NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
कोविड-19
भारत
राजनीति
कोविड-19 मामलों की संख्या में आये भारी उछाल से महाराष्ट्र के कमजोर तबकों को एक और लॉकडाउन का डर सताने लगा है!
दुकानदारों और रेहड़ी-पटरी वालों को अपनी आजीविका के नुकसान का डर फिर से सताने लगा है। पिछले दो लॉकडाउन के दौरान वे ही इससे सबसे अधिक बुरी तरह से प्रभावित हुए थे। 
अमेय तिरोदकर
04 Jan 2022
maha covid

जयपाल गोराडिया ने अपनी राशन की दुकान आमतौर पर रात 11-11.15 बजे बंद कर दिया करते थे। इस के बजाय रात 9.55 बजे बंद करने के बाद से देर-रात खरीदारी करने वाले ग्राहकों को खोना शुरू कर दिया है। ठाणे के उल्हासनगर के 52 वर्षीय इस निवासी की स्थिति, छोटे-पैमाने के दुकानदारों, किसानों और रेहड़ी-पटरी वालों के भय का प्रतिनिधित्व करती है, जिन्हें महाराष्ट्र में बढ़ते कोविड-19 मामलों के मद्देनजर एक और लॉकडाउन की आशंका और नए प्रतिबंधों से कैसे बचा जाए का डर सताने लगा है।

गोराडिय की दुकान ठाणे के रेलवे स्टेशन के पास है। इन्होंने  न्यूज़क्लिक को बताया, “जो लोग काम-धंधों से देर से लौटते हैं, वे आमतौर पर मेरी दुकान से राशन का सामान खरीदते हैं। मेरे ग्राहकों को पता है कि यह दुकान रात 11-11.15 बजे तक खुली रहती है। लेकिन मैं पुलिस के लफड़े से बचने के लिए अब 10 बजे रात तक शटर डाउन कर देता हूँ।”

महाराष्ट्र में पिछले दस दिनों से कोविड-19 मरीजों की संख्या में दैनिक 30% की वृद्धि दर्ज की जा रही है। ओमिक्रोन मामलों की अधिकतम संख्या अब तक 510 तक पहुँच चुकी है, राज्य ने सभी दुकानों को रात 10 बजे तक बंद करने और निवासियों को अपने-अपने घरों में चले जाने का आदेश जारी कर दिया है।

2 जनवरी को 11,877 और लोग परीक्षण में पॉजिटिव पाए गये हैं, जिससे राज्य में सक्रिय मामलों की कुल संख्या 42,024 हो चुकी है, जिसमें मुंबई में 7,792 नए संक्रमण के मामले दर्ज हुए हैं और सक्रिय मामलों की संख्या 28,819 पहुँच चुकी है। 

मामलों में इस अचानक उछाल ने राज्य सरकार को सकते की स्थिति में ला खड़ा कर दिया है। स्वास्थ्य मामलों के अतिरिक्त मुख्य सचिव, प्रदीप व्यास ने सभी जिलाधिकारियों को मामले को गंभीरता से लेने के लिए पत्र लिखा है। उन्होंने यहाँ पर तीसरी लहर की आशंका व्यक्त करते हुए लिखा है, “संक्रमण की संख्या में लगातार हो रहे इजाफे के रुझान को देखते हुए, जनवरी के तीसरे हफ्ते तक हमारे पास 2 लाख सक्रिय मामले हो सकते हैं।”

राज्य प्रशासन की बदहवासी जमीन पर नजर आ रही है। गरीब तबकों के बीच में एक और लॉकडाउन का भय सताने लगा है। पहले के दो लॉकडाउन ने गरीबों और कमजोर तबकों को बेहद बुरी तरह से प्रभावित किया था, जिसके परिणामस्वरूप उन्हें अपने जीवन और काम-धंधों का नुकसान झेलना पड़ा था।

अहमदनगर जिले के राहुरी तहसील के एक किसान, गुनवंत व्हानमाने ने पिछले सप्ताहांत में समय से पहले ही अपने खेत में लगे टमाटरों और मूलियों को निकाल लिया था। अपने 2021 के अनुभव को याद करते हुए दो एकड़ जमीन के मालिक, व्हानमाने कहते हैं, “पिछली बार जब मैंने इंतजार किया तो मेरे सभी टमाटर बर्बाद हो गये। मार्च के पहले हफ्ते से मामलों की संख्या में तेजी से वृद्धि होती चली गई और मेरा सबकुछ तबाह हो गया। मुझे एक ढेले की भी कमाई नहीं हो सकी। मुझे अपनी उपज से जितनी कमाई होने की उम्मीद थी उसके 40% को ही मैं हासिल कर पाऊंगा, लेकिन अभी भी हाथ पर हाथ रखकर इंतजार करते रहने और 15 दिनों के बाद कुछ भी नहीं पाने से तो यह कहीं बेहतर है।” 

कृषि उपज मंडी समिति (एपीएमसी) के व्यापारियों को भी किसानों के अपनी फसल को बेचने की हड़बड़ी का अहसास हो रहा है। कल्याण एपीएमसी के एक व्यापारी, मुकेश गव्हाणे ने न्यूज़क्लिक को बताया, “आमतौर पर मैं प्रतिदिन 50-60 किसानों से सब्जियां खरीदा करता हूँ। अब, लगभग 90 किसानों के यहाँ से मुझे रोज-रोज फोन आते हैं कि क्या वे अपनी फसल बेच सकते हैं। यह बताता है कि एक और लॉकडाउन की संभावना को लेकर दहशत का माहौल गाँवों और छोटे कस्बों तक घर कर गया है।”

महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने शनिवार को कहा कि राज्य सरकार फिलहाल एक और लॉकडाउन लगाने के बारे में विचार नहीं कर रही है। मीडिया के साथ बातचीत में उनका कहना था, “हम एक और लॉकडाउन लगाने नहीं जा रहे हैं। लेकिन लोगों से अनुरोध है कि वे कोविड-19 नियमों का कड़ाई से पालन करें – मास्क और सैनेटाईजर का इस्तेमाल करें और बिना काम के बाहर न निकलें और सार्वजनिक समारोहों में जाने से बचें। केवल इन्हीं सावधानियों के जरिये ही लॉकडाउन से बचा जा सकता है।”

हालाँकि, टोपे का यह चिंतित रेहड़ी-पटरी वालों की आंशकाओं को शांत करने में विफल रहा है। रेहड़ी-पटरी यूनियन के नेता शशांक राव का कहना है, “पिछले दो लॉकडाउन के दौरान उनमें से कई भूखे मर गये। पंजीकृत विक्रेताओं को मुफ्त भोजन और निर्वाह के लिए जेब-खर्च देने के राज्य सरकार के बड़े-बड़े दावे सच्चे साबित नहीं हुए। विक्रेताओं को उन दिनों की एक बार फिर से वापसी का डर सता रहा है।”

दादर (वेस्ट) के छबीलदास गली में राजू चायवाला के नाम से मशहूर राजकिरण बेलगोजी को एक और लॉकडाउन का भय खाए जा रहा है। पिछले लॉकडाउन के दौरान, उन्हें अपनी पत्नी और दो बेटों को कर्नाटक के धारवाड़ जिले में अपने गृहनगर भेजने के लिए मजबूर होना पड़ा था। वे कहते हैं, “मेरे बेटों का दाखिला दादर नगरपालिका विद्यालय में हो रखा था। लेकिन उस दौरान मेरे पास अपनी दुकान का कामकाज बंद कर परिवार को वापस अपने पैतृक निवास स्थान पर भेजने के अलावा कोई और विकल्प नहीं बचा था।”

बेलगोजी की दुकान मुंबई के सबसे भीड़-भाड़ वाले इलाके और कनेक्टिंग रेलवे स्टेशन के पास पड़ती है, जिसकी वजह से अक्सर उन्हें पुलिस से निपटना पड़ता है। वे कहते हैं, “मैं किसी तरह बचा रह गया। लेकिन यदि लॉकडाउन फिर से लगाया जाता है तो मुझे भी धारवाड़ वापस जाना पड़ेगा।” बेलगोजी आगे कहते हैं, “पुलिस की ओर से लगातार घोषणा की जाती है कि यात्री हर समय मास्क पहनकर रखें। ऐसे में यात्री भी अब चाय या काफी पीने से कतराते हैं। इसके चलते भी मेरे काम-काज पर असर पड़ रहा रहा है।”

अंग्रेज़ी में प्रकाशित इस मूल लेख को पढ़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें: 

Weaker Sections of Maharashtra Fear Another Lockdown as COVID-19 Cases Jump

Omicron cases
Covid Cases
Coronavirus
Mumbai
Maharashtra Covid
Corona

Related Stories

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में 2,745 नए मामले, 6 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में आज फिर कोरोना के मामलों में क़रीब 27 फीसदी की बढ़ोतरी

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना के घटते मामलों के बीच बढ़ रहा ओमिक्रॉन के सब स्ट्रेन BA.4, BA.5 का ख़तरा 

कोरोना अपडेट: देश में ओमिक्रॉन वैरिएंट के सब स्ट्रेन BA.4 और BA.5 का एक-एक मामला सामने आया

कोरोना अपडेट: देश में फिर से हो रही कोरोना के मामले बढ़ोतरी 

कोविड-19 महामारी स्वास्थ्य देखभाल के क्षेत्र में दुनिया का नज़रिया नहीं बदल पाई

कोरोना अपडेट: अभी नहीं चौथी लहर की संभावना, फिर भी सावधानी बरतने की ज़रूरत

कोरोना अपडेट: दुनियाभर के कई देशों में अब भी क़हर बरपा रहा कोरोना 

कोरोना अपडेट: देश में एक्टिव मामलों की संख्या 20 हज़ार के क़रीब पहुंची 

देश में कोरोना ने फिर पकड़ी रफ़्तार, PM मोदी आज मुख्यमंत्रियों संग लेंगे बैठक


बाकी खबरें

  • climate change
    उपेंद्र स्वामी
    दुनिया भर की: धरती एक दावानल की चपेट में आने जा रही है
    11 Aug 2021
    कुछ साल पहले तक तो जलवायु परिवर्तन को एक सैद्धांतिक बात कहकर टाल दिया जाता था लेकिन अब हक़ीक़त यह है कि जलवायु परिवर्तन का असर हमारे रोज़मर्रा के जीवन में दिखाई देने लगा है।
  • SOCIALISM
    प्रभात पटनायक
    बराबरी और किल्लत: कैसे समाजवाद ने पूंजीवाद को पछाड़ा
    11 Aug 2021
    सामान के लिए उपभोक्ताओं की लंबी-लंबी कतारें लगना, समाजवादी उत्पादन व्यवस्था की अकुशलता को नहीं, बल्कि इन समाजवादी समाजों की बहुत ही समतावादी प्रकृति को ही दिखाता था।
  • AIDWA PROTEST
    असद रिज़वी
    अध्ययन: स्मार्ट फ़ोन, इंटरनेट और बढ़ती फ़ीस इस सबने ग़रीब मेहनतकशों के बच्चों को पीछे धकेला
    11 Aug 2021
    अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति (एडवा) ने कोविड-19 के दौरान प्राथमिक व माध्यमिक शिक्षा पर पड़े नकारात्मक प्रभाव पर एक अध्ययन किया है। अध्ययन में सामने आया है कि सुविधाओं की कमी और ख़राब आर्थिक हालत के…
  • पीपल्स डिस्पैच
    थाईलैंडः पुलिस की कार्रवाई के बावजूद "कार" रैली में हज़ारों लोग शामिल हुए
    11 Aug 2021
    प्रयुत चान-ओ-चा की सरकार द्वारा कोविड-19 महामारी के कुप्रबंधन के ख़िलाफ़ गुस्साए हज़ारों लोगों ने 2020 में थम्मासैट विश्वविद्यालय के विरोध के एक साल पूरे होने पर रैली निकाली।
  • सुभाष गाताडे
    जब सार्वजनिक हित के रास्ते में बाधा बनती आस्था!
    11 Aug 2021
    अगर हम अपने ही हालिया इतिहास के पन्नों को पलटें तो हमें देश के अलग-अलग भागों से ऐसी कई मिसालें मिल सकती हैं कि किस तरह लोगों ने आपसी सूझबूझ से आस्था के सवाल को सार्वजनिक हित के मातहत करने में संकोच…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License