NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
वेनेज़ुएला : राष्ट्रपति मादुरो ने संविधान सभा के समक्ष एंटी-ब्लॉकेड लॉ पेश किया
इस क़ानून में संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा लगाए गए वाणिज्यिक नाकाबंदी, आर्थिक और वित्तीय उत्पीड़न और अन्य प्रतिबंधों के ख़िलाफ़ लड़ाई लड़ने का प्रावधान है।
पीपल्स डिस्पैच
30 Sep 2020
वेनेज़ुएला

वेनेजुएला के ख़िलाफ़ यूनाइडेट स्टेट द्वारा एकतरफा तरीक़े से लगाए गए नियमों का विरोध करने के लिए यहां के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने 29 सितंबर को नेशनल कंस्टिच्यूएंट एसेंबली (एएनसी) के समक्ष एंटी-ब्लॉकेड लॉ का एक मसौदा पेश किया है।

मादुरो ने कहा, "ये ब्लॉकेड राज्य की नीति है और राज्य की कार्रवाई और तंत्रों से प्रतिक्रिया दिया जाना चाहिए जो इस समस्या की गंभीरता से मेल खाते हैं।" उन्होंने सदन के सदस्यों से प्रस्तावित विधेयक पर चर्चा करने और मंज़ूरी देने का आग्रह किया जिससे बोलिविया की सरकार को वाणिज्यिक नाकाबंदी, आर्थिक और वित्तीय उत्पीड़न और अन्य प्रतिबंधों के ख़िलाफ़ लड़ाई लड़ने के लिए सांस्थानिक तथा क़ानूनी तंत्र मिले।

वेनेजुएला के राष्ट्र प्रमुख के अनुसार, ये नियम नए तौर-तरीक़ों को बढ़ावा देगा जो राष्ट्रीय क़ानूनी ढांचे के "अनुकूलन और लचीलेपन" के माध्यम से अमेरिकी नाकाबंदी के सभी तंत्रों को दरकिनार और पराजित करेगा।

ये क़ानून सरकार को 16 उत्पादक इंजनों की रक्षा करने और कार्य, नवाचार, वैज्ञानिक ज्ञान, औद्योगिक और कृषि उत्पादन के आधार पर वास्तविक अर्थव्यवस्था के निर्माण में आगे बढ़ने और हमारी सभी आर्थिक क्षमताओं के विकास और नाकाबंदी से उत्पन्न संकट से बाहर निकलने की अनुमति देता है।

मादुरो ने कहा कि अमेरिका ने वेनेजुएला के ख़िलाफ़ "अर्थव्यवस्था को नष्ट करने, राष्ट्र को नष्ट करने और देश के विशाल संसाधनों और धन पर क़ब्ज़ा करने" के लिए नाकाबंदी लगाई। उन्होंने कहा कि कठोर नियम "देश के लिए वित्तपोषण में कटोती करने" का एक तरीक़ा है जिसने वेनेजुएला को खाद्य पदार्थ, दवा, आपूर्ति, स्पेयर पार्ट्स और आवश्यक कच्चे माल की ख़रीद के लिए आवश्यक विदेशी मुद्रा तक पहुंच से रोक दिया है।

मादुरो ने कहा, "यह एक आर्थिक, वित्तीय और वाणिज्यिक शॉर्ट-सर्किट है जिसने श्रमिकों के वेतन और लाभों को बेहतर करने, उन्हें भोजन मुहैय्या कराने, जीवन बचाने, हमारे बच्चों को शिक्षित करने के लिए संसाधनों को प्राप्त करने से रोका है।" उन्होंने कहा, आर्थिक युद्ध के पिछले छह वर्षों में इस तेल समृद्ध देश ने "विदेशी मुद्रा आय का 99%" गंवा दिया है।

राष्ट्रपति मादुरो ने आश्वासन दिया कि ये एंटी-ब्लॉकेड क़ानून इन प्रभावों को पलटने और संयुक्त राज्य अमेरिका के साम्राज्यवादी आक्रामकता का जवाब देने के लिए क़ानूनी उपकरणों का निर्माण करने के लिए ये पहला क़दम है।

Venezuela
Nicolás Maduro
National Constituent Assembly
International news

Related Stories

दुनिया भर की: कोलंबिया में पहली बार वामपंथी राष्ट्रपति बनने की संभावना

अमेरिका में महिलाओं के हक़ पर हमला, गर्भपात अधिकार छीनने की तैयारी, उधर Energy War में घिरी दुनिया

रूस-यूक्रैन संघर्षः जंग ही चाहते हैं जंगखोर और श्रीलंका में विरोध हुआ धारदार

वेनेज़ुएला ने ह्यूगो शावेज़ के ख़िलाफ़ असफल तख़्तापलट की 20वीं वर्षगांठ मनाई

दुनिया भर की: सोमालिया पर मानवीय संवेदनाओं की अकाल मौत

ज़ेलेंस्की ने बाइडेन के रूस पर युद्ध को बकवास बताया

अमेरिकी सरकार के साथ बैठक के बाद मादुरो का विपक्ष के साथ बातचीत फिर से शुरू करने का ऐलान

कोविड -19 के टीके का उत्पादन, निर्यात और मुनाफ़ा

बाइडेन का पहला साल : क्या कुछ बुनियादी अंतर आया?

दुनिया भर की: जर्मनी में ‘ट्रैफिक लाइट गठबंधन’ के हाथों में शासन की कमान


बाकी खबरें

  • BIRBHUMI
    रबीन्द्र नाथ सिन्हा
    टीएमसी नेताओं ने माना कि रामपुरहाट की घटना ने पार्टी को दाग़दार बना दिया है
    30 Mar 2022
    शायद पहली बार टीएमसी नेताओं ने निजी चर्चा में स्वीकार किया कि बोगटुई की घटना से पार्टी की छवि को झटका लगा है और नरसंहार पार्टी प्रमुख और मुख्यमंत्री के लिए बेहद शर्मनाक साबित हो रहा है।
  • Bharat Bandh
    न्यूज़क्लिक टीम
    देशव्यापी हड़ताल: दिल्ली में भी देखने को मिला व्यापक असर
    29 Mar 2022
    केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के द्वारा आवाह्न पर किए गए दो दिवसीय आम हड़ताल के दूसरे दिन 29 मार्च को देश भर में जहां औद्दोगिक क्षेत्रों में मज़दूरों की हड़ताल हुई, वहीं दिल्ली के सरकारी कर्मचारी और…
  • IPTA
    रवि शंकर दुबे
    देशव्यापी हड़ताल को मिला कलाकारों का समर्थन, इप्टा ने दिखाया सरकारी 'मकड़जाल'
    29 Mar 2022
    किसानों और मज़दूरों के संगठनों ने पूरे देश में दो दिवसीय हड़ताल की। जिसका मुद्दा मंगलवार को राज्यसभा में गूंजा। वहीं हड़ताल के समर्थन में कई नाटक मंडलियों ने नुक्कड़ नाटक खेलकर जनता को जागरुक किया।
  • विजय विनीत
    सार्वजनिक संपदा को बचाने के लिए पूर्वांचल में दूसरे दिन भी सड़क पर उतरे श्रमिक और बैंक-बीमा कर्मचारी
    29 Mar 2022
    "मोदी सरकार एलआईसी का बंटाधार करने पर उतारू है। वह इस वित्तीय संस्था को पूंजीपतियों के हवाले करना चाहती है। कारपोरेट घरानों को मुनाफा पहुंचाने के लिए अब एलआईसी में आईपीओ लाया जा रहा है, ताकि आसानी से…
  • एम. के. भद्रकुमार
    अमेरिका ने ईरान पर फिर लगाम लगाई
    29 Mar 2022
    इज़रायली विदेश मंत्री याइर लापिड द्वारा दक्षिणी नेगेव के रेगिस्तान में आयोजित अरब राजनयिकों का शिखर सम्मेलन एक ऐतिहासिक परिघटना है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License