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WHO की चेतावनी : अगर अनदेखी हुई तो अफ़्रीका में मलेरिया की मौतों का आंकड़ा हो जाएगा दोगुना
मलेरिया की वजह से दुनिया भी में सैंकड़ों हज़ारों लोग मरते हैं जिसमें से 90% मौतें अफ़्रीका में होती हैं। अफ़्रीका की सरकारों ने अपने सीमित मेडीकल संसाधनों को कोरोना वायरस महामारी से बचाव में लगा दिया है।
पीपल्स डिस्पैच
24 Apr 2020
 मलेरिया

25 अप्रैल को विश्व मलेरिया डे के मौक़े पर विश्व स्वास्थ्य संगठन के अफ़्रीका क्षेत्र के हेड मत्शिदिसो मोइति ने अफ़्रीका सरकारों को चेतावनी दी कि कोरोना महामारी के दौर में अन्य बीमारियों को नज़रअंदाज़ ना किया जाए। उन्होंने एक स्टडी का हवाला देते हुए चेतावनी दी कि अगर देश की सरकारें समय रहते सुरक्षा उपाय नहीं करेंगी तो मलेरिया से होने वाली मौतों की संख्या दोगुनी हो कर 76900 तक पहुँच सकती है।

2018 में दुनिया में मलेरिया के 213 मिलियन मामले आए थे उर 400000 से ज़्यादा लोगों की मौत हुई थी। विश्व मलेरिया रिपोर्ट 2019 के अनुसार अकेले सब-सहारन अफ़्रीका में 93% मामले आये थे, और 94% मौतें हुई थीं।

सब-सहारन क्षेत्र के देशों में सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली पहले से ही बेहद कमज़ोर है और ग़रीबी और निजीकरण की वजह से आम लोगों तक इसकी पहुंच भी बहुत कम है। ज़्यादातर देशों ने ने अपने सीमित मेडीकल संसाधनों को कोरोना वायरस महामारी से बचाव में लगा दिया है।

23 अप्रैल तक अफ़्रीका में 26000 से ज़्यादा मामलों की पुष्टि हुई है और 1250 लोगों की मौत हो चुकी है।

मतशिदिसो मोइति ने इस बात पर ज़ोर दिया है कि इंसेक्टिसाइड युक्त बेड नेट्स की सप्लाई जारी रहनी चाहिये। WHO ने सरकारों से कोविड-19 रोकथाम के बड़े स्तर पर कैंपेन करने की अपील भी की है। उसने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि बच्चों और गर्भवती महिलाओं को मलेरिया से बचाने के लिए उपाय किये जायें।

"हालांकि मलेरिया के लिए सुरक्षा उपाय करने के साथ-साथ सरकारों को कड़े सामाजिक दूरी के नियम बनाने की ज़रूरत है और स्टाफ़ को उचित सुरक्षा गियर देने की ज़रूरत है ताकि वे कोविड-19 से सुरक्षित रहें।"

उन्होंने 2014-16 कर इबोला का उदाहरण दिया जब देशों ने अपना ध्यान इबोला पर लगा लिया था जिसकी वजह से अन्य बीमारियों का इलाज न होने की वजह से मौत के आंकड़ों में वृद्धि हुई थी।

इस बीच, WHO ने सभी देशों से टीकाकरण कार्यक्रमों को बनाए रखने का भी आग्रह किया। विश्व टीकाकरण सप्ताह (24-30 अप्रैल) के दौरान एक बयान जारी करते हुए WHO प्रमुख डॉ टेड्रोस एडनॉम ने कहा कि कई देशों ने COVID-19 महामारी का हवाला देते हुए अपने नियमित टीकाकरण कार्यक्रम को रोक दिया था और कहा, “हमें हर किसी की रक्षा के लिए लड़ाई जारी रखनी है।

यह दुनिया में अब तक हासिल की गई सभी कड़ी मेहनत से होने वाले लाभ को मिटा सकता है और अन्य बीमारियों को ला सकता है। यदि हम टीकाकरण नहीं करते हैं तो इसका मतलब है कि 'वापस लौट रहे हैं'।"

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