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थाईलैंड के प्रधानमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शनकारियों पर पुलिस की हिंसात्मक कार्रवाई
प्रधानमंत्री आवास के पास सैन्य बैरकों के बाहर प्रदर्शनकारियों पर पुलिस द्वारा कार्रवाई किए जाने के चलते कम से कम 16 लोगों के घायल होने की सूचना है।
पीपल्स डिस्पैच
01 Mar 2021
थाईलैंड के प्रधानमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शनकारियों पर पुलिस की हिंसात्मक कार्रवाई

रविवार28 फरवरी को थाईलैंड की पुलिस ने बैंकाक में प्रधानमंत्री के आवास के मिलिट्री बैरक के बाहर प्रदर्शनकारियों पर हिंसात्मक कार्रवाई की। इस कार्रवाई में कम से कम 16 लोग घायल हो गए। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर वाटर कैनन और आंसू गैस गोले दागे और लाठियां बरसाई। प्रदर्शन स्थल से लाईव रिपोर्ट करने वाले प्रचाताई के अनुसार पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारियों को जबरन हटाने की कोशिश में रबर की गोलियों के इस्तेमाल का भी आरोप प्रदर्शनकारियों ने लगाया है। स्थानीय रिपोर्टों से पता चला है कि कम से कम 22 प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने प्रदर्शन से गिरफ्तार किया जिनमें चार नाबालिग शामिल थे।

इस दिन इससे पहले कम से कम 2,000 लोगों ने संभ्रांत सैन्य इकाई फर्स्ट इन्फैंट्री रेजिमेंट के बैरक की ओर रुख किया जिसे राजा के सीधे आदेश के तहत प्रधानमंत्री के आधिकारिक आवास के आसपास से गुजारा गया था। प्रदर्शनकारियों ने राजधानी शहर के प्रतिष्ठित विक्ट्री मोनूमेंट से बैरक तक मार्च किया। उन्होंने इस दौरान प्रधानमंत्री प्रयुत चान-ओ-चा और उनकी सैन्य समर्थित सरकार के तत्काल इस्तीफे की मांग की।

पुलिस ने कहा कि कुछ प्रदर्शनकारियों ने बैरक में बोतलें फेंकी थीं जबकि कुछ ने पुलिस द्वारा कांटेदार तारों और शिपिंग कंटेनरों की लगाई गई अस्थाई बैरिकेड को हटाने की कोशिश की। पुलिस ने सख्त कार्रवाई की जिसमें कई लोगों के घायल होने की खबर है। इनमें 16 घायलों की पुष्टि हुई है। रबड़ की गोलियों का कथित तौर पर इस्तेमाल किया गया जिसे अधिकारियों ने अभी तक अस्वीकार किया है। यह कई महीनों में गैर-घातक बल का पहला ऐसा इस्तेमाल होगा।

पिछले दो हफ्तों से पिछले साल से आंदोलन को पुनर्जीवित करने की कोशिश कर रहे लोकतंत्र समर्थक प्रदर्शनकारी प्रदर्शनों की श्रृंखला में बैंकॉक की सड़कों पर उतर रहे हैं। लेकिन रविवार को हुआ विशाल प्रदर्शन देश के कठोर लेसे मेज़स्टे (सम्राट का अपमान) कानूनों के तहत चार एक्टिविस्टों की अनिश्चितकालीन हिरासत की प्रतिक्रिया में हुआ था। चार एक्टिविस्ट अनोन नम्पा, परित चिवारक, पतिवत सरायीम और सोम्योत प्रुक्सकसेमसुक को बैंकाक में क्रिमिनल कोर्ट द्वारा तीसरी बार जमानत देने से इनकार कर दिया गया और ये अनिश्चित काल के लिए हिरासत में हैं।

हिरासत में लिए गए चार एक्टिविस्ट उन 58 एक्टिविस्टों और मशहूर हस्तियों में से हैं जिन पर पिछले साल विरोध प्रदर्शनों में भाग लेने को लेकर पुलिस द्वारा उन पर लेसे मैजेस्टे का मुकदमा दर्ज किया गया था।

Thailand
Prayut Chan-o-cha
Protest
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