचार। ये लोग दुष्प्रचार वहां करते हैं, जहां उनकी सरकारें होती हैं। यूपी में भाजपा और उससे जुड़े संगठनों के लोग इसलिए मनमानी पर उतारू हैं, क्योंकि यहां उनकी सरकार है। यूपी की राज्यपाल आनंदीबेन का जुड़ाव भी भाजपा कैडर रहा है। सांप्रदायिक दुष्प्रचार का ताजा मामला काशी में देखने को मिल रहा है। जुलूस में कहीं तलवारें चमकाई जा रही हैं तो कहीं धार्मिक भेदभाव वाले पोस्टर और बैनर लगाए जा रहे हैं। काशी ऐसा शहर है जहां से एकता और अखंडता का संदेश समूची दुनिया में जाता है। ऐसे में काशी की आत्मीयता पर आघात करने वालो पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। मामूली धाराओं में नोटिस देने देकर मुचलके पर छोड़ने भर से काम नहीं चलेगा। दोनों आरोपितों के साथ उनके सभी सहयोगियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जडाना चाहिए।"

समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता राजकुमार जायसवाल ने कहा, "बनारस का माहौल खराब करने के लिए यह कृत्य पूरी तरह से भाजपा के इशारे पर किया गया। चुनाव के समय धार्मिक तनाव पैदा करना भाजपा के चुनावी एजेंडे का एक हिस्सा है। पोस्टर प्रकरण की हम सब कड़ी निंदा करते हैं। हम प्रशासन से मांग करते है कि जो धार्मिक भेदभाव फैलाने और दुष्प्रचार का काम कर रहे हैं उन पर तत्काल कार्रवाई हो। जो भी काशी की एकता और अखंडता पर प्रहार करेगा हम उसके खिलाफ लड़ाई जारी रखेंगे।"

UttarPradesh
varanasi
VHP
bajrang dal
RSS
UP Election
Non-Hindu entry
Ganga Ghat
Posters
Social Harmony
Congress

Related Stories

बदायूं : मुस्लिम युवक के टॉर्चर को लेकर यूपी पुलिस पर फिर उठे सवाल

ज्ञानवापी मस्जिद के ख़िलाफ़ दाख़िल सभी याचिकाएं एक दूसरे की कॉपी-पेस्ट!

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

हार्दिक पटेल भाजपा में शामिल, कहा प्रधानमंत्री का छोटा सिपाही बनकर काम करूंगा

राज्यसभा सांसद बनने के लिए मीडिया टाइकून बन रहे हैं मोहरा!

ED के निशाने पर सोनिया-राहुल, राज्यसभा चुनावों से ऐन पहले क्यों!

ईडी ने कांग्रेस नेता सोनिया गांधी, राहुल गांधी को धन शोधन के मामले में तलब किया

राज्यसभा चुनाव: टिकट बंटवारे में दिग्गजों की ‘तपस्या’ ज़ाया, क़रीबियों पर विश्वास


बाकी खबरें

  • राज वाल्मीकि
    अब साहित्य का दक्षिण टोला बनाने की एक कोशिश हो रही है: जयप्रकाश कर्दम
    13 Feb 2022
    इतवार विशेष: दलित साहित्य और दलित लेखकों के साथ भेदभाव हो रहा है जैसे गांव में होता है न, दलित बस्ती दक्षिण टोला। दलित साहित्य को भी यह मान लीजिए कि यह एक दक्षिण टोला है। इस तरह वे लोग दलित साहित्य…
  • Saharanpur
    शंभूनाथ शुक्ल
    यूपी चुनाव 2022: शांति का प्रहरी बनता रहा है सहारनपुर
    13 Feb 2022
    बीजेपी की असली परीक्षा दूसरे चरण में हैं, जहां सोमवार, 14 फरवरी को वोट पड़ेंगे। दूसरे चरण में वोटिंग सहारनपुर, बिजनौर, अमरोहा, संभल, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, बदायूँ, शाहजहांपुर ज़िलों की विधानसभा…
  • Uttarakhand
    कृष्ण सिंह
    चुनाव 2022: उत्तराखंड में दलितों के मुद्दे हाशिये पर क्यों रहते हैं?
    13 Feb 2022
    अलग उत्तराखंड राज्य बनने के बाद भी दलित समाज के अस्तित्व से जुड़े सवाल कभी भी मुख्यधारा के राजनीतिक, सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक प्रश्न नहीं रहे हैं। पहाड़ी जिलों में तो दलितों की स्थिति और भी…
  • Modi
    डॉ. द्रोण कुमार शर्मा
    तिरछी नज़र: अगर आरएसएस न होता...अगर बीजेपी नहीं होती
    13 Feb 2022
    "...ये तो अंग्रेजों की चापलूसी में लगे थे। कह रहे थे, अभी न जाओ छोड़ कर, कि दिल अभी भरा नहीं"
  • election
    अनिल जैन
    ख़बरों के आगे-पीछे: चुनाव आयोग की साख पर इतना गंभीर सवाल!
    13 Feb 2022
    हर हफ़्ते की कुछ खबरें और उनकी बारिकियाँ बड़ी खबरों के पीछे छूट जाती हैं। वरिष्ठ पत्रकार जैन हफ़्ते की इन्हीं कुछ खबरों के बारे में बता रहे हैं। 
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License