NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
वर्जीनिया में वोल्वो ट्रक के कर्मचारी हड़ताल पर वापस
अमेरिका के वर्जीनिया प्रांत में वॉल्वो ट्रक्स नॉर्थ अमेरिका प्लांट में हड़ताल का दूसरी दौर कर्मचारियों द्वारा उनकी मांगों को पूरा करने में दूसरे अस्थायी समझौते को पूरी तरह खारिज करने के बाद हुआ है।
पीपल्स डिस्पैच
09 Jun 2021
वर्जीनिया

कर्मचारियों ने यूनाइटेड ऑटो वर्कर्स (यूएडब्ल्यू) लोकल 2069 द्वारा आयोजित मतदान में कंपनी द्वारा प्रस्तावित दूसरे अस्थायी समझौते को खारिज करने के एक दिन बाद वॉल्वो ट्रक्स नॉर्थ अमेरिका (वीटीएनए) के करीब 3,000 कर्मचारी हड़ताल पर वापस चले गए हैं। 

रविवार 6 जून को हुए समझौते पर वोट में यूएडब्ल्यू के 2,900 सदस्यों में से 90 प्रतिशत से अधिक सदस्यों ने इस समझौते और काम के समय के सामान्य विवरण से निपटने वाली आम और प्रति घंटा विवरण के पक्ष में वोट नहीं दिया। 91 प्रतिशत से अधिक सदस्यों ने वेतन विवरण के खिलाफ वोट किया, जिसमें वेतन और लाभों पर प्रावधान शामिल हैं।

इस वोट के परिणामों के बाद दो अस्वीकृत अनुबंधों का समर्थन करने के बावजूद यूनियन के वार्ताकारों ने हड़ताल को फिर से शुरू करने का आह्वान किया। इस साल 17 अप्रैल को शुरू हुई हड़ताल की पहली अवधि को यूनियन के वार्ताकारों ने दो हफ्ते बाद पहले अस्थायी समझौते के प्रस्ताव के बाद वापस ले लिया था।

16 मई को हुए पहले मतदान में 91 प्रतिशत कर्मचारियों ने इस समझौते को खारिज कर दिया और वार्ताकारों को बातचीत की मेज पर वापस जाने के लिए मजबूर किया। दूसरी हड़ताल में देरी करते हुए चार दिन बाद दूसरा समझौता प्रस्तावित किया गया था।

कर्मचारियों ने कथित तौर पर कहा है कि दूसरे समझौते में पहले वाले से बहुत कम या कोई अंतर नहीं है और उन्हीं मूलभूत समस्याओं से भरा हुआ है जिनके कारण पहले समझौते को अस्वीकार कर दिया गया था। सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही है कि बातचीत में टियर वेज सिस्टम के मुद्दों से बचना जारी है जो हाल ही में काम पर रखने वाले और तथाकथित "मुख्य" कर्मचारियों के बीच प्रति घंटे 10 अमेरिकी डॉलर तक की असमानता है।

इन कर्मचारियों ने हेल्थ केयर की खर्च में अत्यधिक वृद्धि पर भी नाराजगी जाहिर की है जिससे अतिरिक्त स्वास्थ्य सेवा कटौती अनुबंध की अवधि की शुरुआत में प्रति वर्ष 2,000 अमेरिकी डॉलर से दोगुनी होकर प्रस्तावित पांच साल के अनुबंध के अंत में 4,000 अमेरिकी डॉलर प्रति वर्ष हो जाएगी।

वर्जीनिया के डबलिन वीटीएनए प्लांट में 3,300 कर्मचारियों में से 2,900 यूएडब्ल्यू के सदस्य हैं। वीटीएनए प्लांट दुनिया में वोल्वो ट्रक और भारी वाहनों का सबसे बड़ा उत्पादक है और वर्तमान में इस साल के अंत तक 600 नए पदों को जोड़ने के लिए 400 मिलियन अमेरिकी डॉलर के बड़े निवेश और वोल्वो के आगामी इलेक्ट्रिक ट्रक मॉडल के निर्माण के लिए उन्नत प्रौद्योगिकी के उन्नयन में व्यस्त है।

virginia
viriginia volvo truck employees
truck employees strike

Related Stories


बाकी खबरें

  • iran
    शिरीष खरे
    ईरान के नए जनसंख्या क़ानून पर क्यों हो रहा है विवाद, कैसे महिला अधिकारों को करेगा प्रभावित?
    21 Feb 2022
    ईरान का नया जनसंख्या कानून अपनी एक आधुनिक समस्या के कारण सुर्खियों में है, जिसके खिलाफ अब ईरान ही नहीं, बल्कि दुनिया भर के कुछ मानवाधिकार संगठन आवाज उठा रहे हैं।
  • covid
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 16,051 नए मामले, 206 मरीज़ों की मौत
    21 Feb 2022
    देश में एक्टिव मामलों की संख्या घटकर 0.47 फ़ीसदी यानी 2 लाख 2 हज़ार 131 हो गयी है।
  • education
    निवेदिता सरकार, अनुनीता मित्रा
    शिक्षा बजट: डिजिटल डिवाइड से शिक्षा तक पहुँच, उसकी गुणवत्ता दूभर
    21 Feb 2022
    बहुत सारी योजनाएं हैं, लेकिन शिक्षा क्षेत्र के विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता उसकी खुद की विरोधाभासी नीतियों और वित्तीय सहायता की कमी से बुरी तरह प्रभावित हैं।
  • Modi
    सुबोध वर्मा
    यूपी चुनाव : कैसे यूपी की 'डबल इंजन’ सरकार ने केंद्रीय योजनाओं को पटरी से उतारा 
    21 Feb 2022
    महामारी के वर्षों में भी, योगी आदित्यनाथ की सरकार प्रमुख केंद्रीय योजनाओं को पूरी तरह से लागू नहीं कर पाई। 
  • ayodhya
    अरुण कुमार त्रिपाठी
    अयोध्या में कम्युनिस्ट... अरे, क्या कह रहे हैं भाईसाहब!
    21 Feb 2022
    यह बात किसी सामान्य व्यक्ति को भी हैरान कर सकती है कि भारतीय दक्षिणपंथ के तूफ़ान का एपीसेंटर बन चुके अयोध्या में वामपंथी कहां से आ गए ? लेकिन यह सच है…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License