NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
पीड़ित परिवारों ने अमेरिकी सरकार के ख़िलाफ़ यमन में अवैध ड्रोन हमले को समाप्त करने की याचिका दायर की
इस याचिका में कहा गया है कि 2013 और 2018 के बीच एक विशेष बल द्वारा अभियान सहित अमेरिका द्वारा किए गए सात हमलों में 48 यमनीवासी मारे गए जिसमें 17 बच्चे शामिल थे।
पीपल्स डिस्पैच
29 Jan 2021
पीड़ित परिवारों ने अमेरिकी सरकार के ख़िलाफ़ यमन में अवैध ड्रोन हमले को समाप्त करने की याचिका दायर की
(सौजन्य मिंटप्रेस समाचार)

अमेरिकी सेना द्वारा यमन में किए गए अवैध ड्रोन हमले में अपने परिवार के सदस्यों को खोने वाले यमन के दो परिवारों ने ऐसे हमलों को समाप्त करने की मांग करते हुए अमेरिकी सरकार के खिलाफ इंटर-अमेरिकन कमीशन ऑन ह्यूमन राइट्स में एक याचिका दायर किया है। इसका उद्देश्य यमन के नागरिकों की भविष्य में होने वाली मौतों और विनाश को रोका जाए। ये समाचार अल जजीरा ने गुरुवार 28 जनवरी को प्रकाशित किया है।

पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा और डोनाल्ड ट्रम्प के शासन के दौरान 2013 से 2018 तक अमेरिकी सेना द्वारा किए गए छह ड्रोन हमलों और एक विशेष अभियान में दोनों परिवारों के 34 सदस्य मारे गए थे। कुल मिलाकर सात अमेरिकी सैन्य अभियानों में 48 लोगों की जान चली गई जिसमें 17 बच्चे शामिल हैं।

मानवाधिकार समूह रिप्रीव जिसने अल-अमेरी और अल-तैसी परिवारों की ओर से इस सप्ताह मंगलवार को याचिका दायर की थी। इस समूह ने संवाददाताओं से कहा कि "आयोग से ये परिवार जो उम्मीद कर रहे हैं उसमें सबसे पहला नुकसान की स्वीकृति करना जो उनका हुआ है।"

अगर आयोग ड्रोन हमलों को गैरकानूनी घोषित करता है तो जो परिवार हासिल करने की उम्मीद करते हैं वह अमेरिकी ड्रोन हमलों में मानवीय नुकसान को उजागर करने और इस विषय को प्रकाश में लाने की एक प्रतीकात्मक जीत है जो सामान्यतया यूएस मीडिया और यूएस की जनता और राजनीतिक चर्चा में अनदेखी की गई और नजरअंदाज किया गया।

हालांकि, ओएएस (अमेरिकी राष्ट्रों के संगठन) से संबद्ध इस आयोग द्वारा इस तरह की घोषणा की संभावना न केवल यमन, बल्कि पाकिस्तान, सोमालिया सीरिया, इराक और अन्य देशों पर भविष्य के गुप्त ड्रोन हमलों की अमेरिकी नीति में बदलाव के लिए मजबूर करता है।

छह ड्रोन हमलों में से सबसे पहला हमला बराक ओबामा प्रशासन के अधीन हुआ जो दिसंबर 2013 में एक शादी समारोह को निशाना बनाया जिसमें दो परिवारों के कम से कम 12 सदस्य मारे गए। इसी परिवार को निशाना बनाते हुए शेष पांच हमले ओबामा के उत्तराधिकारी डोनाल्ड ट्रम्प के शासनकाल में हुए जिन्होंने ड्रोन हमलों की निरंतरता और संख्या में वृद्धि हुई साथ ही साथ अमेरिकी सैन्य विशेष बलों के जमीनी अभियानों के लिए अनुमति दिया।

yemen
America
Joe Biden
Barack Obama

Related Stories

बाइडेन ने यूक्रेन पर अपने नैरेटिव में किया बदलाव

और फिर अचानक कोई साम्राज्य नहीं बचा था

क्या दुनिया डॉलर की ग़ुलाम है?

सऊदी अरब के साथ अमेरिका की ज़ोर-ज़बरदस्ती की कूटनीति

गर्भपात प्रतिबंध पर सुप्रीम कोर्ट के लीक हुए ड्राफ़्ट से अमेरिका में आया भूचाल

अमेरिका ने रूस के ख़िलाफ़ इज़राइल को किया तैनात

नाटो देशों ने यूक्रेन को और हथियारों की आपूर्ति के लिए कसी कमर

क्या यमन में युद्ध खत्म होने वाला है?

यूक्रेन में छिड़े युद्ध और रूस पर लगे प्रतिबंध का मूल्यांकन

रूस पर बाइडेन के युद्ध की एशियाई दोष रेखाएं


बाकी खबरें

  • सबरंग इंडिया
    सद्भाव बनाए रखना मुसलमानों की जिम्मेदारी: असम CM
    17 Mar 2022
    हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि एक करोड़ से अधिक आबादी वाले राज्य में मुस्लिम आबादी का 35 प्रतिशत हैं, वे अब अल्पसंख्यक नहीं, बल्कि बहुसंख्यक हैं।
  • सौरव कुमार
    कर्नाटक : देवदासियों ने सामाजिक सुरक्षा और आजीविका की मांगों को लेकर दिया धरना
    17 Mar 2022
    कलबुर्गी, विजयपुरा, विजयनगर, रायचूर, दवेंगेरे, बागलकोट, बल्लारी, यादगीर और कोप्पल ज़िलों की लगभग 1500 देवदासियों ने पुनर्वास की मांग को लेकर बेंगलुरु शहर में धरना दिया।
  • UKRAIN
    क्लाउस उलरिच
    गेहूं के निर्यात से कहीं बड़ी है यूक्रेन की अर्थव्यवस्था 
    17 Mar 2022
    1991 में सोवियत संघ से स्वतंत्रता मिलने के बाद, यूक्रेन का आर्थिक विकास भ्रष्टाचार, कैपिटल फ्लाइट और सुधारों की कमी से बाधित हुआ। हाल ही में हुए सुधारों से अब देश में रूस के युद्ध की धमकी दी जा रही…
  • भाषा
    दिल्ली हिंसा में पुलिस की भूमिका निराशाजनक, पुलिस सुधार लागू हों : पूर्व आईपीएस प्रकाश सिंह
    17 Mar 2022
    ‘पुलिस के लिये सबसे सशक्त हथियार नागरिकों का भरोसा एवं विश्वास होता है । नागरिक आपके ऊपर भरोसा तभी करेंगे जब आप उचित तरीके से काम करेंगे । ऐसे में लोगों को साथ लें । सामान्य जनता के प्रति संवेदनशील…
  • तान्या वाधवा
    कोलंबिया में राष्ट्रपति पद के दौड़ में गुस्तावो पेट्रो
    17 Mar 2022
    अलग-अलग जनमत सर्वेक्षणों के मुताबिक़ कोलंबिया में आगामी राष्ट्रपति चुनावों के लिए प्रगतिशील नेता गुस्तावो पेट्रो पसंदीदा उम्मीदवार हैं।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License