NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
वरवरा राव को सूरजगढ़ लौह अयस्क खान आगजनी मामले में भी ज़मानत मिली
इस मामले में महाराष्ट्र की गढ़चिरौली पुलिस ने फरवरी 2019 में 82 वर्षीय राव और वकील सुरेन्द्र गाडलिंग को गिरफ़्तार किया था।
भाषा
23 Feb 2021
वरवरा राव को सूरजगढ़ लौह अयस्क खान आगजनी मामले में भी ज़मानत मिली

नागपुर: बंबई उच्च न्यायालय की नागपुर पीठ ने सूरजगढ़ लौह अयस्क खान आगजनी के 2016 के मामले में मेडिकल आधार पर वरवरा राव को मंगलवार को अंतरिम जमानत दे दी।

इस मामले में महाराष्ट्र की गढ़चिरौली पुलिस ने फरवरी 2019 में 82 वर्षीय राव और वकील सुरेन्द्र गाडलिंग को गिरफ्तार किया था।

अदालत की नागपुर पीठ की न्यायमूर्ति स्वप्ना जोशी ने मंगलवार को राव को उन्हीं आधार पर जमानत दी है, जिन पर उच्च न्यायालय की मुख्य पीठ ने सोमवार को उन्हें ऐल्गार परिषद माओवादी संबंध मामले में जमानत दी थी।

राव के वकील के अनुसार, डिमेंशिया के लक्षण सहित उन्हें अन्य कई बीमारियां हैं। उनके वकीलों फिरदौस मिर्जा और निहालसिंह राठौड़ ने कहा कि राव ने मेडिकल आधार पर जमानत का अनुरोध किया है, गढ़चिरौली के सूरजगढ़ खान आगजनी मामले में गुणदोष के आधार पर नहीं।

मिर्जा ने पीटीआई-भाषा को बताया, ‘‘हमने यहां अदालत (नागपुर) को सोमवार को न्यायमूर्ति एस. एस. शिंदे और न्यायमूर्ति मनीष पिटाले की खंड पीठ द्वारा मेडिकल आधार पर छह महीने की अंतरिम जमानत दिए जाने की बात बतायी।’’

उन्होंने बताया कि खंड पीठ के आदेश को ध्यान में रखते हुए न्यायमूर्ति जोशी ने आगजनी मामले में भी इतनी ही अवधि के लिए अंतरिम जमानत मंजूर की।

गौरतलब है कि 25 दिसंबर, 2016 को नक्सलियों ने गढ़चिरौली के एटापल्ली तहसील की सूरजगढ़ खान से लौह अयस्क ले जाने वाले कम से कम 80 वाहनों को कथित रूप से जला दिया था।

Varvar Rao
mumbai high court

Related Stories

उच्च न्यायालय ने वरवर राव को अगले सप्ताह तक निजी अस्पताल में रखने के निर्देश दिए

वरवर राव सात जनवरी तक मुंबई के निजी अस्पताल में रहेंगे: हाईकोर्ट

हाईकोर्ट ने एनआईए, महाराष्ट्र सरकार से पूछा, क्या वरवर राव का परिवार उनसे मिल सकता है

कवि-एक्टिविस्ट वरवर राव मुंबई के अस्पताल में भर्ती, परिवार ने ज़मानत की मांग की

गौतम, आनन्द जैसे जनपक्षीय लोगों को जेल!

यौन उत्पीड़न मामला: सुप्रीम कोर्ट ने तरुण तेजपाल की याचिका ख़ारिज की 

तड़वी मामला: आरोपियों की जमानत याचिका पर सुनवाई की वीडियो रिकॉर्डिंग कराएगा उच्च न्यायालय


बाकी खबरें

  • punjab
    भाषा सिंह
    पंजाब चुनावः परदे के पीछे के खेल पर चर्चा
    19 Feb 2022
    पंजाब में जिस तरह से चुनावी लड़ाई फंसी है वह अपने-आप में कई ज़ाहिर और गुप्त समझौतों की आशंका को बलवती कर रही है। पंजाब विधानसभा चुनावों में इतने दांव चले जाएंगे, इसका अंदाजा—कॉरपोरेट मीडिया घरानों…
  • Biden and Boris
    जॉन पिलगर
    युद्ध के प्रचारक क्यों बनते रहे हैं पश्चिमी लोकतांत्रिक देश?
    19 Feb 2022
    हाल के हफ्तों और महीनों में युद्ध उन्माद का ज्वार जिस तरह से उठा है वह इसका सबसे ज्वलंत उदाहरण है
  • youth
    असद रिज़वी
    भाजपा से क्यों नाराज़ हैं छात्र-नौजवान? क्या चाहते हैं उत्तर प्रदेश के युवा
    19 Feb 2022
    उत्तर प्रदेश के नौजवान संगठनों का कहना है कि भाजपा ने उनसे नौकरियों के वादे पर वोट लिया और सरकार बनने के बाद, उनको रोज़गार का सवाल करने पर लाठियों से मारा गया। 
  • Bahubali in UP politics
    विजय विनीत
    यूपी चुनाव: सियासी दलों के लिए क्यों ज़रूरी हो गए हैं बाहुबली और माफ़िया?
    19 Feb 2022
    चुनाव में माफ़िया और बाहुबलियों की अहमियत इसलिए ज्यादा होती है कि वो वोट देने और वोट न देने,  दोनों चीज़ों के लिए पैसा बंटवाते हैं। इनका सीधा सा फंडा होता है कि आप घर पर ही उनसे पैसे ले लीजिए और…
  • Lingering Colonial Legacies
    क्लेयर रॉथ
    साम्राज्यवादी विरासत अब भी मौजूद: त्वचा के अध्ययन का श्वेतवादी चरित्र बरकरार
    19 Feb 2022
    त्वचा रोग विज्ञान की किताबों में नस्लीय प्रतिनिधित्व की ऐतिहासिक कमी ना केवल श्वेत बहुल देशों में है, बल्कि यह पूरी दुनिया में मौजूद है
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License