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महिलाओं के खिलाफ हिंसा जारी, राजस्थान से उन्नाव तक हालात गंभीर
गुजरात में राजस्थान की 14 साल की आदिवासी लड़की के साथ अपहरण और बालात्कार की खबर है तो वहीं उन्नाव में बलात्कार के बाद आग के हवाले की गई पीड़िता की हालत बहुत नाजुक है फिलहाल उसे वेंटिलेटर पर रखा गया है। 
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
06 Dec 2019
stop rape
Image courtesy: The Hindu

देश में चल रहे तमाम विरोध प्रदर्शनों के बावजूद महिलाओंं के खिलाफ हिंसा की वारदातें थमने का नाम नहीं ले रही हैं। ताजा मामला राजस्थान से सामने आया है। यहां 14 साल की एक आदिवासी लड़की का कुछ व्यक्तियों ने कथित रूप से अपहरण कर लिया और उसके साथ करीब चार महीने तक बलात्कार किया, फिर उसे गुजरात के बनासकांठा में एक खेत से मुक्त कराया गया। 
         
इस मामले मे पुलिस ने एक आरोपी - महेश कोली को गरफ्तार किया है जिसने उसे धनेहरा तहसील में एक खेत पर उसे कथित रूप से बंधक बना रखा था।
         
पंठवाड़ा थाने के उपनिरीक्षक एल जे वाला ने कहा, ‘‘ हमने उसके (कोली के) भाई को भी पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। कोली ने लड़की को खेत में बंधक बना रखा था, जहां वह और उसके भाई मजदूर के तौर पर काम करते थे।’’
         
वाला ने कहा, ‘‘ खेत के मालिक को लड़की की मौजूदगी के बारे में संदेह हुआ और उसने हमें सूचना दी।’’
         
राजस्थान के डूंगरपुर की रहने वाली इस लड़की ने पुलिस को बताया कि चार अज्ञात व्यक्तियों ने इस साल अगस्त में कार से उसे अगवा कर लिया। उसमें से एक ने उसके साथ बलात्कार किया और फिर उसने उसे आमीरगढ के निवासी वाडिया कोली के हवाले कर दिया। 
        
पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘‘मामले की जांच जारी है। वाडिया कोली ने भी उससे कथित रूप से बलात्कार किया और उसने उसे महेश कोली के हवाले कर दिया।’’

उधर उन्नाव में बलात्कार के बाद आग के हवाले की गई पीड़िता की हालत बहुत नाजुक है और उसे वेंटिलेटर पर रखा गया है। शुक्रवार, 6 दिसंबर को पीड़िता का इलाज कर रहे चिकित्सकों ने को यह जानकारी दी। पीड़िता को बृहस्पतिवार शाम लखनऊ से एयर एम्बुलेंस के माध्यम से दिल्ली लाकर सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 

अस्पताल में ‘बर्न एंड प्लास्टिक सर्जरी’ विभाग के प्रमुख डॉ. शलभ कुमार ने कहा, ‘‘मरीज की हालत बहुत गंभीर है और उसे वेंटिलेटर पर रखा गया है।’’ उन्होंने बताया कि पीड़िता के महत्वपूर्ण अंग ठीक से काम नहीं कर रहे हैं।

दिल्ली यातायात पुलिस ने बृहस्पतिवार को पीड़िता को बिना वक्त गंवाए एंबुलेंस से अस्पताल तक पहुंचाने के लिए हवाई अड्डे से अस्पताल तक ‘‘ग्रीन कॉरीडोर’’ बनाया था।

सफदरजंग अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुनील गुप्ता ने कहा, ‘‘हमने मरीज के लिए अलग आईसीयू कक्ष बनाया है। चिकित्सकों का एक दल उसकी हालत पर लगातार नजर रख रहा है।’’

इस मामले में उत्तर प्रदेश महिला आयोग की उपाध्यक्ष सुषमा सिंह ने न्यूज़क्लिक को बताया, ‘पीड़िता की हालात गंभीर है। हम गुरुवार शाम उसे लखनऊ से एयरलिफ्ट कर दिल्ली लाया गया था। हम निरंतर अस्पताल एवं पीड़िता से संपर्क में हैं सेथ ही आज शाम पीड़िता के परिवार से मिलने उन्नाव भी जाएंगे।'

इस मामले में पुलिस ने बताया कि बलात्कार पीड़िता जब अदालत जा रही थी, तभी बलात्कार के दो आरोपियों समेत पांच लोगों ने उसे कथित रूप से आग के हवाले कर दिया था। इस दौरान पीड़िता 90 प्रतिशत तक झुलस गई।

(समाचार एजेंसी भाषा इनपुट के साथ)

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