NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
वेनज़ुएला : नवउदारवाद के ख़िलाफ़ पहले बड़े विद्रोह के 31 साल पूरे होने पर हुआ समारोह
फरवरी 1989 के मशहूर विद्रोह की वजह से देश में लोकतंत्र बचाने के संघर्ष की बुनियाद तैयार हुई थी।
पीपल्स डिस्पैच
28 Feb 2020
venezuela

27 फरवरी को वेनेज़ुएला के हज़ारों नागरिकों ने राजधानी कराकस में जमा होकर देश में नवउदारवाद के ख़िलाफ़ पहले मशहूर विद्रोह की 31वीं वर्षगांठ मनाने के लिए बड़े पैमाने पर लामबंदी की। इस विद्रोह को "काराकाज़ो" के नाम से भी जाना जाता है। संगठित होने का आह्वान सत्ताधारी यूनाइटेड सोशलिस्ट पार्टी ऑफ़ वेनेज़ुएला (PSUV) ने किया था।

27 फरवरी, 1989 को वेनेज़ुएला की जनता ने अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ़) और संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा सुझाई गईं तत्कालीन राष्ट्रपति कार्लोस आंद्रेस पेरेज़ (1922-2010) द्वारा लागू की गईं नवउदारवादी नीतियों के विरोध में काराकास की सड़कों पर आकार विरोध किया था। इस विद्रोह ने 1992 में देश में लोकतंत्र को बहाल करने के लिए कमांडर ह्यूगो चावेज़ के नेतृत्व में हुए संघर्ष की नींव रखी थी।

वेनज़ुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने भी इस विद्रोह को याद किया जिसने देश में लोकतंत्र स्थापित करने की बुनियाद रखी थी। उन्होंने ट्वीट किया किया, "27 फरवरी को साइमन बॉलिवर के विद्रोहियों ने आज़ाद मातृभूमि, और सामाजिक न्याय की बुनियाद रखी थी।"

इसी दिन वेनज़ुएला के समर्थन में और नवउदारवाद के ख़िलाफ़ दुनिया भर में अंतर्राष्ट्रीय दिवस मनाया गया। विभिन्न अंतर्राष्ट्रीय सामाजिक-राजनीतिक संगठनों ने इस दिन बोलिविया क्रांति के समर्थन में, और वेनज़ुएला की जनता पर लगे अमेरिकी प्रतिबंधों की निंदा करते हुए शांति मार्च भी निकाला।

जनवरी 22 और 24 को कराकस में हुई साम्राज्यवाद के ख़िलाफ़ वैश्विक मीटिंग में यह अंतर्राष्ट्रीय दिवस मनाने का प्रस्ताव रखा गया था। इस मीटिंग का मुख्य मक़सद ब्राज़ील, चिली, कोलंबिया, इक्वाडोर, फ़्रांस और हैती में नवउदारवाद के ख़िलाफ़ चल रहे विरोध के बारे में बात करना और नवउदारवादी नीतियों के सामाजिक, आर्थिक और पर्यावरणिक प्रभाव के बारे में बात करना था।

साभार : पीपल्स डिस्पैच

Venezuela
Neoliberalism
United Socialist Party of Venezuela PSUV
IMF
Nicolás Maduro

Related Stories

कांग्रेस का संकट लोगों से जुड़ाव का नुक़सान भर नहीं, संगठनात्मक भी है

श्रीलंका की मौजूदा स्थिति ख़तरे से भरी

भारत में धर्म और नवउदारवादी व्यक्तिवाद का संयुक्त प्रभाव

वेनेज़ुएला ने ह्यूगो शावेज़ के ख़िलाफ़ असफल तख़्तापलट की 20वीं वर्षगांठ मनाई

श्रीलंकाई संकट : राजनीति, नीतियों और समस्याओं की अराजकता

पड़ताल दुनिया भर कीः पाक में सत्ता पलट, श्रीलंका में भीषण संकट, अमेरिका और IMF का खेल?

पश्चिम बंगाल: डिलीवरी बॉयज का शोषण करती ऐप कंपनियां, सरकारी हस्तक्षेप की ज़रूरत 

यूक्रेन के संकट का आईएमएफ कनेक्शन

ज़ेलेंस्की ने बाइडेन के रूस पर युद्ध को बकवास बताया

अमेरिकी सरकार के साथ बैठक के बाद मादुरो का विपक्ष के साथ बातचीत फिर से शुरू करने का ऐलान


बाकी खबरें

  • cartoon
    सोनिया यादव
    यूपी चुनाव : क्या ग़ैर यादव ओबीसी वोट इस बार करेंगे बड़ा उलटफेर?
    14 Jan 2022
    2017 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी के लगभग 39 प्रतिशत वोट शेयर में कुर्मी और कोइरी के साथ-साथ नॉन डॉमिनेंट ओबीसी ने भी भारी संख्या योगदान दिया था। हालांकि इस बार समाजवादी पार्टी की ग़ैर यादव ओबीसी वोट…
  • North Bengal
    डॉ सुखबिलास बर्मा
    उत्तर बंगाल के राजबंशियों पर खेली गई गंदी राजनीति
    14 Jan 2022
    भाजपा और टीएमसी दोनों ही राजबंशी के उच्च मध्यम वर्ग के एक तबके की भावनाओं को भुनाने की कोशिश कर रहे हैं, जो अक्सर राजनीतिक नेताओं द्वारा निभाए गए झांसों में विश्वास करते हैं। 
  • abhisar
    न्यूज़क्लिक टीम
    नफरती धर्म संसद पर कार्रवाई क्यों नहीं ?
    14 Jan 2022
    आज के एपिसोड में अभिसार बात कर रहे हैं कि जिस तरह धर्म संसद में नफरती बयान दिए गए और अल्पसंख्यकों को निशाना बनाया गया, सरकार ने अब तक इस मुद्दे पर चुप्पी क्यों साध रखी है ?
  • Michael Lobo Resignation
    राज कुमार
    गोवा चुनावः डेढ़ महीने में एक चौथाई विधायकों का इस्तीफ़ा
    14 Jan 2022
    गोवा में दिसंबर 2021 से लेकर अब तक 10 विधायक इस्तीफा देकर दल बदल कर चुके हैं। इस समय गोवा में क्या चुनावी हलचल है? क्या घटनाक्रम चल रहा है? आइये! नज़र डालते हैं।
  • south africa
    पवन कुलकर्णी
    श्रमिक संघों ने दक्षिण अफ्रीकी डेयरी दिग्गज पर पेट्रोल बम हमले करवाने और धमकाने के आरोप लगाये
    14 Jan 2022
    इन धमकियों और खतरों के बीच, क्लोवर में श्रमिकों की कार्यवाई को कर्मचारी एकजुटता के साथ-साथ नागरिक समाज की ओर से इसके बहिष्कार अभियान को मिलते बढ़ते समर्थन से और अधिक मजबूती प्राप्त हुई है। 
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License