NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
कश्मीर यात्रा पर आए विदेशी राजनयिक ने कहा, ‘हम यहाँ बतौर टूरिस्ट आए हैं’
जब अफ़ग़ानिस्तान के राजदूत से यह सवाल किया गया कि उन्होंने कहाँ देख लिया कि स्कूल खुले हुए हैं, क्योंकि इस क्षेत्र में तो सर्दी की छुट्टियों के चलते स्कूल बंद पड़े हैं, तो राजदूत का कहना था, "हवाई अड्डे से यहाँ तक के रास्ते पर देखे हैं।"
अनीस ज़रगर
13 Feb 2020
‘We Are Here as Tourists
चित्र सौजन्य: कामरान यूसुफ

श्रीनगर : विदेशी दूतों का एक प्रतिनिधिमंडल कश्मीर की दो दिवसीय यात्रा पर है, और उनमें से एक राजदूत का कहना है कि उन्हें कश्मीर बेहद “ख़ूबसूरत” लगा और वे लोग इस क्षेत्र में एक “पर्यटक” की हैसियत से घूमने आए हैं।

जी हाँ, डोमिनिकन रिपब्लिक के दूत फ्रैंक हांस डैनबर्ग कैस्टेलानोस का अपनी यात्रा के बारे में कहना है कि "हम कश्मीर की यात्रा पर हैं .. यह एक बेहद ख़ूबसूरत जगह है और यहाँ पर हम मात्र पर्यटक की हैसियत से आए हैं।"

image 1_4.png

दुनिया भर के विभिन्न देशों से 25 राजदूत जम्मू और कश्मीर जो कि अब दो केंद्र शासित प्रदेश हैं, के दौरे पर हैं। पिछले एक महीने से इस क्षेत्र में आने वाले विदेशी दूतों और सांसदों की यह दूसरी यात्रा हो रही है।

विदेशी प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों में फ़्रांस, जर्मनी, ऑस्ट्रिया, इटली, हंगरी, नीदरलैंड और बुल्गारिया जैसे यूरोपीय देशों सहित किर्गिस्तान, उज़्बेकिस्तान और ताज़िकिस्तान जैसे मध्य एशियाई देशों के मिशन प्रमुख शामिल हैं। इसके साथ ही इस यात्रा में कनाडा, न्यूजीलैंड, पोलैंड और अफ़्रीकी देशों जैसे युगांडा, नामीबिया और रवांडा और लैटिन अमेरिकी देशों में से गुयाना, डोमिनिकन गणराज्य और मैक्सिको के प्रतिनिधि भी इस प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा हैं।

image 2_7.JPG

इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ़ अफ़ग़ानिस्तान के दूत नईम ताहेर कादरी भी इस प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा हैं, जिनका कहना था कि उनकी हमेशा से यह चाहत थी कि कश्मीर की यात्रा पर जा सकें। राजदूत का कहना था, “मैंने देखा स्कूल खुले हुए हैं, लोग-बाग स्कूल जा रहे हैं और दुकानें खुली हुई हैं....यह दुनिया का वो हिस्सा है, जिसे देखने की मेरी दिली हसरत थी। इसलिये, कुल मिलाकर यह यात्रा बेहद शानदार रही।”

जब उनसे इस बारे में पूछा गया कि उन्होंने स्कूलों को कहाँ खुला देख लिया, चूँकि सर्दी की छुट्टियों के चलते इस इलाक़े में तो सारे स्कूल बंद हैं तो राजदूत महोदय का कहना था कि, “एअरपोर्ट से यहाँ तक के रास्ते पर।"

image 3_5.JPG

विदेशी राजनयिकों का यह प्रतिनिधिमंडल श्रीनगर में क़रीब 11 बजे के आसपास पहुँच चुका था, जिसके बाद उन्हें श्रीनगर के होटल ललित में ले जाया गया। इसके बाद यह प्रतिनिधिमंडल शिकारे की सवारी के लिए डल झील गया, जहाँ क़रीब एक घंटे तक उन्होंने इसका आनंद लिया और इसके बाद वे सीधे अपने दल के साथ झील के पास अपने होटल की ओर लौट गए थे।

इस डेलीगेशन की मुलाक़ात नागरिकों के एक चुनिंदा समूह से कराई गई और उन्होंने यहाँ के दुकानदारों, व्यवसाईयों और पर्यटन के क्षेत्र में शामिल खिलाड़ियों के एक समूह के साथ यहाँ पर व्यापार और पर्यटन की स्थिति के सिलसिले में जानकारी हासिल की।

इस प्रतिनिधिमंडल का आज का दौरा शीतकालीन राजधानी जम्मू के लिए निर्धारित किया गया है जहाँ पर उन्हें वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों द्वारा ब्रीफ़ किया जायेगा और इसके साथ उनकी मुलाक़ात उपराज्यपाल जीसी मुर्मू के साथ होनी तय पाई गई है।

image 4_2.JPG

इस यात्रा के मद्देनज़र समूची घाटी और खास तौर पर श्रीनगर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजामात में बेहद चाक-चौबंद कर दिए गए थे, जिसमें पुलिस और अर्धसैनिक बलों के सुरक्षाकर्मियों की शहर के सभी प्रवेश और निकास मार्गों पर भारी चौकसी शामिल है।

5 अगस्त 2019 को जबसे केंद्र सरकार ने धारा 370 को निरस्त करने और जम्मू-कश्मीर को दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभक्त कर दिया है, तबसे विदेशी प्रतिनिधिमंडलों का यह तीसरा कश्मीर दौरा हो रहा है। धारा 370 के निरस्तीकरण के बाद से इस क्षेत्र में भारी पैमाने पर तालाबंदी जारी है, आवागमन पूरी तरह से अवरुद्ध पड़ा है और दूर-संचार सेवाएं बुरी तरह से बाधित हैं।

पिछले साल अक्टूबर में और इस साल जनवरी में आयोजित दोनों यात्राओं में समय के चुनाव को लेकर और यात्रा के तरीकों को लेकर काफी विवाद देखने को मिला था और यह यात्रा सवालों के घेरे में रही थी। घाटी के कई लोगों का, जिसमें यहाँ के व्यापारी और विभिन्न राजनीतिक दलों के सदस्य शामिल हैं, ने इन्हें "निर्देशित टूर" क़रार दिया था।

image 5.JPG

यह यात्रा एक ऐसे समय में हो रही है जब कुछ दिन पहले ही सरकार ने कई क्षेत्रीय राजनीतिक नेताओं के ऊपर पब्लिक सेफ्टी एक्ट (पीएसए) की धारा थोप दी है, जिनमें जम्मू-कश्मीर के दो पूर्व मुख्यमंत्री- उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ़्ती भी शामिल हैं।

अंग्रेजी में लिखा मूल आलेख आप नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक कर पढ़ सकते हैं।

‘We Are Here as Tourists’, Foreign Envoy on Kashmir Visit

Jammu and Kashmir
Foreign Delegation in Kashmir
Public Safety Act
Srinagar
Kashmir
Abrogation of Article 370

Related Stories

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

कश्मीर में हिंसा का नया दौर, शासकीय नीति की विफलता

कटाक्ष: मोदी जी का राज और कश्मीरी पंडित

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

भारत में धार्मिक असहिष्णुता और पूजा-स्थलों पर हमले को लेकर अमेरिकी रिपोर्ट में फिर उठे सवाल

कश्मीरी पंडितों के लिए पीएम जॉब पैकेज में कोई सुरक्षित आवास, पदोन्नति नहीं 

यासीन मलिक को उम्रक़ैद : कश्मीरियों का अलगाव और बढ़ेगा

आतंकवाद के वित्तपोषण मामले में कश्मीर के अलगाववादी नेता यासीन मलिक को उम्रक़ैद

क्यों अराजकता की ओर बढ़ता नज़र आ रहा है कश्मीर?


बाकी खबरें

  • CARTOON
    आज का कार्टून
    प्रधानमंत्री जी... पक्का ये भाषण राजनीतिक नहीं था?
    27 Apr 2022
    मुख्यमंत्रियों संग संवाद करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्य सरकारों से पेट्रोल-डीज़ल के दामों पर टैक्स कम करने की बात कही।
  • JAHANGEERPURI
    नाज़मा ख़ान
    जहांगीरपुरी— बुलडोज़र ने तो ज़िंदगी की पटरी ही ध्वस्त कर दी
    27 Apr 2022
    अकबरी को देने के लिए मेरे पास कुछ नहीं था न ही ये विश्वास कि सब ठीक हो जाएगा और न ही ये कि मैं उनको मुआवज़ा दिलाने की हैसियत रखती हूं। मुझे उनकी डबडबाई आँखों से नज़र चुरा कर चले जाना था।
  • बिहारः महिलाओं की बेहतर सुरक्षा के लिए वाहनों में वीएलटीडी व इमरजेंसी बटन की व्यवस्था
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    बिहारः महिलाओं की बेहतर सुरक्षा के लिए वाहनों में वीएलटीडी व इमरजेंसी बटन की व्यवस्था
    27 Apr 2022
    वाहनों में महिलाओं को बेहतर सुरक्षा देने के उद्देश्य से निर्भया सेफ्टी मॉडल तैयार किया गया है। इस ख़ास मॉडल से सार्वजनिक वाहनों से यात्रा करने वाली महिलाओं की सुरक्षा व्यवस्था बेहतर होगी।
  • श्रीलंका का आर्थिक संकट : असली दोषी कौन?
    प्रभात पटनायक
    श्रीलंका का आर्थिक संकट : असली दोषी कौन?
    27 Apr 2022
    श्रीलंका के संकट की सारी की सारी व्याख्याओं की समस्या यह है कि उनमें, श्रीलंका के संकट को भड़काने में नवउदारवाद की भूमिका को पूरी तरह से अनदेखा ही कर दिया जाता है।
  • israel
    एम के भद्रकुमार
    अमेरिका ने रूस के ख़िलाफ़ इज़राइल को किया तैनात
    27 Apr 2022
    रविवार को इज़राइली प्रधानमंत्री नफ्ताली बेनेट के साथ जो बाइडेन की फोन पर हुई बातचीत के गहरे मायने हैं।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License