NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
शांति वार्ता में कुछ सफलता मिलने के बावजूद अफ़ग़ानिस्तान में हिंसा जारी
राष्ट्रपति अशरफ़ ग़नी की अगुवाई वाली अफ़ग़ानिस्तान सरकार इंट्रा-अफ़ग़ान वार्ता में अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता के रूप में पूर्ण युद्ध विराम की कोशिश कर रही है। इस वार्ता के दोहा में अगले महीने फिर से शुरू होने की संभावना है।
पीपल्स डिस्पैच
17 Dec 2020
 अफ़ग़ानिस्तान

बुधवार 16 दिसंबर की सुबह अफगानिस्तान के उत्तरी प्रांत कपिसा में एक विस्फोट में एक पुलिस अधिकारी और एक नागरिक की मौत हो गई। यह हमला मंगलवार को उस हमले के एक दिन बाद हुआ जब तालिबान विद्रोहियों ने बागलान प्रांत के पुल-ए-खुमरी शहर में दो सुरक्षा चौकियों पर हमला किया था जिसमें कम से कम 13 अफगान सेना के जवान मारे गए थे। अफगानिस्तान में हिंसक हमलों की संख्या सरकार और तालिबान के बीच शांति वार्ता के बावजूद जारी है। इस वार्ता में पिछले महीने कुछ प्रगति की घोषणा की गई थी।

मंगलवार और बुधवार की घटनाओं से पहले उरुजगान के डेहरावुड जिले में अफगान सैनिकों ने "कंधार प्रांत में संघर्ष में 17 तालिबान विद्रोहियों के मारे जाने" का दावा किया है"। ये दावा प्रांतीय गवर्नर के प्रवक्ता अहमद शाह साही ने मंगलवार को किया। तालिबान के मारे जाने के बारे में इस दावे की घोषणा विद्रोहियों द्वारा एक हमले में पांच पुलिसकर्मी के मारे जाने के थोड़ी देर पहले की गई। इस हमले में मारे गए पुलिसकर्मियों में डेहरावुड में अफगान सेना के एक कमांडर भी शामिल थे।

राष्ट्रपति अशरफ़ गनी के नेतृत्व वाली अफगानिस्तान सरकार इंट्रा-अफगान वार्ता में अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता के रूप में पूर्ण युद्ध विराम की कोशिश कर रही है। इस वार्ता के आगामी महीने में दोहा में फिर से शुरू होने की संभावना है। इस साल सितंबर में वार्ता शुरू होने के बाद पिछले महीने दोनों पक्षों ने अपनी वार्ता के लिए औपचारिक तंत्र तैयार करने और पहली बार एक लिखित एजेंडा तैयार करने पर सहमति व्यक्त की थी।

तालिबान द्वारा मंगलवार सुबह एक विस्फोट में सचिव के साथ काबुल के डिप्टी गवर्नर महबूबुल्लाह मुहिब्बी के मारे जाने के कुछ घंटे बाद हिंसा की हालिया घटनाएं सामने आई है। टोलो की खबर के अनुसार इन विद्रोहियों ने काबुल पीडी9 के पास मकोयारायण 4 क्षेत्र में एक वाहन में विस्फोटक रखा था।

13 दिसंबर को अफगान राष्ट्रीय सुरक्षा निदेशालय ने एक बयान में कहा कि इस क्षेत्र के पांच जिलों में 72 घंटे की लड़ाई में कंधार के दक्षिणी हिस्से में सात आत्मघाती हमलावरों सहित लगभग 63 तालिबान विद्रोहियों को मार दिया गया। टोलो समाचार ने बाद में बताया कि अरगंडाब जिले में हवाई हमलों में आठ नाबालिगों सहित 11 नागरिकों की भी मौत हो गई।

Afghanistan
Violence in Afghanistan
Ashraf Ghani
TALIBAN

Related Stories

भोजन की भारी क़िल्लत का सामना कर रहे दो करोड़ अफ़ग़ानी : आईपीसी

तालिबान को सत्ता संभाले 200 से ज़्यादा दिन लेकिन लड़कियों को नहीं मिल पा रही शिक्षा

रूस पर बाइडेन के युद्ध की एशियाई दोष रेखाएं

काबुल में आगे बढ़ने को लेकर चीन की कूटनीति

तालिबान के आने के बाद अफ़ग़ान सिनेमा का भविष्य क्या है?

अफ़ग़ानिस्तान हो या यूक्रेन, युद्ध से क्या हासिल है अमेरिका को

बाइडेन का पहला साल : क्या कुछ बुनियादी अंतर आया?

सीमांत गांधी की पुण्यतिथि पर विशेष: सभी रूढ़िवादिता को तोड़ती उनकी दिलेरी की याद में 

पाकिस्तान-तालिबान संबंधों में खटास

अफ़ग़ानिस्तान में सिविल सोसाइटी और अधिकार समूहों ने प्रोफ़ेसर फ़ैज़ुल्ला जलाल की रिहाई की मांग की


बाकी खबरें

  • Bank union strike
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    बैंक यूनियनों का ‘निजीकरण’ के ख़िलाफ़ दो दिन की हड़ताल का ऐलान
    06 Dec 2021
    दो सरकारी बैंकों के प्रस्तावित निजीकरण के ख़िलाफ़ बैंक कर्मचारियों के संयुक्त मंच ने सरकार को 16 व 17 दिसंबर की हड़ताल का नोटिस दे दिया है। 
  • jharkhand
    अनिल अंशुमन
    झारखंड: स्वास्थ्य विभाग का नया ‘संकल्प पत्र, सरकारी ब्लड बैंकों से नहीं मिलेगा निःशुल्क ख़ून, स्वास्थ्य जन संगठनों ने किया विरोध
    06 Dec 2021
    राजधानी रांची स्थित रिम्स और सदर अस्पताल में लोगों को पैसों से ब्लड मिल रहा है। बीपीएल व आयुष्मान कार्ड धारकों को छोड़ किसी भी गरीब-लाचार अथवा धनवान व्यक्ति को समान रूप से प्रदेश के किसी भी सरकारी…
  • Babasaheb
    बादल सरोज
    65 साल बाद भी जीवंत और प्रासंगिक बाबासाहब
    06 Dec 2021
    जाति के बारे में उनका दृष्टिकोण सर्वथा वैज्ञानिक था। उन्होंने जाति व्यवस्था का तब तक का सबसे उन्नत विश्लेषण किया था। वे अपने जमाने के बड़े नेताओं में अकेले थे, जिसने जाति व्यवस्था के ध्वंस यानि…
  • vinod dua
    शंभूनाथ शुक्ल
    मृतक को अपमानित करने वालों का गिरोह!
    06 Dec 2021
    हम लोगों ने जब पत्रकारिता शुरू की थी, तब इमरजेंसी के दिन थे। लोगों में प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के प्रति ग़ुस्सा था और लोग आंदोलन कर रहे थे। किंतु धार्मिक आधार पर बँटवारे की कोई बात नहीं थी। कोई…
  • india and bangladesh
    एम. के. भद्रकुमार
    भारत-बांग्लादेश संबंध का मौजूदा दौर
    06 Dec 2021
    नई दिल्ली के मौन प्रोत्साहन से प्रधानमंत्री शेख़ हसीना की घरेलू राजनीति को उनके सत्तावादी शासन के मामले में निर्णायक रूप से फ़ायदा हुआ है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License