NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
स्वास्थ्य
अंतरराष्ट्रीय
WHO की चेतावनी : अगर अनदेखी हुई तो अफ़्रीका में मलेरिया की मौतों का आंकड़ा हो जाएगा दोगुना
मलेरिया की वजह से दुनिया भी में सैंकड़ों हज़ारों लोग मरते हैं जिसमें से 90% मौतें अफ़्रीका में होती हैं। अफ़्रीका की सरकारों ने अपने सीमित मेडीकल संसाधनों को कोरोना वायरस महामारी से बचाव में लगा दिया है।
पीपल्स डिस्पैच
24 Apr 2020
 मलेरिया

25 अप्रैल को विश्व मलेरिया डे के मौक़े पर विश्व स्वास्थ्य संगठन के अफ़्रीका क्षेत्र के हेड मत्शिदिसो मोइति ने अफ़्रीका सरकारों को चेतावनी दी कि कोरोना महामारी के दौर में अन्य बीमारियों को नज़रअंदाज़ ना किया जाए। उन्होंने एक स्टडी का हवाला देते हुए चेतावनी दी कि अगर देश की सरकारें समय रहते सुरक्षा उपाय नहीं करेंगी तो मलेरिया से होने वाली मौतों की संख्या दोगुनी हो कर 76900 तक पहुँच सकती है।

2018 में दुनिया में मलेरिया के 213 मिलियन मामले आए थे उर 400000 से ज़्यादा लोगों की मौत हुई थी। विश्व मलेरिया रिपोर्ट 2019 के अनुसार अकेले सब-सहारन अफ़्रीका में 93% मामले आये थे, और 94% मौतें हुई थीं।

सब-सहारन क्षेत्र के देशों में सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली पहले से ही बेहद कमज़ोर है और ग़रीबी और निजीकरण की वजह से आम लोगों तक इसकी पहुंच भी बहुत कम है। ज़्यादातर देशों ने ने अपने सीमित मेडीकल संसाधनों को कोरोना वायरस महामारी से बचाव में लगा दिया है।

23 अप्रैल तक अफ़्रीका में 26000 से ज़्यादा मामलों की पुष्टि हुई है और 1250 लोगों की मौत हो चुकी है।

मतशिदिसो मोइति ने इस बात पर ज़ोर दिया है कि इंसेक्टिसाइड युक्त बेड नेट्स की सप्लाई जारी रहनी चाहिये। WHO ने सरकारों से कोविड-19 रोकथाम के बड़े स्तर पर कैंपेन करने की अपील भी की है। उसने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि बच्चों और गर्भवती महिलाओं को मलेरिया से बचाने के लिए उपाय किये जायें।

"हालांकि मलेरिया के लिए सुरक्षा उपाय करने के साथ-साथ सरकारों को कड़े सामाजिक दूरी के नियम बनाने की ज़रूरत है और स्टाफ़ को उचित सुरक्षा गियर देने की ज़रूरत है ताकि वे कोविड-19 से सुरक्षित रहें।"

उन्होंने 2014-16 कर इबोला का उदाहरण दिया जब देशों ने अपना ध्यान इबोला पर लगा लिया था जिसकी वजह से अन्य बीमारियों का इलाज न होने की वजह से मौत के आंकड़ों में वृद्धि हुई थी।

इस बीच, WHO ने सभी देशों से टीकाकरण कार्यक्रमों को बनाए रखने का भी आग्रह किया। विश्व टीकाकरण सप्ताह (24-30 अप्रैल) के दौरान एक बयान जारी करते हुए WHO प्रमुख डॉ टेड्रोस एडनॉम ने कहा कि कई देशों ने COVID-19 महामारी का हवाला देते हुए अपने नियमित टीकाकरण कार्यक्रम को रोक दिया था और कहा, “हमें हर किसी की रक्षा के लिए लड़ाई जारी रखनी है।

यह दुनिया में अब तक हासिल की गई सभी कड़ी मेहनत से होने वाले लाभ को मिटा सकता है और अन्य बीमारियों को ला सकता है। यदि हम टीकाकरण नहीं करते हैं तो इसका मतलब है कि 'वापस लौट रहे हैं'।"

africa
malaria
Malaria Deaths
WHO
Coronavirus
COVID-19

Related Stories

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना ने फिर पकड़ी रफ़्तार, 24 घंटों में 4,518 दर्ज़ किए गए 

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 3,962 नए मामले, 26 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 84 दिन बाद 4 हज़ार से ज़्यादा नए मामले दर्ज 

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना के मामलों में 35 फ़ीसदी की बढ़ोतरी, 24 घंटों में दर्ज हुए 3,712 मामले 

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में 2,745 नए मामले, 6 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में नए मामलों में करीब 16 फ़ीसदी की गिरावट

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 2,706 नए मामले, 25 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 2,685 नए मामले दर्ज

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 2,710 नए मामले, 14 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली में फिर से बढ़ रहा कोरोना का ख़तरा


बाकी खबरें

  • सबरंग इंडिया
    सद्भाव बनाए रखना मुसलमानों की जिम्मेदारी: असम CM
    17 Mar 2022
    हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि एक करोड़ से अधिक आबादी वाले राज्य में मुस्लिम आबादी का 35 प्रतिशत हैं, वे अब अल्पसंख्यक नहीं, बल्कि बहुसंख्यक हैं।
  • सौरव कुमार
    कर्नाटक : देवदासियों ने सामाजिक सुरक्षा और आजीविका की मांगों को लेकर दिया धरना
    17 Mar 2022
    कलबुर्गी, विजयपुरा, विजयनगर, रायचूर, दवेंगेरे, बागलकोट, बल्लारी, यादगीर और कोप्पल ज़िलों की लगभग 1500 देवदासियों ने पुनर्वास की मांग को लेकर बेंगलुरु शहर में धरना दिया।
  • UKRAIN
    क्लाउस उलरिच
    गेहूं के निर्यात से कहीं बड़ी है यूक्रेन की अर्थव्यवस्था 
    17 Mar 2022
    1991 में सोवियत संघ से स्वतंत्रता मिलने के बाद, यूक्रेन का आर्थिक विकास भ्रष्टाचार, कैपिटल फ्लाइट और सुधारों की कमी से बाधित हुआ। हाल ही में हुए सुधारों से अब देश में रूस के युद्ध की धमकी दी जा रही…
  • भाषा
    दिल्ली हिंसा में पुलिस की भूमिका निराशाजनक, पुलिस सुधार लागू हों : पूर्व आईपीएस प्रकाश सिंह
    17 Mar 2022
    ‘पुलिस के लिये सबसे सशक्त हथियार नागरिकों का भरोसा एवं विश्वास होता है । नागरिक आपके ऊपर भरोसा तभी करेंगे जब आप उचित तरीके से काम करेंगे । ऐसे में लोगों को साथ लें । सामान्य जनता के प्रति संवेदनशील…
  • तान्या वाधवा
    कोलंबिया में राष्ट्रपति पद के दौड़ में गुस्तावो पेट्रो
    17 Mar 2022
    अलग-अलग जनमत सर्वेक्षणों के मुताबिक़ कोलंबिया में आगामी राष्ट्रपति चुनावों के लिए प्रगतिशील नेता गुस्तावो पेट्रो पसंदीदा उम्मीदवार हैं।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License