NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
अपराध
भारत
राजनीति
महिलाओं के खिलाफ हिंसा जारी, राजस्थान से उन्नाव तक हालात गंभीर
गुजरात में राजस्थान की 14 साल की आदिवासी लड़की के साथ अपहरण और बालात्कार की खबर है तो वहीं उन्नाव में बलात्कार के बाद आग के हवाले की गई पीड़िता की हालत बहुत नाजुक है फिलहाल उसे वेंटिलेटर पर रखा गया है। 
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
06 Dec 2019
stop rape
Image courtesy: The Hindu

देश में चल रहे तमाम विरोध प्रदर्शनों के बावजूद महिलाओंं के खिलाफ हिंसा की वारदातें थमने का नाम नहीं ले रही हैं। ताजा मामला राजस्थान से सामने आया है। यहां 14 साल की एक आदिवासी लड़की का कुछ व्यक्तियों ने कथित रूप से अपहरण कर लिया और उसके साथ करीब चार महीने तक बलात्कार किया, फिर उसे गुजरात के बनासकांठा में एक खेत से मुक्त कराया गया। 
         
इस मामले मे पुलिस ने एक आरोपी - महेश कोली को गरफ्तार किया है जिसने उसे धनेहरा तहसील में एक खेत पर उसे कथित रूप से बंधक बना रखा था।
         
पंठवाड़ा थाने के उपनिरीक्षक एल जे वाला ने कहा, ‘‘ हमने उसके (कोली के) भाई को भी पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। कोली ने लड़की को खेत में बंधक बना रखा था, जहां वह और उसके भाई मजदूर के तौर पर काम करते थे।’’
         
वाला ने कहा, ‘‘ खेत के मालिक को लड़की की मौजूदगी के बारे में संदेह हुआ और उसने हमें सूचना दी।’’
         
राजस्थान के डूंगरपुर की रहने वाली इस लड़की ने पुलिस को बताया कि चार अज्ञात व्यक्तियों ने इस साल अगस्त में कार से उसे अगवा कर लिया। उसमें से एक ने उसके साथ बलात्कार किया और फिर उसने उसे आमीरगढ के निवासी वाडिया कोली के हवाले कर दिया। 
        
पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘‘मामले की जांच जारी है। वाडिया कोली ने भी उससे कथित रूप से बलात्कार किया और उसने उसे महेश कोली के हवाले कर दिया।’’

उधर उन्नाव में बलात्कार के बाद आग के हवाले की गई पीड़िता की हालत बहुत नाजुक है और उसे वेंटिलेटर पर रखा गया है। शुक्रवार, 6 दिसंबर को पीड़िता का इलाज कर रहे चिकित्सकों ने को यह जानकारी दी। पीड़िता को बृहस्पतिवार शाम लखनऊ से एयर एम्बुलेंस के माध्यम से दिल्ली लाकर सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 

अस्पताल में ‘बर्न एंड प्लास्टिक सर्जरी’ विभाग के प्रमुख डॉ. शलभ कुमार ने कहा, ‘‘मरीज की हालत बहुत गंभीर है और उसे वेंटिलेटर पर रखा गया है।’’ उन्होंने बताया कि पीड़िता के महत्वपूर्ण अंग ठीक से काम नहीं कर रहे हैं।

दिल्ली यातायात पुलिस ने बृहस्पतिवार को पीड़िता को बिना वक्त गंवाए एंबुलेंस से अस्पताल तक पहुंचाने के लिए हवाई अड्डे से अस्पताल तक ‘‘ग्रीन कॉरीडोर’’ बनाया था।

सफदरजंग अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुनील गुप्ता ने कहा, ‘‘हमने मरीज के लिए अलग आईसीयू कक्ष बनाया है। चिकित्सकों का एक दल उसकी हालत पर लगातार नजर रख रहा है।’’

इस मामले में उत्तर प्रदेश महिला आयोग की उपाध्यक्ष सुषमा सिंह ने न्यूज़क्लिक को बताया, ‘पीड़िता की हालात गंभीर है। हम गुरुवार शाम उसे लखनऊ से एयरलिफ्ट कर दिल्ली लाया गया था। हम निरंतर अस्पताल एवं पीड़िता से संपर्क में हैं सेथ ही आज शाम पीड़िता के परिवार से मिलने उन्नाव भी जाएंगे।'

इस मामले में पुलिस ने बताया कि बलात्कार पीड़िता जब अदालत जा रही थी, तभी बलात्कार के दो आरोपियों समेत पांच लोगों ने उसे कथित रूप से आग के हवाले कर दिया था। इस दौरान पीड़िता 90 प्रतिशत तक झुलस गई।

(समाचार एजेंसी भाषा इनपुट के साथ)

rape case
crimes against women
violence against women
sexual crimes
sexual harassment
sexual violence
Rajasthan
Gujrat
Unnao Rape Case
Tribal Girl
Attack on dalits

Related Stories

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

तेलंगाना एनकाउंटर की गुत्थी तो सुलझ गई लेकिन अब दोषियों पर कार्रवाई कब होगी?

कॉर्पोरेटी मुनाफ़े के यज्ञ कुंड में आहुति देते 'मनु' के हाथों स्वाहा होते आदिवासी

यूपी : महिलाओं के ख़िलाफ़ बढ़ती हिंसा के विरोध में एकजुट हुए महिला संगठन

2023 विधानसभा चुनावों के मद्देनज़र तेज़ हुए सांप्रदायिक हमले, लाउडस्पीकर विवाद पर दिल्ली सरकार ने किए हाथ खड़े

दलित किशोर की पिटाई व पैर चटवाने का वीडियो आया सामने, आठ आरोपी गिरफ्तार

बिहार: आख़िर कब बंद होगा औरतों की अस्मिता की क़ीमत लगाने का सिलसिला?

बिहार: 8 साल की मासूम के साथ बलात्कार और हत्या, फिर उठे ‘सुशासन’ पर सवाल

यूपी: अयोध्या में चरमराई क़ानून व्यवस्था, कहीं मासूम से बलात्कार तो कहीं युवक की पीट-पीट कर हत्या

मध्य प्रदेश : मर्दों के झुंड ने खुलेआम आदिवासी लड़कियों के साथ की बदतमीज़ी, क़ानून व्यवस्था पर फिर उठे सवाल


बाकी खबरें

  • सोनिया यादव
    बलात्कार को लेकर राजनेताओं में संवेदनशीलता कब नज़र आएगी?
    13 Apr 2022
    अक्सर राजनेताओं के बयान कभी महिलाओं की बॉडी शेमिंग करते नज़र आते हैं तो कभी बलात्कार जैसे गंभीर अपराध को मामूली बताने या पीड़ित को प्रताड़ित करने की कोशिश। बार-बार राजनीति से महिला विरोधी बयान अब…
  • underprivileged
    भारत डोगरा
    कमज़ोर वर्गों के लिए बनाई गईं योजनाएं क्यों भारी कटौती की शिकार हो जाती हैं
    13 Apr 2022
    क्या कोविड-19 से उत्पन्न संकट ने सरकार के बजट को बुरी तरह से निचोड़ दिया है, या यह उसकी तरफ से समाज के सबसे कमज़ोर वर्गों के अधिकारों की सरासर उपेक्षा है? इनके कुछ आंकड़े खुद ही सब कुछ बयां करते हैं।
  • ramnovmi
    अजय सिंह
    मुस्लिम जेनोसाइड का ख़तरा और रामनवमी
    13 Apr 2022
    एक बात साफ़ हो चली है, वह यह कि भारत में मुसलमानों के क़त्लेआम या जनसंहार (जेनोसाइड) की आशंका व ख़तरा काल्पनिक नहीं, वास्तविक है। इस मंडराते ख़तरे को नज़रअंदाज़ नहीं किया जाना चाहिए।
  • srilanka
    पार्थ एस घोष
    श्रीलंका का संकट सभी दक्षिण एशियाई देशों के लिए चेतावनी
    13 Apr 2022
    निर्ल्लज तरीके के निजीकरण और सिंहली अति-राष्ट्रवाद पर अंकुश लगाने के लिए अधिकाधिक राजकीय हस्तक्षेप पर श्रीलंका में चल रही बहस, सभी दक्षिण एशियाई देशों के लिए चेतावनी है कि ऐसी गलतियां दोबारा न दोहराई…
  • रवि कौशल
    बैठक में नहीं पहुंचे अधिकारी, छात्र बोले- जेएनयू प्रशासन का रवैया पक्षपात भरा है
    13 Apr 2022
    जेएनयू छात्र संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि मंगलवार को वे उप कुलपति से उनके कार्यालय में नहीं मिल सके। यह लोग जेएनयू में हुई हिंसा की स्वतंत्र जांच कराए जाने की मांग कर रहे हैं।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License